जितेंद्र

भाभी की चूत ने तोड़ी मेरे लण्ड की सील

मेरे बाजू वाले कमरे में किराए से एक परिवार रहने के लिए आया.. कुछ ही समय में उन लोगों से मेरी अच्छी पटने लगी। कुछ दिन ऐसा चलता रहा.. भाभी को देख कर मेरे तनमन में की अन्तर्वासना जागने लगी। फिर क्या था.. भाभी को हासिल करने के लिए कुछ तो करने की ज़रूरत थी.. पर पहले ये भी जानना ज़रूरी था कि उनके मन में मेरे लिए भी क्या है। कहानी पढ़ कर देखिये कि भाभी कैसे पटी मुझ से!

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