पीटर

Just an ordinary guy, always fantasize sex with females from 13 to 103

जनरल बोगी का सफर

एक बार मुझे चेन्नई से दिल्ली का सफ़र ट्रेन के सामान्य डिब्बे में करना पड़ा. वहाँ 40 घंटे का सफ़र कैसे बीता, कौन मिला, क्या हुआ … पढ़ें मेरी कहानी में!

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पेट से नीचे की भूख

कोई भी नारी खराब नहीं पैदा होती, हालात, पेट या पेट से नीचे की भूख (अपनी, दूसरों की या) अथवा जरूरत के मुताबिक समय का बहाव भी उससे कुछ से कुछ करवा लेते हैं।

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अपना सपना सच हुआ

मेरी इच्छा थी कि खूब लंबी चौड़ी और मजबूत बदन की औरत को चोदूं… एक बार कार से दिल्ली से आगरा जाते हुए मुझे ऐसी ही औरत मिली जिसकी बस उसे छोड़ कर चली गई थी.

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बैलगाड़ी की हसीन यात्रा

मैंने मामी को बताया कि मेरी पेशाब की जगह पर कुछ गर्म गर्म लग रहा है। मामी ने पूछा कि क्या मैंने पहले कभी ऐसे मजे लिए थे, और मेरे न कहने पर उसने कहा कि कोई बात नहीं!

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रिश्ता चूत के प्यार का

मैं मेडिकल कालेज में तीसरे वर्ष का छात्र था. मेरी टीचर ने मुझे उनकी मामी की देखभाल के लिए अस्पताल बुलाया और रात को वहीं रुकने को कहा. रात में वहाँ क्या हुआ?

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गर्भवती पड़ोसन के फ़्लैट में

मैं तो सोच रही हूँ कि अपनी और तुम्हारी माँ को यहाँ बुला लूँ और सारे डिलडो उनकी गाण्ड और चूत में डाल कर देख कर अपनी प्यास बुझा लूँ या फिर अपने ससुर से कहूँ कि आकर मुझे चोद दे बुड्ढे!

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घर की इज्जत और मामी की कुर्बानियाँ-2

मैं अपने मामा के घर कोलकाता गया तो उनकी शान देख मैं हैरान हो गया…बहुमंजिली इमारत का टॉप फ्लोर पूरा उनका है… एक दिन मामी मुझे वाटर पार्क ले गई, रास्ते से उन्होंने अपनी दो सहेलियों को भी लिया.. वहां के हाल देख कर मैं चकरा गया, मामी ब्रा पैन्टी में शराब पी रही थी… और वापिसी में… तो कहानी पढ़ कर देखिये कि क्या हुआ वहाँ !

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घर की इज्जत और मामी की कुर्बानियाँ-1

मैं 12वीं में आया था। गाँव के अखाड़े में कसरत करके मेरा बदन सॉलिड है, मैं अपने मामा के घर कोलकाता गयातो उनकी शान देख मैं हैरान हो गया…बहुमंजिली इमारत का टॉप फ्लोर पूरा उनका है… एक दिन मामी मुझे वाटर पार्क ले गई, रास्ते से उन्होंने अपनी दो सहेलियों को भी लिया.. तो कहानी पढ़ कर देखिये कि क्या हुआ वहाँ !

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एक अनोखा संयोग

जीवन के एक विचित्र किन्तु सत्य और सुखद वासनात्मक संयोग को कहानी के रूप में आप सब से परिचित करा रहा हूँ, स्लीपर बस में लम्बी यात्रा का अनुभव !

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