जूजाजी

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जिस्मानी रिश्तों की चाह -16

आपी आधी लेटी आधी बैठी हुई सी हालत में सोफे पर पड़ी थीं और पाँव ज़मीन पर थे। उनकी टाँगें थोड़ी खुली हुई थीं.. मैंने अपना सीधा हाथ उठाया और थप्पड़ के अंदाज़ में ज़ोर से अपनी सग़ी बहन की टाँगों के दरमियान मारा और फ़ौरन भागा..

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जिस्मानी रिश्तों की चाह -15

आपी का भी एक हाथ टाँगों के दरमियान और दूसरा उनके एक उभार पर था.. फिर आहिस्तगी से उन्होंने अपनी सलवार से ही अपनी टाँगों के बीच वाली जगह को साफ किया और फिर सीधी बैठीं!

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जिस्मानी रिश्तों की चाह -14

जैसे-जैसे दास्तान आगे बढ़ती जा रही थी आपी की बेचैनी भी बढ़ती जा रही थी। वो कभी टाँगों को आपस में भींचती थीं तो कभी अपनी दोनों रानों को एक-दूसरे से रगड़ देती थीं..

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जिस्मानी रिश्तों की चाह -13

जब आपी ने देखा तो उनकी ब्रा मेरे बायें हाथ में थी और मैं कप के अन्दर ज़ुबान फेर रहा था। मैंने आपी को देखा लेकिन अब मैं अपनी मंज़िल के बहुत क़रीब था इसलिए अपने हाथ को रोक नहीं सकता था।

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जिस्मानी रिश्तों की चाह -10

आपी का अबया उनके घुटनों तक उठा.. तो मुझे हैरत का एक शदीद झटका लगा। आपी ने अबाए के अन्दर कुछ नहीं पहना हुआ था.. मतलब आपी अबाए के अन्दर बिल्कुल नंगी थीं।

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जिस्मानी रिश्तों की चाह -9

मेरी बड़ी बहन.. मेरी आपी.. अपने राईट हैण्ड से की बोर्ड को कंट्रोल कर रही थीं और लेफ्ट हैण्ड की 2 उंगलियों से उन्होंने अपने लेफ्ट मम्मे के निप्पल को पकड़ रखा था और उसे चुटकी में मसल रही थीं।

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जिस्मानी रिश्तों की चाह -8

मेरी आपी का रंग गुलाबी है.. उनकी लम्बाई तकरीबन 5 फीट 4 इंच है.. उनका जिस्म भरा हुआ था.. पेट बिल्कुल नहीं था। उनकी भारी कदली सी जाँघें हैं और उनके सीने के दोनों उभार काफ़ी बड़े और वैलशेप्ड हैं.. मेरे पूरे खानदान में ही सब औरतों के मम्मे बड़े-बड़े ही हैं।

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जिस्मानी रिश्तों की चाह -7

मैंने अपने छोटे भाई को अपनी बहन की शर्ट पहन कर लड़की बनने को कहा और कुछ ही लम्हों बाद मेरा लण्ड जड़ तक उसके मुँह में था। तभी बड़ी बहन की आवाज से मैं डर गया।

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जिस्मानी रिश्तों की चाह -5

अब मैं अपनी तीसरी उंगली भी फरहान की गाण्ड में दाखिल करना चाह रहा था। मैं जानता था कि इसकी तक़लीफ़ बहुत ज्यादा होगी। मैं डर रहा था कि कहीं वो चिल्लाना ना शुरू कर दे।

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जिस्मानी रिश्तों की चाह -4

मैंने उसका लण्ड चूसना बंद कर दिया। उसने अपना लण्ड मेरे मुँह से निकाला ही था कि उसका लण्ड ज़मीन पर पिचकारियाँ मारने लगा। अब मेरी बारी थी उसकी गाण्ड मारने की!

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जिस्मानी रिश्तों की चाह -3

उसने मुझे बताया कि उस लड़के के होंठों को किस करो.. उसके निचले होंठ और ऊपरी होंठ को बारी-बारी चूसो.. उसके लण्ड को चाटो और मुँह में भर के चूसो और उससे कहो कि वो तुम्हारे लण्ड को चूसे।

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जिस्मानी रिश्तों की चाह -2

मैंने सोचा कि क्या होगा अगर मेरे पास एक लड़का और एक लड़की हो.. तो मैं चोदने के लिए किसे तरजीह दूँगा। फ़ौरन ही मेरे जेहन ने मुझे बता दिया कि मैं ‘गे’ नहीं हूँ। मैं हमेशा लड़की को चुदाई के लिए तरजीह दूँगा..

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जिस्मानी रिश्तों की चाह -1

उस वक़्त मेरी उम्र 19 साल थी। मैं सेक्स के मामले में बिल्कुल पागल था। चौबीस घंटे मेरे जेहन में सिर्फ़ सेक्स ही भरा रहता था। मैं हर वक़्त सेक्स मैगजीन्स की तलाश में रहता था।

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सेक्स, सम्भोग कैसे करें

मैं कोई एक्सपर्ट या कोई स्पेशलिस्ट नहीं हूँ। मैं यहाँ बस वो बातें शेयर कर रहा हूँ.. जो मैंने ‘सेक्स कैसे करें’ टॉपिक के बारे में रिसर्च करते हुए समझे और जो अपने पर्सनल एक्सपीरियेन्स से सीखे।

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लण्ड लीलने की ललक

कमलेश ने मुझे धरती पर चित्त लेटा दिया और मेरे ऊपर चढ़ गए। मेरी चूत भी उनका लौड़ा लीलने की ललक में थी। मैंने चूत पसारी और उसने अपना मूसल मेरी चूत में टिका दिया..

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एक भाई की वासना -50

मैंने जाहिरा की नाईटी के गले को थोड़ा नीचे को खींचा.. तो जाहिरा की चूचियों का ऊपरी हिस्सा और उसका क्लीवेज नंगा हो गया।
मैंने फैजान को इशारा किया कि झुक कर उसको चूम ले..

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एक भाई की वासना -49

मैंने जाहिरा के पतले-पतले होंठों पर अपनी उंगली फेरनी शुरू की और बोली- फैजान.. देखो तुम्हारी बहन के कितने प्यारे होंठ हैं..
यह कह कर मैं झुकी और अपने होंठ जाहिरा के होंठों पर रख दिए और उसको किस करने लगी।

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एक भाई की वासना -48

फैजान घबरा कर इधर-उधर देख रहा था.. मैं और आगे बढ़ी और उसके क़रीब जाकर उसके होंठों को चूम कर बोली- डोंट वरी डियर.. होता है.. ऐसा भी होता है.. वैसे तुम्हारी बहन है बहुत सेक्सी और खूबसूरत.. मैं अगर लड़का होती ना.. तो कब से उसे चोद चुकी होती।

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