ग्रुप सेक्स का ऑनलाइन मजा-2
ये वो दर्द था, जिसे हर महिला अनुभव करना चाहती है. ये वो मीठा दर्द है, जिसके लिए पसीने में लथपथ होकर एक महिला अपने तन बदन को पुरुष को सौंप देती है.
दो से अधिक स्त्री पुरुषों लड़के लड़कियों के एक साथ मिल कर एक स्थान पर ग्रुप में चुदाई या सेक्स का मजा लेने की कहानियाँ
Do se jyada ladke ladkiyon ke ek sath mil kar chut chudai ki kahaniyan
Sex Stories about Group Sex among many girls and boys or couples
ये वो दर्द था, जिसे हर महिला अनुभव करना चाहती है. ये वो मीठा दर्द है, जिसके लिए पसीने में लथपथ होकर एक महिला अपने तन बदन को पुरुष को सौंप देती है.
तभी मेरी स्कर्ट को कोई दूसरा ऊपर करने लगा. मैंने अन्दर पैंटी नहीं पहनी थी, तो वे मेरी टांगें चौड़ी करके मेरी जांघों को चाटने लगे. उसी समय एक अंकल ने मेरे हाथ मेंअपना लंड पकड़ा दिया.
अंकल ने मुझे अपनी बांहों में भर लिया और बोले- डार्लिंग, तू मत शरमा, बहुत मस्त है तू, बहुत सेक्सी है, तुझे चोद चोद के आज मैं पागल कर दूंगा! क्या मस्त दूध हैं तेरे ...
मौसी की बेटी की शादी में शादी से पन्द्रह दिन पहले पहली बार एक साथ पांच बुड्ढों ने और एक जवान लड़का रिश्ते के भाई ने मेरी बेदम चुदाई की, इनमें दो मेरे सगे रिश्तेदार हैं।
हमें तो ऐसे कार्यक्रम आयोजन से पहले केवल चूत ही दिखती है। हमारा मन बस सोचता है कि किसकी चुदाई कैसे करनी है। अर्थात् जहाँ दिखा चीरा, वहीं डाल देंगे खीरा।
देख कर मन हुआ, खा जाऊँ उसका लंड ... मगर कोई रांड तो थी नहीं मैं, एक शरीफ खानदान की शरीफ बहू थी। तो मैंने उठ कर जाने का बहाना किया पर उसने मुझे मेरा हाथ पकड़ कर बैठा लिया.
मेरे पति ने घर में एक जवान लड़का किरायेदार रखा लिया क्योंकि वो अक्सर घर नहीं रहते थे. उस लड़के के रंग ढंग ठीक नहीं थे. एक दिन मैंने देखा कि वो किसी लड़की को कमरे में लाकर चोद रहा है.
कॉफी हाउस के बाहर एक ऑडी के साथ लग कर शॉर्ट्स और ऑफ शोल्डर्स में दो लड़कियां खड़ी बीयर पी रही थीं. उनकी खूबसूरती देख कर मैं देखता ही रह गया. तो एक बोली- क्या प्रॉब्लम है? फिर क्या हुआ?
मेरी थ्रीसम सेक्स कहानी में पढ़ें कि कैसे मेरी गर्लफ्रेंड एक बार अपनी सहेली को अपने साथ मेरे रूम पर ले आई. असल में वो अपनी सहेली को मुझसे चुदवाना चाहती थी. पढ़ कर मजा लें!
मैंने शीतल की चोली खोली, फिर शिवानी और अंजलि ने भी अपनी चोली खोल दी और मैंने एक एक करके सबके निप्पल चाटे फिर बूब्स मसल दिए और धीरे धीरे सबका लहंगा भी खोल दिया!
आज मुझे बहुत मजा आया, आज पहली बार मैंने अपने सारे अरमान जो थे, पूरे कर लिए. आज का दिन, ये पल कभी नहीं भूलूंगी, बहुत ही मस्त बेइंतहा मजा आया. मेरे जिस्म की हर ख्वाहिश पूरी हो गई!
चाचा को मेरी नंगी गांड दिखाई दे रही थी, सामने मम्मी का पेटीकोट मुझे नजर आया. जैसे ही मैंने पेटीकोट को उठाया, तभी मुझसे पेटीकोट चाचा ने छीन लिया- मुझसे क्या छुपा रही है, मैंने तेरा सब कुछ देख लिया..
मेरे प्यारे दोस्तो, एक बार फिर से मैं भावना मेघवाल, राजस्थान से अपनी कहानी का अगला भाग लेकर अन्तर्वासना की इस सेक्स सभा में प्रस्तुत हुई हूँ। मेरी पिछली लेस्बियन सेक्स की कहानी जाटणी के साथ पहला लेस्बियन अनुभव में आपने पढ़ा कि कैसे मैं और मेरी परम सखी सपना होटल के एक कमरे में […]
साली, तेरी गांड बहुत बहुत हॉट है.. भैन की लौड़ी क्या उठान है तेरे चूतड़ों के.. काश और पहले तुम मुझसे खुल जातीं तो हम आज तक में हम दोनों कितनी बार मस्त चुदाई कर चुके होते!
मेरे पड़ोस में एक पढ़ी लिखी मॉडर्न हाउस वाईफ रहती हैं, दिखने में कामदेवी, नशीली आँखें, जिनसे शराब छलकती, गोरा बदन संगमरमर की मूरत सा तराशा हुआ... उन भाभी को मैं चोदना चाहता था परन्तु...
उसे बाहों में मैं लेकर अपने होंठ उसके होंठों के इतने पास ले गया कि हमारी गर्म साँसें एक दूसरे के चेहरे से टकराने लगीं। पहले तो वह थोड़ी असहज रही लेकिन ऐसे हर अहसास पर जिस्मानी भूख हावी पड़ जाती है।
मैंने और मेरी बहन ने हमारे चचेरे भाई से चुद कर पूरा मजा लिया. लेकिन हमें पता नहीं था कि हमारे इस भाई बहन की चुदाई के खेल को किसी और ने देख लिया है. कौन था वो? और फिर क्या हुआ?
वह नीचे बैठ कर अब मेरी योनि भी चाटने लगा और मैं समझ न सकी कि जो मुझे थोड़ी देर पहले "छी" कहने लायक गन्दा लग रहा था, आखिर उसमे इतना मज़ा क्यों आता है। साथ ही उसने एक उंगली मेरे छेद में उतार दी।
मेरे घर के पास एक भाभी अपने पति के साथ रहने आई किराये से... उनसे मेरी दोस्ती हो गयी. उनकी बातें एडल्ट टाइप होती थी. वो भाभी प्यासी रहती थी और उन्होंने मेरी कामुकता भी जगा दी थी.
अब तक की चुदाई की कहानी में आपने पढ़ा था कि उस हरामखोर अधिकारी ने मुझे दम भर चोदा और उसने मेरी चूत में ही अपना निकाल दिया. अब आगे.. चुत चुदाई के बाद बाद उसने कहा- ज़रा बाथरूम में जाकर साफ़ सफाई कर आओ. मैंने जाकर अपनी चुत तो अच्छी तरह से अन्दर से […]