चाची की सेक्स की चाहत

(Chachi Ki Sex Ki Chahat)

विशाल 2011-07-13 Comments

हेल्लो दोस्तो,
मेरा नाम विशाल है, सूरत का रहने वाला हूँ और मैं इन्जीनियरिंग का छात्र हूँ, मैं दीखने मैं तो काफी अच्छा दिखता हूँ. मेरी उम्र 18 साल है और कद 5’7″ और मेरे लन्ड का साईज सामान्य है, दूसरे लेखकों की तरह नहीं कहूँगा कि मेरा लन्ड 8″ का है या 10″ का है.

मैंने अन्तर्वासना में लगभग सभी कहानियाँ पढ़ी हैं.

मैं हाजिर हूँ आपके मनोरंजन के लिए अपनी पहली सेक्स कहानी लेकर, मुझे उम्मीद है कि अपको पसन्द आएगी, पहली बार कहानी लिख रहा हूँ.

यह कहानी तब की है जब मेरी दिवाली की छुट्टियाँ चल रही थी तो मैं अपने चाचा के वहाँ चला गया जो मुंबई में रहते हैं. उनका तीन लोगों का परिवार है, चाचा-चाची और उनका 7 साल का बेटा. यह कहानी मेरी चाची के बारे में है.

मेरी चाची का फ़ीगर क्या बताऊँ दोस्तो, वो कद में मुझसे छोटी है पर दिखने में किसी कयामत से कम नहीं! मेरी और चाची की बहुत जमती थी और चाचा एक बिजनेसमैन हैं, चाचा मुझे बड़े बेटे की तरह कम और दोस्त ज्यादा रखते थे.

एक दिन चाचा को किसी काम से दूसरे शहर जाना पड़ा. उस रात मैं और चाची बैठे थे.

मेरी और चाची की अच्छी बनती थी पर मैंने कभी चाची को उस नजर से नहीं देखा था पर उसके इरादे आज मुझे साफ नहीं लग रहे थे. फ़िर भी हम बैठे थे.

वो मुझे बोल रही थी- विशाल अब तुम बड़े हो गए हो, अब तो तुम्हारी शादी करनी पड़ेगी!
मैं- क्या कहा आपने?
चाची- शादी बुद्धू शादी.
मैं- चाची, अभी तो मेरी पढ़ाई चल रही है?
चाची- तो क्या शादी के बाद नहीं पढ़ सकते क्या?

दोस्तो, मैं बता दूँ कि हमारी बिरादरी में शादी बहुत जल्द हो जाती है.

मैं- हाँ, पढ़ तो सकते है लेकिन!
चाची- लेकिन क्या विशाल?

मेरे जवाब देने से पहले चाची ने फ़िर पूछा- देख विशाल, तेरी पसन्द में कोई और हो तो बता दो वरना!
मैं- नहीं, मुझे कोई पसन्द नहीं है.
फ़िर मैंने पूछा- वरना क्या?

चाची- मैंने तुम्हारे पापा से बात की है कि मेरी छोटी बहन काजल को अपने घर की बहु बनाएँ.
मैं- पर वो तो तुम्हारी बहन है.

पर दोस्तो, मैं अंदर से बहुत खुश था क्योंकि काजल दिखने में इतनी खूबसूरत है कि पूछो ही मत! स्वर्ग की अप्सरा जैसी.

चाची- तो क्या हुआ? अगर मेरी बहन तुम्हारी बीवी बने?
मैं- पर अभी तो मैंने कमाना भी चालू नहीं किया और बड़ी प्रोब्लम तो यह है कि शादी के बाद क्या करते हैं, मुझे पता नहीं?
चाची- ओेई हरिचन्द्र, तेरे पापा का अच्छा बिजनेस चल रहा है तेरे चाचा का भी अच्छी तरह से चल रहा है तो क्या मेरी बहन भूखी रहेगी तेरे घर में?
मैं- यह बात भी ठीक है!

इतने में चाची बोली- तेरे दूसरे प्रोब्लम में मैं तेरी मदद कर सकती हूँ!
मैं- वो कैसे?
चाची- मैं तुम्हें सब सिखा दूंगी.

और मैं तैयार हो गया मैं तो सांसारिक जीवन कैसे जीते हैं यह सीखना चाहता था पर चाची सेक्स सिखाना चाहती थी.
बातों ही बातों में रात के 12 बज गये तो मैंने कहा- चलो सो जाते हैं.
तो चाची ने कहा- सीखना नहीं है?
‘मैं कुछ समझा नहीं?’
तो अब चाची ने अपनी शरम छोड़ते हुए कहा- इसकी क्लास तो रात में ही लगती है!
मैं- यह आप क्या कह रही हैं?

मुझे तो सब समझ आ गया था कि आज चाची मुझसे चुदने वाली हैं, और मैं भी खुश था.

और उसी ख्याल में मेरा लन्ड कब खड़ा हो गया पता ही नहीं चला. अब मैं भी गर्म हो गया था और चाची तो जैसे ज्वाला की तरह गर्म थी.

तो चाची ने मुझे अपने बेडरूम की तरफ़ इशारा किया, मैं समझ गया कि लाईन साफ़ है. मैं जब अन्दर गया तो चाची ने मुझे अपनी ओर जोर से खींच लिया और मुझे पूरे बदन पर चुम्बन करने लगी.
मैं तो स्वर्ग की सैर कर रहा था क्योंकि पहले कभी किसी लड़की ने मुझे छुआ तक नहीं था.

वो मेरा लन्ड पैन्ट के ऊपर से ही बुरी तरह से मसल रही थी और मेरे मुँह से ओह आह की आवाज निकल रही थी और उसे मुझे तड़पा कर मजा आ रहा था. अब तक मैं ऐसे ही खड़ा था.
अगले ही मिनट चाची बोली- विशाल, मैं तुम्हें पसन्द नहीं हूँ क्या?
मैं- नहीं चाची, आप तो सुन्दर हैं.

चाची- तू झूठ बोल रहा है! अगर मैं तुम्हें पसन्द होती तो अब तक तूने मुझे चोद दिया होता!

चाची तीर पर तीर छोड़ रही थी और मेरे सब्र का बान्ध टूट रहा था. पर वो मेरी चाची थी तो मैं उसे चोदना नहीं चाहता था लेकिन मैं भी जवान था, जल गया चाची की ज्वाला में! और मैं उसके ऊपर चढ़ गया लेकिन वो मेरे इस वार के लिए तैयार नहीं थी.

फ़िर मैं उस पर भूखे शेर की तरह टूट पड़ा और मैं उसको पूरे चेहरे पर चुम्बन करने लगा, वो भी मुझे किस करने लगी.

आग दोनों तरफ से लगी हुई थी. अब चाची ने मेरे शर्ट के बटन खोलने चालू किए और मुझे एक नशा सा छाने लगा. अब मुझे पता नहीं था कि मैं क्या कर रहा था पर चाची तो पूरे मूड में थी.

चाची ने मेरी पैन्ट को नीचे कर दिया अब मैं सिर्फ अन्डरवीयर मैं चाची के सामने खड़ा था पर अब मेरी बारी थी चाची के कपड़े उतारने की!

तो मैंने चाची के ऊपरी वस्त्र उतारने लगा तो मैं थोड़ा डर रहा था, मैंने धीरे से उसके स्तन पर हाथ रख दिया तो उसने मेरे दोनों हाथों को अपने हाथों से दबा दिया, मैंने उसका ऊपरी वस्त्र निकाल फेंका. अब उसके दोनों सन्तरे मेरे हाथों में थे तो मैं उनसे खेलने लगा. चाची बोली- इनसे खेलते रहोगे या कुछ और करने का भी इरादा है?

तो मैंने चाची से कहा- वैसे तो मैं बहुत कुछ करना चाहता हूँ मेरी जान!

इस बार चाची थोड़ा शरमा गई तो मैंने कहा- शरमा क्यूँ रही हो?
चाची मजाक करते हुए- तुम तो मेरे बेटे जैसे हो.
मैं- हाँ, तो आज बेटे से ही चुदवा लो!

चाची- बड़ा आया चोदने वाला! मैंने देखा है तुम्हारा लौड़ा! छीः! मुझे तो तुम्हारे लौड़े को लौड़ा कहने में भी शरम आ रही है.
मैं- क्यूँ, आपने कब देखा?
चाची- तो क्या हुआ अगर मैंने तेरा लण्ड नहीं देखा तो आज तो जी भर कर देखूँगी और…!!

इतना कह कर वो मेरे लण्ड पर टूट पड़ी. मेरे लण्ड को मुँह में भर लिया मेरे मुँह से आह ह्ह..अओह की आवाज आ रही थी क्योंकि यह मेरा पहला सेक्स अनुभव था तो दोस्तो, मैं 2 मिनट में झड़ गया और मैंने अपना सारा वीर्य चाची के मुँह में छोड़ दिया और दोस्तो, क्या बताऊँ, दिल को कितना सुकून मिला!

पर दोस्तो, मैंने हार नहीं मानी. थोड़ी ही देर बाद चाची को कस कर पकड़ कर अपना लण्ड चाची की चूत के मुँह पर रख दिया और एक झटका लगाया तो मेर लण्ड चाची चूत में पूरा समा गया.

दोस्तो, इस अनुभव का मैं विस्तार नहीं कर सकता! थोड़े शब्दो में कहूँ तो ‘स्वर्ग भी कुछ नहीं है इस चूत के आगे!’

पर मुझे लगा कि चाची को कुछ परेशानी थी, उसकी आँखों से पानी निकल रहा था तो मैं रूक गया और चाची को किस करने लगा और चाची से पूछा- चाची आपको बहुत दर्द हो रहा है?

चाची- हाँ, बहुत हो रहा है, इस तरह से कोई चोदता है अपनी चाची को?
मैं- आपकी कोई मदद कर सकता हूँ?
चाची- हाँ, मादरचोद चोद दे मुझे मसल दे मेरी जवानी को…

अब मैं चाची को जोर-जोर से चोदने लगा, चाची दर्द के मारे मुझसे कस कर लिपट गई और मेरी पीठ में अपने नाखून गड़ा दिए.

चाची बुरी तरह चिल्ला रही थी पर मैंने उस पर और उसकी चूत पर बिल्कुल रहम नहीं किया और जोर-जोर से अपना लण्ड पेलता रहा चाची की चूत में.

चाची चिल्ला रही थी और बोल रही थी- विशाल! और जोर से चोदो… बहुत मजा आ रहा है, अओह… विशाल चोद दो मुझे! आज मत छोड़ना! आह…आ आह! की आवाज से पूरा कमरा गूंज रहा था. कितनी सेक्सी आवाज थी दोस्तो! मैं तो पूरी ताकत से चोद रहा था.

इतने में सब खत्म हो गया.

मैंने 20 मिनट चुदाई करके चाची की चूत में ही झड़ गया क्योंकि मुझे पता था कि चाची की नसबंदी का ओपरेशन हो चुका है. इसलिए कोई प्रोब्लम नहीं थी.

हम दोनों पर एक मदहोशी सी छाने लगी. इस दौरान चाची तीन बार झड़ गई थी तो उसकी हालत तो मुझसे भी खराब थी, उसकी आँखें नशीली हो गई थी, उसकी आँखों में एक अजीब सा नशा था, अब वो मुझे किस कर रही थी और मेरी छाती को भी चूम रही थी.

इतना सब होने के बाद रात के 3 बज गए, मैं और चाची पूरी रात साथ बिना कपड़ों के ही सो गए.

सुबह जब मैं उठा तो चाची ने मुझे चाय के लिए बुलाया तो मैं चला तो गया चाची के पास पर दोस्तो, रात के कारनामे से मैं चाची के साथ आँख नहीं मिला पा रहा था.

मैं चाय लेकर कमरे में आ गया पर मैं अपने आप को रोक नहीं सका, मैं चाय पी करके रसोई में चला गया क्योंकि चाची वहीं थी.

मैं रसोई में जाते ही चाची की गर्दन पर किस करने लगा, तो चाची पीछे मुड़ कर मेरे होंठों पर किस करने लगी और बोली- विशाल, मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूँ… क्या तुम भी मुझे प्यार करते हो??
मैं- आई लव यू!

दोस्तो, मैंने चाची से यह नहीं कहा कि आप शादीशुदा हैं या ऐसा कुछ!
वैसे तो आप सभी काफी समझदार हैं, चाची मुझसे क्यूँ चुदना चाहेगी उसका कारण तो आप जानते हो.

यह मेरी सच्ची कहानी है इसलिए मैंने कहानी में चाची का नाम नहीं लिखा इससे उनकी जिंदगी बरबाद हो सकती है.
कैसी लगी मेरी कहानी? ढेर सारे ई-मेल कीजिए.
[email protected]

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