चाची ने पढ़ाया मुझे प्रेम का पाठ- 2

(Hot Body Nude Love Story)

हॉट बॉडी न्यूड लव स्टोरी में मेरी पड़ोसन चाची ने मुझे रात में अपने कमरे में आने का निमन्त्रण दिया था. मैं समझ गया था कि चाची अज अपना सर्वस्व मुझे अर्पित करने वाली हैं.

कहानी के पहले भाग
पड़ोसन चाची ने दिया मुझे कामुक निमन्त्रण
में आपने पढ़ा कि मेरे पड़ोस में एक परिवार रहता था. उनकी युवा बहू सुबह छत पर कपड़े सुखाने आती थी. उसकी वक्त मैं व्यायाम के लिए छत पर जाता था. उनके बदन के कटाव और खूबसूरती को मैं अपनी नारों से अपने दिल में बसाता रहता था. उन्हें भी इस बात का पता था.
एक दिन हमारी आपस में बात हुई.
उन्होंने मुझे कोई गर्लफ्रेंड बनाकर उसके साथ मजा करने की सलाह दी.
पर मैंने कहा कि मुझे कुछ करना नहीं आता.
तो वे मुझे सेक्स का पाठ पढ़ने के लिए मान गयी थी.

अब आगे हॉट बॉडी न्यूड लव स्टोरी:

अब आज पर वापस आते हैं।
अब वो संदेश मिल चुका था तो मैं सहज ही ये अनुमान लगा गया था कि यह अर्शिका की ओर से हम दोनों के मधुर मिलन के आमंत्रण का निमंत्रण है.
उसका सूखे होंठों पर जीभ फेरना और फिर हल्की मुस्कुराहट … ये दोनों हम दोनों के बीच उपजने वाले एक नए रिश्ते के सफर का डर और रोमांच की कहानी साफ बयां कर रहे थे।

उसी वक्त मेरा तन बदन उत्तेजना से भर गया था कि अब कुछ ही घण्टों बाद अर्शिका जैसी कामुक अपसरा और मैं रात के अंधेरे में एक कमरे में अकेले होंगे और एक दूसरे में पूरी तरह समाए हुए बिस्तर पर कलाबाजियां खा रहे होंगे।

नीचे उतरते वक्त एहतियातन मैंने छत और नीचे जाने के बीच का दरवाजा बंद कर दिया था ताकि हम दोनों के आज के प्रथम मधुर मिलन में कोई भी व्यवधान न बनने पाए और पूरी रात हम दोनों बिना किसी आशंका के एक दूजे में समाए रहे।

तो धीरे से में नीचे उत्तर कर अर्शिका के कमरे में पहुंचा तो उसका रूम का दरवाजा हल्का सा खुला हुआ था.

कमरे लाइट बंद थी लेकिन बाहर की रोशनी से कमरे में हल्का धीमा प्रकाश फैला था जिसमें जब मेरी आँखें धीरे अंधेरे की अभ्यस्त हुई तो मुझे अर्शिका बिस्तर पर सोती हुई नजर आई.

अर्शिका सीधी लेटी थी.
मैं उसके करीब पहुंचा.
एक भीनी सी महक मेरे नथुनों से टकराई जो अर्शिका के मादक शरीर से निकल रही थी.

मेरी पलकें उसकी खुशबू और आने वाले पलों के आनंद को महसूस करती बंद हो चली थी.

अगले ही पल मेरी आँखें खुली और मेरी भरपूर नजर अर्शिका पर पड़ी.

अर्शिका सीधी पीठ के बल सोई हुई थी, उसके उन्नत उभार, उसकी उठती गिरती सांसों के साथ ऊपर नीचे हो रहे थे.
उसने साड़ी पहन रखी थी जो सोने की वजह से अस्त व्यस्त हो चुकी थी.
और पेट पर से पूरी तरह हटी हुई साड़ी के कारण उसका गोरा चिकना मुलायम लम्बा कामुक पेट बड़ा ही मोहक लग रहा था.

उसकी पतली कंटीली कमान जैसी नाजुक कमर पर सोते में भी हल्के हल्के खम बने हुए थे.
गोरा कामुक पेट तो मेरी उत्तेजना में पर्याप्त वृद्धि कर चुका था लेकिन जैसे ही मेरी नजर अर्शिका के पेट के निचले हिस्से पर उसकी गोल गहरी कुएं जैसी उत्तेजक नाभि पर पड़ी, मेरे होंठों से मादक आह और सिसकारी एक साथ फूट पड़ी.

मैं उसके करीब पलंग के पास बैठ गया और उसके पेट और नाभि पर हल्के हल्के हाथ फिराने लगा.

अर्शिका के संवेदनशील अंगों पर यह मेरा पहला स्पर्श था.
मेरी उत्तेजना और कठोरता क्रमशः बढ़ती जा रही थी.

उसके पेट पर हाथ फिराते हुए मैंने उसकी चेहरे की ओर देखा.
अब भी अर्शिका गहरी निद्रा में थी.

लेकिन न जाने क्यों मुझे ऐसा लगा कि उसकी सांसें और भारी हो चली थी और दोनों वक्ष और भी बड़े हो चुके थे और तेजी से ऊपर नीचे हो रहे थे.

और तभी इधर मेरी उंगली अर्शिका के पेट पर परवाज करती उसकी गोल गहरी नाभि की परिक्रमा करती नाभिकुंड में घुसती चली गई.
और उसके होंठ ठीक उसी वक्त हल्के से खुले और गोल होकर स्थिर हो गए.

मुझे लगा कि अर्शिका के होंठों से एक हल्की सिसकारी निकली.
लेकिन जब उसकी आँखें नहीं खुली तो मैं निश्चित हो गया।

उसकी नाभिकूप की गहराई में जाकर मेरे अंगुलियां उसकी नाभि के अवगुंठन खोलने लगी थी.

गोरा चिकना मुलायम पेट, खमदार चिकनी कटीली कमर गहरी नाभिकूप!

यह सोचता हुआ मैं अत्यधिक उत्तेजित हुआ जा रहा था कि जिस मादक हुस्न को अब तक पिछले कई महीनों से मैं छुप कर चोरी से देखता आ रहा था, आज वो पूरी तरह मेरे आगोश में था.

अर्शिका का कामुक नाभिकूप देखकर ही मैं पहली बार उसकी ओर आकर्षित हुआ था और मेरे मन में अर्शिका को पाने की चाहत उसी वक्त से अंगड़ाई लेने लगी थी.

आज वो नाभि और पूरी की पूरी अर्शिका मेरे सामने थी.
और कुछ ही पलों बाद हम दोनों एक दूसरे में समाकर एकाकार हो जाने वाले थे.

उसकी प्यारी नाभि को मैंने उंगली हटाकर पुनः देखा.
गोरे चिकने पेट पर बीचोंबीच नाभि हल्के अंधेरे में एक गहरे कुएं जैसी प्रतीत हो रही थी.

मेरे होंठ उसकी नाभि पर झुकते चले गए.
मैं अपनी अर्शिका का पहला चुम्बन करने वाला था.
और वो पहला चुम्बन भी सीधे उसके सबसे संवेदनशील अंग कामुक नाभीकूप पर होने वाला था.

एक बार मैंने उसकी ओर देखा.
उसकी पलकें बंद थी.

मैंने उसकी पतली कमर को दोनों तरफ से थाम लिया.
उसके होंठ पुनः गोल हो चले.
एक हल्की सी सिसकारी फूट पड़ी अर्शिका के होंठों से!

मैं समझ गया कि वह ये सब आनंद स्वप्न में ले रही है.

उसकी नाभि के चारों तरफ पेट पर परिक्रमा करते हुए मैंने चुम्बन लिए.
और फिर नाभि की परिक्रमा पूरी करने के बाद अपने जलते हुए ही गर्म होंठ अर्शिका के नाभिकुंड पर रख दिए.

मेरे आनंद का पारावार न रहा.
मेरा लंड अत्यंत कठोर होकर फटने को आतुर हो उठा था.

उसकी कटावदार कमर को सहलाते हुए मैंने उसकी नाभि पर एक गहरा चुम्बन अंकित कर दिया.

मुझे अर्शिका की तेज सिसकारी साफ सुनाई दी थी और उसके पेट पर होते कंपन को मैं साफ महसूस कर रहा था.

और तभी उसके हाथ मेरे सर पर आ लगे और मेरे बाल सहलाने लगे थे.
मुझे लगा अर्शिका जाग चुकी है और उसे विरोध न करता पाकर मैं और उत्तेजित हो गया.

और फिर लगातार अनेक चुम्बन मैं उसकी नाभि पर लेटे रहा और जीभर कर अर्शिका की नाभि चूमने के बाद मैंने अपनी जीभ अर्शिका की नाभि के भीतर घुसेड़ दी.
अर्शिका जैसे सांस की मरीज हो गई थी.
उसके होंठों से रह रहकर सिसकारी खारिज होने लगी थी.

मैं उसकी नाभि को जीभर कर चूमने और चाटने के बाद उसके पलंग पर ठीक इसके बाजू में अपना अंडरवियर उतार कर पूरी तरह नंगा होकर बैठ गया.
और फिर उसकी साड़ी के पल्लू को पूरी तरह से उसके कंधों से हटाकर अलग कर दिया.

मेरे होंठों से फिर एक उत्तेजक सिसकारी निकली.

साड़ी का पल्लू हटाते हुए ही उसके उभार मेरी आंखों के सामने आ गए थे.
जिस पर अर्शिका ने ब्लाउज नहीं पहन रखा था और जो ब्रा भी उसने पहनी थी, वो पूरी तरह पारदर्शी थी और इसके बटन भी सामने की ओर ही खुल रहे थे.

मेरे हाथ अर्शिका के पेट पर जा टिके और उसकी नाभि और कमर को सहलाते हुए अर्शिका के स्तनों को और झुकता चला गया.

नाभि के बाद अर्शिका के अगले अत्यंत संवेदनशील अंग स्तनों पर पहली बार जैसे ही मेरे गर्म होठों को छुअन पड़ी, नींद में ही अर्शिका होंठों से आह फूट पड़ी.

मैंने उसकी ब्रा के ऊपर के दोनों हुक खोल दिए थे और उसके दोनों स्तन पर्वत की चोटियों की मानिंद मेरे होंठों के सामने थे.

मैं सब कुछ भूलकर उन पर टूट पड़ा.
अर्शिका का दायां स्तन मैंने अपनी हथेली में थाम लिया और उसे हल्के से मसलते हुए अर्शिका के दूसरे उभार की नोक को अपने होंठों में भर कर चूसने लगा.

अर्शिका नींद में ही कसमसाई और एक मादक सिसकारी भरती हुई नींद में ही उसके हाथ मेरे सर पर आ लगे.

उसकी सिसकारी सुन कर मेरी उत्तेजना और बढ़ गई और मैंने बारी बारी से अर्शिका के दोनों स्तनों को जीभर कर चूमा, दबाया और सहलाया.

उसके बाद मैंने धीरे से उसके होंठों को चूमा.
तो न जाने मुझे क्यों लगा कि अर्शिका ने भी अपनी जीभ निकाल कर मेरे होंठों को चाट लिया था.

मैंने भी उसकी जीभ को अपनी जीभ के भीतर ले लिया और अपने शरीर का पूरा भार अर्शिका के शरीर पर करते हुए उसके होंठों और जीभ का रस बड़े मनोयोग से चूसने लगा था.

अर्शिका की पलकें तो बंद थी लेकिन बाकी पूरे शरीर से वो मेरे साथ कामक्रीड़ा में पूरी तरह समाहित थी.
वह पूरी तरह से नींद में ही कामक्रीड़ा का आनन्द ले रही थी और मुझे हॉट बॉडी न्यूड लव दे भी रही थी।

मैंने सर उठाकर देखा तो उसकी पलकें बंद थी लेकिन होंठ खुले हुए थे और सिसकारियों हल्के हल्के इसके होंठों से छूट रही थी.
उसके होंठ और बदन दोनों कांप रहे थे.
मुझे समझ नहीं आया कि अर्शिका सो रही है या जाग रही है.

लेकिन मैं इतना तो समझ ही गया था कि यह हम दोनों का प्रथम मिलन होने जा रहा था, हो सकता है शायद इसी शर्म की वजह से वह जानबूझ कर आँखें नहीं खोल रही थी.

और अगर वह सो भी रही थी तो भी मैं उसे प्यार करके ही जागने वाला था.
मैं देखना चाहता था कि अर्शिका की शर्म कब खत्म होती है और वह प्यार के किस मोड़ पर मेरा सामना करने तैयार होगी.

मैं बढ़ा, उसके स्तनों को चूमते मेरे होंठ उसके पेट तक आए और पेट और कमर को पोर पोर चूमने के बाद मैं फिर से उसकी सबसे उत्तेजक नाभि पर जाकर रुक गया.
फिर से मदमस्त अर्शिका की नाभि को चूमने का लोभ मैं संवरण नहीं कर सका और उसकी नाभि पर झुकते हुए मैंने अर्शिका के दोनों स्तनों को दोनों हाथेलियों में थामा और उन्हें धीमे धीमे मसलते हुए उसकी नाभि पर होंठों को लॉक कर दिया.

“आआ आआह उफ फ्फ इस्स्स सश्स उह्ह्ह!”
बड़ी तेज मादक सिसकरी अर्शिका के होंठों से उत्पन्न हुई लेकिन उसकी आँखें नहीं खुली.

मैंने नाभि चूमने के बाद उसका साड़ी हटाई तो सीधे मेरे सामने उसका योनिद्वार उजागर हो गया.
मेरी आह फूट पड़ी थी.

अर्शिका ने नीचे पेटीकोट नहीं पहना था और न ही पेंटी.
वह हॉट बॉडी आज रात मेरी प्रतीक्षा में तैयार होकर ही लेटी थी मुझे न्यूड लव का अहसास कराने के लिए!
बस मारे शर्म के उसकी आँखें भर भी खुल नहीं पा रही थी.

मैंने उसकी ओर नजर उठाकर देखा.
उसके होंठों पर हल्की शर्म भरी मुस्कुराहट थी लेकिन पलकें अभी भी बंद थी.

मैं उसका और उसके इस अंदाज का पूरी तरह दीवाना हो चुका था.

मैंने उसकी टांगें फैलाई और उसकी योनि को चूम लिया.

“आआ आआ ह्हह उफ उह्ह्ह ह!” एक बड़ी तेज मादक सिसकारी उसके होंठों से फूट पड़ी और गर्दन पीछे की ओर उलट गई.

मैंने उसके घुटने उठाए और उसकी योनि के भीतर अपनी जीभ डाल दी.
बड़ा ही कैसला स्वाद था उसके योनि रस का … लेकिन मुझे वो भी अमृत लगा.

मेरे होंठ पूरी तरह अब अर्शिका की योनि पर ढक्कन की तरह चिपके हुए थे और जीभ उसकी चूत की दीवारों से कामरस का पान करने में मग्न हो चुकी थी.

उसकी मद भरी सिसकारियां रुकने का नाम ही नहीं ले रही थी.
अर्शिका नींद में ही पूरी तरह संभोगरत हो चुकी थी और वह खुल कर मादक आहें भरती मेरे सिर पर हाथ फेर रही थी.

मेरा लंड भयानक उत्तेजित हो रहा था.
लंड ने अब एकदम बगावत कर दी थी और मैंने अर्शिका का अंतिम किला फतह करने के रास्ते पर अपना अंतिम कदम भी बढ़ा दिया.

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हॉट बॉडी न्यूड लव स्टोरी का अगला भाग: चाची ने पढ़ाया मुझे प्रेम का पाठ- 3

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