खुले खेत में गांव की चाची को चोदा

(Village Chut Porn Kahani)

विलेज चूत पोर्न कहानी में मैं अपने खेतों में घूम रहा था तो एक चची हमरी फसल में से कुछ तोड़ रही थी. मैंने पकड़ लिया और पापा को बताने की धमकी दी.

हाय फ्रेंड्स, मेरा नाम रोहन है.

हमारे खेत में चने की खेती हुई थी, उधर घूमना मुझे बहुत अच्छा लगता था.
पर सर्दी के कारण नहीं जा पाता था.

फिर जब गर्मी का मौसम आया तो मैं सुबह से ही खेतों में घूमने निकल जाता था.

ये विलेज चूत पोर्न कहानी तब की है … जब मैं 12वीं क्लास में था.

एक दिन मैं खेत में गया था.
मैं बिल्कुल अकेला था.

तभी दूर से एक औरत आती दिखी.
मैं छुपकर देखने लगा.

वह हमारे खेत में आई और खड़ी फसल में से कुछ तोड़ने लगी.
मैं उसे पकड़ने के लिए भागने ही वाला था कि तभी मैंने ध्यान से देखा और उन्हें पहचान गया.
वे गांव में मेरे घर के पड़ोस वाली चाची थीं.

मैं धीमी रफ्तार से उनकी ओर चलने लगा और उनके पास पहुंचने ही वाला था कि उन्होंने फसल तोड़ना छोड़ दिया और इधर-उधर देखने लगीं.

मैं भी सोचने लगा कि इन्हें ऐसा क्या हुआ जो ये इधर उधर देख रही हैं.
तभी उन्होंने अपनी साड़ी ऊपर उठाई और पेशाब करने नीचे बैठ गई.

पहली बार मैंने किसी औरत की गांड को इतने करीब से नंगी देखी थी.
मेरा लंड फड़क उठा और उसमें कुछ-कुछ होने लगा.

फिर भी मैं कुछ नहीं बोला बस चुपचाप उन्हें मूतते हुए देखता रहा.
उस समय मैं चुदाई के बारे में ज्यादा कुछ नहीं जानता था.

तभी चाची ने मुझे देख लिया और वे डरती हुई उठ गईं.
फिर वे मुझे ही डाँटने लगीं- अरे मैं पेशाब कर रही हूँ, तू यहाँ क्यों आया रे?

मैंने कहा- मैं आ गया तो क्या हुआ? लेकिन आप हमारे खेत में क्यों आई हो और फसल को खराब क्यों कर रही हो? मैं अभी अपने पापा को बुलाता हूँ!

वे मेरी धमकी से डर गईं.
फिर मेरे पास आकर बोलीं- देख बेटा, ये बात अपने घर में मत बताना वरना मुझे बहुत बुरा भला सुनना पड़ेगा!

मैं बोला- क्यों नहीं बताऊंगा?
वे बोली- उसके बदले मैं तुझे कुछ भी दे सकती हूँ … चाहे तो तू मुझे चोद ले!

मैंने पूछा- चोद लूँ मतलब? ये क्या होता है?
तब चाची हंसने लगीं.
वे समझ गईं कि आज उनके हाथ कोरा लौंडा लगा है.

अब उन्होंने मुझे चुदाई के बारे में थोड़ा-बहुत बताया और पास आकर मेरे लोवर को खींच कर नीचे कर दिया.

मैंने नीचे अंडरवियर नहीं पहना था तो एकदम से नंगा हो गया और मेरा सात इंच का देहाती मोटा सा लंड चाची के सामने झूलने लगा.
मैं नंगा हुआ तो एकदम से हिचकने लगा कि ये चाची ने क्या कर दिया!

उधर चाची को शायद मेरा लंड जँच गया था और पसंद आ गया था तो मेरे झांटों वाले लौड़े को पकड़ कर सहलाने लगीं.

उनके हाथ लगाने से मुझे अच्छा लगने लगा और मेरा लंड कड़क होने लगा.
चाची को लंड कड़क होता दिखा तो वे कामातुर हो गईं और मेरे गोटे टटोलने लगीं.

मैं चुप था तो वे बोलीं- कैसा लग रहा है?
मैंने कहा- बहुत अच्छा लग रहा है चाची!

यह सुनकर वे बोलीं- अभी और अच्छा लगेगा.
अब वे घुटनों के बल बैठ कर मेरा लंड चूसने लगीं.
मुझे लंड चुसवाने में बहुत मजा आने लगा.

कुछ ही देर में मेरा लंड एकदम से सख्त होकर खड़ा हो गया.

फिर चाची ने मुझे खेत की मेड़ पर ही लिटा दिया और जल्दी से अपनी साड़ी ऊपर करके मेरे लंड के ऊपर बैठने लगीं.
वे मेरे लंड को पकड़ कर अपनी चूत में डालने लगीं.

चाची की चूत बहुत बड़ी थी, सो लौड़े ने मुँह अन्दर मार दिया.
यह बात मुझे उस वक्त तो समझ में नहीं आई कि इतनी जल्दी लंड अन्दर क्यों घुस गया … क्योंकि मैं तो पहली बार चुत चोद रहा था.
बाद में जब कच्ची कलियां तोड़ने का अवसर मिला था तब समझ आया था कि चाची की चुत अनेक लौड़ों से चुदवा कर भोसड़ा बन चुकी थी.

खैर … उन्होंने मेरे मूसल लंड को पकड़ कर अपनी चुत में सैट किया और झटके से बैठती चली गईं.
उनके तेज झटके से लंड एक बार में ही चुत के अन्दर पूरा घुसता चला गया.

चाची की मीठी सी आह निकली और बोलीं- गांव के बड़े लौड़ों में तेरा लंड टॉप में आता है.

उस वक्त मेरी समझ में झांट कुछ नहीं आ रहा था क्योंकि मुझे लौड़े में हल्की जलन जैसा दर्द हुआ था.
शायद मेरे लौड़े का तागा टूट गया था, यह बात मुझे बाद में समझ आई थी.

अब चाची मेरे लौड़े के ऊपर नीचे कूदने लगीं.
कुछ ही देर में मुझे बहुत जोरदार मजा आने लगा था.

वे मेरे दोनों हाथों को अपने मम्मों पर रखवा कर अपने दूध मसलवाने लगीं.

मस्त चुदाई चलने लगी.
थोड़ी देर बाद मैं झड़ गया.

फिर चाची ने मेरे लंड को चूसकर दोबारा खड़ा कर दिया.
इस बार वे किसी चौपाए के जैसे झुक गईं और बोलीं- अब पीछे से अपने लंड को मेरी चुत में डाल दे.

चाची की बड़ी सी नंगी गांड देखकर मैं पागल हो गया.
मैंने पूछा- क्या इस पॉटी वाले छेद में भी लंड डालते हैं?

वे बोलीं- हाँ रे, तुम उधर भी डाल सकते हो!

मैंने चाची की गांड में लंड डालने की कोशिश की, लेकिन नहीं जा रहा था.
मुझे भी दर्द होने लगा.

फिर वे बोलीं- पहले छेद में उंगली से कर!
मैं करने लगा.

वे बोलीं- थूक लगाकर उंगली घुसा!
मैंने वैसा ही किया.

कुछ देर में चाची की गांड का छेद आराम से खुल बंद होने लगा था.

मैंने लौड़े को उनकी गांड में फिट किया और अन्दर पेल दिया.
चाची आह करके मेरे लंड को खा गईं.

अब मेरा लंड आराम से अन्दर आने जाने लगा. मगर मुझे अपने लौड़े पर काफी दबाव सा लग रहा था क्योंकि चाची की चुत तो भोसड़ा थी इसलिए लौड़े को दिक्कत नहीं हुई थी.
मगर गांड बड़ी कसी हुई थी तो लंड छिलने सा लगा था.

तभी मेरे लंड से खून निकलने लगा.
मैं डर गया.

मैंने चाची को बताया.
तो चाची बोलीं- अरे उससे कुछ नहीं होता, वह तो पहली बार में निकलता ही है. तू तो जोर जोर से धक्का लगाना चालू रख … बड़ा मजा आ रहा है.

मैंने बिना सोचे जोर जोर से धक्का लगाना चालू रखा.
मेरा पूरा लंड अन्दर बाहर चलने लगा.
मुझे मजा आ रहा था पर खून देख कर मेरी गांड फट रही थी कि कहीं कोई लफड़ा न हो जाए.

लफड़ा की याद करते ही मैंने अपने लौड़े को तुरंत चाची की गांड से बाहर निकाल लिया.
लौड़े में से खून आ रहा था और बहुत जलन वाला दर्द होने लगा था.

मैंने चाची को बताया.

वे उठी और उन्होंने अपनी साड़ी के आँचल से मेरे लौड़े की साफ सफाई की और उसे मुँह में लेकर चूसने लगीं.

थोड़ी देर में मेरा जलन वाला दर्द कम हो गया.
वे बोलीं- अब फिर से कोशिश कर, बहुत मजा आएगा!

मैं मान गया.
वे फिर से कुतिया बन गईं.

मैंने चाची की साड़ी कमर तक उठाई और नंगी गांड में लंड पेल दिया.
इस बार मुझे बहुत अच्छा लगा.

मैं फुल स्पीड से चाची की गांड मारने लगा. अब बहुत जोरदार मजा आ रहा था.
करीब दस मिनट बाद मेरा रस झड़ गया और चाची ने अपनी साड़ी से ही गांड पौंछ ली.

वे हंस कर बोलीं- सच में तेरा लंड बड़ा कड़क था … चुदाई में मजा आ गया!
मैंने कहा- कल फिर आना!

वे हंस कर बोलीं- हां आऊंगी.

चुदाई के बाद वह अपने घर चली गई.

उस दिन मुझे बहुत मजा आया था. मेरी जिंदगी में पहली बार चुदाई हुई थी.
उसके बाद मैंने चाची को कई मर्तबा चोदा और उनके जरिए मैंने बहुत सारी औरतों को खेतों में नंगी करके चोदा.

सच में गांव की जिंदगी बड़ी मस्त होती है.
चुदाई के लिए खुले मैदान ही हमारे ओयो होटल होते हैं.

मेरी विलेज चूत पोर्न कहानी कैसी लगी?
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