संस्कारी दीदी तो लंड की प्यासी निकली

(Xxx Didi Story)

राही माही 2026-02-05 Comments

Xxx दीदी स्टोरी में मैं अपने मामा के बेटे से चुदती थी. एक बार मैं उनके घर गयी तो मामा की बेटी से खुल कर बात हुई. उसने बताया कि वह भी अपने भाई से चुदती है.

यह कहानी सुनें.

जैसा कि आप सबको मेरी पिछली कहानी
ममेरे भाई से कुंवारी चुत की सीलतोड़ चुदाई
से पता चल ही गया है कि मैं अपने मामा के लड़के आशीष से अपनी पहली चुदाई करवा चुकी थी.

इसके बाद अब जब भी मौका मिलता, आशीष मुझे दबोचकर चोद लेता था.

ऐसे करते-करते हमें पता ही नहीं चला कि कब तीन साल निकल गए.
अभी तक मैं सिर्फ आशीष के लंड से ही चुदी थी.

आपको इस Xxx दीदी स्टोरी में थोड़ा धैर्य दिखाना होगा, तब आपको पता चलेगा कि हमारी रिश्तेदारी में ऐसा क्या चल रहा था.
आज की इस सेक्स कहानी में जिसकी अब बात करने वाली हूँ, वे मेरे बड़े मामा की लड़की अंकिता दीदी हैं.

जैसा कि पहले की कहानी में बताया था कि मेरे दो मामा हैं.
बड़े मामा के दो बच्चे हैं … एक अंकिता दीदी, जो मुझसे तीन साल बड़ी हैं और एक शिवम भैया, जो मुझसे सात साल बड़े हैं.

दूसरे छोटे वाले मामा का सिर्फ एक लड़का है और उसका नाम आशीष है, वह मेरी ही उम्र का है.

ये Xxx दीदी स्टोरी उस समय की है जब हम सब लोग दूर के एक रिश्तेदार की शादी में नोएडा गए थे.
वहां मामा के घर में हमारे सभी रिश्तेदार भी शादी में आए थे.

अंकिता दीदी और आशीष भी शादी में मिल गए.
शिवम भैया अपनी नौकरी की वजह से नहीं आ सके थे.

मैं, पापा, मेरा भाई सचिन और मम्मी भी शादी में गए थे.
हम शाम को पहुंचे थे.

सचिन और अंकिता दीदी पहले ही पहुंच चुके थे.
मैंने उधर जाकर सबको प्रणाम किया और फिर सारे यंग बैठकर पार्टी की बातें करने लगे.

कुछ ही देर में रात हो चुकी थी.
हम सबने डिनर किया.

फिर मुझे अपनी फैमिली के साथ यानि पापा, मैं और सचिन को एक कमरे में रहने को दिया गया.

मेरी मम्मी और पापा की आपस में नहीं बनती तो मम्मी अंकिता दीदी की फैमिली के साथ रुक गईं.

फिर मुझे भी मन हुआ कि मम्मी बहुत दिनों बाद मिली हैं, तो क्यों न मम्मी के साथ ही रुक लिया जाए.
मैं अपना सामान लेकर मम्मी के पास आ गई.
हम दोनों के बीच बहुत सारी बातें हुईं और हम सब रात को करीब 12 बजे सो गए.

सुबह मम्मी-मामी तैयार होकर बाहर जाकर गार्डन में शादी की तैयारी करवाने लगीं.
उस वक्त कमरे में सिर्फ मैं, मामा और अंकिता दीदी थे.

वैसे मैं अंकिता दीदी से ज्यादा बात नहीं करती थी क्योंकि अंकिता हमेशा बहुत घमंड में रहती थी … रहती भी क्यों ना? क्योंकि वह सब रिश्तेदारों के युवाओं में सबसे होशियार थी.
सब लोग उसकी बहुत तारीफ करते थे.
और अब तो 25 की उम्र में उसकी सरकारी नौकरी भी लग गई थी.

लेकिन आज अंकिता दीदी मुझसे कुछ ज्यादा ही हंसी-मजाक कर रही थी.
फिर थोड़ी देर में मामा भी तैयार होकर बाहर निकल गए.

कमरे में सिर्फ हम दोनों थे.
तो मैं दीदी से बोली- दीदी, मैं नहाने जाती हूँ!

मैंने वॉशरूम में अभी अपनी लोअर और टी-शर्ट ही उतारी थी कि दीदी आवाज देकर बोली- यार, जल्दी दरवाजा खोल मुझे टॉयलेट आई है!
तो मैंने दरवाजा खोल दिया.

उस समय मैं सिर्फ ब्रा-पैंटी में खड़ी थी.
अब दीदी के सामने क्या शर्माना!

मैं बोली- दीदी, मैं बाहर खड़ी हूँ आप कर लो!

दीदी पेशाब करके बाहर निकल आई.
मैं वॉशरूम में अन्दर जाने लगी तो दीदी बोली- यार जान्हवी, तेरे तो बूब्स 22 की उम्र में ही इतने बड़े हो गए!

मैं शर्माती हुई बोली- हां दीदी … इन्हें बढ़ने से रोकने के लिए मेरे पास कोई ऑप्शन ही नहीं था.

दीदी हंस दीं और बोलीं- चल यार, हम लेट हो रहे हैं तो एक साथ में ही नहा लेते हैं. तुझे कोई दिक्कत तो नहीं?
मैं बोली- नहीं दीदी, नहा लो साथ में!

दीदी ने अन्दर से वॉशरूम का दरवाजा बंद कर लिया … फिर बोलीं- बता यार जान्हवी, ये तेरे बूब्स कौन बड़े कर रहा है?
मैं बोली- दीदी, कोई नहीं ये तो नेचुरली बढ़ रहे हैं!

तो वह बोली- अबे साली मुझसे क्या छुपाना? बता ना सच!
मैं बोली- दीदी, पक्का कोई नहीं है और बॉयफ्रेंड तो है ही नहीं!

फिर दीदी ने खड़े-खड़े मेरी पैंटी के ऊपर से सीधा मेरी चूत पर हाथ रख दिया और बोली- तेरी ये बता रही है कि कई दफा लंड खा चुकी है!
मैं बोली- दीदी, ये कैसी बातें कर रही हो आप?

तो वह बोली- ओहो अब तू मुझे चूतिया बना रही है क्या?
मैं बोली- सच्ची दीदी!

अब वह बोली- अच्छा फिर आशीष किसको चोद रहा है?
उसकी यह बात सुनकर मैं एकदम से डर गई.

दीदी बोली- डर मत, मुझे सब पता है. बस तुम्हारे मुँह से सुनना चाहती हूँ … बोलो!
अब मैं बोली- हां दीदी … आशीष और मैं तीन साल से सेक्स कर रहे हैं. सॉरी दीदी, अब नहीं करूँगी. गलती हो गई … प्लीज आप किसी को मत बताना!

मैं उस समय बहुत डर गई थी.

दीदी बोली- पागल, मैं क्यों किसी को बताऊंगी? और अब आशीष के साथ सेक्स क्यों बंद करेगी तू? इसमें कोई गलत थोड़ी है!
ये सुनकर मेरे दोनों हाथ-पैर कांप रहे थे.

दीदी बोली- रिलैक्स कर यार … मैं भी तो चुदती हूँ आशीष से. इसमें क्या गलत है?

ये सुनकर तो मैं सन्न रह गई कि संस्कारी और सुशील दिखने वाली दीदी अपने से तीन साल छोटे चचेरे भाई से चुदती होगी!

मैं बोली- दीदी, सच में?
दीदी बोली- हां यार … क्यों, मैं नहीं चुद सकती क्या?
मैं बोली- नहीं दीदी, ऐसी बात नहीं है!
तो वह बोली- मुझे ही आशीष ने बताया कि वह तुझे तीन साल से पेल रहा है.

मैं बोली- दीदी, पर उसने कभी नहीं बताया आपके बारे में!
दीदी बोली- क्यों, आशीष तेरे भाई सचिन की तरह चुगलखोर थोड़ी है कि मुझे बता दे कि वह मेरे साथ भी चुदाई करता है!

वैसे मेरे सगे भाई सचिन को सब चुगलखोर बोलते हैं क्योंकि उसके पेट में कोई बात नहीं रुकती.

मैं बोली- आशीष आपके साथ कब से सेक्स कर रहा है?
दीदी बोली- पहले तो तू हिंदी वाले शब्द बोला कर … अच्छा लगता है. आशीष मुझे दो साल से चोद रहा है.

मैं बोली- सच्ची दीदी?
दीदी बोली- हां यार!

मैं बोली- आपको शर्म नहीं लगती अपने से छोटे भाई के साथ?
दीदी बोली- पागल यही शर्म में तो मजा आता है … जब अपने से छोटे से चुदूँ, उस पर तुम लाइन मारो, लेकिन उसकी हिम्मत न हो … और वह डरते-डरते तुम्हारे साथ चुदाई करे!

मैं उसकी तरफ हैरानी से देखती हुई सुन रही थी.
दीदी आगे बोली- फिर वही छोटा बाद में तुमको बेशर्मों की तरह ‘रंडी … कुतिया …’ जैसी गाली देते हुए बेदर्दी से चोदे … उसका मजा ही अलग है!

मैं बोली- सही है दीदी … फुल मजा ले रही हो आप .. पूरी सेक्स कहानी सुनाओ न उसके साथ की!

दीदी बोली- अब क्या करती यार, चलो पहले तुम बाहर जाओ और मेरे बैग में से वीट क्रीम ले आओ, मुझे झांटें साफ करनी है. फिर बताती हूँ पूरी कहानी.

मैं दीदी की वीट क्रीम ले आई.
मैं अन्दर आई तो देखा कि दीदी बेशर्मों की तरह पूरी नंगी खड़ी थी.

उसे नंगी देख कर मुझे काफी शर्म आने लगी.

दीदी अपनी चुत रगड़ती हुई बोली- अब तुझसे क्या शर्माना, तू तो अब मेरी सहेली हो गई है यार … आखिर हम दोनों एक ही लंड से चुदती हैं न!

इधर मैं आप सबको दीदी के बारे में बता दूँ.
दीदी मस्त गदराई हुई माल हैं. वह साढ़े पांच फुट हाइट वाली मस्त लौंडिया हैं.
उनकी 34 इंच की नंगी चूचियां एकदम तनी हुई हैं और 30 इंच की कमर के नीचे 36 की मदमस्त गांड गजब थिरक रही थी.
दीदी का शरीर एकदम दूध सा साफ.

आप समझ ही सकते हैं कि वह कितनी कड़क माल थी.

मैं दीदी के पास आई तो वह बोली- मेरी चूत के बाल साफ कर दे यार!
मैं बोली- ठीक है दीदी.

अब दीदी ने एक पैर वेस्टर्न टॉयलेट सीट पर रख दिया और बोली- ले क्रीम लगा कर झांटें साफ कर दे यार!

मैं दीदी की चूत के बाल साफ करने लगी.
दीदी की चूत पर घना जंगल उग आया था.

मैं बोली- दीदी, ये जंगल कब से साफ नहीं किया?
दीदी बोली- यार, मुझे खुद साफ करना अच्छा नहीं लगता … और ब्यूटी पार्लर वाली भाभी बहुत गंदे तरीके से बाल साफ करती हैं. लास्ट बार शिवम भैया ने तीन महीने पहले किए थे!

मैं बोली- तो मतलब आप अपने सगे भाई से भी चुदी हो?

दीदी बोली- हां यार अब क्या बताऊं … पहली बार स्कूल के लड़के से बात की थी, तब मम्मी को पता चल गया तो मम्मी ने बहुत मारा था. तब से मैंने सोच लिया था कि जब घर में बड़ा भाई है तो बाहर क्यों जाना!
मैं समझ गई कि यह दीदी जरूर है लेकिन बड़ी वाली रांड है.

दीदी बोली- यार, मेरी चूत बहुत मचलती है … साली कम उम्र से ही लंड लेने को तड़फने लगी थी.
मैं बोली- हां दीदी, बात तो सही है … जब भी कोई कड़ियल मर्द जैसा लड़का दिखता है न … तो मेरी चुत भी फड़क उठती है.

दीदी बोली- हां यार … तभी तो मैं शिवम भैया को पटाने लगी … और शिवम भैया भी जल्दी ही तैयार हो गए!

मैं बोली- शुरू से बताओ ना!
दीदी बोली- वह फिर कभी सुनाऊंगी यार!

मैं बोली- तो फिर आपने आशीष को कैसे पटाया?
दीदी बोली- यार, तीन साल पहले शिवम भैया की नौकरी लग गई तो मैं घर पर अकेली रहने लगी. मेरी चूत मचलने लगी तो आशीष को पटाना पड़ा यार!

मैं बोली- सही है दीदी आपकी चुत को भी नया लंड मिल गया.
दीदी बोली- हां यार घर में चुदवाने में कितना फायदा है यह तो तुझे पता ही है!

मैं बोली- हां दीदी … परंतु आशीष भी बहुत दूर रहता है. अभी तक तीन साल में भी वैसे 20-25 बार ही चुदी हूँ.

दीदी बोली- तो तू भी सचिन को पटा ले ना!

अब तक मैं दीदी की चूत बिल्कुल चिकनी कर चुकी थी.

दीदी पानी से चुत धोती हुई बोली- बता, मैं तेरी चिकनी कर दूँ?
मैं बोली- दीदी, मैं तो घर से ही चिकनी करके आई थी.

दीदी बोलीं- अच्छा आशीष के लिए?
मैं बोली- हां दीदी, सोचा मौका मिल गया तो ठीक रहेगा … दीदी, वैसे भी सचिन तो चुगलखोर है. उसके साथ सेक्स करने में डर लगता है!

दीदी बोली- बात तो सही है यार. आशीष के बिना मैं समझ सकती हूँ कि तू अपनी चूत को बहुत मुश्किल से शांत कर पाती होगी!

मैं बोली- हां दीदी. कभी टूथ पेस्ट वाले ब्रश से तो कभी गाजर मूली से चुत को ठंडी करना पड़ता है!

दीदी ने मुझे खड़ी किया और खुद मेरे आगे बैठ गई.
वह मेरी पैंटी उतारने लगी, तो मैं बोली- नहीं दीदी, मेरे बाल सच में नहीं हैं!

दीदी बोली- पागल, चिकनी है तो देखने तो दे!

अब दीदी ने मेरी टांगें फैला दीं और चूत को हाथ से सहलाने लगी.

वह बोली- तेरी सच में टाइट है यार लग ही नहीं रहा कि ये चुदी भी होगी!
मैं बोली- हां दीदी.

फिर मैं और दीदी साथ में नहाने लगीं.

दीदी बोली- एक बात ध्यान रखना … कभी घर के बाहर वाले मत चुदवाना, क्योंकि बाहरी लड़के फिर बाद में ब्लैकमेल करते हैं!
मैं बोली- जी दीदी!

दीदी बोली- एक काम और करेगी मेरा?
मैं बोली- हां दीदी बोलो न!

दीदी बोली- शिवम को जब से पता चला है कि तू आशीष से चुद रही है, तब से पागल है तेरे लिए!
मैं बोली- दीदी, आप तो मुझसे ज्यादा मस्त हो तो शिवम भैया मुझे क्यों चोदेंगे?

दीदी बोली- इन लड़कों को जितनी चूत मिले उतनी कम है!
मैं बोली- हां दीदी, ये तो है!

दीदी बोली- तो बोल, शिवम को हां कर दूँ मैं?
मैं बोली- नहीं दीदी, मुझे डर लग रहा है. वे मुझसे कितने बड़े हैं!

दीदी बोली- कुछ नहीं होगा पागल, मैं रहूँगी तेरे साथ. बस वह तुझे नंगी देखना चाहता है. फिर तेरी मर्जी न हो तो मत करना!
मैं बोली-आप साथ रहोगी तो ठीक है दीदी!

फिर दीदी ने बहुत देर तक मेरी चूत चाटी और साथ में चूत में उंगली भी की, जिससे मैं एक बार पानी छोड़ चुकी थी.

दीदी बोली- यार, तू भी घर के आसपास के किसी लौंडे को या सचिन को ही पटा ले यार … वह नहीं चुगलेगा!
मैं बोली- ठीक है दीदी, देखती हूँ!

उस दिन के बाद से तो मेरी चुदने की इच्छा और भड़क गई कि जब इतनी संस्कारी दीदी अपने सगे भाई और चचेरे भाई से चुद रही है, तो मैं कौन-सा गलत कर रही हूँ. मेरी चूत पानी छोड़ रही थी.

दीदी बोली- बोल, शिवम को बुला दूँ?
मैं बोली- हां दीदी बुला लो!

दीदी बोली- ये चूत मिली है तो इसकी खुजली मिटा लिया कर किसी लंड से … ये मत देख कि वह लंड किसका है. चाहे तेरे सगे भाई का ही क्यों न हो.
मैं बोली- ठीक है दीदी!

मैं समझ गई थी कि मेरी संस्कारी दीदी मुझे रंडी बनाने का ज्ञान दे रही है.

अब अगली सेक्स कहानी में बताऊंगी कि कैसे शिवम ने मेरी चुदाई की.

Xxx दीदी स्टोरी आपको कैसी लगी?
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