हॉट बहन के सामने भाई की गांड चुदाई

(Hot Gand X Kahani)

हॉट गांड X कहानी में एक लड़के से दोस्ती हुई और हम दोनों साथ खाने पीने लगे. एक दिन उसने जन्मदिन की पार्टी दी. उस दिन मुझे पता चला कि वह गांडू है और उसकी एक सेक्सी बहन भी है.

हाय दोस्तो, मेरा नाम राहुल राज है, मैं ग्रेटर नोएडा (यूपी) का रहने वाला हूँ.
मेरी उम्र 26 साल है और मेरा लंड पूरा 7 इंच का है जो किसी भी औरत को चोद कर लौड़े का दीवाना बना सकता है.

ये सेक्स X कहानी एक ऐसे भाई-बहन की है जो दोनों ही लंड के प्यासे थे.

पहले भाई ने मेरे लौड़े से अपनी टाइट गांड मरवाई, फिर अपनी चुदक्कड़ बहन को लंड से अपनी गांड चुदवाते हुए दिखा दिया.

उसके बाद हम तीनों ने एक साथ एक ही बिस्तर पर लेट कर सेक्स का खूब मज़ा लूटा … वह घटना भी आपको आगे पढ़ने मिलेगी.

यह हॉट गांड X कहानी दिसंबर महीने की है.
मैं अपनी जॉब से वापस आ रहा था तो ठंड बहुत ज़्यादा थी.

रास्ते में एक ठेके पर रुक गया और एक हाफ ले लिया … सोचा पीकर थोड़ी गर्मी आ जाएगी.
हाफ लेकर मैं कैंटीन में बैठकर पीने लगा.

थोड़ी देर बाद वहां एक लड़का आया … उसकी उम्र 21-22 साल की होगी.
वह देखने में स्मार्ट, गोरा-चिट्टा था.

वह भी मेरे पास बैठकर पीने लगा.

फिर हम दोनों बातें करने लगे.
उसने अपना नाम अंशुल बताया.

उसने मुझसे पूछा- भाई आप कहां से हो?
मैंने कहा- नोएडा से हूँ, यहां अलीगढ़ में जॉब करता हूँ. तुम भी अपने में कुछ बताओ!

अंशुल बोला कि घर में मम्मी-पापा और एक बड़ी बहन है.

बस ऐसे ही हम दोनों में नॉर्मल बातें होती रहीं.

मैंने अपना पीने का काम खत्म किया और बची हुई बोतल उठा कर अपने रूम पर आ गया.

उसके बाद जब भी ठेके पर जाता, वह मिल ही जाता.
हम दोनों साथ बैठकर पीते … कभी वह पिलाता, कभी मैं.

हम दोनों में बहुत अच्छी दोस्ती हो गई थी लेकिन मुझे ज़रा सा भी शक नहीं था कि ये गांडू निकलेगा.

खैर … हम मिलते-खाते-पीते और मज़े करते रहे.

दिसंबर माह में शनिवार की एक शाम को उसका फोन आया.

वह बोला- भाई आ जाओ … पार्टी करते हैं!
मैंने कहा- भाई आज पैसे नहीं हैं, कल कर लेते हैं.

वह बोला- पैसे की ज़रूरत नहीं … आज मेरा बर्थडे है, मैं ही खर्च करूँगा!
मैंने बर्थडे विश किया और पूछा- पार्टी कहां है?

वह बोला- तुम्हारे रूम पर ही आ जाता हूँ. मैं घर पर केक काटकर बोल दूँगा कि आज राहुल भाई के साथ रूम पर रुकूँगा … और हम दोनों पूरी रात पियेंगे!
मैंने तुरंत ओके बोल दिया.

शाम 6 बजे मैं रूम पर आ गया.
मैंने उसको फोन किया तो वह बोला- बस सामान ले रहा हूँ, अभी आता हूँ … तुम फ्रेश हो जाओ!

मैं फ्रेश होने चला गया.
जब बाहर आया तो उसने गेट बजाया.

मैंने दरवाज़ा खोला और उसे गले लगाकर एक बार फिर से बर्थडे विश किया.
फिर हम दोनों अन्दर आ गए … और पार्टी का असली प्रोग्राम शुरू हो गया.

दो-दो पैग जाने के बाद हम खुलकर बातें करने लगे.

मैंने पूछा- बता भाई, बर्थडे पर क्या गिफ्ट चाहिए?
वह बोला- बाद में बताऊंगा … अभी तो तुम एंजॉय करो!

फिर उसने एक और पैग बनाया और सेक्सी बातें शुरू कर दीं- भाई कोई गर्लफ्रेंड है?
मैंने कहा- यार है तो सही, पर दूर है … यहां तो किसी की चूत मारने का भी टाइम नहीं मिलता. बहुत दिन हो गए यार … कोई छेद ही नहीं मिला.

वह बोला- छेदों की क्या कमी है भाई!
मैंने मज़ाक में कहा- तू ही दिला दे किसी की चूत का छेद!
वह बोला- भाई चूत तो मैं ज़रूर दिलवाऊंगा … पर क्या पहले तुम मेरे लिए एक काम करोगे?

मैंने कहा- बता ना यार, तेरे लिए तो जान भी दे दूँगा … अपना भाई है तू!

वह कुछ नहीं बोला.
बस हम दोनों पीते रहे.

मैंने पूछा- सिगरेट नहीं लाया?
वह बोला- बैग में है, निकाल लो.

मैंने बैग में हाथ डाला तो मेरे हाथ में प्लास्टिक का मोटा सा लंड लग गया.
उसे देखते ही मेरा मूड हिल गया.

मैंने चौंक कर पूछा- ये क्या है बे?
वह घबरा गया, उसने जल्दी से मेरे हाथ से नकली लंड छीन लिया और बैग में डाल दिया.
फिर सिगरेट निकाल कर मुझे दी और सॉरी बोलने लगा.

मैंने सिगरेट जलाई और पूछा- बता, ये किसके लिए है?
वह बोला- अबे यार, यह दीदी का बैग उठा लाया हूँ … शायद दीदी ही इसे यूज़ करती होंगी!
मैंने हैरानी से पूछा- कैसे?

वह पहले तो चुप रहा, फिर बोला- भाई मैं सब कुछ बताऊंगा, पर किसी को मत बताना!
मैंने कहा- ठीक है यार, नहीं बताऊंगा … तू बिंदास बता ना!

वह शर्मा कर बोला- दीदी इसको अपनी चूत में डाल लेती हैं … पोर्न देखते हुए आगे-पीछे करती रहती हैं. मैं और दीदी एक ही कमरे में सोते हैं, इसलिए मैंने बहुत बार देखा है … दीदी को चूत में डालते हुए!

मैंने मज़ाक में पूछा- तेरे को कुछ नहीं होता जब देखता है?
वह बोला- होता है न यार!

मैंने पूछा- क्या होता है?
वह सर झुकाकर धीरे से बोला- मेरा भी मन करता है … मैं भी इसको अपनी गांड में डालकर मज़े लूँ … मुझे गांड मरवाना बहुत अच्छा लगता है!

बस तभी मेरी समझ में आ गया … साला ये तो पूरा का पूरा गांडू है!

मैंने उससे पूछा- कभी किसी से गांड मरवाई है क्या?
वह बोला- हां … मरवाई है!
फिर वह चुप हो गया.

मैंने कहा- क्या हुआ? बोल ना किससे मरवाता है?
वह शर्मा गया और बोला- किसी को बताना मत!

मैंने कहा- अरे बता ना यार, नहीं बताऊंगा.

एक पैग बनाकर पीने के बाद उसने राज खोला- गांड तो मरवाई है … पर अभी तक असली लंड नहीं मिला. मेरी दीदी इसी प्लास्टिक वाले लंड से मेरी गांड मारती है … और मैं भी दीदी की चूत इसी से चोदता हूँ. पर हम दोनों ने कभी असली लंड का मज़ा नहीं लिया!

मैंने मुस्कुरा कर कहा- टेंशन मत ले यार … मैं हूँ ना. मैं तुझे असली लंड के मज़े दूँगा!
वह खुशी से उछल पड़ा- सच में यार?
मैंने हां में सिर हिलाया.

उसने तुरंत मेरे लंड पर हाथ फेरना शुरू कर दिया.
मेरी बातों से ही मेरा लंड पत्थर जैसा खड़ा हो चुका था.

जैसे ही उसने पकड़ा, बोला- वाह भाई … कितना गर्म है तेरा लंड!
मैंने कहा- तेरी बातों से गर्म हो गया!

वह बोला- कोई बात नहीं … मैं अभी ठंडा कर दूँगा.

फिर उसने जेब से एक छोटी डेयरी मिल्क चॉकलेट निकाली और हीटर पर गर्म करने लगा.

मैंने पूछा- ये क्या कर रहा है बे?
वह बोला- पिघला रहा हूँ … कड़क है, टूट जाएगी!

मैंने कहा- तो गर्म क्यों कर रहा है?
वह शरारत से हंसा- रुको यार … अभी पता चल जाएगा … और मज़ा भी बहुत आएगा.

मैं अपना पैग बना रहा था, इतने में चॉकलेट अच्छे से पिघल गई. उसने मेरा अंडरवियर उतारा और जैसे ही मेरा 7 इंच का मोटा लंड देखा, उसकी आंखें चमक उठीं.

‘वाह भाई … कितना बड़ा और मोटा है .. आज पहली बार इतना मस्त असली लंड मिला है … आज तो मेरी गांड फट जाएगी … मज़ा ही मज़ा आएगा!’

उसने मेरा लंड पकड़ा, हिलाने लगा, फिर चॉकलेट फाड़ी और पूरी पिघली हुई चॉकलेट मेरे लंड पर लपेट दी.

मैंने चौंक कर पूछा- ये क्या कर रहा है?
अंशुल बोला- भाई कुछ करने से पहले कुछ मीठा हो जाए!

इतना कहते ही उसने मेरा चॉकलेट लगा लंड एकदम से अपने मुँह में भर लिया.

उफ्फ़ … मेरी तो जान ही निकल गई.
मैं बस दाँत भींचे ‘आआ आह्ह्ह … ’ कर रहा था.

वह ज़ोर-ज़ोर से चूस रहा था … और बहुत मस्त तरीके से लंड चूस रहा था.
मैं एक हाथ से पैग पी रहा था, दूसरे से उसका सिर अपने लंड पर दबा रहा था.

मैंने पूछा- ये आइडिया दिमाग में कहां से आया बे?
वह लंड मुँह में लिए ही बोला- भाई … मेरी दीदी भी मुझे ऐसे ही चटवाती है … कभी चॉकलेट लगाकर, कभी शहद लगाकर … उसको बहुत मज़ा आता है. सोचा आज तुमको भी ऐसा ही मज़ा दे दूँ!

उसने सारी चॉकलेट चाटकर खा ली, फिर जीभ से लंड को चमकाने लगा.
फिर तड़पते हुए बोला- भाई … अब इसको मेरी गांड में डाल दो ना … पर आराम-आराम से … तुम्हारा बहुत बड़ा है और मैंने अभी तक असली लंड लिया ही नहीं है.

मैंने उससे कहा- तू खुद ही डाल ले अपनी गांड में … जैसे तुझे अच्छा लगे!
मैं सीधा लेट गया.

उसने मेरे लंड पर थूक लगाकर अच्छे से गीला किया, फिर मेरे ऊपर चढ़कर मेरे लंड पर बैठ गया.

जैसे ही मेरा टोपा उसकी टाइट गांड में घुसा, उसके मुँह से चीख निकली- ओह्ह्ह भाई … आह्ह्ह!
वह रुक गया और बोला- भाई … बहुत मोटा लंड है तेरा … दर्द हो रहा है!

धीरे-धीरे वह अपनी गांड दबाने लगा.
जैसे ही लंड और अन्दर गया, वह एकदम से उछल कर खड़ा हो गया.

मैंने पूछा- क्या हुआ?
वह बोला- भाई … बहुत मोटा है … मेरी गांड में नहीं जा रहा … बहुत दर्द हो रहा है. तुम ही आराम से डालो ना मेरी गांड में!

मैंने उसे घोड़ी बना दिया, अपने लंड पर तेल लगाया और उसकी गांड पर भी खूब मला.
धीरे से टोपा सैट किया … और जैसे ही दबाया, वह आगे को भागने लगा.

मैंने उसकी कमर मज़बूती से पकड़ ली और धीरे-धीरे लंड पेल दिया.

मैंने अब कमर को हिलाना शुरू किया. उसके मुँह से सिसकारियां निकलने लगीं- आह भाई … बहुत मज़ा आ रहा है ऐसे ही मारो मेरी गांड … मेरी दीदी भी प्लास्टिक वाले से ऐसे ही मारती है … लेकिन आज पहली बार असली लंड घुसा है मेरी गांड में … आह्ह … भाई … थोड़ा और अन्दर डालो!

मैंने और दबाव डाला.
अब उसकी आवाज़ें तेज़ हो गईं- आह्ह … आह्ह … भाई आराम से … आह!

फिर मैंने एक ज़ोरदार झटका मारा … और अपना पूरा 7 इंच का लंड एकदम उसकी गांड में उतार दिया.

अचानक हमले से उसकी ज़ोर की चीख निकली- आह … भाई फट गई मेरी गांड बाहर निकालो … बाहर निकालो लंड निकालो ना भाई!

वह दूर होने की कोशिश करने लगा, पर मैंने उसे कसके पकड़ लिया और कुछ देर रुका रहा.
उसके मुँह से लगातार सिसकारियां और दर्द भरी आवाज़ें आ रही थीं- आह्ह … भाई बहुत दर्द हो रहा है … निकाल लो … आह्ह्ह … बहुत मोटा लंड है तेरा … आह्!

थोड़ी देर बाद वह नॉर्मल हुआ और खुद ही गांड हिलाने लगा- ओह्ह भाई … अब मज़ा आ रहा है … आह्ह्ह … ऐसा मज़ा कभी नहीं आया … दीदी भी मुझे इतना मज़ा नहीं देती है, जितना तेरे असली वाले लंड से आ रहा है … आह्ह्ह भाई … मारो … ज़ोर से मारो मेरी गांड!

मैंने स्पीड बढ़ा दी और उसकी गांड फाड़ने लगा.
वह भी पूरा साथ दे रहा था- आह्ह … उह्ह्ह … मारो भाई … मेरी गांड मारो … आह्ह … जोर से … बहुत मस्त लंड है तेरा … मेरी गांड में जा रहा है तो मज़ा ही मज़ा आ रहा है!

मैं उसकी गांड मारने में मस्त था … तभी उसकी दीदी का फोन आ गया.
उसने फोन उठाया तो मैं रुक गया.
उसने स्पीकर ऑन कर दिया और खुद ही मेरे लंड पर आगे-पीछे होने लगा.

दीदी ने पूछा- कब तक आओगे?
अंशुल ने अपनी दीदी से कहा- आज नहीं आऊंगा दीदी … अपने दोस्त के रूम पर ही रुकूँगा, सुबह आ जाऊंगा.

तभी दीदी ने पूछा- अरे वह लंड कहां है? तू ले गया क्या?
वह बोला- गलती से बैग में आ गया दीदी … मैं ले आया भूल से!
दीदी गुस्से में चिल्लाई- अब मैं क्या करूँगी अकेली? मेरी चूत में अब क्या डालूँगी … तू अपने दोस्त के यहां उस प्लास्टिक के लौड़े का क्या करेगा?

‘चूत’ शब्द सुनते ही मेरे लंड में 440 वोल्ट का करंट दौड़ गया.
मैंने ज़ोर का एक धक्का मारा … ‘धप्प्प’
उसके मुँह से चीख निकली- आआह भाई … आराम से … बहुत मोटा है तेरा!

दीदी ने फोन पर सुना तो वह चौंकी- तुम वहां क्या कर रहे हो अंशुल? सच सच बताओ!
वह हांफते हुए बोला- दीदी … मैं अपने दोस्त से गांड मरवा रहा हूँ … इसका लंड बहुत मोटा और लंबा है … जब ज़ोर से डालता है तो चीख निकल जाती है!

दीदी ने हैरानी से कहा- मुझे दिखाओ वीडियो कॉल करके!
उसने तुरंत वीडियो कॉल की.

जैसे ही उसकी दीदी का चेहरा स्क्रीन पर आया, मेरा दिमाग हिल गया.
क्या माल थी यार … गोरी, भारी-भारी बूब्स, मोटी-मोटी जांघें … मन किया फोन में घुसकर अभी चोद डालूँ!

दीदी बोली- मुझे लंड दिखाओ … कैसा लंड है … जिससे तू गांड मरवा रहा है?
अंशुल ने अपनी गांड से मेरा तना-तना लंड निकाला और कैमरे पर दिखाया.

दीदी की आंखें फटी की फटी रह गईं- ओह्ह्ह भाई … तू ये लंड अपनी गांड में ले रहा है? कितना बड़ा और मोटा है रे!
वह बोला- हां दीदी … और मज़ा भी खूब दे रहा है!

उसकी दीदी तड़पती हुई बोली- तू वहां असली लंड के मज़े ले रहा है … और मैं यहां तड़प रही हूँ … साले तू मेरा प्लास्टिक का लंड भी ले गया … जिससे मैं अपनी चूत में डालकर पानी निकाल लेती!

यही सब कहती हुई उसकी दीदी अपने बूब्स दबाने लगी और मेरे कड़क लंड को देखकर सिसकारियां लेने लगी.

फिर वह बोली- भाई … मेरे सामने ही इसे गांड मरवा ना … मैं भी तुझे देखकर अपना पानी निकाल लूँ!
वह बोला- ठीक है दीदी!

दीदी ने हुक्म दिया- अब इसके लंड को चूस!
अंशुल तुरंत मेरे लंड को मुँह में लेकर चूसने लगा. उधर उसकी दीदी भी होंठों पर जीभ फेरती हुई अपने बूब्स मसलने लगी.

‘उह्ह्ह … भाई चूस … आआ आह्ह … चूस लौड़ा!’

दोनों भाई-बहन आपस में बातें करने लगे और मैं बस मज़े लेता रहा.

काफी देर तक लंड चूसना देखने के बाद दीदी बोली- अब अपनी गांड में डलवा ले इस लंड को!

दीदी ने अपने फोन का कैमरा पीछे किया और अपनी गुलाबी, फूली हुई चिकनी चूत पर सैट कर दिया.

उसकी कचौड़ी सी फूली हुई चूत देखते ही मेरे लंड में आग लग गई.
मैंने दीदी को ही सामने समझ कर उसके भाई की गांड फाड़नी शुरू कर दी.

मेरे दिमाग में बस एक ही ख्याल चल रहा था कि अभी इसकी बहन की चूत ही चोद रहा हूँ … गांड नहीं मार रहा हूँ.
मैं अपनी वासना में लिप्त होकर आंख बंद करके उसके भाई की गांड मारने लगा.

उसकी शुरुआती चीखें जल्द ही कामुक सिसकारियों में बदल गईं.
उधर अंशुल की दीदी ने अपनी चूत में उंगली डालकर ज़ोर-ज़ोर से आगे-पीछे करना शुरू कर दिया ‘आह्ह … मारो मेरे भाई की … मरवा ले मेरे भाई अपनी गांड … आह्ह्!’

उसका भाई भी पूरा मज़े में था- आह् दीदी … आआ आह्ह … मारो मेरे दोस्त … आह मेरी गांड मारो … आह!’
दीदी की भी सिसकारियां तेज़ हो गईं.

‘आह्ह् … आह्ह्ह् … भाई … आह्ह्ह् … चुदवा ले … और जोर से फड़वा ले … मेरी चूत भी फाड़ डालो मेरे भाई … आह्ह.’
कमरे में सिर्फ़ भाई-बहन की ही आवाज़ें गूंज रही थीं.

दीदी अब अपने भाई की जगह खुद को ही समझ रही थी और उसकी आवाजें भी उसी तरह की निकल रही थीं ‘उह्ह्ह … फाड़ … आह्ह्ह … उउच्च … आह्ह्ह … फाड़ डालो मेरी चूत को … आह्ह.’

कुछ देर बाद दीदी चरम पर पहुंच कर ‘ओह्ह्ह भाई … ओह्ह्ह … मैं झड़ गई आह.’ कहती हुई शांत हो गई.
वह झड़ कर अपनी चूत सहलाने लगी और भाई को गांड मरवाते हुए देखने लगी.

मैं उसके भाई को चोदे जा रहा था.
उसका भाई भी अब पूरी तरह मज़े में था.
‘आह्ह् … मारो … आह्ह्.’

दीदी उधर से चिल्लाई- मारो मेरे भाई की X गांड … उह्ह् … जोर से मारो … फाड़ दो मेरे भाई की गांड!

बस कुछ देर और ज़ोर-ज़ोर के झटके देने के बाद मैंने कहा- पानी निकलने वाला है!
वह बोला- लौड़े को बाहर निकाल लो!
पर दीदी चिल्लाई- नहीं, मेरे भाई की गांड में ही अपना रस निकालो … मुझे तुम्हारा लंड और पानी भाई की गांड से निकलता हुआ देखना है!

मैंने 15-20 और ज़ोरदार झटके मारे और उसकी हॉट गांड में ही पूरा माल उड़ेल दिया.
मैं झड़ कर रुक गया.

उस लड़के ने फोन का कैमरा पीछे करके गांड पर फोकस किया, जिसमें मेरा लंड अभी भी घुसा हुआ था.

दीदी बोली- धीरे से लंड बाहर निकालो!
मैंने धीरे-धीरे अपना माल से भरा लंड बाहर निकाला.
दीदी फोन पर ही उसे चूसने-चाटने की एक्टिंग करने लगी.

एक मिनट बाद उसने अपना चेहरा दिखाया और बोली- वाह … बहुत मस्त लंड है तुम्हारा … और तुम भी बहुत स्मार्ट हो!
फिर बातें करते-करते बोली- मुझे भी तुम्हारे इस लंड से चूत और गांड दोनों मरवानी है … अपने भाई से मिलकर जल्दी प्रोग्राम बनाते हैं!

मैंने ओके कह दिया.

फिर उसकी बहन मुस्कुरा कर बोली- ठीक है … अब तुम दोनों एंजॉय करो, मैं सोती हूँ!
उसने फोन काट दिया.

उसके बाद हमने फिर ड्रिंक की और मैंने दोबारा उसकी गांड मारी.
उस रात मैंने उसकी गांड 2 बार मारी और सुबह उठते ही एक बार और मारी.

जब वह जाने लगा तो मैंने कहा- यार अपनी बहन की चूत भी दिला दे ना!
वह हंसकर बोला- जल्दी ही दिलवाऊंगा … टेंशन मत ले … मेरी बहन को खुद तेरे लौड़े की जरूरत हो गई है.
वह चला गया.

तो दोस्तो, ये थी मेरी सेक्स कहानी.
अगली सेक्स कहानी में मैं आप सभी को बताऊंगा कि मैंने उसकी बहन को उसके सामने कैसे चोदा और उसकी भी गांड मारी.

मेरी हॉट गांड X कहानी आपको कैसी लगी? मेल करके ज़रूर बताएं.
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लेखक की पिछली कहानी थी: पति के सामने उसकी पत्नी को चोदा

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