गोवा में विदेशी लड़की और दोस्तों के साथ ग्रुप सेक्स का मजा

(Goa Me Videshi Ladki Aur Doston Ke Sath Group Sex Ka Maja)

हैलो फ्रेंड्स, मैं जेसिका क्लार्क (बदला हुआ नाम) एक बार फिर उपस्थित हूँ नई कहानी के साथ!
पर उसके पहले मैं आपसे कुछ बोलना चाहती हूँ, वो यह है कि कहानी को पढ़ने के बाद बहुत सारे लोग मुझसे मेरा मोबाइल नम्बर, व्हाट्सऐप नम्बर, फ़ोटो, मांगते हैं, जो मुझे अच्छा नहीं लगता, तो प्लीज कोई भी मुझसे ये सब न मांगें, और कोई पर्सनल जानकारी भी न मांगें क्योंकि कहानी सिर्फ मनोरंजन के लिखी है, किसी के साथ सेक्स सम्बन्ध बनाने के लिये नहीं.
मैं मेरी निजी सेक्स लाइफ में बहुत खुश हूँ.

अब मैं कहानी पर आती हूँ!

बात अभी 3-4 दिनों पहले की है. मेरी सहेली रानी (बदला हुआ नाम) अपने घर गई तो मैं अकेली रह गई.
मैं परीक्षित के पास गई, वो कुछ काम में व्यस्त थे और चिंटू भी कहीं पर व्यस्त थे. ऐसा नहीं है कि मुझे बुरा लग रहा था. पर रानी भी 15 दिनों के बाद आने वाली थी तो उससे मेरी फोन पर बातें हो रही थी. 2-3 दिन उसी तरह निकल गए. मुझे भी चुदे हुए 10 दिन हो चुके थे, मैंने चिंटू और परीक्षित से बोला भी, पर वो किसी काम में व्यस्त थे तो मैंने भी जिद नहीं की.

मैंने उन दोनों से बोला तो उसके 2 दिन बाद सुबह मेरे घर आये मैंने उन्हें अंदर बुलाया. उस समय मैं नहाने जा रही थी, मैंने उनसे थोड़ी देर में नहाकर आने के लिये बोला. कुछ देर बाद मैं नहा कर आई, और मेरे बाल सुखाने लगी उस समय मैं उनके सामने पूरी नंगी थी. वैसा उनके सामने मेरा इस तरह से नंगी रहना मेरे लिये कोई नया नहीं था, उसके बाद मैं उनके लिये चाय बनाकर लाई.

चाय पीने के बाद चिंटू ने कहा कि वो परीक्षित के साथ किसी काम से गोआ जा रहे हैं 3 दिन के लिये, और मुझसे भी चलने के लिये बोला.
मैंने तुरन्त ही हाँ बोल दिया.
वे दोनों चल दिए और मैं मेरा सामान बांधने लगी.

उसके बाद मैंने मेरे ही एक फ्रेंड रोस्टन (जो कि विदेश का है और मेरी उससे अच्छी दोस्ती है) को मेल किया और उसको हमारे गोआ आने का सन्देश दिया.
अगले दिन हम तीनों गोआ के लिये चल दिए, मैंने उन दोनों को भी रोस्टन के बारे में बताया.

दिन में हम गोआ पहुंच गए. जहां हम रुके, वो कोई चिंटू का ही परिचित था और मैं पहले भी उनके साथ उस घर में रुकी हूँ तो कोई प्रॉब्लम भी नहीं थी.
हमने कुछ देर रेस्ट किया, फिर चिंटू उसके किसी काम से चला गया, अब मैं और परीक्षित ही थे तो हम उसके आने तक ऐसे ही टाइम पास करने लगे. मैंने रोस्टन को मेल किया किया कि हम गोआ आ गए हैं.

काम पूरा करने के बाद चिंटू भी आ गए, उसके बाद उन दोनों ने बीच पर चलने का मन बनाया, मैंने भी हाँ कह दिया और मैंने तुरन्त ही रोस्टन को मेल किया और जिस बीच पर हम जाने वाले थे, उसका नाम भी बता दिया.
घूमते हुए हम तीनों इस बीच पर पहुंच गए और उस जगह पर पहुंचे जहाँ हमें रोस्टन ने बुलाया था. जैसे ही मैं उसके पास पहुंची सबसे पहले मैंने उसके होंठों पर एक किस दी, मेरे किस करते ही चिंटू और परीक्षित दोनों ही नाराज हो गए, पर मैंने उन्हें तुरन्त ही मना लिया और वो भी मान गए.

थोड़ी देर बाद एक लड़की आई जो 19-20 की थी वो रोस्टन की गर्लफ्रेंड थी, उसने एक छोटी सी बिकिनी पहनी हुई थी, बिकिनी क्या पहनी हुई थी!! सिर्फ उसके बूब्स एक तिहाई ही ढके हुए थे और पेंटी तो सिर्फ नाम की थी, उसमें उसके पूरे चूतड़ दिखाई दे रहे थे.

रोस्टन ने हमारा उस लड़की से परिचय करवाया, उसकी गर्लफ्रेंड का नाम सिंडी था. ब्लोंड हेयर कलर, दिखने में भी अच्छी थी. परिचय के समय जैसे ही उसने मुझसे हाथ मिलाया, मैंने उसे भी एक लिप किस दी.
यह देखकर रोस्टन, चिंटू और परीक्षित तीनों हंसने लगे.
उनकी हंसी की आवाज सुनकर मैंने सिंडी को फिर से किस करने लगी.

किस करने के बाद चिंटू ने हमसे बीच पर घूमने के लिये बोला, हम सभी तैयार हो गए. तभी मैंने भी लोवर और टीशर्ट निकाल दिया अब मैं सिर्फ बिकिनी में थी, जो कि मैं घर से ही पहनकर चली थी. मैं पहले भी बहुत बार बिकिनी पहन चुकी हूँ, इसलिये मुझे कोई अजीब नहीं लगा.
परीक्षित और चिंटू भी कैपरी में ही थे और रोस्टन तो था ही सिर्फ अंडरवियर पहने हुए.

रोस्टन और सिंडी कुछ बात कर रहे थे कि अचानक ही उसने सिंडी के चूतड़ पर चपत लगा दी और हम हँस दिए, उसके बीच पर ही मस्ती करने लगे. मैं परीक्षित के साथ ज्यादा क्लोज़ हूँ तो मैं उनसे ही मस्ती कर रही थी और चिंटू और रोस्टन के साथ भी.

बीच पर मैंने चिंटू और परीक्षित को चुदाई के लिये एक इशारा किया क्योंकि मुझे चुदाई की तलब लगी हुई थी, मेरी कामुकता बढ़ रही थी, मुझे चुदे हुए 12-13 हो चुके थे.
उन्होंने तुरन्त ही हाँ कह दिया, पर रोस्टन को भी साथ में देखकर मैंने उसे भी साथ चलने की बात कही क्योंकि मैं उससे भी चुदना चाहती थी.
पहले तो उसने मना कर दिया. फिर मेरे थोड़ा जोर देने पर, बहुत देर तक उन्हें मनाने के बाद आखिरकार उसने हाँ कह दिया.

हम सबने कपड़े पहने और जहां हम रुके हुए थे, वहाँ पर पाँचों पहुंच गए. अब मुझसे सब्र हो नहीं रहा था, तो जैसे ही हम अंदर पहुंचे, मैंने तुरन्त दरवाजा अंदर से बन्द किया और बेडरूम में जाते ही तुरन्त परीक्षित को धक्का देकर, उनकी कैपरी नीचे की और उनका लंड चूसने लगी, वो मुझे बार बार रुकने के लिये बोल रहे थे पर मैंने उनकी बातों पर कोई ध्यान नहीं दिया.

यह देख कर चिंटू भी पूरे नंगे हो गए और उनके लंड को मेरे मुँह के पास ले आये, मैं उनका भी लंड चूसने लगी, मैं लंड चूसने में इतनी व्यस्त थी कि ये भी भूल गई कि रोस्टन और सिंडी भी ये सब देख रहे हैं.
अचानक मेरी नजर उन पर गई, तो देखा कि सिंडी बिकिनी में ही अपनी चूत में उंगली से चोद रही है.

मैंने देर न करते हुए उन्हें भी बुला लिया तो रोस्टन भी तुरन्त नंगा हो गया और सिंडी भी नंगी हो गई. अब कमरे में हम 2 चूत 3 लंडों को बारी बारी से चूस रही थी.

कुछ देर ऐसे ही लंड चूसने के बाद मैं अब सिर्फ रोस्टन का लंड चूस रही थी और सिंडी परीक्षित और चिंटू के लंड को चूस रही थी.

मैं रोस्टन के बारे में थोड़ा बता दूँ, वो 26-27 साल की उम्र का है, और अक्सर इंडिया में आता रहता है, उसे गोआ बहुत पसन्द है, मैं उसे 3-4 सालों से जानती हूँ, पर अब तक उसे सिर्फ उसे किस ही किया था. सिंडी उसकी दूसरी गर्लफ्रेंड है. उसके लंड भी कोई ज्यादा बड़ा नहीं है, न ही कोई ज्यादा बुरा है. पर चिंटू और परीक्षित के लंड से थोड़ा छोटा है.

अब उनके लंडों को चूसने के बाद रोस्टन ने मुझे खड़ा किया और खुद घुटनों के सहारे बैठकर मेरी चूत को चाटने लगा. दूसरी तरफ सिंडी की भी चूत चुसाई शुरू हो चुकी थी, एक ओर उसकी चूत चुस रही थी और दूसरी और उसका मुँह चुद रहा था.

तभी चिंटू सिंडी की निप्पल को दांतों से काटने लगे क्योंकि उसके मम्मे को कोई खास थे नहीं, वो भी मजे से उसके निप्पल को चूसने और काटने का मजा ले रही थी. तभी दोनों ने जगह बदली और परीक्षित भी उसके निप्पल को काटने लगे और उसके मम्मों को तो बहुत ही बुरी तरह से मसल रहे थे.

अब मुझसे तो सब्र नहीं हो रहा था, मैंने तुरन्त ही रोस्टन से चूत में लंड डालने के लिये बोल दिया, उसने तुरन्त कंडोम निकाल कर लंड पर लगाया, मुझे गोदी में उठाकर बेड पर लेटाया और मेरे दोनों पैरों को उसके कन्धे पर रखकर मेरी चूत को चोदने लगे, तेज धक्के लगाने लगा, मैं भी आह्ह्ह आअह्ह अह्ह्ह आअह्ह्ह की हल्की सी सिसकारी ले रही थी और उसे किस भी कर रही थी.

5 मिनट तक मुझे वो ऐसे ही चोदता रहा, उसके बाद उसने मुझे घोड़ी बनाया, दूसरी तरफ चिंटू और परीक्षित भी सिंडी को चोदने के लिये तैयार थे, उन दोनों ने भी कंडोम लगाया पर जब परीक्षित सिंडी की चूत पर लंड लगाने लगे तभी की सिंडी बोली- प्लीज डोंट फ़क मी हार्ड, माय पुसी इज वर्जिन.

यह सुनकर तो हम तीनों के होश ही उड़ गए, तभी रोस्टन ने भी कहा- “यस, हर पुसी इज वर्जिन बट हर ऐस इज नॉट वर्जिन.(हाँ, इसकी चूत कुंवारी है लेकिन गांड कुंवारी नहीं है.)

इतना सुनकर हम तीनों ही हैरान थे कि 20 साल की विदेशी लड़की अभी तक वर्जिन कैसे??

खैर, ये सब छोड़ मैं भी सिंडी की चुदाई देखने लगी, जैसे ही परीक्षित ने उसकी चूत में 4-5 धक्कों में लंड को अंदर पहुंचाया, उसकी चूत से खून निकलने लगा और वो चीखने लगी, उसकी आँखों से आंसू भी निकलने लगे थे,
खून निकलने के बाद परीक्षित ने भी उनके लंड को बाहर निकाल लिया था. जब सिंडी का दर्द कम हुआ तो परीक्षित ने उनके लंड से कंडोम निकालकर दूसरा कंडोम लगाया और फिर से उसकी चूत में लंड डाल दिया.

चिंटू ने भी लंड को उसके मुँह में डाल दिया, अब उसके दोनों छेद चुद रहे थे. रोस्टन ने मेरी चुदाई शुरू कर दी थी. अब रोस्टन ने मुझे घोड़ी से सीधा बेड पर लेटाया और मेरी चूत को चोदने लगा. इधर सिंडी की चूत एक बार पानी छोड़ चुकी थी तो परीक्षित ने भी लंड उसकी चूत से बाहर निकाल लिया, चिंटू अब उनकी चूत को चोदने आ गए, परीक्षित सिंडी की चूत से गीले लंड से उसके मुँह को चोदने लगे.

सिंडी अब दर्द से कराहने लगी थी, उसके चेहरे का रंग भी बदलने लगा था और उन दोनों के चेहरे से भी लग रहा था कि उन्हें चुदाई में कितना मजा आ रहा है.
रोस्टन भी मुझे इतनी देर से चोद रहा था, पर मैं अभी तक नहीं झड़ी थी.

कुछ देर बाद चिंटू ने परीक्षित को कुछ इशारा किया और परीक्षित बेड पर सीधा लेट गए और सिंडी उनके ऊपर उसकी चूत में लंड फंसाकर खुद को चोदने लगी. तभी मेरी चूत ने एक बार पानी छोड़ दिया.
अब रोस्टन ने भी मेरी चूत से लंड को बाहर निकाला और सिंडी के मुँह में डाल दिया, सिंडी उसके लंड को चूसने लगी और मैं चिंटू के लंड को.

कुछ देर सिंडी को उसका लंड चुसवाने के बाद रोस्टन फिर से मेरी चूत को चोदने लगा, और चिंटू सिंडी की गांड में लंड डालने की कोशिश करने लगे, सिंडी बार बार उनसे मना कर रही थी, और दर्द की बात बोलकर उन्हें दूर करने लगी, पर चिंटू ने ध्यान नहीं दिया और धीरे धीरे उसकी गांड में पूरा लंड दाल दिया.
उसकी चूत में तो पहले से ही परीक्षित का लंड था. अब दोनों ही उसके छेद को चोदने लगे. सिंडी के भी दर्द का ठिकाना नहीं था, पहले तो वो धीरे धीरे कराह रही थी, पर उसके कराहने की आवाज सुनकर वो उसे और भी तेज चोदने लगे.
वो जितना आआअ आआह आआआह उम्म्ह… अहह… हय… याह… अह आआअह आआह की आवाज निकालती, दोनों उसे उतनी ही बेरहमी से चोदते, आँसू और दर्द कम होने का नाम ही नहीं ले रहे थे.

कुछ देर में दोनों ने ही धक्के लगाना बन्द कर दिये और दोनों ने उनकी जगह बदल ली. अब परीक्षित का लंड सिंडी की गांड में और चिंटू का लंड उसकी चूत में था और दोनों एक साथ फिर से धक्के लगाने लगे, वो उनसे छुटने की कोशिश भी कर रही थी, पर दोनों ने उसे इस तरह कस कर पकड़ा हुआ था कि उसे उनसे छूटना आसान नहीं था.
तभी सिंडी ने कहा कि उसका पानी निकलने वाला है उसकी चूत ने तीसरी बार पानी छोड़ दिया, थोड़ी ही देर बाद मेरी चूत ने भी दूसरी बार पानी छोड़ा.

कुछ देर और मुझे ऐसे ही चोदने के बाद रोस्टन ने कहा कि वो भी पानी छोड़ने वाला है, यह सुन कर चिंटू और परीक्षित ने भी उनके लंड को बाहर निकाल लिया. मैंने रोस्टन से मेरे ऊपर माल निकालने से मना कर दिया था तो वो उसके लंड को सिंडी के मुँह के पास ले गया और कंडोम कुछ ही देर में उसने उसका सारा माल सिंडी के मुँह में गिरा दिया.

पर मेरी चूत की प्यास अभी बुझी नहीं थी, तो उसके बाद परीक्षित और चिंटू ने मुझे चोदा. जैसे ही मैं तीसरी बार झड़ी, उसके एक मिनट बाद ही वो भी झड़ने के करीब पहुंच गए और उन दोनों ने भी उनका माल सिंडी के मुँह में ही गिराया.

मैं बिस्तर पर ही लेटी रही, उन्होंने उनके माल निकलने के बाद वो दोनों मेरे दोनों कन्धों पर सर रखकर लेट गए, दोनों तेज हाँफ रहे थे, मैं भी आँखें बन्द करके उन दोनों के बालों को सहला रही थी और वो दोनों मेरे बूब्स और निप्पल पर उंगली घुमा रहे थे.

कुछ देर बाद मैंने परीक्षित को बहुत देर तक किस किया. फिर अचानक ही उन्होंने मुझे अलग किया और बाथरूम गए, उसके और उसके बाद चिंटू भी. थोड़ी देर बाद दोनों अचानक कपड़े पहनकर बाहर चले गए और एक बैग में थोड़ा खाने का सामान लाये.

हमने नाश्ता किया उसके बाद मैं फिर परीक्षित को किस करने लगी, हम दोनों एक दूसरे को किस झरने में इतने व्यस्त हो गए कि हमें ध्यान ही नहीं रहा के कब चिंटू और रोस्टन ने दूसरा राउंड शुरू कर दिया.
जब सिंडी ने चीखें निकाली तब हमारा ध्यान हटा.

हमने इन सब बातों पर ध्यान नहीं दिया और परीक्षित के कपड़े निकाल दिए और उन्हें बिस्तर पर धक्का देकर खुद मेरी चूत को उनके मुँह पर रख दिया. वो मेरी चूत को चाटने लगे, और मैं 69 की पोजीशन में उनके लंड को चूसने लगी.
कुछ ही देर में मैं गर्म हो गई और परीक्षित का लंड भी खड़ा हो गया. जैसे ही मैं उनके लंड को चूत में डालने की बात बोली, उन्होंने तुरन्त ही उनके लंड पर कोंडोम पहना और चिंटू को मेरी चूत चोदने के लिये बोलने लगे.

अब परीक्षित ने चिंटू की जगह ले ली और चिंटू मेरी चूत को चोदने लगे. और परीक्षित सिंडी की गांड को चोदने लगे, रोस्टन का लंड तो पहले से ही उसकी चूत में था. सिंडी की दर्द भरी चीखें सुनकर मुझे भी जोश आ रहा था और मैं भी सिसकारियाँ लेने लगी.

5 मिनट बाद मेरी चूत ने पानी छोड़ दिया और चिंटू ने लंड को मेरी चूत से निकाल कर सिंडी के मुँह में डाल दिया जो मेरी चूत के रस से भीगा हुआ था.
तभी रोस्टन ने सिंडी की चूत से लंड को बाहर बाहर निकाला और वो मेरी चूत को चोदने के लिये आया और मेरी चूत को चोदने लगा. दूसरी तरफ चिंटू और परीक्षित बहुत ही बेरहमी से सिंडी की चूत और गांड का भुर्ता बना रहे थे. सिंडी बार बार उन दोनों से धीरे धीरे चोदने की रिक्वेस्ट कर रही थी, पर वो दोनों हैं कि उसकी सुन ही नहीं रहे थे. दर्द से उसकी आँखों से आँसू भी निकलने लगे थे, रोस्टन भी सिंडी को दिलासा दे रहा था.

10 मिनट बाद फिर से मेरी चूत ने पानी निकाल दिया और लंड को निकाल कर तुरन्त सिंडी के मुँह में डाल कर उसकी चीख को दबा दिया. मेरी चूत को तो ठंडक मिल गई थी.
कुछ देर बाद रोस्टन के लंड ने पानी निकाल दिया पर चिंटू और परीक्षित अभी भी नहीं थके थे और न ही उनके लंड ढीले होने वाले थे.
15 मिनट और उसे चोदने के बाद वो भी झड़ने के करीब पहुंचे और दोनों ने कंडोम निकालकर फिर से उनके लंड का पानी सिंडी के मुँह में निकाल दिया.

सिंडी की चूत सूज चुकी थी और दर्द से कराह रही थी, पर एक सुकून भी उसके चेहरे पर था. वो बार बार उसकी चूत पर हाथ फेर रही थी. चिंटू और परीक्षित हाँफ रहे थे.

कुछ देर बाद मैं परीक्षित की गोदी में बैठ गई और उन्हें मेरे बूब्स चुसवाने लगी तो चिंटू उठकर मुझे किस करने लगे. मैंने दोनों को ही मेरे बूब्स चुसवाये. रोस्टन भी यह सब देख रहा था, तो मैं उसके पास गई और उसे भी मेरे दोनों मम्मों को जी भरकर चुसवाया. लगभग आधे घण्टे तक तीनों ने मेरे मम्मों को चूसकर निचोड़ दिया.

परीक्षित और चिंटू ने एक बार और चुदाई के लिये बोला. तो रोस्टन भी सहमत हो गया.
जब हमने सिंडी की तरफ देखा तो वो सो चुकी थी, यह देखकर हम चारों को हंसी आ गई. पर जब तीसरी बार चुदाई हुई तो वो सिर्फ सिंडी की ही हुई. उन तीनों ने उसे जबरदस्ती जगाकर उसे चोदा.

उसके बाद हम बाजार घूमने गए. चिंटू और परीक्षित ने उनकी बीवियों के लिये कपड़े खरीदे. मैंने भी कुछ कपड़े खरीदे पर उसका पेमेंट रोस्टन ने किया.

हम 3 दिन गोआ रुके और तीनों ही दिन चुदाई की लेकिन उन तीनों ने सिंडी का हाल बेहाल कर दिया. पता नहीं क्यों उन दोनों ने तो उसकी चूत और गांड का बाजा बजाकर रख दिया.

उसके बाद हम घर आ गए. मैं बहुत थक चुकी थी, घर आने के रात में जैसे तैसे उन्होंने समय निकाल कर एक बार और मेरी चुदाई की. मैं भी बहुत खुश थी, मैंने भी उन्हें निराश नहीं किया.

आपको मेरी कहानी कैसी लगी. और आपको कहानी के बारे में कुछ भी पूछना हो तो मुझसे और मेरे चुदाई के पार्टनर परीक्षित से पूछ सकते हैं. पर गन्दे कमेंट्स न करें.
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