एक दूसरे की गर्लफ्रेंड की चुदाई की मस्ती- 2
(Sex Master Xxx Kahani)
सेक्स मास्टर Xxx कहानी में मैं बहुत सारी लडकियोंको चोद चुका था, अपने दोस्त की बहन, दोस्त की गर्लफ्रेंड, उसकी सहेलियों को. मैंने एक दोस्त की गर्लफ्रेंड चोदी तो उसे दूसरे दोस्त की बहन की दिलवाई.
दोस्तो, मैं अजय आपका अपनी सेक्स कहानी में पुनः स्वागत करता हूँ.
कहानी के पहले भाग
दोस्त की बहन की सैंडविच चुदाई
में अब तक आपने पढ़ लिया था कि मैं नफीसा को चोदते हुए सुनील को बता रहा था कि कैसे उसकी गर्लफ्रेंड मानसी मुझसे चुदने के मचल गई थी. मैं भी उसे तसल्ली से चोदने का मूड था तो मैं भी मान गया कि कल उसके फ्लैट में जाकर उसे चुदाई का मजा दूंगा. अभी वह मुझे चूमते हुए मेरे लौड़े को सहलाने लगी थी .. यह सब मैं सुनील को बता रहा था.
अब आगे सेक्स मास्टर Xxx कहानी:
मैंने सुनील को आगे बताना शुरू किया कि तेरी गर्लफ्रेंड मानसी ने मेरे लंड को पकड़ लिया और मेरे होंठों पर होंठ रखकर जोर से चूमने लगी.
फिर वह मुझसे अलग होती हुई बोली कि ओके कल मिलती हूँ.
वह बाय बोलकर चली गई.
मैंने जब यह सब सुनील को बताया तो सुनील बोला- बहनचोद … इतनी ठरक है मानसी में … कमाल है भाई … तूने कैसे जाने दिया उसको? शिखा मेरे साथ इतना कर देती … मैं रूम बंद करके एक घंटे में भाभी को ही चोद देता.
मैं बोला- भाई … मत पूछ इतना गर्म हो गया था … मुस्कान को नदीम ने सामने से चोद दी थी और उधर तेरी रांड मेरे लौड़े को चूस कर गई थी. उस दिन तूने तो देखा ना … बाकी हमारे बीच सब सामान्य है. नदीम अब तो मेरे रूम में मेरे सामने कभी भी शिखा चोद देता है.
ये बोलकर मैंने पोजीशन बदली.
मैंने नफीसा को उठाकर अपने लंड पर रख दिया.
मेरा पूरा लंड उसकी चूत में गड़ गया.
मैं बैठकर नफीसा को चोदने लगा.
मैं नीचे से धक्का मार-मारकर उसे ऊपर उछाल रहा था.
नफीसा मस्ती से बोल रही थी- हाय मेरी जान … मर गई … मार दिया इन हरामी भाइयों ने.
ये सब बोल-बोलकर वह मस्ती में चुद रही थी.
लगभग दस मिनट में ही वह झड़ गई और उसकी चुत के रस ने मेरे पूरे लंड को भिगो दिया.
अब सुनील की बारी थी.
उसने नफीसा को सीधा लिटा दिया, उसे चूमने लगा, उसकी चूत चाटने लगा.
फिर एक टांग उठाकर उसकी चूत पर लंड के झटके देने लगा.
गीली चूत फच-फच की आवाज़ से लंड का साथ देने लगी.
नफीसा से दस मिनट बाद मैंने कहा- चल आ … मेरे लंड पर बैठ जा छिनाल … तुझे दो लंड चाहिए ना … देंगे आज भरपूर लंड का मजा!
यह कह कर मैं सीधा लेट गया.
नफीसा मेरे लंड पर कूदने लगी.
ऐसा लग रहा था उसकी चूत रुई हो … कमाल की मुलायम माल थी.
मेरा लंड पूरा बांस हो रखा था और उसकी चूत को चीर रहा था.
वह मेरे लंड पर कूद रही थी.
मैं नीचे से कमर हिलाकर लंड उसकी चूत में पेल रहा था.
चुदाई का वह आनन्द असीम था.
सुनील उसके पीछे आकर उसके गोरे बदन को चूमने लगा, उसकी पीठ चाटने लगा, पीछे से उसकी गर्दन चूमने लगा.
नफीसा दो माहिर मर्दों की चुदाई से पागल हो चुकी थी.
नफीसा बड़बड़ाने लगी- अजय भैया … फाड़ दो आज चूत मजा आ रहा है … क्या लंड है एकदम कड़क … मेरी चूत आपके लंड के प्रेम में फंस गई है मेरे राजा … आप शहंशाह हो … क्या चोदते हो आह … पेलो.
मैं उसकी चूची दबा कर पीने लगा.
इस बार वह सुनील से बोली- सुनील भैया … मैं तो जानती थी आप मुझे हवस भरी निगाह से निहारते हैं … और मुझे पता था आप मुझे एक न एक दिन पक्का चोदोगे!
सुनील बोला- हां साली रांड … तेरी याद में मैंने मानसी को गिरा-गिरा कर चोदा है … आह साली आज मिली है तू किस्मत से … आज तो तेरी गांड भी मारूँगा रंडी!
उसने पीछे से नफीसा की गर्दन पकड़ कर उसे मेरे ऊपर झुका दिया.
नफीसा की गांड अब उसके सामने थी.
मैंने नफीसा को जोर से चिपका लिया.
वह समझ गई थी कि अब उसकी गांड और चूत दोनों एक साथ उसके मुँह बोले भाई एक साथ बजाएंगे.
सुनील ने उसकी गांड के छेद पर थूककर उसे गीला कर दिया.
फिर गांड पर जोरदार चांटा मारा और दोनों चूतड़ों को कसके दबाकर चूमा.
नफीसा की गांड खुल बंद होने लगी.
सुनील ने एक झटके में अपना पूरा लंड नफीसा की गांड में पेल दिया और उसके ऊपर गिर गया.
हम दोनों नफीसा की मां का भोसड़ा करने में लग गए.
वह दर्द से बिलबिला रही थी.
नफीसा की दर्द भरी चीख को नजरअंदाज करते हुए सुनील बोला- हां तू आगे का हाल बता अजय … कैसे चुदी मेरी रांड मानसी?
मैं नफीसा की चुत चोदता हुआ बोला- भाई … मत पूछ जंगली भूखी चुदक्कड़ रांड है मानसी. उस दिन उसने ऑफिस से निकल कर मुझे कॉल किया कि मैं ऑफिस से निकल गई हूँ … आ जाओ.
यह कह कर उसने फ्लैट की लोकेशन शेयर की.
मैंने उसके फ्लैट में पहुंच कर घंटी बजाई, तो अन्दर से मानसी ने गेट खोला और मेरे हाथ पकड़ कर अन्दर खींच लिया.
गेट लॉक करके वह मेरी बेल्ट खोलने लगी और पैंट को अंडरवियर के साथ नीचे खिसका दिया.
मेरा लंड बेजान हालत में लटक रहा था.
उसे देखकर वह बोली कि वाओ ये तो लटका हुआ ही दमदार लग रहा है!
यह कर उसने मेरा लंड लॉलीपॉप समझ कर अपने मुँह में भर लिया.
वह लौड़े को चूमने लगी और मेरे टट्टों को मुँह में लेकर चूसने लगी.
मैं मस्ती में चूर होकर पागल हो चुका था.
कुतिया ने मेनगेट से ही मुझे चिपका कर चूसना चालू कर दिया था और कुछ ही देर में बहन की लवड़ी ने लंड को चूस चूस कर पत्थर सा कड़क कर दिया था.
कुछ देर बाद वह मुझे अपने रूम में लेकर आ गई.
मुझे उसने धक्का देकर बेड पर गिरा दिया.
मैं पीछे होकर सीधा लेट गया.
वह मेरे ऊपर लेटकर मुझे किस करने लगी.
मैं भी उसके मुलायम होंठ चूसने लगा.
अब उसने धीरे-धीरे मेरे सारे कपड़े उतारे और मेरी गर्दन से चाटना शुरू किया.
चूसते-चूसते वह मेरे लंड तक आ गई और उसे लॉलीपॉप समझ कर चूसने लगी.
वह वासना से बोली- अजय … किसी को बताना मत … प्लीज मुझे ये चुदाई सीक्रेट रखनी है!
मैं बोला- चिंता मत करो मेरी जान … किसी को पता नहीं लगेगा. आखिर हम दोनों ही इस सेक्स को गुप्त रखना चाहते हैं तो कैसे बाहर किसी को पता चलेगा?
मानसी ने काफी देर तक मेरा लंड चूसा.
फिर वह मेरे लंड पर अपनी चुत लगा कर बैठ गई.
उसकी चूत ने मेरा पूरा लंड खा लिया.
लंड को अन्दर लेकर वह चिल्ला दी- आह मर गई … बहनचोद मैं इतना मोटा लवड़ा अपनी चुत में खा गई … आह आई एम टेकिंग अ हॉट रॉड आह्ह इट्स अमेजिंग आह.
यह सब कहती हुई वह मस्ती से मेरे लंड पर कमर को हिला-हिला कर गोल-गोल होने लगी और चुत से मेरे लौड़े को चूसने लगी.
फिर उसने मुझे गिराया और तीस मिनट तक मेरे लंड की सवारी करती रही.
कमाल की चुदासी थी … मुझे वह चोद रही थी और मैं चुद रहा था.
उसके बाद मैंने पोजीशन बदली और उसके ऊपर आ गया.
मानसी को मैंने अब तक सबसे ज्यादा देर तक चोदा था और उस दिन मैंने उसको एक ही चुदाई में 3 बार झाड़ा तब जाकर मैं झड़ा.
मैंने उसको उसके फ्लैट पर बस उसी दिन चोदा. उसके बाद हमारे फ्लैट पर उसको अपने रूम में भी दो बार पेला है.
इन तीन बार कर अलावा मुझे कभी मौका नहीं मिला कि उसे और चोदूँ.
सुनील बोला- तू मेरे सामने ही किसी तरह से मानसी को चोद दे भाई … मुझे देखना है रांड कैसे चुदती है!
मैंने बोला- ठीक है.
अब हम दोनों नफीसा पर फोकस करने लगे.
गर्लफ्रेंड की चुदाई की बात सुनकर सुनील जोश में आ गया था.
उधर नफीसा दो खतरनाक सांडों के लंड को झेल रही थी.
मैं नीचे से उसकी चूत पर झटके मारता और सुनील ऊपर से लंड गांड में गाड़ देता.
नफीसा थोड़ी देर में दर्द को भूलकर मस्त होकर दोनों लंड के भीषण प्रहार आराम से झेलने लगी.
बीस मिनट तक हम दोनों ने उसे सैंडविच बनाकर चोदा.
फिर हम दोनों ने खड़े होकर पोजीशन बदली. खड़े होकर हम दोनों ने उसे अपने बीच में चिपका लिया.
सुनील ने एक टांग उसकी हाथ से पकड़ कर अपना लंड चूत में डाला और मैंने उसकी गांड में अपना मूसल उतार दिया.
मेरा लंड उसकी गांड के छेद को फाड़कर घुस गया था … क्योंकि मेरा लंड सुनील से लंबा और मोटा था.
नफीसा की आंखों से आंसू निकल आए और वह चिल्ला पड़ी- अजय साले हबशी … गांड फाड़ दी तूने मादरचोद!
मैंने उसकी एक नहीं सुनी और उसकी गांड को तब तक फाड़ता रहा, जब तक गांड ने लंड का नाप नहीं रट लिया.
उधर सुनील ने चूत की चटनी बना रखी थी.
नफीसा कुछ ही मिनट में झड़ गई.
फिर भी हम दोनों उसकी चूत और गांड खोदते रहे.
पंद्रह मिनट बाद सुनील ने अपना माल उसकी चूत में भर दिया.
इधर मैं अभी भी मूड में था.
अब मैं नफीसा को लेकर हॉल में आ गया.
नफीसा ने चूत साफ की.
मैंने उसे सोफे पर लिटा दिया.
दोनों पैरों को क्रॉस करके अपना लंड उसकी चूत में उतार दिया और हल्के-हल्के सहलाते हुए चुत चोदने लगा.
नफीसा को आज मैं रांड की तरह चोद रहा था, मैंने उसे चोदकर बिछा दिया था.
वह मेरी दो घंटे की चुदाई में न जाने कितनी बार झड़ गई थी.
उसके बाद वह कुछ देर आराम करने चली गई.
अगले दिन शनिवार था.
अब मैं अपने रूम पर आ गया.
सुनील नफीसा को चोदने के बाद रुक गया क्योंकि उसे नफीसा की मखमली चूत को अभी और भोगना था.
उसके बाद कैसे शिखा को मैंने और नदीम ने एक साथ चोदा.
मैंने और नदीम ने एक-दूसरे की गर्लफ्रेंड खूब बजाई.
हम दोनों ने अपनी-अपनी गर्लफ्रेंड को अगल-बगल लिटाकर चोदा भी है.
एक बार तो मैंने मुस्कान को मूतते हुए चोद दिया था.
वह मूत रही थी, मैंने उसी वक्त लंड चूत में घुसेड़ कर उसको अच्छे से बजा दिया था.
नदीम ने कितनी बार मेरे बगल में सोती हुई शिखा की चूत में लंड पेलकर उसकी आग बुझाई है.
लेकिन हम दोनों ने कभी साथ मिलकर उसे नहीं चोदा; अकेले-अकेले ही दोनों ने पेला था.
आज शिखा का दिन था दो लंड झेलने का.
अब मैं रूम पर आ गया था.
उधर शिखा नदीम के साथ नंगी सो रही थी.
मैं आकर शिखा के बगल में लेट गया.
अब शिखा मेरे और नदीम के बीच सो रही थी.
मैंने अपना लंड शिखा की गांड पर फिट किया, लंड उसकी गांड में एक झटके में डाल दिया.
वह चिल्ला पड़ी और उछल कर उठ गई.
वह बोली- अजय … क्या है ये?
ये सुनते ही मैंने शिखा के बाल पकड़े और बोला- रंडी … लंड है ये … बहन की लवड़ी चुद बस चुपचाप … ढोंग ना कर कुतिया.
मैंने उससे ये बोला और उसकी गर्दन पकड़ कर बेड पर गिरा दिया.
गर्दन दबाकर गांड में फिर लंड पेल दिया.
मैं अब शिखा को गाली देते-देते चोदने लगा.
शिखा गर्म होकर मस्त चुदने लगी.
ये देख नदीम का भी लंड खड़ा हो गया.
मैंने काफी देर तक शिखा की गांड बजाकर उसे नदीम की तरफ धक्का दे दिया.
मैं बोला- ले गांड में लंड डाल … छिनरी के!
नदीम ने शिखा को पटक कर पूरा लंड उसकी गांड में दे दिया और गांड मारने लगा.
वह बोला- शिखा डार्लिंग … बहुत दिन से तेरी चूत का तबला बनाने का ख्वाब पेंडिंग था, आज हम दोनों भाई तुझे सर्टिफाइड रंडी घोषित करेंगे.
शिखा बोली- कमीनो … चोदो और फाड़ दो मेरी!
उसके बाद हम दोनों ने शिखा को पटक-पटक कर बेड पर मरोड़ने लगे.
वह हम दोनों की धकम-पेल चुदाई और गांड तुड़ाई से टेढ़ी हो गई.
नदीम बोला- अजय भाई … कामिनी से ज्यादा बड़ी रांड है ये साली … हम दोनों को टक्कर दे रही है!
कामिनी उसकी HR हेड थी, जिसकी चूत की गर्मी मैंने मिटाई थी.
MILF है साली कामिनी … बहुत बड़ी रांड है.
उसकी चुदाई की कहानी भी बताऊंगा कभी कि कैसे मैंने उसको पुलिस केस में बचाया था और बाद में मेरे लंड की दीवानी हो गई थी.
फिर उसकी चूत नदीम को भी दिलाई थी
शिखा बोली- हरामियो … तुम्हें क्या लगता है तुम दोनों ही हरामी हो? बहनचोदो … मेरा बॉस ट्रिप पर यूँ ही लेकर नहीं जाता … उसके साथ ट्रिप पर मेरा बिजनेस आवर 24 घंटे वाला होता है. ऐसे ही नहीं मैं ऑफिस में टॉप पर हूँ … दिन-रात मेहनत करती हूँ. मैंने बॉस की कई बड़ी-बड़ी डील फाइनल की हैं.
वह आगे बोली- अजय … उसकी बीवी चोद दे मेरे राजा … बहन की लौड़ी बहुत सीधी बनती है … लेकिन छुप-छुप कर बॉस के हर दोस्त का लंड खाती है … पता है मुझे!
मैं बोला- मिलवा, बनाता हूँ उसकी चूत का हलवा!
अब मैंने और नदीम ने साथ चुदाई शुरू की.
शिखा की गांड और चूत में एकसाथ लंड पेल दिया और उसे हुमच हुमच कर चोदने लगे.
उसकी मस्त चीखों से कमरा भर गया.
हम दोनों एक साथ उसकी चूत और गांड का छेद फाड़ रहे थे.
हमारी चुदाई से शिखा बीस मिनट में दो बार झड़ गई थी.
अब हम दोनों लेट गए.
शिखा हम दोनों का लंड चूसने लगी. कमाल की रांड हो गई थी.
दोनों के लंड बेहतरीन तरीके से चूस रही थी वह.
अब बारी थी रेलगाड़ी चुदाई की.
पहले नदीम ने उसको दस मिनट तक ताबड़तोड़ बजाया.
फिर मैंने बीस मिनट तूफान की गति से उसकी चूत में बोरिंग की.
वह थककर निढाल पड़ गई और हम दोनों उसे चोदते रहे.
हम दोनों ने उसे चार घंटे से ज्यादा चोदा, जिसमें शिखा 3 बार, नदीम 3 बार झड़े और मैं एक बार.
अब चुदाई का ये आखिरी राउंड था.
शिखा मूतने के लिए बाथरूम गई और दरवाजा खुला छोड़ कर मूतने लगी.
नदीम उठ कर गया और मूत के बीच में ही शिखा की चूत में लंड गाड़ दिया.
वह शिखा को दबादब चोदने लगा.
शिखा मूतती रही, नदीम उसकी चूत में लंड गाड़ता रहा.
फिर शॉवर चला कर खड़े होकर शिखा को मैंने और नदीम ने अपने बीच दबा दिया.
आगे-पीछे दोनों तरफ से उसे चोदकर पिचकाने लगे.
नदीम आगे से जबरदस्त धक्का मारता और मैं पीछे से बिजली की गति से हथौड़ा बरसाता था.
हम दोनों का हर झटका शिखा की मां चोद रहा था.
ऐसी ब्रूटल चुदाई से उसकी गांड और चूत चरमरा गई थी.
फिर हम दोनों ने छेद बदले.
मैंने चूत और नदीम ने गांड में लंड डालकर शिखा को दो लंड पर टांग दिया.
हम दोनों उसे हवा में लहरा-लहरा कर चोदने लगे.
शिखा की गांड फट चुकी थी.
वह बोली- अब बस करो बहनचोदो … मर जाऊंगी.
मैं बोला- क्या हुआ डार्लिंग … तुझे तो 24 घंटे काम करने की आदत है और अब 4 घंटे में फट गई छिनाल!
नदीम बोला- भाभी … कई रंडियां हमारे सामने रंडापा भूल जाती हैं और तू हमें ज्ञान दे रही थी हराम की पिल्ली … अभी तो आज पूरे दिन तेरी चूत-गांड लंड से पीट-पीटकर पिलपिली करेंगे.
हम दोनों ने उसे फर्श पर गिराया और एक साथ उसकी चूत में दो लंड पेल दिए.
हम दोनों का लंड एक साथ चूत में बड़ी मुश्किल से घुसा.
हम दोनों एक साथ चूत ठोकने लगे.
बाथरूम में हम दोनों ने दो घंटे तक चोदा और दोनों उसकी चुत में ही झड़ गए.
मेरा लंड लेकिन आज हार मानने को तैयार नहीं था.
शिखा को बाथरूम में मैंने बाथटब में डुबो-डुबोकर भी चोदा. उसकी गांड और चूत हल्की सी फूल गई.
फिर मैंने आधे घंटे बाद अपना पानी छोड़ दिया.
तब तक नदीम गर्म हो चुका था.
शिखा को उठाकर लाकर जिम बेंच पर गीला लिटा दिया और चढ़कर चोदने लगा.
दस मिनट में मेरा भुजदंड तैयार हो गया.
उस बेंच पर फिर मैंने शिखा की चूत का भोसड़ा बनाया, तीस मिनट तक चोदा और उसे झाड़ दिया.
चुदाई का ये दौर सुबह नौ बजे से शाम छह बजे तक थोड़ा-थोड़ा विराम लेकर चलता रहा.
फाइनली हम तीनों ने चुदाई को विराम दे दिया.
शिखा बेजान बेड पर पड़ी थी.
मैं कॉफी और सिगरेट एंजॉय कर रहा था.
नदीम थककर सो चुका था.
अगले भाग में मानसी की चुदाई सुनील के आगे और नफीसा की चुदाई सुनील से मानसी के सामने कैसे हुई, यह लिखूँगा.
आपको ये सेक्स मास्टर Xxx कहानी कैसी लगी, प्लीज बताएं.
मेल ज़रूर करें.
ffor8397@gmail.com
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