चाचा ने भतीजी की कुंवारी बुर चोद दी

(Teen Girl First Sex Kahani)

टीन गर्ल फर्स्ट सेक्स कहानी में मैंने अपने चाचा को मेरी मम्मी की चुदाई करते देखा है. मेरा मन भी सेक्स करने का होने लगा था. एक बार मुझे चाचा के साथ परीक्षा देने जाना था.

यह कहानी सुनें.

नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम मोनू है और मैं हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के एक गांव से हूँ.
अभी मेरी उम्र 24 साल है.

ये टीन गर्ल फर्स्ट सेक्स कहानी आज से लगभग 5 साल पहले घटी एक घटना पर आधारित है जो मेरे और मेरे चाचा जी के बीच हुई थी.
उस समय मैं स्कूल में पढ़ रही थी.

पहले मैं अपने चाचा जी के बारे में बता दूँ.
उनकी उम्र 35 साल है और वह एक टेलीकॉम कंपनी में मैनेजर हैं.
उनकी ड्यूटी अधिकतर बाहर ही होती है. घर पर वह कभी-कभी आते हैं.

वे देखने में औसत पुरुष हैं पर उनकी बलिष्ट भुजाओं में सांड जैसी ताकत है.

मुझे मालूम है कि वे मेरी मम्मी को भी चोद चुके हैं.
मैं उनकी चुदाई देख चुकी थी.

चूंकि मैं जवानी की दहलीज पर थी और मोबाइल में पॉर्न आदि देखती रहती थी तो मुझे अपनी चुत में चींटियां काटने लगी थीं.

तब भी मैंने अब तक अपनी चुत में अपनी उंगली तक नहीं डाली थी.
जब भी मुझे वासना चढ़ती तो मैं चुत को चड्डी के ऊपर से ही मसल कर खुद को शांत कर लेती थी.

मैं स्कूल की बड़ी क्लास में पढ़ रही थी तो अपनी स्कूल टीचर के कहने पर मैंने कुछ प्रतियोगितात्मक परीक्षाओं के लिए फॉर्म भर दिए थे.
घर वालों ने भी कहा- यह बहुत अच्छा है बेटा!

कुछ दिन बाद मेरे एग्जाम की डेट आ गई.
उस टाइम दिसंबर का महीना था और धुंध बहुत ज्यादा पड़ती थी.

मेरे पापा ट्रक ड्राइवर हैं, वे अक्सर बाहर रहते हैं.
भाई मेरा काफी छोटा था और मम्मी अनपढ़ हैं, इसलिए उनको कुछ पता नहीं था.

इसलिए चाचा जी से पूछा- आप ड्यूटी कब जाओगे?
चाचा जी ने कहा- मैं तो अभी 3 दिन की छुट्टी पर हूँ.

मम्मी ने कहा- मोनू का एग्जाम है. अगर फ्री हो तो इसका एग्जाम दिला लाओ!
चाचा जी ने मुझसे पूछा- सेंटर कहां है?

मैं बोली- गुड़गांव में, पेपर 3 बजे से है.
चाचा जी ने कहा- ठीक है चलते हैं.

थोड़ी देर बाद चाचा जी घर आए और मम्मी से कहा- मुझे भी गुड़गांव में काम है. जब तक इसका एग्जाम होगा, मैं अपना काम निपटा लूँगा. शायद आने में देरी हो जाए या हम लोग सुबह आ पाएंगे, क्योंकि आजकल कोहरे के कारण हाईवे पर गाड़ी चलाना रिस्क भरी बात है. उधर मेरे दोस्त की फैमिली रहती है, हम दोनों वहीं रुक जाएंगे!

मम्मी ने कहा- जैसा आपको ठीक लगे.

हम दोनों 12 बजे दोपहर घर से निकल लिए.
चाचा की गाड़ी से गए थे.

मैंने उस दिन सिंपल सूट-सलवार पहना था.
उस वक्त मेरी उम्र 18 साल की हो गई थी.

चाचा ने मुझे देखा और कहा- सूट-सलवार कब से पहनने लगी, आज तक तो मैंने तुझे पैंट-शर्ट या लोअर में देखा है!
मैंने मुस्कुरा कर कहा- आज ही पहना है.

वे कुछ नहीं बोले, बस मेरे उभार देखने लगे.
मुझे भी चाचा की नजरों से न जाने क्यों अन्दर ही अन्दर काफी अच्छा लगा.

दोपहर 2:30 बजे तक हम दोनों गुड़गांव पहुंच गए.
चाचा ने मुझे एग्जाम सेंटर पर छोड़ा और गाड़ी लेकर जाने लगे.

जाते वक्त चाचा बोले- फ्री होते ही कॉल कर देना!

दो घंटे का एग्जाम था.

शाम 5 बजे मैंने चाचा जी को कॉल कर दिया.
कुछ ही देर में वे मुझे लेने आ गए.

फिर वे बोले- चल मोनू, तुझे मॉल दिखाता हूँ!

वे मुझे मॉल ले गए. हम लोग उधर घूमे, खाया-पिया और इतनी देर में 8 बज गए.

चाचा जी ने कहा- अपना लंबा सफर है. इस वक्त वापस जाना ठीक नहीं होगा. हम दोनों किसी होटल में रुक जाते हैं.

होटल का नाम सुनते ही मुझे थरथरी सी आ गई.
मैंने सोचा कि आज कुछ गड़बड़ न हो जाए.
फिर भी मैं कुछ नहीं बोली और उनके साथ चली गई.

चाचा ने मोबाइल में किसी एप से रूम बुक किया और हम दोनों नजदीक के एक होटल में पहुंच गए.
चाचा जी ने आईडी दी और मेरा रोल नंबर स्लिप एवं आधार दिया.

मैनेजर ने हमें रूम दे दिया.

मैं गांव से हूँ.
होटल का रूम पहली बार देखा था तो देखते ही एकदम से सन्न हो गई.
बहुत शानदार रूम था लेकिन बेड एक ही था.

फिर चाचा ने खाना मंगवाया.
उन्हें दारू पीने की आदत थी तो वे दारू पीने लगे और मैं उन्हें देखती रही.
फिर हम दोनों ने खाना खाया.

खाना के बाद हम दोनों बिस्तर पर लेट गए.
चाचा जी अपने फोन में कोई मूवी देख रहे थे.
मैं भी उनके बाजू में लेटी हुई थी और उनके फोन में चल रही मूवी को देख रही थी.

अचानक चाचा जी ने फोन में ब्लू फिल्म चला दी.
उसमें एक लड़की लड़के का लंड चूस रही थी.

मैंने झट से नजर हटा ली और करवट ले ली.
लेकिन चाचा जी फिल्म देखते रहे.

लगभग 20 मिनट बाद उन्होंने फिल्म देखना बंद की और फोन भी बंद कर दिया.

फिर चाचा ने अपना हाथ बढ़ा कर लाइट बंद कर दी.
अब वे करवट लेकर सो गए.

मैंने सोचा कि चाचा जी सो गए होंगे.

एक घंटे बाद उन्होंने मेरी तरफ करवट ली और मेरे सीने पर हाथ रख दिया.
वे धीरे-धीरे मेरे दूध दबाने लगे.

मुझे नींद तो आ नहीं रही थी लेकिन जानबूझ कर सोने का नाटक कर रही थी.

थोड़ी देर बाद उन्होंने मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए और चूसने लगे.
मैं पूरी तरह सिहर गई थी क्योंकि इस उम्र में पहली बार सब कुछ हो रहा था और मुझे पता ही नहीं था कि आगे क्या होगा.

फिर उन्होंने मेरी सलवार का नाड़ा खोल दिया और सलवार नीचे सरका दी.
वे खुद नीचे आ गए और मेरे पेट, नाभि और जांघों को चाटने लगे.

मैं कांप गई थी और कुछ बोल भी नहीं पा रही थी.

अचानक उन्होंने मेरी पैंटी निकाल दी और नीचे से बिल्कुल नंगी कर दिया.
मैं अब भी सोने का नाटक कर रही थी.

फिर चाचा जी ने मेरी कुंवारी, बिना बालों वाली चूत को चाटना शुरू किया.
मेरी तो जान निकल गई.

लगभग दस मिनट तक चूत चाटने के बाद चाचा ने मेरी गांड के छेद में अपनी जीभ डाल दी और आगे-पीछे करने लगे.

आज तक मैंने अपनी चूत को हाथ तक नहीं लगाया था और वे किसी पागल कुत्ते की तरह चुत चाट रहे थे.

फिर उन्होंने कहा- मोनू कुर्ता उतार दे!
मैं कुछ नहीं बोली.

वे फिर से बोले- मुझे पता है तू जाग रही है … कपड़े उतार दे न!
लेकिन मैं नहीं उठी.

उन्होंने मेरा कुर्ता उतार दिया.
अब मैं ब्रा पहनी हुई थी बस.

उनका साथ मुझे अच्छा लगने लगा था तो मैंने भी चाचा का साथ देना शुरू कर दिया.

फिर वे मेरे होंठ चूसने लगे, चूची पीने लगे और उन्होंने अपना अंडरवियर उतार दिया.
टीन गर्ल फर्स्ट सेक्स करना मुझे भी अच्छा लगने लगा था तो मैं भी मजा लेती रही.

अब चाचा ने मेरे हाथ में अपना लंड थमा दिया.
कसम से उस दिन पहली बार इतना बड़ा लंड देखा था. उस जैसा लंड मैंने आज तक नहीं देखा.

चाचा ने लंड चूसने को बोला.
पहले मैंने मना किया लेकिन वह जबरदस्ती करने लगे और मेरे मुँह में डालने लगे.

उनका लंड काफी बड़ा था तो उनके लौड़े का टोपा ही मेरे मुँह में नहीं जा रहा था.
मेरी कलाई से मोटा उनका लंड था.

किसी तरह से मैं जीभ से तोपा चाटने लगी और मुँह खोल कर लंड को अन्दर लेने की कोशिश करने लगी.
इस तरह से मैंने 20 मिनट तक चाचा का लंड चूसा.

इसके बाद चाचा ने कहा- मोनू थोड़ा दर्द होगा, सहन कर लेना … बाद में मजा आएगा!

मैं चुप थी और वे मेरे ऊपर चढ़ गए.
हम दोनों की उम्र में 11 साल का अंतर था.

मेरी चूत पर अभी रोएं आने शुरू हुए थे जबकि उनके लौड़े के इर्द गिर्द झांटों का जंगल उगा हुआ था.

उन्होंने फिर से मेरी चूत को चाटा और लंड पर थूक लगाकर चूत पर रगड़ने लगे.
मैं जवान चुत वाली करारी लौंडिया थी तो चाटे जाने से मेरी चुत में भी सुरसुरी होने लगी थी.

मुझे भी लंड चुत में लेने की चुल्ल हो उठी थी.
मैंने चुत फैला दी थी.

चाचा ने चुत की फाँकों में लौड़े को रगड़ कर थोड़ा सा अन्दर पेला तो मेरी जान हलक में आ गई.
मोटे लौड़े के घुसने से मैं रोने लगी.

चाचा जी मेरे दूध को चूसने लगे और अचानक से एक तेज झटका दे मारा.
उनके लंड का टोपा अन्दर घुस गया और चूत से खून आने लगा.

मैंने दर्द से कराहते हुए कहा- आह चाचा मर गई … बहुत दर्द हो रहा है … प्लीज छोड़ दो … मत करो.
मैं गिड़गिड़ाने लगी लेकिन चाचा मेरे होंठ चूसते रहे और थोड़ी देर तक टोपे को अन्दर-बाहर करते रहे.

मेरी चुत से कुछ नमी सी निकलने लगी थी तो लौड़े को चिकनाहट मिलने लगी थी.

अचानक से उन्होंने मुझे टाइट पकड़ लिया और होंठ चूसते हुए एक जोरदार झटका दे मारा.
इस प्रहार से उनका लगभग आधा लंड मेरी कुंवारी चूत में फँस गया.

मेरी आंखों के सामने अंधेरा छा गया, मैं बेसुध हो गई.
चाचा ने लौड़े को आगे पीछे करना चालू कर दिया.

एक दो मिनट बाद मुझे दर्द का अहसास हुआ और मैं चिल्लाने लगी.
चाचा को मेरे दर्द की कोई परवाह नहीं थी और वे एक सांड की तरह बिना रहम किए मेरी चुत में अपने लंड को अन्दर-बाहर करने लगे.

कुछ मिनट बाद मुझे थोड़ा आराम मिला ही था कि चाचा ने पूरा जोर लगाकर अपना पूरा लंड अन्दर सरका दिया.
मुझे ऐसा लग रहा था मानो किसी ने मूसल मेरी चूत में डाल दिया हो.

मेरी दर्द भरी आवाज के साथ चूत फट चुकी थी और मैं पूरी ताकत से छुड़वाने की कोशिश कर रही थी.
लेकिन उन जैसे सांड के सामने मैं एक बकरी सी मिमिया रही थी.

अब उन्होंने मेरे मुँह पर हाथ रख लिया और चोदने लगे.

लगभग 20 से 25 मिनट तक धकापेल चुदाई के बाद उन्होंने लंड बाहर निकाला और उसे बिस्तर की चादर से पौंछ कर मेरे मुँह में डाल दिया.

थोड़ी देर बाद वे मेरे मुँह में वीर्य की पिचकारी मारने लगे और हाथ की दो उंगलियों से मेरी नाक बंद करके बोले- मोनू पी जा इस अमृत को!
मैं उनका पूरा वीर्य पी गई.

मुझे बहुत ज्यादा दर्द हो रहा था.
चाचा ने मुझे एक पैग बना कर पिला दिया और एक पेनकिलर गोली दे दी.

दवा व दारू के प्रभाव से मुझे दर्द में राहत मिलने लगी और लगभग 2 बजे मुझे नींद आने लगी.
मैं सो गई.

सुबह 5 बजे मेरी आंख खुली तो चाचा मेरी गांड चाट रहे थे.

मैंने कहा- चाचू अब नहीं … हिम्मत नहीं है!
चाचा बोले- चल घर जाकर देखते हैं!

वह दिन था और आज का दिन. आज 5 साल से लगातार हम दोनों सेक्स करते आ रहे हैं.

अब तो मैं अपने प्यारे चाचू के साथ चुत गांड मस्ती से चुदवाती हूँ और मेरी दो सहेलियां भी चाचा के लंड पर झूला झूलने आ जाती हैं.

सच में चाचा ने मुझे मस्त माल बना दिया है.

तो आपको कैसी लगी मेरी टीन गर्ल फर्स्ट सेक्स कहानी … प्लीज जरूर बताएं.
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