मरियल शौहर ने सांड जैसे मर्द से बीवी चुदवाई
(Hot Fuck Story)
हॉट फक स्टोरी में मैं सेक्स पार्टी ओर्गनाइज़ करता हूँ. एक आदमी ने मुझसे सम्पर्क किया कि वह अपनी बीवी की चूत की प्यार मुझसे बुझवाना चाहता है. मैंने हां कर दी.
सभी को नमस्कार, मेरा नाम जैक है. मैं पुणे से हूँ, मेरी उम्र 38 साल की है.
आज मैं आपको अपने सच्चे अनुभव पर आधारित सेक्स कहानी सुनाने जा रहा हूँ.
यह एक कुकओल्ड फैंटेसी वाली रसभरी सेक्स कहानी है.
मैं कपल स्वैप, कुकओल्ड, थ्रीसम पार्टी करता हूँ और मेरा काम करने वाला एरिया लोनावाला, गोवा और मुंबई में है.
इसकी शुरुआत मेरी इस हॉट फक स्टोरी से तब हुई थी, जब मैं पुणे में एक कंपनी में काम करता था और सेक्स की भूख में किसी को सर्च कर रहा था.
एक वेबसाइट पर मैंने अपने लौड़े की फोटो के साथ एक एड डाला था.
एक दिन मुझे एक आदमी का मैसेज आया.
उसने मुझसे कई सवाल पूछे जोकि मेरे बारे में थे कि कहां रहता हूँ, क्या करता हूँ, इत्यादि.
उसके बाद उसने मुझे उसकी सेक्स फैंटसी के बारे में बताया कि उसको अपनी पत्नी को किसी और से चुदवाना है, लेकिन कोई भरोसे वाला नहीं मिल रहा है.
मैंने उसकी सभी शर्तों को मान लिया.
उसके बाद उसने मुझे शनिवार के दिन अपने घर बुलाया.
मैं उस दिन अच्छे से तैयार होकर उसके घर चला गया.
दरवाजा उसने ही खोला.
हम लोग पहली बार सामने से मिल रहे थे.
हैलो हाई हुई और बात होने लगी.
उसका नाम सलामत था, उम्र लगभग 25-26 साल की रही होगी. सलामत की हाइट नाटे कद की थी. वह सिर्फ फुट का दुबला पतला मरियल सा आदमी था, लेकिन काफी गोरा-चिट्टा था और खूब पैसे वाला था.
हम दोनों ने बातचीत शुरू की.
तभी उसकी बीवी चाय लेकर आई.
मैं उसकी बीवी को देख कर मस्त हो गया. वह एकदम गोरी, पांच फ़र सात फुट ऊंची और लगभग 22 साल की एकदम हाई क्लास लौंडिया थी.
वह बिना कुछ बात किए हम दोनों के सामने चाय के कप वाली ट्रे रखकर चली गई.
मुझे अजीब सा लगा कि ये क्या बात हुई?
मैं जिस लौंडिया को चोदने आया हूँ, वही बात नहीं कर रही है.
मुझे अपने खड़े लंड पर धोखा सा महसूस हुआ.
लेकिन अगले ही पल उसके पति ने जो कहा, उसके बाद मेरे लवड़े को राहत मिली.
सलामत- देख भाई, हम दोनों की शादी को सिर्फ एक साल हुआ है, लेकिन मैं अपनी बीवी के साथ बिस्तर में कुछ अच्छे से कर नहीं पाता हूँ. इस बात को लेकर हमारे बीच झगड़े होते रहते हैं. मेरे पास पैसा बहुत है, मैं किसी को भी बुला सकता हूँ. लेकिन ये काम भरोसेमंद इंसान से होना चाहिए, इसलिए मैंने तुझे बुलाया है!
मैंने हामी भरते हुए सर हिलाया.
उसने आगे कहा- देख भाई, आज रात मैं तुम्हें उसके कमरे में भेज दूँगा. उसके आगे तुम्हें उसे मनाकर, उसकी मर्जी से सेक्स करना है. जबरदस्ती नहीं करना है!
मैंने पूछा कि वह तैयार तो है ना?
उसने बताया कि हां वह तैयार तो है, लेकिन फिफ्टी फिफ्टी … उसका मूड होगा तभी वह तुम्हारे साथ सेक्स के लिए राजी होगी … वर्ना नहीं!
मेरी हालत अब खराब थी.
साली लौंडिया देख कर लौड़े ने चुत चुत चिल्लाना शुरू कर दिया था और इधर यह बहन का लौड़ा अपनी हॉट बीवी की चुत के सपने दिखा कर केएलपीडी करने पर तुला हुआ था.
कभी हां, कभी ना का सीन चल रहा था.
मुझे समझ में नहीं आ रहा था कि मैं क्या करूँ, पर अब उनके घर पर था तो मैंने सोचा कि जो होगा देखा जाएगा.
नहीं तो आज की रात भी हाथ से काम चलाना पड़ेगा.
मैं उसके बाथरूम में फ्रेश होने चला गया.
तब तक सलामत अपनी बीवी के पास चला गया था.
फ्रेश होने के बाद मैं बाहर आकर अपने फोन में बिजी हो गया.
सलामत की बीवी मरियम को लेकर जैसा मैंने पहले बताया कि एकदम कड़क जवान माल, किसी हिरोइन की तरह दिखती थी.
वह दूध सी गोरी और साड़ी में बहुत ही खूबसूरत, बिल्कुल जन्नत की हूर सरीखी दिख रही थी.
वह बार-बार मुझे देखती, तो लगता मुझे वह गुस्से से देख रही है.
उसकी इसी नजर से मुझे लग रहा था कि काम बनना नामुमकिन है.
थोड़ी देर बाद सलामत ने मुझे आवाज देकर कमरे में ही बुला लिया.
उसने ओल्ड मॉन्क का खंबा निकाला.
हम तीनों टेबल पर बैठे.
अब सलामत खुलकर बात कर रहा था और हम एक साथ पैग पी रहे थे.
हल्का हल्का नशा होने लगा था.
स्नैक्स हमारे पेट की भूख मिटा रहा था लेकिन मरियम ने मुझसे अभी तक एक लफ्ज़ भी बात नहीं की थी.
मैं हैरान-परेशान था कि कुछ होगा या नहीं!
थोड़ी देर बाद सलामत उठा और बाथरूम में चला गया.
तब मरियम ने मुझसे पहली बार बात की.
मरियम- देखो जैक, मुझे ये बिलकुल अच्छा नहीं लग रहा, लेकिन क्या करूँ? इनका सपना है, इसलिए पहली बार कर रही हूँ लेकिन इनके सामने मुझे शर्म आएगी और हमारे बेडरूम में इन्होंने कैमरा भी लगा रखा है, ये चाहते हैं कि हम दोनों जो भी करें … वह इन्हें दिखाई दे.
मैं समझ गया कि मामला कुछ अलग किस्म का है.
तभी सलामत वापस आया और उसने मरियम को उठाकर सीधा मेरी गोद में बिठा दिया.
मरियम ने शर्म के मारे एक बार सलामत को देखा, फिर मुझे.
तब सलामत ने कहा- शर्माओ मत, मजा करो … मैं यहीं हूँ. तुम दोनों बेडरूम में जाओ!
मैं तो तैयार था.
सलामत का सिग्नल मिलते ही मैंने मरियम को उठाया और बेडरूम में ले आया.
अब मजा आने वाला था.
मरियम मुर्दे की तरह बेड पर पड़ी रही.
हम दोनों को नशा था.
लेकिन मुझे नहीं लगा कि उसके तरफ से कोई रेस्पॉन्स मिलेगा.
मुझे तो बस एक बार फ्री होना था इसलिए मैंने अपने कपड़े जल्दी-जल्दी निकाल दिए और नंगा हो गया.
मैं जल्दी-जल्दी में मरियम की साड़ी उतारने लगा. साड़ी, पेटीकोट, ब्लाउज निकाल दिया.
अब मुझे उसका असली रूप देखने को मिल रहा था.
एकदम चिकनी चमेली शरीर को फुल वैक्स किया हुआ, एकदम कसा हुआ शरीर, कहीं कोई हिस्से पर चर्बी नहीं.
उसके बूब्स ब्रा के अन्दर भी एकदम उभरे हुए लग रहे थे.
एकदम कड़क माल जैसी माल, वह अभी भी वैसे ही नंगी पड़ी हुई थी.
वह मेरी तरफ आंख उठा कर भी नहीं देख रही थी.
बस अपनी आंखें बंद किए हुए पड़ी थी.
मैं सोच रहा था कि मां चुदाए मुझे क्या करना … साली को चोदो और आगे बढ़ो … मुझे तो अपनी वासना शांत करने की पड़ी थी.
यही सब सोच कर मैंने उसकी ब्रा के हुक खोले और ब्रा ढीली हो गई.
मैंने हाथ से ब्रा को मम्मों से हटाया तो मेरे सामने उसके एकदम गुलाबी निप्पल वाली रसभरी चूचियों को देखकर मेरे मुँह में पानी आ गया.
मैंने मुँह आगे बढ़ाया और उसके एक निप्पल को अपने मुँह में भर लिया.
उसको भी वासना ने सताया तो उसके मुँह से एक कसक भरी सिसकारी सुनाई दी.
मैं धीरे-धीरे उसके मम्मों के साथ खेलने लगा.
एक दूध के निप्पल को अपने होंठों में दबा कर चूसता हुआ खींचता, तो दूसरा दबाता.
इससे उसकी उत्तेजना बढ़ने लगी थी और उसके पैर खुलने लगे थे.
वह अपनी छाती उठाती हुई चूचों के मर्दन और चुसाई का मजा ले रही थी.
फिर मैंने धीरे से अपना हाथ उसकी पैंटी में डाला.
आह … एकदम चिकनी फील्ड … चुत पर कोई बाल नहीं था.
मैंने अपनी मिडिल फिंगर चुत की गीली फांक में फेरते हुए जैसे ही अन्दर घुसेड़ी, तो उसकी आह निकल गई.
उसकी गीली चुत देख कर मैं समझ गया कि अब ये चुदने के लिए एकदम रेडी है.
उसकी चुत से कामरस भलभला कर बह रहा था.
मैंने देरी करना ठीक नहीं समझा और उसकी पैंटी निकाल दी.
ओह माय गॉड … एकदम साफ और टाइट चूत मेरे सामने थी.
मैंने अपना मुँह उसकी चूत पर लगा दिया.
एकदम मस्त खट्टा और खारा स्वाद आ रहा था.
उसे भी अपनी चुत चुसवाने में अच्छा लग रहा था तो वह अपनी गांड उठाती हुई मेरे सर को अपनी बुर पर दबा रही थी.
जल्दी ही वह बार बार अपनी चूत को ऊपर उठा कर उसे मेरे मुँह पर ऐसे रगड़ रही थी मानो अपनी चुत को वह मुझको खिलाने की कोशिश कर रही हो.
उसकी आंखें मस्ती से बंद थीं और उसने अभी भी मुझे नहीं देखा था.
दस मिनट तक उसकी चूत को चाटने के बाद मैंने चोदने की पोजीशन बना ली और अपने लौड़े को उसकी चूत पर रगड़ने लगा.
अब पहली बार उसने आंख खोलकर मेरी तरफ देखा, पर नीचे अभी भी मेरे लौड़े को नहीं देखा था.
मैंने एक हल्का धक्का दिया.
अभी सिर्फ मेरे लौड़े का टोपा ही उसकी चुत के अन्दर गया था, तो वह जोर से चिल्ला उठी.
उसके चिल्लाने से सलामत भागते हुए बेडरूम में आ गया.
हमारी हालत देखकर वह हंस दिया और उसने मुझे आंखों से ही कैरी ऑन का इशारा किया.
मरियम थोड़ी असहज हो गई और उठने लगी.
मैंने उसे वैसे ही दबाए रखा.
अब पहली बार उसने मेरे लंड को देखा, तो गिड़गिड़ाने लगी- मुझे छोड़ दो, मुझे नहीं करना बहुत दर्द हो रहा है!
मैंने उसकी बात को अनसुना किया और अपना काम जारी रखा.
मेरे दो और कड़क धक्कों से अब तक आधा लंड चुत फाड़ कर अन्दर जा चुका था.
मुझे मेरे लंड पर उसकी चूत काफी कसी हुई लग रही थी.
ऐसा लग रहा था जैसे मरियम की चूत मेरे लंड को चबा रही हो.
इतने में मरियम की चूत ने फड़फड़ाते हुए पानी छोड़ दिया.
चुत में रस की अधिकता हो गई और मुझे ऐसा लगा जैसे मेरे लंड महाराज को कोई चीज पकड़ कर चूस रही हो.
गर्म पानी का फव्वारा मेरे लौड़े को सुकून दे रहा था.
सलामत मेरी गांड की तरफ खड़ा था और वह मेरा लंड अपनी बीवी मरियम की चूत के अन्दर-बाहर होते हुए देख रहा था.
धीरे-धीरे मेरा पूरा लवड़ा उसकी चूत में समा गया था.
मरियम की आंखों में आंसू थे, दर्द के कारण या खुशी के कारण, पता नहीं लेकिन अब मरियम नीचे से कमर उठाकर साथ दे रही थी.
सलामत वासना से हम दोनों को चुदाई करते हुए देख रहा था.
मेरे लंड महाराज में तनाव बढ़ गया था और अब मैं जल्द ही वीर्यपात की ओर था.
ज्यादा वक्त नहीं लगा. मैंने मरियम के पेट पर अपना माल निकाल दिया.
मुझे गिल्ट फील हुआ कि साला दस मिनट में ही लंड ढेर हो गया.
मरियम अभी भी वैसे ही पड़ी हुई थी. शायद वह मन ही मन मुझे गाली दे रही होगी.
मैं अलग होकर एक तरफ को चित लेट गया.
सलामत वहीं था.
उसने अपनी बीवी के ऊपर पड़ा मेरा वीर्य एक पेपर नैपकिन से साफ किया और अपनी बीवी की चूत चाटने लगा.
मैं मरियम को देख रहा था.
वह सलामत को प्यार से देख रही थी.
सलामत ने अपने कपड़े उतारे … अरे बाप सलामत का लवड़ा तो सिर्फ 3 इंच का था और उसके जैसा ही पतला.
वैसे मेरा भी कोई दस इंच का नहीं है, यह औसत भारतीय साइज का छह इंच लंबा और दो इंच व्यास वाला मोटा था.
लेकिन मेरे सामने सलामत का लंड किसी बाल.क के नुन्नू के जैसा लग रहा था.
उसने मरियम को चोदना स्टार्ट कर दिया. मरियम उसको प्यार से सहला रही थी, किस कर रही थी, उसकी चूतड़ों पर हाथ फेर रही थी और मुझे तिरछी नजर से देख रही थी.
उसकी नजरों को देख कर लग रहा था जैसे वह कह रही हो कि तू फिसड्डी रहा, सलामत नहीं!
यह देख कर अब मेरा लौड़ा फिर से मूड में आ रहा था और मुझे अब साबित करना था कि मैं सलामत से बहुत ज्यादा बेहतर हूँ.
सलामत भी कुछ मिनट में मरियम की चूत में ढेर हो गया.
वे दोनों वैसे ही कुछ मिनट पड़े रहे.
बाद में सलामत बाथरूम चला गया.
मैं मरियम की चूत देख रहा था, जिसमें से सलामत का वीर्य और मरियम का कामरस बहकर चादर पर लग रहा था.
सलामत बाथरूम से बाहर निकल कर नंगा ही हॉल में गया और शराब की बोतल लेकर आ गया.
हम दोनों ने पैग बनाए.
इस बार मरियम ने पैग नहीं लिया.
वह नंगी ही बाथरूम में चली गई.
बाथरूम का दरवाजा खुला रखकर ही वह पेशाब करने लगी.
उसकी पेशाब की सीटी की आवाज हमें बाहर तक सुनाई दे रही थी.
मरियम ने अच्छे से चूत को धो लिया था और वह बाहर आकर मैक्सी पहनने लगी.
तभी सलामत ने टोका और मना किया, तो मरियम वैसे ही बिस्तर पर लेट गई.
मैंने एक बार फिर सलामत से परमिशन ली और मरियम को छूने लगा.
मरियम ने मुझे देखा और कहा- आ साले मार ले मेरी चूत, जरा भी सब्र नहीं है तुझे!
उसकी धीमी आवाज मेरे कान में पड़ी तो मैं हंस दिया और झटके से लंड पेल कर मरियम को ताबड़तोड़ चोदने लगा.
इस बार मैंने आधा घंटा तक मरियम को बजाया और खुद को गर्व से मर्द साबित कर दिया.
मरियम भी मेरे सीने से चिपकी हुई पड़ी थी, जबकि सलामत दारू के न/शे में टुन्न हो गया था.
ये मेरी पहली हॉट फक स्टोरी है. आगे की कहानी और भी रोचक होती जाएगी.
हॉट फक स्टोरी पर आपके कोई सुझाव हैं तो मुझे मेल करें.
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