सड़क पर मिली लड़की होटल में चुदी

(Hotel Sex Fuck Kahani)

सुनील 11 2026-01-02 Comments

होटल सेक्स फक कहानी में मैं एक होटल में रुका था, बाहर से खाना खाकर आ रहा था कि आइसक्रीम की ठेली पर एक लड़की दिखाई दी. बहुत अच्छी लगी. मैंने भी आइसक्रीम ले ली.

यह कहानी कुछ एक महीने पहले की है।
मैं अपने काम के सिलसिले में पास के शहर में गया हुआ था।

उस दिन काम पूरा न होने के कारण मुझे वहीं रुकना पड़ा।

रात को रेस्तरां में खाना खाने के बाद जब मैं होटल पर वापस जा रहा था तब रास्ते में मुझे एक खूबसूरत सी लड़की दिखाई पड़ी।
वो कहते हैं ना कि “पहली नजर वाला प्यार” ऐसा ही कुछ हुआ मेरे साथ।

तो चलिए होटल सेक्स फक कहानी में जानते हैं क्या हुआ उसके साथ।
नमस्ते दोस्तो, मेरा नाम सुनील (काल्पनिक) है।
मैं मुंबई में रहता हूं। 30 साल का हूं और अभी शादी नहीं हुई है तो मैं मेरे रूम पर अकेला ही रहता हूं।

मेरी हाईट 6 फीट है और मेरा डिवाइस (लिंग) एवरेज साइज का यानी 5.5 इंच लम्बा है।
मुझे पोर्न देखने का बहुत शौक है और जब जब मन करे मैं हस्तमैथुन करता हूं।

आज तक सेक्स करने का मौका कभी मिला नहीं।
यूं कहिए कि कभी ट्राई किया ही नहीं।

इसका कारण यह है कि मैं खुद को कम समझता हूं और लड़कियों से बात करने में साहस जुटा नहीं पाता।
तो फिलहाल अकेले ही जिंदगी काट रहा हूं।

हुआ यूं कि उस दिन मैं मेरे निजी काम के लिए अपने नजदीकी शहर गया था।
लेकिन उस दिन काम पूरा न होने के कारण मुझे वहीं रुकना पड़ा।

तो मैंने होटल में रूम बुक किया और फ्रेश होकर टहलने के लिए मार्केट में चला गया।
कुछ शॉपिंग करके एक रेस्तरां में खाना खाया।

करीब 9.30 बजे चलते चलते होटल रूम की तरफ बढ़ने लगा।

तभी मेरी नज़र एक आईसक्रीम के ठेले पर पड़ी।
और इसका कारण था वहा आईसक्रीम खा रही खूबसूरत सी लड़की।
रेड टॉप और जींस में वो एकदम हॉट लग रही थी।

बहुत मन हुआ उससे कुछ बोलने का … पर डर लग रहा था।

तभी दिमाग में एक तरकीब सोची और मैने भी एक आईसक्रीम खरीद ली।
मेरी नजर आईसक्रीम पर कम और उसकी तरफ ज्यादा थी।

कुछ देर बाद उसने भी नोटिस किया कि मैं उसकी तरफ देख रहा हूं।
तो उसने मेरी तरफ देख कर मुस्कुरा दिया और हेलो कहा।
मुझे तो शॉक लगा।
मैंने भी उसे हेलो कहा।

तो हमने एक दूसरे की जानकारी ली।

उसका नाम आस्मां (काल्पनिक) था।
उसके बोलने पर पता चला की वो किसी इंटरव्यू के लिए आई थी और इंटरव्यू का दूसरा राउंड कल होने वाला था।

उसे रुकने के लिए कोई जगह नहीं मिल रही थी।
न ही कोई पहचान वाला था जिसके पास रुका जाए।

मैंने उसे बोला की मैंने पास के होटल में रूम बुक किया हैं और अकेला ही ठहरा हूं।

पता नहीं उसके दिमाग में क्या आया और उसने रिक्वेस्ट के तौर पर पूछा कि क्या मैं मेरा रूम उसके साथ शेयर कर सकता हूं?
मुझे पहले तो असहज महसूस हुआ पर मैंने भी परिस्थिति को सोच कर हां बोल दिया।
और हम दोनों रूम की तरफ चल पड़े।

रिसेप्शन पर ‘मेरी फ्रेंड है और मेरे साथ रुकेगी’ बोल कर हम रूम में चले गए।

एक एक करके हम दोनों फ्रेश होकर रूम में बैठ गए।

मैं चेयर पर बैठा था और वो बेड पर।

उसने कपड़े चेंज करके शॉर्ट्स और टी शर्ट पहना था।
तो मैंने उसे कॉम्प्लीमेंट देते हुए बोला कि वो रेड ड्रेस में खूबसूरत दिख रही थी।
उसने स्माइल कर दिया और थैंक्स बोला।

15-20 मिनट इधर उधर की बातें हुई।
उसने मेरी लाइफ के बारे में पूछा।
और मैं सिंगल हूं ये जानकर हैरानी जताई।

मैंने उसके लाइफ के बारे में पूछा तो उसने बताया कि उसका ब्रेकअप हुए 2 साल हो गए हैं और उसके बाद वो रिलेशन का विचार नहीं करती।
खैर उसने वो बात टाल दी और मुझसे पर्सनल बाते करने लगी।

मजाक मजाक में कुछ नॉटी बातें होने लगी और मैंने उसे कहा कि मुझे वो बेहद हॉट लगी।
उसने थोड़ा घूर कर देखा और कुछ सेक्सी सा इशारा देकर आंख मारी।
और यहां मेरे लिंग ने सिग्नल देना शुरू किया।

उसे किसी का मेसेज आया और वो चैटिंग करने में व्यस्त हो गई।
मैं था कि उसे देखते ही जा रहा था।

उसका ध्यान नहीं है, ये जानकर मैंने उसे ऊपर से नीचे तक अच्छे से देख लिया।
वह दिखने में एवरेज थी लेकिन फिगर बहुत अच्छे से संभाली थी।

स्तनों का उभार तो दिख रहा था लेकिन लूज टी शर्ट के कारण साइज पता नहीं चल रहा था।

मुझे खासकर उसके अच्छे से संभाले हुए घने बाल बहुत पसंद आए।
तो मैंने एक और चौका मारा और उसे कहा कि उसके बाल खुले अच्छे लगते हैं।
उसने जरा सी भी देर ना करते हुए बालों को खुला कर दिया।

ओ माय गॉड दोस्तो, क्या नजारा था।
सच में उस पे दिल आ गया।

चैटिंग खत्म करके वो मुझसे फिर से बातें करने लगी।

उसने करीब 10 बजे सोने की इच्छा जताई क्योंकि उसे कल इंटरव्यू के लिए जाना था।
तभी मुझे टेंशन आया कि बेड तो एक ही है और मैंने इसके बारे में सोचा ही नहीं था।

शायद उसे यह अहसास हुआ और उसने बिना कुछ हिचकिचाए बताया कि उसे कोई ऐतराज नहीं है और रिक्वेस्ट की कि मैं भी बिना झिझक उसके बगल में सो जाऊं।

दोस्तो, दिमाग फटा जा रहा था पर और कोई चारा नहीं था.
तो मैंने ठीक है बोल दिया।

कुछ 10 मिनट में मैंने चेयर से उठकर लाइट बंद कर दी और बेड पर लेट गया।
अब रूम मैं सिर्फ नाईट लैंप चालू था।
लेकिन उसकी रोशनी में कुछ खास दिख नहीं रहा था।

हम दोनों ने कंबल ओढ़ ली और एक दूसरे को गुड़ नाईट विश करके सोने लगे।
मुझे तरह तरह के ख्याल आने लगे; कुछ रोमांचक और कुछ शैतानी।

मैंने कभी सपने में सोचा नहीं था कि कोई अनजान लड़की इतना सहज हो कर मेरे बगल में सो जायेगी।
नींद का तो नामोनिशान नहीं था।

आस्मां ने मेरी हलचल महसूस की और पूछा- क्या तुम्हें नींद नहीं आ रही है?
मुझे उसे जागता हुआ सुनकर हैरानी हो गई और मैंने नहीं बोल दिया।

शायद उसे अंदाजा हो गया कि मैं सिंगल होने के कारण असहज हो गया हूं।
पता नहीं उसके दिमाग में क्या आया, उसने करवट ली और अपना हाथ मेरे शरीर पर रखा।
मेरे शरीर में मानो करंट सा लगा।

उसने कहा- अपनी दोस्त समझ कर कंफरटेबल हो जाओ।
अब दोस्त तो मैं मान लेता लेकिन मेरे लिंग को कौन समझाए।
मुझे डर लग रहा था की कही आस्मां को पता न चल जाए के नीचे हालात टाईट हैं।
तो मैं थोड़ा दूरी बनाकर लेट गया।

उसका हाथ अभी भी मेरे पेट पर था।
मैं उसकी तरफ अपनी नजरे मोड़ कर देखने लगा।

हल्की सी रोशनी में आस्मां का चेहरा थोड़ा थोड़ा दिख रहा था।
मुझे वो बेहद हसीन लग रही थी।

अचानक से उसने आंखे खोली तो मुझे उसकी तरफ देखते हुए पकड़ लिया।
उसने पूछा- क्या देख रहे हो?
मुझे समझ नहीं आया कि क्या बोलूं।
हड़बड़ी में मैंने कहा- कुछ नहीं।

लेकिन वो सब समझ गई थी।
तो हंसते हुए वो मेरे और नजदीक आ गई और उसने मेरे गाल पर हल्का सा चूम लिया।

कुछ सेकंड के लिए मुझे तो विश्वास ही नहीं हुआ।
मैं हक्का बक्का रह गया।

उसने बड़े प्यार से अपना हाथ मेरे छाती और पेट पर फेरा।
मेरा लिंग और टाईट होते चला गया।

शायद मेरे लिंग को पता चल गया था कि कुछ अच्छा होने वाला है।

मैंने उसकी तरफ करवट ली तो उसने देर ना करते हुए मेरे होटों को चूम लिया।

हम दोनों काफी करीब आ गए।
इससे हुआ ये कि आस्मां का पैर मेरे लिंग को छू गया और उसे पता चल गया।

मैंने भी सोच लिया कि आस्मां ने शुरुआत की हैं तो साथ तो मैं दे सकता हूं।
मैं भी अपना हाथ उसके बालों में फेरने लगा।

तो उसने और जोर से मुझे चूम लिया।
मैं उसका साथ देने लगा।

उसने चूमते हुए अचानक से मेरा लिंग एक हाथ से पैंट के ऊपर से पकड़ लिया।
वॉव! क्या अहसास था।

पहली बार किसी लड़की ने मेरा लिंग पकड़ा था।
लग रहा था कि अभी मेरा लिंग पानी छोड़ देगा।

आस्मां ने हल्के से मेरी शॉर्ट्स के अंदर हाथ डाला और लिंग को सहलाने लगी।
मेरी तो जान ही निकली जा रही थी और वो थी कि बड़े प्यार से, कोई जल्दबाजी न करते हुए मेरे होंठ चूस रही थी।

उसका कोमल हाथ मेरे लिंग पर पाकर वो और फूलने लगा।
आस्मां भी मेरा लिंग दबाकर मजे लेने लगी।

पोर्न में सब जोरदार सेक्स ही देखा था।
लेकिन आस्मां जो मेरे साथ कर रही थी वो कुछ अलग ही अहसास था।
रोमांचक।
कभी न सोचा हुआ और कभी न भूल सकता हूं ऐसा।

आस्मां ने धीरे से मेरे टेस्टीज को सहलाना शुरु किया।
अब तो मैं कंट्रोल नहीं कर पा रहा था।

वो ये सब करने में माहिर लग रही थी।
उसके हाथ का हर एक स्पर्श मुझे अलग ऊंचाई पर ले जा रहा था।
कभी लिंग, कभी टेस्टिज।
वो पूरा मजा ले रही थी।
लेकिन उसने चूमना छोड़ा नहीं था।

कुछ देर बाद उसने लिंग हिलाना शुरु किया।
और दोस्तो, हंसना मत लेकिन जैसे ही उसने लिंग मुट्ठी में पकड़ कर सुपाड़े पर अंगूठे से टच किया मेरे पूरे शरीर से सुख की लहर दौड़ कर मेरे लिंग से पानी निकल गया।

मैं शर्मा गया और अपना शरीर चुराने लगा।
लेकिन आस्मां तो मुझे छोड़ने का नाम ही नहीं ले रही थी।

मेरे लिए ये मानसिक अनुभव बेहद आश्चर्यजनक था।

मेरे इस हालात पे उसने कोई भी टिप्पणी ना करते हुए उसका हाथ चालू रखा।
मैं सच में भावुक हो गया और ठान लिया कि आस्मां का पूरा साथ दूंगा।

दोस्तो, अभी तक मैंने उसके बालों को छोड़कर कहीं भी छुआ नहीं था।
मैं मेरे ही भावनाओं में डुबकियां ले रहा था।

आस्मां ने धीरे से मेरा एक हाथ उसके बूब्स पर रखा और बड़े प्यार से उसे दबाने की लिए कहा।
मैं उसके टी शर्ट के ऊपर से ही उसके बूब्स दबाने लगा।

बहुत ही मुलायम सा एहसास हो रहा था।
आस्मां भी अपना शरीर हिला कर साथ दे रही थी और बीच बीच में चूम रही थी।
हम दोनों का कंबल कब का हट गया था।

लेकिन नाईट लैंप की रोशनी में उसे या मुझे ज्यादा कुछ दिख नहीं रहा था।

अचानक से रूम का लाइट चालू हो गया और पूरे रूम में रोशनी छा गई।
मुझे तो कुछ पता ही नहीं चला।
आस्मां को देखा तो वो नॉटी स्माइल दे कर मेरी तरफ देखने लगी।

और तब मैं समझ गया कि उसने बेड के साइड वाले बोर्ड से लाइट का स्विच ऑन कर दिया था।
उसने कहा- जो कुछ करेंगे, वो रोशनी में करेंगे।

रोशनी में सबसे पहले मेरी नजर बेडशीट पर पड़ी और मेरे लिंग ने जो पानी छोड़ा था उसका गीला धब्बा मुझे दिख गया।
मैं आस्मां से नजरे चुराने लगा तो उसने मेरे चेहरे को अपने हाथों में लेकर प्यार से बोला- डोंट वरी, मैं समझती हूं कि ये तुम्हारा पहली बार है और इसमें शर्म वाली कोई बात नहीं है।

उसने मेरे होठों पर अच्छा सा किस किया।
उसने जैसे ही अपना टी शर्ट उतारा, मुझे पता चला कि आज तो पूरा प्रैक्टिकल होने वाला है।

मैं जितना याद कर सकता हूं उतना याद करके पोर्न वाले सीन सोचने लगा।
लेकिन उसने टी शर्ट उतारने के बाद मेरे सामने जो कुछ प्रकट हो गया उससे मैं पोर्न वगैरा सब भूल कर उसके तरफ देखने लगा।

आस्मां ने ब्रा नहीं पहनी थी।
उसके बूब्स देखकर मेरी मुंह में पानी आने लगा।
एकदम परफेक्ट साइज के बूब्स थे।
ज्यादा बड़े नहीं और ज्यादा छोटे नहीं … और हल्के काले रंग के निप्पल।

बहुत मन था चूसने का!
लेकिन मैंने धीरज रखा।

उसने मेरा टी शर्ट भी उतार दिया और खड़ी होकर अपनी शॉर्ट्स निकाल कर साइड में रख दी।

अब वो सिर्फ पैंटी में थी।
मुझसे भी रहा नहीं गया और मैने खुद अपनी शॉर्ट्स निकाल दी।

आस्मां ने मुझे बेड पर धक्का देकर लिटा दिया।
उसके धक्का देने के स्टाइल से लग रहा था कि वह मुझसे सब कुछ करके लेने वाली है।
वह एक प्रकार से डोमिनेट करने लगी थी।

अब वो मेरे ऊपर आ गई और धीरे से मुझे चूमने लगी।

दोस्तो, एक बात बता दूं कि आस्मां बहुत ही प्यार से ये सब कर रही थी।
उसे किसी भी प्रकार की जल्दबाजी में नहीं थी।

उसकी योनि का हिस्सा मेरे लिंग पर दबाव बना रहा था और वो जानबूझकर योनि को मेरे लिंग पर घिस रही थी।
उसके ऐसा करने से मेरा लिंग फिर से अपना आकार लेने लगा।

उसने मेरी निप्पल को अपनी उंगलियों पकड़ कर खींचा और मेरी सिसकी निकल गई।
मुझे बड़ा मजा आ रहा था।
उसने हल्का सा नीचे आकर मेरे निप्पल को अपने जीभ से चाटा।

क्या बताऊं दोस्तों, मैं तो जैसे हवा में गोते लगाने लगा।

मैंने पहली बार उसे कहा- प्लीज, मेरे लिंग को बाहर निकाल कर सहलाओ।
उसने हंसकर मेरी अंडरवीयर खींच कर निकाल दी और मेरे पूरे आकार में आए हुए लिंग को पकड़ कर कहा- जान, इसे लंड कहा करो।
और हल्के से दबाया।

उसके मुंह से लंड सुनकर मुझे शॉक लगा।
उसने धीरे धीरे लंड सहलाना शुरू किया।

मैं लेट कर मजे ले रहा था।
वो बीच बीच में मेरी तरफ देख कर हंस रही थी।

मेरा प्रिकम लंड के सुपाड़े पर दिखने लगा था।
आस्मां अंगूठे से प्रिकम को लंड के सुपाड़े पर फैला रही थी और मुझे मजा आ रहा था।

मेरे लंड में तनाव बढ़ रहा था।
आस्मां जो कुछ भी मेरे साथ कर रही थी उसका मैं पूर्ण रूप से आनंद ले रहा था।

थोड़ी देर बाद मैंने उसे मेरी बगल में लेटने के लिए कहा।
एक हाथ से उसके एक बूब को पकड़ा और धीरे धीरे दबाने लगा।

उसने प्यारी सी आवाज में उसके निप्पल को उंगलियों से कुरेदने के लिए बोला।
मैंने ठीक वैसा ही किया।

अब उसके चेहरे पर अलग ही मजा दिखने लगा।

मैंने उसे जोर से किस किया और फिर से बूब्स दबाने लगा।

उसने मुझे सीधा लिटाया और वो मेरे ऊपर आ गई।

वह अपना एक बूब बिलकुल मेरे मुंह के पास लाई मानो कह रही हो कि मुंह में भरो।
मैंने दावत का बुलावा समझ कर मेरा मुंह खोलकर उसके बूब्स के पास ले गया तो उसने चिढ़ाने के लिए अपना बूब पीछे लिया।

2-3 बार ऐसा किया तो मैंने उसे पकड़ कर अपनी ओर खींचा और उसके बूब को मुंह में भर लिया।
छोटा ब.च्चा जैसे चूसता है, ठीक वैसे ही मैंने चूसना शुरू किया।
आस्मां भी उसे एंजॉय करने लगी।

थोड़ी देर बाद उसके निप्पल को पूरा गीला करके बाहर निकाला।
तो आस्मां को एक शरारत सूझी।

वो उसके गीले निप्पल को मेरे निप्पल पर टच करके खेलने लगी।
उसने अपने दोनों बूब्स से मेरी छाती पर दबाव बनाया और किस करने लगी।

वो अहसास ही कुछ और था।
नीचे मेरे लंड में आग लगी हुई थी और ऊपर उसने अपने घने बालों से मेरा चेहरा ढका हुआ था।

उसने मेरे कान में हल्की आवाज में बोला- मेरी चूत को सहलाओ।
और वो बगल में लेट गई।

उसने अपनी पेंटी उतार दी और मेरा हाथ अपने चूत पर रखा।
मैंने अपनी एक उंगली उसके चूत में डाली तो मुझे गीलापन महसूस हुआ।

उसने उंगली अंदर जाते ही हल्की सी आवाज निकली।
तो मैंने धीरे धीरे अपनी उंगली अंदर बाहर करना शुरू किया।

दोस्तों आस्मां ने मुझे क्लिटोरिस सहलाने की तकनीक बताई जिससे उसे उत्तेजना का एहसास हो रहा था।
उसकी चूत पूरी तरह से गीली हो गई थी।

कुछ ही देर में उसने मुझे अपने ऊपर खींच लिया और कहा- लंड अंदर डालो।
मैंने अपने हाथ में लंड पकड़ कर निशाना साधा।

लेकिन मैं चूक गया।
तो आस्मां ने मेरी मदद करने के लिए एक तकिया अपने कमर के नीचे सरकाया और खुद मेरा लंड हाथ में लेकर अपने चूत पर टिकाया।

मैंने इशारा समझते हुए हल्का सा धक्का दे दिया।
उसकी चूत गीली होने के कारण थोड़ा दबाव बनाते ही मेरा लंड अंदर चला गया।
उसके और मेरे मुंह से हल्की सी आह निकली।
हम दोनों भी हंस पड़े।

लंड अंदर जाते ही मुझे उसकी चूत की गर्माहट महसूस होने लगी।

उसी स्थिति में कुछ सेकंड रुकने के बाद मैंने धीरे से धक्के लगाने शुरू किए।
आस्मां भी नीचे से कमर हिलाते हुए मेरा साथ दे रही थी।

लंड और चूत के घर्षण से मुझे बहुत ही मजा आ रहा था और आस्मां के मुंह से निकलने वाली आवाज और उसके चेहरे पर खुशी देख कर लग रहा था कि उसे भी मजा आ रहा है।

उसने मुझे अपने करीब खींच कर चूमना चालू किया।
मेरा धक्के लगाना लगातार चालू था।

मिशनरी पोजीशन में मुझे असीम आनन्द आ रहा था। मेरी छाती उसके बूब्स पे रगड़ रही थी। मेरे दिमाग में उस वक्त चल रहा था की काश आस्मां अपनी टांगों से मुझे कैद कर ले। पता नहीं वो कैसे समझ गई। उसने उसी वक्त अपनी टांगें फैलाई और अपने हाथो से और टांगों से मुझे कैद कर लिया जैसे मुझे अपने आप में समा लेना चाहती हो। इस पोजीशन में मुझे धक्के लगाने में तकलीफ हो रही थी। लेकिन मैं जैसे तैसे पूरे जोश से धक्के लगा रहा था। वो मुझे किस करके अपना प्यार और आनन्द जता रही थी। उसका ऐसे करने से मुझे उसे चोदने के लिए प्रेरणा मिल रही थी। जी तो कर रहा था की मेरा पानी छोड़ दूं और आस्मां में पूरा समा जाऊं।

करीब 10 मिनट बाद मैंने उसे ऊपर आने के लिए कहा।
उसने तुरंत मेरी सहायता की और बिना लंड को चूत से बाहर निकाले मेरे ऊपर आ गई। मैंने उसे कस कर पकड़ा और नीचे से धक्के देने लगा।
लेकिन मुझे ऐसा करने में परेशानी हो रही थी।
तो आस्मां ने मुझे लेटे रहने के लिए कहा और मैं समझ गया कि उसे राइडिंग करनी है।

अब दोस्तो, ये मत कहना कि मेरा पहला सेक्स हैं और मुझे पोजीशन कैसे पता है.
क्योंकि मैं पोर्न देखने का शौकीन हूं तो मैंने तरह तरह के बहुत सारे विडियो देखे हैं और हमेशा से इच्छा रही हैं कि वो सब ट्राई करूं।

आस्मां मुझे वो सुख देगी ये कभी सोचा नहीं था।

खैर आस्मां जबरदस्त तरीके से अपनी कमर हिलाकर ऊपर नीचे होने लगी और मैं सातवे आसमान में उड़ने लगा।

पता नहीं उसने ये सब कहाँ से सीखा, लेकिन मुझे मजा तो बहुत आ रहा था।

वो धीरे से अपनी कमर ऊपर उठाती और फिर जोर से नीचे पटक देती।
इससे मेरा लंड पूरा उसके चूत में जा रहा था।

हम एक दूसरे की जीभ से खेलने लगे।
वो मेरी जीभ चूसने लगी।

पहले मुझे कुछ अजीब सा लगा।
लेकिन फिर मजा आने लगा।

मैं अपना लंड नीचे से उसके चूत में ज्यादा से ज्यादा अंदर करने का प्रयास करने लगा।
और आस्मां भी उसका जवाब जोरदार धक्कों से देने लगी।

ऐसे लग रहा था जैसे हम दोनों एक लय में धक्के लगा रहे है।
दोनों इस क्रिया का आनन्द ले रहे थे।

मैं पहले एक बार झड़ गया था तो इस वजह से मेरा लंड अब थोड़ा दुखने लगा था।
लेकिन चूत में मिलने वाले घर्षण के वजह से मजा भी बहुत आ रहा था।

कुछ समय बाद मुझे एहसास होने लगा कि मैं फिर से झड़ने वाला हूं।

करीब 15 मिनट हो गए थे तो मैंने आस्मां से कहा- डार्लिंग, मुझे लगता हैं मैं झड़ने के करीब हूं।
तो आस्मां ने थोड़ा रुक कर ‘ठीक है’ कहा।

अचानक से वो मेरे नीचे आने की पोजिशन में आ गई।
मैं समझ गया और उसका साथ देकर उसके ऊपर आ गया।

कमाल की बात है कि उसने लंड को चूत में से बाहर निकलने नहीं दिया।
उसने उसके पैर मेरे पिछवाड़े पर लपेट दिए और मेरा लंड अपने अंदर लेने लगी।
मैं भी धक्के मारने लगा।

कुछ 5 मिनट तक मैंने धक्के लगाए और अचानक से मेरा शरीर अकड़ गया।
दोस्तो, वो चरमसुख का पल क्या बताऊं!
सोच कर अभी भी रोंगटे खड़े हो रहे हैं।

मैं प्रयास कर रहा था कि लंड बाहर निकाल कर झड़ जाऊं।
लेकिन आस्मां ने मुझे कस के पकड़ लिया और मुझे पूरे आनन्द से उसके अंदर झड़ने दिया।

मेरे वीर्य की गर्माहट से कुछ ही सेकंड में उसने भी अपना रस छोड़ दिया और वो पल मेरे लिए यादगार बन गया।

आस्मां ने मेरे लंड के आखरी झटके तक मुझे कस लिया था।
मेरे लिए यह अनुभव बेहद सुखद था।
ऐसे लग रहा था जैसे उसने अपने चूत से मेरे लंड को कस के पकड़ लिया है।

मैं आस्मां के ऊपर लेटा रहा।
शरीर हल्का हल्का महसूस होने लगा।

मैंने अपना सर उसके बूब्स पर रखा और उसकी धड़कन सुनने लगा।

कुछ देर हमने कोई बात नहीं की।
मेरा लंड अभी भी उसकी चूत में था।

आस्मां ने मुझे फिर एक बार चूमा।
ऐसे ही मैं उसके ऊपर लेटा रहा; हटने की इच्छा ही नहीं हो रही थी।

लेकिन थोड़ी देर बाद मैं बगल में लेट गया।
हम दोनों पसीने से लथपथ हो गए थे।

मैंने लाइट बंद कर दी और कंबल ओढ़ कर हम दोनों एक दूसरे से चिपक कर सो गए।
कब नींद आई पता नहीं चला।

सुबह जब नींद खुल गई तो मेरा लंड मुझसे पहले उठ गया था।
मैंने आस्मां की तरफ देखा और रात वाली चुदाई याद आ गई।
मुझे यकीन नहीं हुआ कि हमने ऐसा कुछ किया।

थोड़ी देर बाद आस्मां की आंख खुल गई।
उसने पाया कि मैं उसकी ओर देख रहा हूं.
तो बड़े प्यार से उसने मुझे किस किया और थैंक यू कहा।

उसे इंटरव्यू के लिए जाना था तो वो पहले फ्रेश होने बाथरूम चली गई।
मेरा मन हो रहा था कि मैं उसके साथ बाथरूम में मस्ती करूं।

मैंने बाथरूम के दरवाज़े पर दस्तक देने के लिए धक्का दिया तो दरवाज़ा अचानक से खुल गया।
मैं समझ गया कि वो भी शरारती मूड में है।

वो पूरी नंगी होकर नहा रही थी।
उसने मेरी अंडरवीयर उतार दी और लंड को पकड़ कर अपनी ओर खींचा।

मैं प्यार भरी नजर से उसके हसीन शरीर को देख रहा था।
मेरा लंड फिर से एक बार कड़क हो गया।

इच्छा तो थी कि बाथरूम में चुदाई की जाए लेकिन उसे जल्दी इंटरव्यू के लिए पहुंचना था तो हम दोनों ने अपने जज्बातों को काबू में रखा और सिर्फ स्नान ही किया।
लेकिन स्नान करते करते काफी बार एक दूसरे को चूमा।

तैयार होकर अपने अपने काम की ओर बढ़ने का समय आ गया तो मन में कुछ दुख सा लगने लगा।
हम दोनों ने अपने मोबाइल नंबर शेयर किए।

आस्मां ने जल्द ही फिर से मिलने का वादा किया और किस करते हुए पैंट के ऊपर से लंड दबाकर कुछ नॉटी तरीके से बाय बोला।

तो इस प्रकार से मेरा पहला सेक्स अनुभव बेहद सुखद रहा।
आस्मां ने मुझे बहुत ही सहजता से सेक्स का अनुभव कराया।
मेरे लिए आस्मां के साथ बिताए वो पल यादगार बन गए।

जल्द ही मिलने का प्लान बनाया है।
आस्मां की जॉब लग गई है और उसने मुझे डेट पे बुलाया हैं। मैं भी बहुत उत्सुक हूं।
देखते हैं, क्या क्या होता है।
मैंआपके साथ शेयर करूंगा।

मेरी होटल सेक्स फक कहानी कैसी लगी?
जरूर बताइएगा।
आपका सुनील
[email protected]

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