सहकर्मी की रांड बीवी को रौंदते हुए चोदा- 1
(Hot X Story)
हॉट X स्टोरी में मेरे साथ काम करने वाला एक लड़का अपनी बीवी पर ध्यान नहीं देता था. तब मैंने उसकी बीवी पर ध्यान दिया तो वह एकदम से चुदाई के लिए तैयार होमेरा नाम तारक है.
मैं एक बत्तीस साल का शादीशुदा आदमी हूँ और चेन्नई में एक मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी करता हूँ.
मेरा कद 5 फीट 11 इंच है, चौड़े कंधे और गेहुंआ रंग है.
मैं अपनी आपबीती आप लोगों के साथ साझा करना चाहता हूँ.
मैं पहली बार अन्तर्वासना पर कुछ लिख रहा हूँ इसलिए बहुत सारी गलतियां हो सकती हैं.
इसके लिए मैं पहले ही माफी माँगता हूँ.
अब मैं बिना देर किए सीधे अपनी हॉट X स्टोरी पर आता हूँ.
बात 2018 की है.
मेरे साथ काम करने वाला नव कुमार (काल्पनिक नाम) हमेशा फोन पर चिपका रहता था.
उसके दूसरे मोबाइल पर घर से लगातार कॉल आते रहते थे, जो मुझे अजीब लगता था.
एक दिन वह फोन पर बात करते-करते दूर चला गया.
उसी समय उसके घर से उसकी पत्नी का कॉल आया.
फोन की रिंग लगातार बज रही थी इसलिए मैंने कॉल उठा लिया.
उधर से एक मीठी-सी आवाज में एक महिला ने बंगाली में बात की जो मैं ठीक से समझ नहीं सका क्योंकि मुझे बंगाली नहीं आती.
मैंने हिंदी में कहा- वह अभी दूसरे मोबाइल पर व्यस्त है. मैं उन्हें बाद में कॉल करने को कहता हूँ.
वह बोली- आप कौन हैं?
उसकी आवाज शहद से भी मीठी और बहुत ही सुरीली थी.
मैं स्तब्ध रह गया कि इतनी मीठी आवाज भी हो सकती है क्या?
एक दो पल बाद मैंने कहा- मैं उनके साथ ऑफिस में काम करता हूँ.
वह बोली- ठीक है!
उसने फोन काट दिया.
मैं उसकी आवाज के बारे में सोचता रहा.
फिर न जाने क्या सोचकर मैंने उसका मोबाइल नंबर अपने फोन में सेव कर लिया.
शाम को जब मैं अपने रूम पर गया और खाना खाने के बाद उस नंबर को चेक किया तो देखा कि उस नंबर पर व्हाट्सएप था.
मैंने ‘हाई’ का मैसेज किया, लेकिन कोई जवाब नहीं आया.
फिर मैं सो गया.
सुबह उठकर मैंने गुलाब के फूल के साथ ‘गुड मॉर्निंग’ का मैसेज भेजा.
लेकिन फिर भी कोई जवाब नहीं आया.
ऐसा मैं हर दिन करने लगा.
खूबसूरत गुलाब के फूल के साथ गुड मॉर्निंग विश करता.
लेकिन जवाब हमेशा जीरो.
यह सिलसिला करीब एक महीने तक चला.
फिर एक दिन अचानक जवाब आया- कीथ बाड़ी!
मैं- क्या आप हिंदी में बात कर सकती हैं?
जवाब आया- मुझे हिंदी नहीं आती!
मैं- आप तो बहुत अच्छी हिंदी लिख रही हैं! फिर क्यों कह रही हैं कि नहीं आती?
जवाब आया कि थोड़ी-थोड़ी जानती हूँ!
मैं- मेरे लिए इतना ही काफी है!
अब सवाल आया कि आप कौन हैं?
मैं- वही, जिसने आपके पति के फोन पर आपका कॉल रिसीव किया था ऑफिस में!
जवाब- अच्छा … तो आप हैं… क्या नाम है आपका?
मैं- तारक!
सवाल- क्या करते हैं?
मैं- आपके पति का सीनियर हूँ!
जवाब- ओह! तो आपके बारे में ही नव (उसका पति) कहता है कि सारे काम मेरा तारक सर देख लेते हैं, मुझे टेंशन नहीं रहती!
मैं- क्या करूँ? वह करता ही नहीं, फोन पर बिजी रहता है, तो मुझे करना पड़ता है. नहीं करूँगा, तो उसे भी डाँट पड़ेगी और मुझे भी जीएम से सुनना पड़ेगा!
जवाब- ओह…
मैं- आपका नाम?
जवाब- सपना! (बदला हुआ नाम)
मैं- आपकी आवाज की तरह आपका नाम भी बहुत मीठा है!
सपना- अच्छा … थैंक यू!
सपना- वह कहां बात करता है?
मैं- मुझे नहीं पता. मैं तो सोचता था कि वह आपसे बात करता है. लेकिन जब आपने फोन किया और मैंने रिसीव किया, तब मुझे लगा कि वह कहीं और बिजी रहता है!
सपना- ठीक है … बाय!
वह ऑफलाइन हो गई.
उसी रात खाना खाने के बाद और सोने से पहले मैंने सपना को ‘हैलो’ का मैसेज किया.
जवाब आया- बोलिए!
मैं- खाना खाया?
सपना- हां और आपने?
मैं- मैंने भी!
सपना- क्या कर रहे हैं?
मैं- आपको याद!
सपना- क्यों?
मैं- पता नहीं!
सपना- आपने तो सारी दुनिया के फूल मुझे दे दिए पूरे महीने में! मुझे पागल कर दिया … और बोलते हैं कि पता नहीं!
मैं- आपने मुझे बहुत इंतज़ार करवाया है!
सपना- इंतज़ार में ही तो मज़ा है ना! मैं भी सोचती थी कि कौन है जो मेरे पीछे इतना पड़ा है. मैं समझी थी कि कोई मेरे घर के आस-पास का है. लेकिन जब आपने कहा हिंदी में बात करो, तब मेरा डर निकल गया!
मैं- आपकी आवाज ने मुझे पागल कर दिया था, इसलिए मैंने आपके पति के मोबाइल से आपका नंबर चुराया!
सपना ने हँसने का एक इमोजी भेजा.
मैंने भी आंख मारने का इमोजी भेजा.
मैं- एक अपनी पिक भेजिए न!
सपना ने अपनी एक तस्वीर भेजी जो इतनी सुंदर और हॉट थी कि मैंने सपने में भी नहीं सोचा था.
मेरा मुँह खुला का खुला रह गया.
वह इतनी खूबसूरत थी, मानो स्वर्ग की अप्सरा हो!
बड़े बड़े बूब्स, खड़ी और गोल नाक, बड़ी और कटीली आंखें, पतले होंठ … आह क्या ही बताऊं!
उसके 36 के बूब्स, 30 की कमर, और 38 का पिछवाड़ा देखकर मेरे लंड में तनाव आ गया.
सपना- क्या हुआ … फ़ोटो कैसा लगा? जवाब क्यों नहीं आया?
मैं- चाँद में तो दाग भी हैं, लेकिन आपको देखकर तो चाँद भी शर्मा जाए! आपको देखकर मेरा सारा कुछ हिल गया है. रियली, आप बहुत खूबसूरत हैं! इतनी हॉट बीवी को छोड़कर नव कुमार कहां बिजी रहता है, मैं समझ नहीं पा रहा हूँ!
सपना- छोड़िए उसका … आप अपनी पिक भेजिए!
मैंने भी अपनी एक पिक भेजी जो उसे पसंद आई.
वह बोली- आपकी चौड़ी छाती पर तो सिर रखकर सोने का मन कर रहा है!
मैं- आपको किसने मना किया है?
सपना- आपकी वाइफ ने!
मैं- उसे कब बात की?
सपना- डर गए ना!
मैं- नहीं तो!
सपना- संभाल पाएंगे मुझे!
मैं- आपको क्या लगता है?
सपना- हां! मुझे लगता है कि आप जैसे हट्टे-कट्टे और चौड़ी छाती वाले ही मुझे रौंद सकते हैं! आपकी हाइट क्या है?
जब उसने यह पूछा तो मैंने बताया कि 5 फीट 11 इंच.
सपना- बहुत अच्छा है … मैं भी बहुत लंबी हूँ!
मैं- आपकी साइज़ क्या है?
सपना- क्यों? क्या आपने मेरी तस्वीर में नहीं देखा?
मैं- हां देखा! मगर आपके मुँह से सुनना चाहता हूँ!
सपना- आपका क्या अनुमान है?
मैं- छत्तीस ऊपर और अड़तीस का जलवा नीचे है.
सपना- खिलाड़ी हो आप … देख कर ही सही अनुमान लगा लेते हो!
मैं- हां वह तो है … मैं तो ये भी अनुमान लगा लेता हूँ कि कौन कितना जंप मार सकता है!
सपना- अच्छा! मगर मेरे जंप को आप संभाल नहीं पाओगे, क्योंकि मेरा पति कभी मुझे संभाल नहीं पाया है! मेरे दो उछाल में ही खलास होकर साइड में सो जाता है … मुँह खोलकर … मन करता है, मुँह में ही पेशाब कर दूँ उसके!
मैं- अच्छा, ऐसी बात है! जब तुम मुझे मिलोगी, तब पता चलेगा! बिना लंड डाले ही तुमको नहीं निचोड़ दिया, तो फिर कभी मुँह नहीं दिखाऊंगा!
सपना- अभी वह तो दिखा दो!
मैं- क्या?
सपना- हथियार … यार लड़ोगे किस हथियार से?
मैं- नहीं, पहले मुझे भी तुम्हारा देखना है!
सपना- क्या?
‘बूब्स’ मैंने कहा.
सपना- नहीं, पहले आप अपने लंड का पिक भेजो!
उसके मुँह से ‘लंड’ शब्द सुनकर मेरे लंड में तूफान मच गया.
मैंने तुरंत ही अपनी चड्डी खिसकाई और फोटो खींच कर सेंड कर दी.
अगले ही पल उधर से सपना ने वीडियो कॉल कर दी.
मैंने रिसीव किया.
वह लाल रंग की ब्रा और ग्रे रंग के पेटीकोट में बैठी थी.
ब्रा बहुत ही तंग थी और चूचे इतने बड़े थे कि ब्रा से बाहर निकल रहे थे.
मैंने कहा- बहुत मस्त हैं आपकी चूचियां … मुझे इनसे खेलना है!
वह बोली- आपका जब मर्जी हो … आकर खेल लेना! मगर आपके लंड को देखकर मेरी बुर में हलचल मच रही है … आओ न, मुझे चोद दो! मैं तेरी रखैल बनकर रहूँगी … जल्दी से आ जाओ न … मुझे रौंद डालो … मसल डालो! मुझे बूँद-बूँद निचोड़ डालो!
मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि इतनी जल्दी वह मेरे साथ इतनी ज्यादा खुल जाएगी.
फिर उसी समय हमने मिलने का प्लान बनाया.
क्योंकि चेन्नई से बंगाल जाने का मतलब 28 से 30 घंटे का रास्ता था इसलिए एक हफ्ते बाद हमने मिलने का समय निर्धारित किया.
निर्धारित दिन मैं वेस्ट बंगाल के शहर खड़गपुर में सुबह 9:10 बजे पहुंचा.
पहुंच कर सपना को कॉल किया तो उसने कहा- बस, मैं आ रही हूँ … यही कोई 20 मिनट में पहुंच जाऊंगी!
मैं स्टेशन से निकलकर बस स्टैंड पर आकर इंतज़ार करने लगा.
सपना ठीक 20 मिनट बाद एक बस से उतरी.
हम लोग वीडियो कॉल पर हमेशा बात करते थे इसलिए पहचानने में कोई परेशानी नहीं हुई.
मगर जब सामने से देखा तो क्या लग रही थी!
सुडौल शरीर, 5 फीट 8 इंच लंबी, पहाड़ जैसे तने हुए दो बड़े-बड़े मम्मे और पीछे भारी-भरकम निकली हुई गांड … सपाट पेट!
ऐसा लग रहा था मानो साक्षात कामदेवी रति खड़ी हो.
वह काफी सज-धज कर आई थी.
जब चलती थी, तो आगे दोनों खरबूजे हिलते थे और देखने वाले का ईमान हिल जाता.
आंखों में वासना तैरने लगती थी.
पीछे हर कदम पर थिरकती हुई नितंब बूढ़े के लंड में भी तनाव पैदा कर सकते थे.
मेरा हाल तो उसके सामने का सीन देखकर ही बुरा हो गया था.
मैंने आगे बढ़कर उसे हैलो बोला और हाथ मिलाकर एक-दूसरे का अभिवादन किया क्योंकि पब्लिक प्लेस में इससे ज्यादा उचित नहीं था.
फिर हम दोनों पास के एक लॉज में गए, अपना आईडी कार्ड दिखाकर रूम बुक किया और चाबी लेकर कमरे में आ गए.
अन्दर जाते ही सपना ने दरवाजे की सिटकनी लगाई और पीछे मुड़कर मुझ पर झपटने के लिए झुकी.
मगर मैंने उसे झुकने से पहले ही उसके कंधों को पकड़ कर उठाया, उसके कंधे से पर्स निकालकर सामने पड़े टेबल पर रखा और जोर से गले लगा लिया.
वह भी ऐसी चिपक गई जैसे हम दो नहीं, एक ही शरीर हों.
बिल्कुल हवा पास होने की भी जगह नहीं थी.
हम दोनों एक-दूसरे को चूमते-चाटते नहीं जानते कब मैं उसके पीछे जा चुका था.
अब मेरे दोनों हाथों में उसके दोनों बड़े-बड़े उरोज थे.
मैं दोनों हाथों से उन मदमस्त, विशाल और सख्त उरोजों को उसके सूट के ऊपर से ही मसल रहा था.
मेरे होंठ उसके गले और कानों के आस-पास चुंबनों की बौछार कर रहे थे.
मेरे लंड में इतना तनाव था कि वह सपना के चूतड़ों की दोनों घाटियों के बीच रगड़ खा रहा था.
मैं अपना सुध-बुध, होश-हवास खो बैठा था और यही हाल सपना का भी था.
वह भी आंखें बंद करके सिर्फ कामुक सिसकारियां भर रही थी.
मैं सपना के बूब्स को पीछे से पकड़ कर बुरी तरह दबाए जा रहा था, उसके कानों को अपने होंठों से चबाए जा रहा था.
सपना इतनी मस्त हो गई थी कि उसने अपने हाथों को पीछे ले जाकर मेरे लंड को टटोलना शुरू कर दिया और उसे पकड़ कर दबाने लगी.
उसकी वासना से लबरेज सिसकारियों से कमरा गूंजने लगा था.
वह बड़बड़ा रही थी- ई… स… मुझे मसल डालो! आज काट खाओ ई…इ…इ… बहुत चुल्ल है इन दोनों चूचों में … वह मेरे लंड के ऊपर अपनी गांड को दाएं-बाएं रगड़ने लगी.
मेरा लंड उसकी कोमल गांड से रगड़ खाकर अंतर्वासना के चरम पर पहुंच गया था.
तभी अचानक से डोरबेल बजी.
हम दोनों का ध्यान भंग हो गया.
मैं बाथरूम में भागा क्योंकि मेरा लंड रॉड की तरह तना हुआ था.
सपना ने दरवाजा खोला.
सामने सर्विस बॉय था जो पानी और जरूरी सामान रखकर चला गया.
मैं बाथरूम से बाहर आया.
तब सपना बोली- मेरा सारा सूट खराब हो गया!
मैंने कहा- अभी तो सूट को मसला है, बूब्स को मसलना बाकी है … तुम्हारे बूब्स बहुत अच्छे हैं, मुझे इनसे खेलने में बहुत मजा आ रहा है!
वह बोली- देखती हूं … तुम कितना खेल पाते हो!
पाठको, मैं एक बात बताना चाहता हूं. उसके अन्दर जवानी की आग भरी हुई थी.
उसकी आंखें मदमस्ती से भरी थीं.
वह इतनी कामुक हो गई थी कि अपनी आंखें पूरी तरह खोल भी नहीं पा रही थी.
अधखुली आंखों से वह मुझे हसरत भरी निगाहों से देख रही थी!
दोस्तो, इस हॉट X स्टोरी के अगले भाग में आपसे पुनः मुलाकात होगी.
और तब मैं अपने दोस्त की इस कामुक बीवी की चुत चुदाई को आगे लिखूँगा.
हॉट X स्टोरी पर मुझे आपके मेल व कमेंट्स का इंतजार रहेगा.
धन्यवाद.
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हॉट X स्टोरी का अगला भाग: गयी.
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