ना ना करते पड़ोसन भाभी ने चूत में लंड ले ही लिया
(Free Hot Sex Story)
फ्री हॉट सेक्स स्टोरी में मैंने पड़ोस में रहने वाली भाभी को पटा कर चोदा. वह बहुत सेक्सी भाभी थी. उसके पति बाहर जॉब करते थे, वह सिलाई का काम करती थी.
दोस्तो, मेरा नाम अंकित सोनू है.
मेरी उम्र 25 साल है, मैं दिखने में स्मार्ट हूँ.
मेरा बदन भी भरा हुआ है.
शायद यही वजह है कि आंटियां और भाभियां जल्दी ही मेरी ओर आकर्षित हो जाती हैं.
मेरे दोस्तों का कहना है कि मेरे बदन के कुछ खास हिस्सों पर तिल हैं, जिनकी वजह से भाभियां और आंटियां मुझसे तुरंत पट जाती हैं और जल्दी ही अपनी चूत सौंप देती हैं.
मैंने अब तक अनगिनत लड़कियों से बात की है, कई आंटियों और भाभियों के साथ बार-बार संभोग भी कर चुका हूँ.
मैं पहले एक स्मॉल फाइनेंस कंपनी में काम करता था, जहां लोन देने का काम होता था.
जैसा कि सब जानते हैं, वहां आने वाली आधी महिलाएं बस चुदाई के बहाने ढूँढती रहती हैं.
ये बात ज्यादा पुरानी नहीं, अभी 12 दिसंबर 2023 की है.
यह फ्री हॉट सेक्स स्टोरी मेरे पड़ोस में रहने वाली नेहा भाभी की है.
उनकी उम्र 28 साल है. वे एकदम मक्खन-सी माल हैं.
उनके पति बाहर रहते थे और महीने में एक-दो बार ही आते थे.
वह भी बस चुदाई करने के लिए.
भाभी किराए के मकान में रहती थीं, उनकी आर्थिक हालत बहुत अच्छी नहीं थी.
इसलिए वे सिलाई मशीन चलाकर कुछ खर्चा निकालती थीं.
उनकी 34 की चूचियां, 36 के चूतड़, गोरा बदन देख कर लंड हाहाकार करने लगता था.
वे एकदम कयामत जैसी माल थीं.
कोई भी जवान लड़का भाभी को अपने लौड़े के नीचे लिटाना चाहेगा.
मेरा गारमेंट्स का बिजनेस है और पड़ोस में रहने के कारण मेरा नेहा भाभी से परिचय था.
हमारी अक्सर इंस्टाग्राम पर बातचीत होती थी.
धीरे-धीरे ये बातचीत अश्लील होने लगी.
मैंने भाभी से उनके बारे में, उनके पति के बारे में सब कुछ पूछ लिया था.
एक दिन जब मेरे घर में कोई नहीं था.
उसी वक्त भाभी कुछ कपड़े लेने मेरी शॉप पर आईं.
मुझे लगा कि ये दिल की बात कहने का सही मौका है.
मैंने हिम्मत करके उनके हाथ को पकड़ लिया.
वे कसमसा कर हाथ छुड़ाने लगीं.
मैंने उन्हें चूमने की कोशिश की, पर वे हड़बड़ा कर छुड़ाने कर अलग होने की कोशिश करने लगीं.
भाभी बोलीं- कोई देख लेगा … ये सब गलत है … मैं ऐसी नहीं हूँ!
ये कहकर भाभी भाग गईं.
वैसे दोस्तो, जैसा कि सब जानते हैं कि अगर कोई लड़की कहे कि ‘कोई देख लेगा!’ तो इसका सीधा मतलब है कि वह देने को तैयार है … बस थोड़े नखरे दिखाएगी. आपको कोशिश करते रहना चाहिए.
पर उस दिन मेरी तो फट गई थी.
फिर इंस्टाग्राम पर बात हुई.
भाभी ने कहा- ये सब गलत है. मैं ऐसा नहीं कर सकती. मेरे पति हैं!
मैंने साफ-साफ कह दिया- मुझे सेक्स करना है. मुझे ज्यादा चोदना मत सिखाओ … बस यह बताओ कि करोगी या नहीं? मेरा मन है तुम्हारे साथ वह सब करने का. अगर करना है तो ठीक, वर्ना रहने दो!
इसी तरह बातें होती रहीं.
अब वे मजे लेने लगीं और पूछने लगीं कि मेरी कितनी गर्लफ्रेंड्स रह चुकी हैं! मैंने पहले किसी के साथ सेक्स किया है या नहीं!
बस यही सब.
मैंने उन्हें कुछ भाभियों के साथ चुदाई की कहानियां सुनाईं.
यह भी बताया कि मैंने कितनों की चूत चोदी है और कैसे-कैसे मैंने उन्हें चोदा है.
मैंने उन्हें यह भी बताया कि मैं लड़कियों और भाभियों को चोदते-चोदते रुला देता हूँ. उन्हें गोद में उठाकर झूला झुलाते हुए चोदता हूँ … और घोड़ी बनाकर पेलना तो मुझे सबसे ज्यादा पसंद है.
वे यह सब बड़े चाव से सुनतीं और हंस कर जबाव दे देतीं.
कुछ दिन बाद भाभी का कॉल आया.
वे बोलीं- मुझे 2000 रुपये की जरूरत है, क्या आप मुझे दे देंगे? मैं 10 दिन में लौटा दूँगी!
ये सीधा-सीधा इशारा था कि भाभी लेटने के लिए मान गई हैं.
मैंने भी देर नहीं की.
मैंने कहा- मैं देने आपके घर आ जाता हूँ.
भाभी बोली- भूंजा लेकर आइएगा!
मैं तुरंत पहुंच गया.
मैंने उन्हें भूंजा दिया और फिर उनकी चूचियों को पकड़ कर दबा कर उन्हें चूम लिया.
इस बार ना तो वे साथ दे रही थीं और ना ही रोक रही थीं.
मैंने अपने हाथ भाभी के ब्लाउज में घुसाकर चूचियां दबाईं.
उनकी चूचियां एकदम रसीले आम की तरह सॉफ्ट-सॉफ्ट थीं.
जिसने भी अब तक किसी भाभी या महिला के पॉम-पॉम नहीं दबाए, वह उस आनन्द को कभी नहीं समझ सकता.
मैंने भाभी को चूमना शुरू कर दिया.
उनके होंठ, गाल, गर्दन, सब जगह चूमा.
भाभी ने कहा- अभी कोई आ जाएगा, आप अभी जाओ, यह सब रात में करेंगे!
ये बात सही थी, इसलिए मैं भाभी से अलग हो गया.
मैंने पूछा- कितने बजे आऊं?
उन्होंने कहा- रात 8 बजे के बाद आना.
मैं उन्हें चूमकर खुश होकर चला आया.
शाम को मैंने भाभी से फोन पर बात की और कहा- नीचे का मैदान साफ रखना. आज चाट कर पूरा मजा लूँगा और चोदकर हालत खराब कर दूँगा!
वे हंस दीं.
मैंने शाम को स्ट्रॉबेरी फ्लेवर के कंडोम खरीद लिए और उन्हें बता भी दिया कि ये वाला लेकर आ रहा हूँ.
उन्होंने कुछ नहीं कहा.
मैं बेसब्री से रात 8 बजे का इंतजार करने लगा.
पर पता नहीं क्यों, जब आप किसी चीज का बेसब्री से इंतजार करते हैं, तो वक्त बहुत धीरे चलता है.
मेरे मन में बहुत कुछ चल रहा था कि उन्हें नंगी करके लिटाकर चोदूँगा, साड़ी खोलने में तो अलग ही मजा है.
यही सब सोचते-सोचते मैंने एक बार बाथरूम में जाकर हिला भी लिया.
पर शाम साढ़े सात बजे उन्होंने कॉल किया और कहा- मैं नहीं कर सकती, मुझे खराब लग रहा है!
यकीन मानो मेरे तो खड़े लंड पर धोखा हो गया.
साला सारा मूड खराब हो गया.
मैंने गुस्से में कॉल काट दिया और इंस्टाग्राम पर उसे ब्लॉक कर दिया.
रात 10 बजे भाभी ने फिर से कॉल किया.
मैंने कहा- सीधा-सीधा बताओ करना है तो ठीक … वर्ना मुझसे बात मत करो!
थोड़ी बात हुई और फिर वे मान गईं.
भाभी ने कहा- रात 3 बजे मेरे घर आइएगा, पर एक बार ही करेंगे!
मैंने भी हां कर दी.
वैसे भी माशूका आशिक की बांहों में आने से पहले हजार नखरे करती है, पर जब आती है तो पिघल ही जाती है!
एक बार अगर मैं उनके ऊपर चढ़ गया, तो फिर कितनी ही बार आराम से चढ़ सकता था.
मैंने अलार्म लगाया और सो गया, उसी के ख्यालों में चोदते-चोदते.
पर अफसोस, मैं उठ नहीं पाया.
सुबह देखा तो 3 बजे उसके 7 मिस्ड कॉल थे मतलब वह कुछ ज्यादा ही बेसब्र थी … एक गैर मर्द के लंड को अपनी चुत में घुसवाने के लिए.
अगली सुबह उठकर मैंने उन्हें बताया, तो उन्होंने कहा- आपकी ही गलती है. अब तो मैं करूँगी भी नहीं!
पर फिर भी मैं सुबह 8 बजे उनके घर चला गया.
जाते ही मैंने उन्हें 2000 रुपये दिए और कहा- दस दिन में मुझे वापस चाहिए, क्योंकि ये मैंने दोस्तों से मांगकर लिए हैं.
उन्होंने जवाब दिया- हां पक्का दे दूँगी.
फिर मैंने भाभी के हाथ को पकड़ कर उसे अपनी ओर खींचा और उनके होंठों को चूसने लगा.
इस बार वे मेरा साथ दे रही थीं.
उन्होंने नाइटी पहन रखी थी.
मैंने एक हाथ से भाभी की चूची दबाई. उफ्फ … बता नहीं सकता कि क्या मज़ा आ रहा था.
भाभी के मम्मे एकदम रुई के फाहे जैसे मुलायम और बड़े-बड़े थे.
दूसरे हाथ से मैंने उनकी चूत को सहलाना शुरू किया.
फिर बिना देर किए मैंने अपने कपड़े उतार दिए और पूरा नंगा हो गया.
मैंने कहा- चूसो!
लेकिन पता नहीं लड़कियों की क्या प्रॉब्लम है … चूत में घुसवा लेंगी, पर मुँह में नहीं लेंगी.
भाभी ने लंड चूसने से मना कर दिया.
खैर … वहां उसका 4 साल का बेटा था, इसलिए मैंने कहा- किचन में चलो न!
किचन में मैंने भाभी की नाइटी उतार कर उन्हें नंगी कर दिया.
उनके कसे हुए मम्मे, बड़ी सी गांड और गोरा बदन देख कर मुझसे रुका ही न गया.
मैं उनके ऊपर टूट पड़ा.
मैंने भाभी को गोद में उठा लिया और अपने लंड को उनकी चूत से सटाकर धक्का दे दिया.
मेरा लंड सट से अन्दर चला गया क्योंकि भाभी की चूत पहले से फटी हुई थी.
मैंने उन्हें दीवार से सटाकर धक्के देने शुरू कर दिए.
भाभी ‘आह आह उम्म आह आह’ करके आवाज़ें निकाल रही थीं.
एटीएम से नोट निकलने की आवाज़ के बाद अगर कोई दूसरी आवाज़ मुझे पसंद है, तो बस यही है ‘आह आंह जोर से ऊंह आह जोर से!’
फिर मैंने भाभी को गोद से उतार कर किचन के स्लैब से सटाया और उनकी चूत में लंड घुसेड़ दिया.
मैं उन्हें चूमते हुए धीरे-धीरे चोदने लगा.
वे ‘आह आह उह उम्म आह’ करती रहीं.
फिर मैंने उन्हें लेटने को कहा और उसके ऊपर चढ़कर अपने पूरे बदन को उनके जिस्म से सटाकर उनका मज़ा लिया.
वे बस आंखें बंद करके लंड के मज़े ले रही थीं.
मैंने भाभी को चूमना शुरू किया.
उनके शरीर का कोई हिस्सा नहीं बचा था जहां मेरे मुँह ने चूमा न हो.
फिर मैंने अपने लंड को भाभी की चूत में सैट करके फच्च से अन्दर घुसा दिया.
वे अचानक से लंड घुसने से उचक गईं … फिर जल्दी ही शांत होकर अपनी चुदाई का मज़ा लेने लगीं.
दोस्तो, वैसे तो मैंने कई रंडियों को भी चोदा है, पर किसी की वाइफ … मने घरेलू पत्नी को चोदने का मज़ा ही कुछ अलग है.
आम खरीदकर खाने से ज़्यादा मज़ा, किसी के बगीचे में पत्थर से उसे चुपचाप तोड़कर खाने में आता है!
मुझे बस वही मज़ा आ रहा था. मेरे मोहल्ले की भाभी, जो अपने पति के लिए वट सावित्री की पूजा करती थीं, मेरे नीचे नंगी लेटी हुई थीं. मेरे लंड को अपनी चूत में घुसाए रखी थीं.
खैर … मैंने अलग-अलग पोजीशनों में भाभी की नंगी जवानी का मजा लिया.
कभी घोड़ी बनाकर, कभी गोद में उठाकर, कभी लिटाकर, तो कभी डॉगी स्टाइल में चोदा. पूरे आधा घंटा तक भाभी को चोदा.
वे बस ‘आह ऊह ओह’ करती रहीं.
किसी की पत्नी मेरे लौड़े के नीचे रंडी की तरह चुदवा रही थी, यह सोच सोच कर मुझे बहुत मज़ा आ रहा था.
मैंने भाभी के गाल, गले, होंठ, चूचियों सब जगह चूस-चूस कर दांतों से निशान बना दिए.
मैंने भाभी की गांड में भी लंड डालना चाहा, पर उन्होंने मना कर दिया, तो मैंने छोड़ दिया.
काफी देर तक मस्त चुदाई के बाद मैं कपड़े पहन कर लौट आया.
शाम को भाभी ने फिर कॉल करके मोमो लाने को कहा.
मैं जानता था कि मोमो तो बहाना है, बस भाभी की चूत की आग फिर से भड़क गई है, जिसे शांत करवाने के लिए ही वे बुला रही हैं.
लड़कियां कभी खुलकर नहीं कहतीं कि चुदवाना है.
महर्षि वात्सायन ने भी कहा है कि स्त्रियों में कामवासना पुरुषों से आठ गुना अधिक होती है, पर फिर भी वह कभी पहल नहीं करतीं.
खैर … मैंने मोमो के बहाने फिर से उन्हें चोदा.
इस बार भाभी अपने रूम में लाइट ऑफ करके अपने सोए हुए बेटे के सामने ही नंगी हो गईं.
मैं उनकी चूचियों में मुँह लगाए हुए था.
मैंने उन्हें फिर से उल्टा-पलटा कर एकदम वेश्या बनाकर चोदा.
फिर मैं उनकी चुत में ही झड़ गया.
बहुत ही गर्म और चुदासी भाभी हैं वे …
अब तो ऐसा हो गया है कि मैं जाकर उसके बदन पर हाथ फेर दूं, तो वे तुरंत नंगी होकर चुदवाने को तैयार हो जाती हैं.
मैंने दस दिन में सात बार उन्हें चोदा था, भाभी के रसीले बदन का पूरा मज़ा लिया.
एक बार भाभी ने फिर से नखरे किए, पर फिर खुद ही अपने आप को मुझे सौंप दिया.
सही-गलत सब बहुत पीछे छूट गया है. अब तो बस चूत और लंड का ही रिश्ता है हमारा!
मैंने उन्हें नई पैंटी लाकर दी. उन्होंने पहनी और फिर मैंने ही उसे उतार कर चोद दिया.
चुदाई के समय मुझे पता चला कि वे पहले भी अपने पति के अलावा किसी और का लंड अपनी चूत में ले चुकी हैं.
भाभी ने फ्री हॉट सेक्स भी किया है इसलिए अब मैं अपने दोस्तों से भी भाभी को चुदवाना चाहता हूँ.
उम्मीद है, वे जल्द ही मान जाएंगी.
अभी भी मेरा भाभी के साथ अंतरंग संबंध बना हुआ है.
फोन पर हम बहुत ही गंदी-गंदी बातें करते हैं.
हम दोनों अब सिर्फ और सिर्फ सेक्स की बातें करते हैं.
मैंने भाभी से पड़ोस की भाभी को भी चोदने में मदद करने को कहा, पर वे मना कर देती हैं.
कहती हैं कि मुझसे मन नहीं भरा क्या?
अब भाभी को कौन समझाए कि चुत के स्वाद अलग-अलग होते हैं, अलग-अलग बदन के रस चूसने में मजा आता है.
देखते हैं, कब वे पड़ोसन भाभी को मेरे लंड के नीचे लाती हैं.
पर तब तक बस अपनी नेहा रानी को अपनी रखैल बनाकर, बहुत प्यार से चोद रहा हूँ.
आपको मेरी फ्री हॉट सेक्स स्टोरी कैसी लगी, प्लीज जरूर बताएं.
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