सामने वाली भाभी की चाहत
(Hot Xxx Bhabhi Kahani)
हॉट Xxx भाभी कहानी में सामने वाले घर में एक छोटा सा परिवार किराए पर आया. उनका हमारे यहाँ आना जाना हो गया. मैं उनकी मदद कर दिया करता था.
दोस्तो,
मेरा नाम रॉकी है.
मैं अन्तर्वासना की हर कहानी का पाठक हूं।
मैंने लगभग हर कहानी पढ़ी हुई है क्योंकि मुझे पहले से ही पढ़ना पसंद था, तो कहानियां पढ़ने में भी इंटरेस्ट आता था।
इसलिए मुझे लगा कि अपनी कहानी भी मैं आप सबके साथ शेयर करूं।
में बड़ौदा का रहने वाला हूं।
मैं गुजराती हूं।
मेरी हॉट Xxx भाभी कहानी मेरे सामने रहने आई भाभी के ऊपर है।
बात ये है कि मेरे सामने वाला घर भाड़े पर दिया हुआ है।
हर तीन-चार महीने में कोई न कोई भाड़े पर रहने आता है।
एक बार एक छोटी फैमिली रहने आई थी— भाभी थी, उनका पति था और एक छोटा बच्चा।
भाभी की हाइट 5 फीट थी, मुझसे थोड़ी कम।
हर फैमिली की तरह वो लोग भी हमसे घुल-मिल गए थे।
एक-दूसरे के घर आने-जाने भी लग गए थे, ज्यादातर मेरी बीवी उनके घर जाती थी।
पर बात तब शुरू हुई जब मैं उनके घर लाइट का काम करने गया था।
उन्हें पंखा फिट करना था और उनके पति जॉब पर गए हुए थे।
ऊपर चढ़कर काम करना था, तो भाभी ने मेरी बीवी से कहा- कोई हो तो भेज दो।
मेरी बीवी ने मुझे भेजा।
मैं चला गया।
तब मेरे मन में ऐसा कुछ नहीं था।
लेकिन जैसे-जैसे दिन बीतते गए, हमारी आंखें मिलने लगीं।
दरअसल, उनका पति ऐसी जगह जॉब करते थे जहां सुबह जाते थे और रात को बहुत लेट आते थे।
मेरा खुद का बिजनेस है और ऑफिस भी नजदीक, तो मैं घर आता-जाता रहता हूं।
भाभी को हर वक्त लगता रहता कि मैं अपनी बीवी का कितना ख्याल रखता हूं।
भाभी के बारे में बताऊं तो उनकी फिगर बहुत अच्छी थी— गोरी-चिट्टी, एक बार में देखो तो अप्सरा जैसी लगती थीं।
एक रोज फिर लाइट का कुछ काम था।
उनके पति जॉब पर गए हुए थे।
उसने मुझे बुलाया तो मैं चला गया।
ऊपर चढ़कर लाइट फिट कर रहा था।
मुझे हेल्प चाहिए तो मैंने उन्हें बुलाया।
उनका साड़ी का पल्लू थोड़ा नीचे था, उनके बूब्स मुझे दिख रहे थे।
मेरी आंखें 2 सेकंड उनके बूब्स पर टिक गईं।
भाभी ने भी नोटिस कर लिया।
उन्होंने झट से पल्लू ऊपर किया और मेरी हेल्प कर दी।
काम खत्म होने पर उन्होंने मुझे रोका, चाय पिलाई और मेरी बीवी को भी बुला लिया चाय पीने।
भाभी की फिगर यार, कयामत थी — 30-28-30
इतनी पतली भी नहीं, उतनी मोटी भी नहीं।
एकदम परफेक्ट फिगर।
बात उन दिनों की है जब मेरी बीवी मायके गई थी।
खाना मुझे बनाना था।
दोपहर को मैं घर आया।
भाभी बाहर खड़ी थीं।
उन्होंने आकर कहा- आज आप खाने का क्या करोगे?
मैं- देखता हूं, कुछ होगा तो खा लूंगा, वरना बाहर।
भाभी- आज हमारे घर खा लीजिए! मैंने ज्यादा ही बनाया है।
मैं- कोई दिक्कत न हो तो खा लेता हूं।
भाभी- कोई दिक्कत नहीं! आ जाइए!
मैं चला गया।
घर के अंदर उनका बच्चा सो रहा था।
मैं नीचे बैठ गया।
उन्होंने मुझे बेड पर बैठने को कहा।
मैं ऊपर बैठ गया।
हमने साथ में खाना खाया।
फिर मैंने कहा- मैं जाता हूं।
उन्होंने थोड़ा रुकने को कहा।
मैं मान गया।
उन्होंने टीवी चालू कर दिया।
फिर इधर-उधर की बातें शुरू हो गईं।
बातों-बातों में हम नजदीक बैठने लगे।
फिर वो मेरे साथ आकर बैठ गईं।
भाभी बोलीं- आप अपनी बीवी का कितना ख्याल रखते हो! मेरे वाले तो कुछ ध्यान ही नहीं देते। बस जॉब ही करते रहते हैं।
मैं- क्या हुआ? कुछ कमी खल रही है क्या?
भाभी- कमी तो खलेगी न! मेरी उम्र ही क्या है?
मैं- एक बात पूछूं तो बुरा नहीं मानोगी?
भाभी- बोलिए!
मैं- क्या मैं वो कमी पूरी कर सकता हूं?
भाभी- जी! आपको मैं इतनी अच्छी लगती हूं?
मैं- आपको जबसे देखा है, तबसे मुझे बहुत पसंद हो।
भाभी- तो अब तक बोला क्यों नहीं?
मैं- आप बुरा मान जातीं तो आपको देखने की नौबत भी खो देता।
भाभी- और बुरा न मानूं तो?
मैं- आपको जन्नत ले जाता!
भाभी- कैसे ले जाते?
मैं- आपकी कमी को पूरी करके!
भाभी- तो कर दो न कमी पूरी!
फिर मैंने धीरे से भाभी को अपनी साइड बिठाया, उनके सिर को पकड़कर सुलाया।
दरवाजा बंद किया और वापस आ गया।
भाभी के साइड पर सोया, धीरे-धीरे उनके बालों को सहलाया, खुले कर दिए।
बाल सहलाते-सहलाते धीरे-धीरे भाभी को किस करना शुरू किया।
पूरे चेहरे को चूमते-चूमते उनके होठों पर आ गया।
क्या बताऊं—वो मदहोश आंखें मुझे देख रही थीं!
मैंने धीरे से होठों से होठ चूमा।
दोनों के होंठ रूखे हो गए।
मैं भाभी के ऊपर आ गया।
हम दोनों एक-दूसरे को किस करने लगे।
बस 10-15 मिनट तक किस करते रहे—जैसे बरसों की मुराद पूरी हो रही हो!
फिर धीरे से मैंने हाथ नीचे किया, ब्लाउज के हुक खोलने लगा।
हमारी किस जारी थी।
मैंने उसकी ब्रा को थोड़ा ऊपर किया और बूब्स दबाने लगा।
इतने मुलायम बूब्स!
मैंने किस रोकी और भाभी से कहा- कितने मखमल जैसे बूब्स हैं आपके!
वो शरमा गईं।
फिर मैंने भाभी को बिठाया, ब्लाउज निकाला, ब्रा भी निकाल दी।
उन्होंने मेरी टीशर्ट निकाल दी।
हम दोनों एक-दूसरे से चिपक गए।
क्या गर्माहट महसूस हो रही थी!
मैंने जोर से भाभी को दबोचा।
वो चिल्ला उठीं और बोली- मैं कहीं नहीं जाने वाली! यहीं हूं!
फिर मैंने भाभी को लेटा दिया, उनके बूब्स चूसने लगा।
धीरे-धीरे चूसते-चूसते जोर पकड़ लिया जैसे कोई भूखा शेर हो!
भाभी की सिसकारियां बढ़ने लगीं- आज तक मेरे हसबैंड ने भी मेरे बूब्स को ऐसे नहीं दबाया था! बहुत मजा आ रहा है जान! चूसो! आज इसका पूरा रस निकाल दो!
भाभी की ये बात सुनकर मैं और जोश में आ गया।
उनके निप्पल में दांत भी मारने लगा।
पर भाभी को बहुत मजा आ रहा था।
उनकी साड़ी ऊपर से खुल गई थी।
अब मैं उनका नीचे का रस पीने का मन कर रहा था।
मैंने धीरे-धीरे उनके पेट को चूमना शुरू किया।
वो जोर से चिल्लाईं- जान! बहुत गुदगुदी हो रही है!
पर मुझे पता था कि भाभी को नशा चढ़ रहा है।
नीचे आकर मैंने उनकी साड़ी निकाली, पेटीकोट का नाड़ा ढीला किया।
सिर्फ पेंटी में कर दिया।
भाभी ने भी मेरा पेंट निकालने का इशारा किया।
खुद मेरा पेंट और अंडरवियर निकाला।
वे मेरा 6 इंच का तना हुआ लंड देखकर खुश हो गईं।
हाथ से सहलाने लगीं।
मैंने उन्हें मुंह में लेने का इशारा किया।
मैंने उनका सिर पीछे पकड़ा, उसके मुंह को अपने लंड की तरफ धकेला।
Xxx भाभी ने मुझे लेटा दिया, मेरा लंड सहलाने लगी। फिर धीरे-धीरे मुंह में ले लिया।
मुझे जन्नत में ले गई!
मैंने भाभी के सिर को पकड़ रखा था।
पूरा लंड मुंह में दे रहा था।
वो भले मुंह में नहीं जा रहा था, फिर भी पूरा डालने की कोशिश कर रही थी।
लगभग 5 मिनट तक हॉट भाभी पूरा लंड चूसती रही।
जब मैं झड़ने वाला था, तो मैंने इशारा किया।
उसने भी इशारा किया कि अंदर ही पी जाऊंगी!
मैंने उनके बाल कसके पकड़े और अपना पूरा माल मुंह के अंदर छोड़ दिया।
माल पीने के बाद भी उसने लंड मुंह से नहीं निकाला, पूरा लंड चाट-चाटकर साफ कर दिया।
फिर मैं खड़ा हो गया।
भाभी को सीधा लेटा दिया, उनकी पेंटी निकाल दी।
दोनों पैर चौड़े करके चूत की मादक स्मेल सूंघी, फिर धीरे से मुंह चूत पर रख दिया।
पहले होठों से चूत के ऊपरी होठ सहलाए।
उसने दोनों हाथ मेरे सिर में डाल दिए।
उंगलियां बालों में सहला रही थीं।
फिर मैंने जीभ निकाली।
चूत को पानी से भीगा और अंदर डाली।
भाभी की मादक सिसकारियां सुनकर बहुत मजा आ रहा था।
उसके हाथ मुझे चूत के अंदर जाने के लिए धक्का दे रहे थे।
मैंने जीभ अंदर की और चूत का रस पीने लगा।
पूरी चूत गीली की और रस पीता रहा।
भाभी सिसकारियां बढ़ाती गईं- जान! आज तक ऐसा मजा कभी नहीं महसूस किया जो आज कर रही हूं!
लगभग 10-15 मिनट चूत चाटता रहा।
फिर मुझे लगा कि वो झड़ने वाली है।
पर मैंने मुंह नहीं हटाया।
उसने मेरे सिर को चूत में धकेला।
जैसे ही भाभी की चूत का पानी निकला, मैंने पूरा का पूरा पिया!
वो झट से बैठ गई, मुझे होठों से किस करने लगी बाहों में भरकर बोली- आज तक किसी ने मेरा पानी नहीं निकाला! आप पहली बार हो जो मेरा पानी निकाल दिया!
मैंने कहा- अभी तो शुरुआत है। पिक्चर अभी बाकी है!
2 मिनट वॉशरूम के बाद वापस किस शुरू हुआ।
अब भाभी की तरफ से जोश बढ़ रहा था।
मैंने उसे सीधा लेटा दिया, दोनों पैर चौड़े किए, लंड चूत पर रखा।
भाभी की चूत काफी टाइम होने से चूत सूख गई थी।
मैंने जीभ लगाकर सूखी चूत चूत गीली की, फिर लंड धीरे से अंदर डाला।
भाभी सिसकारी लेने लगी।
मैंने पूरा एक झटके में अंदर डाल दिया और पेलना शुरू किया।
फिर मैंने धीरे-धीरे स्पीड बढ़ाई।
भाभी जोर से मेरी पीठ पकड़ रही थी।
लंड इतना अंदर जा रहा था कि बच्चेदानी भी महसूस हो रही थी।
भाभी बोले जा रही थी- पूरा अंदर जल जा चुका है! बस ऐसे ही करते रहो! मजा आ रहा है!
मैं पेलता रहा।
फिर मैंने उनके दोनों पैर कंधों पर ले लिए और चूत में पूरा लंड डाल दिया।
भाभी की सिसकारियां सुनकर लग रहा था कि उसे कितना सुकून मिल रहा है!
मैंने धीरे से पूछा- क्या अब हम जब टाइम मिले, तब चोद सकते हैं आपको?
भाभी- जान! आपका जब भी मन करे, आप मुझे बोल देना! बस आपके लिए मैं रेडी हो जाऊंगी। तुम मुझे जन्नत दिखा रहे हो— उसके लिए तो कुछ भी!!
फिर मैं झड़ने वाला था, मैंने भाभी से कहा- मैं झड़ने वाला हूं!
हॉट Xxx भाभी बोली- अंदर ही झड़ जाओ! मैं देख लूंगी!
मैंने पूरा माल भाभी की चूत में छोड़ दिया और उसके ऊपर लेट गया।
कुछ देर बाद भाभी की गांड की तरफ हाथ किया और गांड चुदाई की बात की।
भाभी ने कहा- आज मैं पूरा थक गई हूं। अब इसकी बारी किसी और दिन!
फिर बाद में जब भी मैं भाभी के घर जाता, तो किस या बूब्स दबा देता।
भाभी जब भी मुझे देखती, दोपहर का इशारा कर देती।
चांस मिलता तो उनके पास चला जाता।
बातों-बातों में ये भी पता चला कि भाभी की गांड को अभी तक उनके हसबैंड ने हाथ भी नहीं लगाया था।
तो मेरी गांड मारने की चाहत और बढ़ गई।
वो कहानी भी बहुत दिलचस्प है—वो मैं अगली कहानी में बताऊंगा।
दोस्तों, आपको मेरी हॉट Xxx भाभी कहानी कैसी लगी? मुझे जरूर बताइए!
rockyrohit2808@gmail.com
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