फ्लैट ओनर पुलिस वाली ऑफिसर की चुदाई
(Police Officer Sex Kahani)
पोलिस ऑफिसर सेक्स कहानी में मैंने एक पुलिस वाली का फ्लैट किराए पर लिया. एक सुबह वह फ्लैट पर आई. मैंने सिर्फ चड्डी में दरवाजा खोल दिया. वो मेरा लंड देखने लगी.
दोस्तो, मैं अजय आपको अपने फ्लैट की ओनर की चुदाई की कहानी सुना रहा हूँ.
मेरे फ्लैट की ओनर का नाम अदिति था.
उसका गोरा बदन, बूब्स एकदम गोल-मस्त, प्यारी उभरी हुई गांड …
जब मैंने उसको पहली बार देखा था तो लंड कई रात सो नहीं पाया था.
कमाल की खूबसूरत औरत थी वह.
मैंने फ्लैट में शिफ्ट किया था और नई सोसाइटी में आ गया था.
मेरे फ्लैट की ओनर पुलिस में एसपी थी और मैंने उसे अब तक देखा नहीं था सिर्फ सोसाइटी के एक मध्यस्थ के जरिए मुझे फ्लैट में रहने मिल गया था.
पोलिस ऑफिसर सेक्स कहानी तब शुरू हुई जब अभी पहला हफ्ता ही रहते हुआ था कि शनिवार की सुबह 9 बजे घर की घंटी बजी.
मैं अभी-अभी उठा था, फ्रेश होकर कॉफी बनाई थी और अखबार हाथ में लिया था.
जनरली गर्मियों में मैं घर में रहते वक्त ऊपर कुछ नहीं पहनता था, बस शॉर्ट्स में रहता था.
मैंने खुद को फिट रखा हुआ था. रोज़ 7 किमी भागने वाला इंसान हूँ, परफेक्ट एथलेटिक बॉडी थी मेरी.
मतलब ये समझ लो, जिसकी चूत जिसकी चाह लूँ, उसकी ले लूँ.
लड़कियां कॉलेज में मुझ पर मरती थीं.
कम से कम 25 लड़कियों ने, टीचर्स, सीनियर-जूनियर सबने मुझे चूत चोदने दी है.
यानि चोदने में मुझे पीएचडी है.
मेरे लवड़े से चुदने के बाद आज तक कोई चूत मुझे खुद से नहीं छोड़ पाई है, मैंने ही स्वाद बदलने के लिए चुत को छोड़ा है.
हां तो फ्लैट की घंटी बजी.
मैंने ऐसे ही आधे बदन में गेट खोला और देखा सामने फॉर्मल्स में एक हसीना खड़ी है.
मैं उसको देखते ही देखता रह गया और वह भी मुझे निहारने लगी.
वह मुझे ऐसे देख रही थी, जैसे बस अब लिपट जाएं .. तब लिपट जाएं.
बड़ी मुश्किल से मैंने नज़र हटाईं और बोला- अन्दर आ जाइए!
वह अन्दर आई.
मैंने गेट लॉक किया और उसका हाथ पकड़ कर सीधे बेडरूम में ले आया. हाथ पकड़ा तब उसने कोई विरोध नहीं किया तो मैं समझ गया कि लड़की चुदने के लिए रेडी है.
बस मैंने उसे अपने सामने से खींचा और अपने अंक में भर लिया. वह भी चिपक गई और मेरे नग्न सीने पर होंठ फिरायने लगी. मेरे निप्पल को अपनी जीभ की नोक से कुरेदने लगी.
मैंने उसके दोनों चूतड़ों को अपनी मुट्ठियों में भरा और उसे अपने लौड़े से रगड़ने लगा.
लौड़ा कड़क हो गया था तो उसकी चुत को चुम्मी लेने लगा था.
वह खुद भी अपनी टांगों को फैलाती हुई अपनी चुत का छेद मेरे लंड पर घिस रही थी.
मैंने उसके मुँह को अपने मुँह से जोड़ा और चूमना चालू कर दिया.
हम दोनों के होंठ एक दूसरे को खाने लगे थे.
वह अपनी जीभ मेरे मुँह में ठेलने लगी और मैं उसकी लार को चूसने लगा.
मैंने उसे काफी देर तक चूमा और चूमते हुए ही उसे बेड पर लिटाने लगा.
वह भी मुझसे लटक कर चूमने लगी.
ऐसा लगा कि यह काम हम दोनों को ही करना है, क्यों करना है … यह बाद में खोज लेंगे.
मुझे अभी तक ये नहीं पता था कि वह मेरी ओनर अदिति है और जिसको मैं चोदूँगा, वह पुलिस वाली है.
हम दोनों एक-दूसरे को बस चोदना चाहते थे और अदिति फक ऐट फर्स्ट साइट वाला माल थी.
हम दोनों मस्त होकर एक-दूसरे को चूमने लगे, जल्दी जल्दी एक-दूसरे के कपड़े उतारने लगे.
कब कपड़े अलग हो गए कुछ पता ही न चला.
मैं उसके दूध चूसने लगा और वह अपने हाथों से अपने दूध पकड़ पकड़ कर मुझे चुसवाने लगी.
इतनी बेताबी जागृत हो गई थी कि कुछ भी सोचने समझने की क्षमता ही नहीं बची थी.
वह जल्दी से मेरे नीचे आई और खुद अपने हाथ से मेरे लंड को पकड़ कर अपनी चुत पर रगड़ने लगी.
मतलब आप ऐसे समझ लो कि एक लड़की, जिसको मैं जानता नहीं था .. उससे मिलने के सातवें मिनट में मेरा लंड उसकी चूत में था.
जैसे ही हम दोनों ने एक-दूसरे को नंगा करके गर्म किया, वह टांगें खोलकर लेट गई और चूत पर हाथ फिराने लगी.
मैंने लंड चूत पर सैट किया और उसे लंड से सहलाने लगा, अपने लंड के टोपे को चूत की दरार में रगड़ने लगा.
अदिति आंखें बंद करके मस्ती में सिसकारियां भर रही थी.
फिर मैंने हल्का-हल्का लंड अन्दर डाला और चूचियां चूसने लगा.
जैसे ही वह चुंबन में मस्त होने लगी, मैंने एकदम से ज़ोरदार झटके में पूरा लंड उसकी चूत में उतार दिया.
वह दांत पीसकर तकिया नोचने लगी. उसे इतना ज्यादा दर्द था मगर दोनों के मुँह एक दूसरे से जुड़े होने के कारण आवाज़ नहीं निकली और वह पूरा दर्द झेलती चली गई.
यहां मेरा लंड बिल्कुल कंडोम की तरह चूत से चिपका था.
साली की चुत इतनी टाइट थी कि बहुत मुश्किल से पूरा लवड़ा घुस पाया था.
मैं उसे प्यार से चूमने लगा और हल्के-हल्के झटके देने लगा.
लंड भी दर्द सह रहा था क्योंकि उसकी चूत बहुत टाइट थी.
मेरा लंड उसकी चूत के लिए लोहे की मोटी सलाख थी, जो पिस्टन की तरह चुत में चल रहा था.
अब मुझे उसे मज़े देने थे और उसके लिए मुझे उसकी चूत फाड़ना बहुत ज़रूरी था.
अब मैंने अपना रौद्र रूप धर लिया और उसे उसे तड़पा तड़पा कर चोदना शुरू कर दिया.
स्पीड इतनी ज्यादा थी कि एक मिनट में वह अपनी चूत पर कम से कम 120 थप्पड़ खा रही थी.
इस तरह से मैंने उसे करीब 15 मिनट तक चोदा.
वह झड़ गई.
मैं उसे चोदता रहा और वह 7 मिनट में फिर से गर्म हो गई.
उसके बाद हम दोनों ने एक-दूसरे को बेशर्म होकर काफी देर तक चोदा.
अब अदिति ज़ोर-ज़ोर से आहें भरकर चुद रही थी और हम दोनों एक साथ झड़ गए लिपट कर किस करते हुए बिना बोले थैंक्यू बोलने लगे.
झड़ने के बाद दस मिनट तक लिपट कर लेटे रहे.
फिर अलग होकर कपड़े पहनने लगे.
मैंने पूछा- कॉफी?
वह बोली- हां.
यह कह कर वह वॉशरूम में हुलिया सही करने चली गई.
हम दोनों ने एक-दूसरे को चोद तो दिया था, मगर अभी हाय-हैलो भी नहीं हुआ था.
ना मुझे पता था कि वह कौन है, ना ही उसने अभी अपना परिचय दिया था.
मैंने एक सिगरेट सुलगाई और पीते-पीते कॉफी बनाने लगा.
कुछ देर बाद अदिति फिर से टंच माल बनकर आ गई.
उसे दोबारा अपने सामने मादक देखकर मैं पागल हो गया.
साली ऐसी ठरक जगी कि कॉफी बनाना छोड़ा और मैंने उसे बांहों में भर लिया और उसकी शर्ट की बटन खोलने लगा.
कमाल की बात थी, इस बार भी अदिति ने कुछ नहीं बोला और आराम से बटन खुलवाने लगी.
वह अपनी चूत लंड पर चिपकाने लगी.
अदिति गज़ब चुदासी रांड की तरह भूखी थी.
मैंने बटन खोलकर उसकी चूचियां काटने लगा, ब्रा के ऊपर से चूसने लगा.
अदिति ने दोनों हाथों से शर्ट पकड़ कर मुझे शर्ट से ढक दिया. मैं चूचियां चूसता रहा और उसे उठाकर सोफे पर गिरा दिया और ब्रा निकाल दी.
उसकी गोरी सुडौल चूचियां मेरे सामने थीं … मैं भी क्या करता, जैसे छोटा बच्चा निप्पल चूसता है, वैसे चूसने लगा.
वह मस्त होकर मुझसे चूचियां चुसवाने लगी.
उसके बाद उसने मेरे कपड़े उतारे और खुद पूरी नंगी हो गई.
हम दोनों 69 पोजीशन में आ गए.
मैं अदिति की रसीली चूत को फैला-फैला कर जीभ से उसका रस पीने लगा और अदिति मेरे लंड को लॉलीपॉप समझ कर जीभ फिरा-फिरा कर चूस रही थी.
हमारा ये रसपान 30 मिनट चला.
फिर अदिति ने मुझे लिटाकर ऊपर आ गई, लंड चूत पर सैट किया और बैठ गई.
वह लेटकर मुझे चूमने लगी और मुझे चोदने लगी.
कमाल की घुड़सवार थी अदिति … उसने मेरे लंड की सवारी करके मुझे थका दिया था और मैं झड़ गया.
उसकी चूत ने मेरा पूरा रस निगल लिया.
अब मैंने उसे हटाया और बैठ गया, उसका सिर पकड़ कर लंड पर झुका दिया.
वह बिना कुछ बोले फिर से मेरा लंड चूसने लगी और फिर से लंड में जान डालने लगी.
मैं बैठा-बैठा लंड चुसवाते हुए सिगरेट पी रहा था और अदिति को रांड वाली फील दे रहा था.
लेकिन अदिति को कोई फर्क नहीं पड़ रहा था और वह लंड चूसने में बिजी थी.
वह मेरा पूरा लंड मुँह में नहीं ले पा रही थी क्योंकि उसके लिए मेरा लौड़ा काफी बड़ा था और मोटा भी.
अब मैंने सिगरेट बुझाई और दोनों हाथों से उसके बिखरे बालों की चोटी बनाई.
उसके सिर को लंड पर दबाया और नीचे कमर से धक्का देकर मुँह में लंड पेल दिया.
वह आधा लंड ही ले पाई और आंखों से पानी निकलने लगा, वह छटपटाने लगी.
मैंने लंड बाहर निकाल लिया और अपने होंठ उसके होंठों पर रखकर उसे प्यार से चूमने लगा.
मैंने उसके रसीले होंठों को दस मिनट तक चूसता रहा.
फिर उसे घोड़ी बनाया और लंड से उसे दौड़ाने लगा.
मेरे धक्कों से उसकी चूचियां मस्त हिल रही थीं और आपस में टकरा रही थीं.
मैं चोदते-चोदते एक हाथ से उसकी चूचियां मसल देता था.
वह मस्त होकर आहें भर रही थी.
अब मैं रुका और लंड से उसे सोफे पर चिपका दिया.
अदिति को लिटाकर पीछे से चोदने लगा.
मेरा लंड उसकी गोरी चूत को चौड़ा कर रहा था.
कुछ देर बाद मैंने उसे खड़े होकर उठा लिया और लंड पर रखकर हवा में चोदने लगा.
चोदते-चोदते उसे सोफे पर बैठ गया. वह मस्त उछल-उछल कर मेरे लंड को पूरा निगलने लगी.
मैं उसके बूब्स दबा-दबा कर चूसने लगा और अदिति चूचियां चुसवा-चुसवा कर चुदने लगी.
दो घंटे की उस चुदाई में मैंने अदिति को पूरा खोल दिया था.
वह हांफ-हांफ कर मुझसे चुद रही थी.
कुछ देर बाद मैंने उसे नीचे फर्श पर लिटा दिया और उसकी टांगें फैलाकर चूत पर गोले दागने लगा.
रेलगाड़ी चलाकर उसे 20 मिनट जबरदस्त चोदा.
पोलिस ऑफिसर सेक्स के बाद अकड़ गई और उसकी चूत पानी छोड़ने लगी.
वह झड़ गई, उसकी चूत से गर्म तपता लावा निकल रहा था.
मेरा लंड भी उसकी चुत की इस गर्मी को सह नहीं पाया और मैं भी झड़ गया.
मैंने उसकी चूत पूरी अपने माल से भर दी और हम दोनों अलग होकर बैठकर सुस्ताने लगे.
अजीब सन्नाटा था, कोई कुछ नहीं बोल रहा था.
आज हम दोनों की चुदाई वाली ठरक की पराकाष्ठा थी.
बिना बात किए, बिना जाने हम दोनों एक-दूसरे को दो बार चोद चुके थे.
मैंने उठकर कॉफी बनाई और दोनों नंगे बैठकर पीने लगे.
कॉफी पीकर मैंने शॉर्ट्स पहना और अदिति ने खुद को ठीक किया.
अब मैंने बोला- आप…?
यह कहते हुए मेरे चेहरे पर सवालिया भाव था.
वह बोली- मैं अदिति.
बस नाम बता कर वह चुप हो गई.
फिर से सन्नाटा था क्योंकि अब मुझे पता चल गया था कि मैंने अपनी ओनर को बजा दिया था.
कुछ देर बाद अदिति उठी और बिना कुछ बोले चली गई.
ये रैंडम फक गज़ब था.
ऐसा रैंडम फक ना जाने कितनी बार चला.
अदिति आती थी, हम दोनों चुदाई की रासलीला करते थे … बिना कोई बात किए वह मेरे लौड़े से चुदकर चली जाती थी.
हम दोनों बिन बोले एक समझौते पर चल रहे थे कि बस एक-दूसरे की सेक्स की भूख मिटानी है, कोई सवाल नहीं करना है.
हमारी चुदाई में प्यार व्यार की किसी तरह की बात को कोई तरजीह नहीं दी जाती थी.
आपको मेरी पोलिस ऑफिसर सेक्स कहानी कैसी लगी, मेल व कमेंट्स जरूर करें.
ffor8397@gmail.com
What did you think of this story
Comments