पड़ोसन आंटी को चोदने की ख्वाहिश पूरी हुई

(Xxx Aunty Sex Kahani)

Xxx आंटी सेक्स कहानी मेरी पड़ोसन की है. भरे गदराये बदन वाली आंटी को चोदना चाहता था. पढ़ें कि मैंने कैसे अपनी गर्म पड़ोसन की चूत चुदाई की.

दोस्तो, मैं केतन पटेल, अन्तर्वासना पर अपनी पहली सेक्स कहानी लिख रहा हूँ … प्लीज मेरी Xxx आंटी सेक्स कहानी पर अपने विचार देकर मुझे प्रोत्साहित करें.

मेरी उम्र 25 साल है. मैं दिखने में ठीक-ठाक हूँ. मैं अभी बैंक एग्जाम की तैयारी कर रहा हूँ.

मुझे बड़ी उम्र की औरतों के प्रति शुरू से लगाव है. उनका भरा और गदराया बदन मुझे बहुत पसंद है.

अब मैं आपको अपनी पड़ोसन सीमा आंटी के बारे में बताता हूँ.
उनकी उम्र 43 साल है, लेकिन वो 30 की लगती हैं. सीमा आंटी एक टीचर हैं.

वो हमारे पड़ोस में करीब 5 साल से रह रही हैं. उनके पति बाहर जॉब करते हैं. उनका एक बेटा है, जो हॉस्टल में रह कर पढ़ाई कर रहा है.

सीमा आंटी दिखने में माल लगती हैं. उनका भरा हुआ गदराया बदन देखकर कोई भी उन्हें चोदने को पागल हो सकता है.

कुछ समय से मैं भी उनके इस भरे हुए बदन को पाने के लिए बेचैन हो रहा था.
मैं सदा उनसे बात करने की कोशिश में रहता था लेकिन वो ज्यादा बात नहीं करती थीं.

ऐसा शायद उनके एकाकी स्वभाव और टीचर होने की वजह से था. हालांकि आंटी मेरी मम्मी की सहेली थीं और मम्मी उनके घर अक्सर आया जाया करती थीं.

आंटी ने मम्मी के हाथ से मेरे लिए कई बार हलवा आदि बना कर भेजा था तो मैं अपने कमरे में आंटी के हाथ का बना हलवा ले जाता था और अपने लंड पर लगा कर आंटी को याद करके मुठ मार लेता था.

एक दिन मेरे मम्मी पापा को गांव जाना था.
मेरी मम्मी ने कहा- मैं तेरी सीमा आंटी को कह दूंगी, तुम उनके यहां जाकर चाय, नाश्ता और खाना खा लेना. मैं उनको फ़ोन कर दूंगी.
मैंने कहा- ठीक है.

मेरी मम्मी ने सीमा आंटी को फोन किया और उनसे मेरे लिए कहा. आंटी ने हां कह दी.

मैं खुद सीमा आंटी से मिलने के लिए बेताब था.
जब आंटी ने हां कहा तो मुझे ऐसा लगा कि आंटी ने चुदने के लिए हामी भर दी है.

मेरी मम्मी चली गईं.

मैं आंटी की याद में लंड सहलाने लगा. लंड की झांटें भी साफ़ कर लीं कि यदि आंटी ने मौका दिया तो उनसे अपना चिकना लंड चुसवा लूंगा और उन्हें चोद दूंगा.

शाम को जब वो स्कूल से घर आईं तब उन्होंने मुझे कॉल किया और कहा- केतन रात का खाना खाने के लिए मेरे घर पर आ जाओ, वैसे भी अकेले अकेले तुम बोर हो रहे होगे.

मैं लोअर और टी-शर्ट पहनकर उनके घर गया.

जब सीमा आंटी ने घर का दरवाजा खोला उनको देख कर मैं हैरान रह गया.
उन्होंने काले रंग की मैक्सी पहन रखी थी. वो इस मैक्सी में माल लग रही थीं. उनके मोटे चुच्चे उनकी खूबसूरती बढ़ा रहे थे.

उन्होंने कहा- आओ केतन बैठो, थोड़ी देर में मैं खाना लगाती हूँ.

मैं सोफे पर बैठ गया और टीवी देखने लगा.
वो किचन में काम करने लगीं.

थोड़ी देर बाद मैं आंटी के पास किचन में चला गया और उनसे बात करने लगा.

आंटी मुझसे बड़ी मस्ती से बात कर रही थीं.
उनकी बात करने के अंदाज से मैं सोचने लगा था कि आंटी का नेचर तो बिल्कुल अलग है. शायद आज ये मुझसे पट जाएंगी.

फिर हमने डिनर किया.

डिनर के बाद जब मैं घर जाने के लिए उठ रहा था,
तभी आंटी ने कहा- थोड़ी देर बैठो, घर जाकर सोना ही तो है. कोई जल्दी है क्या?
मैंने कहा- नहीं आंटी कोई जल्दी नहीं है. मुझे घर जाकर कौन सी रोटी बेलनी हैं.

मेरी बात पर आंटी हंसने लगीं और बोलीं- अरे तुम तो बड़े मजाकिया हो … मैं समझती थी कि तुम सिर्फ पढ़ाकू हो.
मैंने हंस कर कहा- हां आंटी मुझे भी आपके बारे में ऐसा ही कुछ लगता था कि आप बहुत चुप रहने वाली लेडी हैं. मैंने कई बार सोचा कि आपसे बात करूं पर आपका नेचर देख कर चुप रह जाता था.

आंटी मेरी बात पर हंसने लगीं और बोलीं- वैसे तो मैं ज्यादातर चुप ही रहती हूँ मगर ऐसा नहीं है कि मुझे मजाक पसंद नहीं हैं.
अब हम दोनों खुल कर बात करने लगे.

उन्होंने कहा- तुम्हारी एग्जाम की तैयारी कैसी चल रही है?
मैंने कहा- बहुत अच्छी.

अचानक से आंटी ने मुझसे पूछा कि तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है?
इस सवाल पर मैं शर्मा गया और कुछ नहीं कहा.

उन्होंने कहा- केतन इतना क्या शर्मा रहे हो … आजकल तो ये सब नॉर्मल है.
मैंने कहा- मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है.

उन्होंने कहा- ऐसा कैसे हो सकता है कि तुम्हारे जैसे जवान लड़के की कोई गर्लफ्रेंड न हो.
मैंने कहा- मुझे कोई पसंद नहीं आयी.

फिर उन्होंने पूछा कि अच्छा ये बात है … तो तुम्हें कैसी लड़की पसंद है?
मैंने कह दिया कि मुझे आपके जैसी लड़की पसंद है.

ये सुन कर उन्होंने कहा- मुझमें ऐसा क्या है, मैं तो अब बूढ़ी हो गयी हूँ.
मैंने कहा- ऐसा आपको क्यों लगता है.

आंटी बोलीं- तुमको मुझमें क्या ख़ास लगता है?
मैंने कहा- आप बहुत हॉट और सेक्सी लगती हैं.

ये बात सुनकर वो थोड़ा शर्माने लगीं और मेरे नजदीक आकर बैठ गईं.
मैंने उनकी जांघ पर हाथ रखा.

वो जब कुछ नहीं बोलीं तो मैं अपने हाथ से उनकी जांघ को सहलाने लगा.

मैंने उनकी आंखों में देखा तो आंटी की आंखों में वासना साफ़ दिख रही थी.
अपने होंठों पर मैंने अपनी जीभ फिराई तो बस खेल शुरू हो गया.

मैं अभी कुछ करता कि अचानक से उन्होंने अपने होंठ मेरे होंठ पर रख दिए और मुझे चूमने लगीं.

अब मैं उनके मम्मों को मैक्सी के ऊपर से सहलाने लगा.
वो भी गर्म हो रही थीं. उनके मुँह से ‘आह आह आह आ …’ की आवाज निकल रही थी.

उन्होंने मुझसे कहा- केतन, मैं कब से तुमसे मिलना चाहती थी लेकिन कुछ बात नहीं कर पा रही थी. आज तुमने सामने से कह दिया तो मैं खुद को रोक नहीं पाई.

उन्होंने मेरा लोअर निकाल दिया और चड्डी में मेरे लंड से बने तंबू को देख कर वो खुश हो गईं.
वो मेरे लंड को अंडरवियर के ऊपर से ही सहलाने लगीं और जल्दी ही मेरी टी-शर्ट भी निकाल दी.

मैंने भी उनकी मैक्सी को निकाल दिया. काली ब्रा और पैंटी में आंटी माल लग रही थीं.
उनके चूचे इतने मोटे थे कि लगता था कि अभी ब्रा को फाड़ कर बाहर आ जाएंगे.

मैं उनके चुच्चों को बेरहमी से दबाने लगा.

वो पागल हो गईं और कहने लगीं- आंह केतन, आराम से करो न … दर्द होता है. अच्छा चलो बेडरूम में चलते हैं.

आंटी मुझे अपने बेडरूम में ले गईं.

बेडरूम में जाते ही मैंने उनकी ब्रा को निकाल दिया.
उनके मोटे चुच्चे देख कर मैं एकदम पागल हो गया, करीब 42 की साइज के होंगे.

मैं पागल होकर उनके चुच्चों को चूमने लगा और हम बेड पर लेट गए.

वो मेरा लंड पकड़ कर सहलाने लगीं और मेरा अंडरवियर निकाल कर फेंक दिया.

वो मेरा 6 इंच का जवान तगड़ा लंड देख कर पागल हो गईं और कहने लगीं- केतन तेरा हथियार तो बड़ा दमदार है, आज फुल एन्जॉय करूंगी.
मैंने कहा- आंटी आज से ये आपका गुलाम है … और आप इसकी मालकिन हैं.

आंटी मेरे लंड को मुँह में लेकर चूसने लगीं.

मुझे आंटी से अपना लंड चुसवा कर बहुत मज़ा आ रहा था.
मेरे मुँह से ‘आह आह …’ की आवाज निकलने लगी.

आंटी बहुत अच्छे से मेरा लंड चूस रही थीं.

पांच मिनट लंड चूसने के बाद उन्होंने मुझे झड़वा दिया.
मेरा सारा माल उनके मुँह में निकल गया.

वो कहने लगीं- केतन, तेरा माल बहुत टेस्टी है.

अब मैं उनकी चूत चाटने के लिए बेताब हो रहा था.
मुझे बड़ी उम्र की औरतों की चूत को चाटने का मज़ा लेना था.

मैंने आंटी को अपनी टांगें फैलाने के लिया कहा.
आंटी ने टांगें खोल दीं.
मैंने उनके पैरों के बीच में अपना सर लगा दिया.

मैंने पैंटी के ऊपर से ही उनकी चूत को चूमा तो आंटी बेचैन हो गईं.
फिर मैंने उनकी पैंटी को निकाल दिया.
आंटी की चूत बिलकुल साफ लग रही थी.

मैंने अपनी जीभ से चूत की पावरोटी को चूमा.
आंटी पागल होने लगीं, उनकी सांसें तेज होने लगीं और उनके मुँह से आह आह की आवाज निकलने लगी.

मैं अपनी पूरी जीभ चूत डालकर उनकी चूत को चाट रहा था. आंटी की चूत में बहुत मस्त स्वाद आ रहा था.

अब आंटी खुद को रोक नहीं पाईं और मेरे मुँह में ही झड़ गईं. मैं उनका सारा पानी पी गया.

आंटी कहने लगीं- केतन अब और न तड़पा … जल्दी से मेरी चूत को चोद दे. अपने दमदार लंड से इसकी प्यास बुझा दे.

मैंने आंटी की गांड के नीचे तकिया रखा और अपने तने हुए लंड को उनकी चूत पर रख कर रगड़ने लगा.

आंटी के मुँह से लगातार आह आह की आवाज आने लगी.

मैंने एक तेज झटका मारा और मेरा आधे से ज्यादा लंड आंटी की चूत में चला गया.
आंटी के मुँह से आह निकल गई.

वो कहने लगीं- केतन आराम से चोदो … मैं कहीं भागने वाली नहीं हूँ.

फिर मैंने एक और झटका लगाया और मेरा पूरा 6 इंच का तगड़ा लंड आंटी की चूत में चला गया.

आंटी को अब मेरे लंड की चुदाई से मज़ा आने लगा था.
वो अपनी गांड उठा कर मेरा लंड ले रही थी.

आंटी कहने लगीं- केतन, कई महीनों से प्यासी चूत है मेरी … आंह तेरा जवान लंड बहुत अच्छे से चोद रहा है मुझे … आंह और चोद मेरी चूत को!

कुछ देर बाद मैंने आंटी से पलटने के लिए कहा.

Xxx आंटी अपनी मोटी गदरायी गांड उठा कर पलट गईं और मेरे सामने कुतिया बन गईं.

उनकी गांड की साइज 44 की होगी.
मैं उनकी गदरायी गांड देख कर खुद को रोक नहीं पाया और उनकी गांड को चूमने लगा.

आंटी पागल हो गईं और कहने लगीं- केतन, बहुत मजा आ रहा है.

फिर मैंने अपने लंड को उनकी चूत पर सैट कर दिया और आंटी को कुतिया बनाकर चोदने लगा.
मेरा पूरा लंड आंटी की चूत में जा रहा था.

फिर मैंने आंटी से खड़े होने के लिए कहा और उन्हें एक मेज के सहारे खड़ा कर दिया.

उनका एक पैर मेज पर रख कर मैं उनको पीछे से चोदने लगा.

आंटी को बहुत मज़ा आ रहा था.

अब तक वो 3 बार झड़ चुकी थीं, मेरा माल भी अब निकलने वाला था.

मैंने उनको बेड पर लेटा दिया और मेरा सारा माल उनके बदन पर निकाल दिया.

फिर मैं और आंटी साथ में बाथरूम में नहाने चले गए.
वहां भी मैंने उनकी खड़े खड़े चुदाई की.

उस रात हमने 4 बार चुदाई की और सुबह भी आंटी के स्कूल जाने से पहले एक बार चुदाई की.

आंटी कहने लगीं- केतन मुझे जब भी मन करेगा, मैं तुम्हें बुला लूंगी और जब भी तुम्हारा मन करे, तुम आ जाना.

दोस्तो, ये मेरी पहली Xxx आंटी सेक्स कहानी है, तो आप सबको कैसी लगी, जरूर बताना.
धन्यवाद.
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