प्रेम अध्याय की शुरुआत-2
वो मुझसे कस के लिपट गई, उसके आंसुओं की बूंदें मुझे मेरे गाल पर महसूस हो रही थी.. एक नए एहसास के लिए मैं तैयार था, मैंने उसके होठों को अपने होठों से मिला लिया, आज शायद मैं उतना बेसब्र नहीं हो रहा था, आराम से उसके निचले होठों को अपने जुबान से तराश रहा […]