मेहमानघर-1
लेखक : नितेश शुक्ला हमारे पिताजी गाँव के मुखिया थे। परिवार में मैं, माताज़ी केसर बा और मुझ से दो साल छोटी पूर्वी, इतने थे। गाँव बीच बड़ा मकान है, जहाँ हम रहते थे। इसके अलावा गाँव से बाहर दूसरा मेहमान घर था जहाँ हमारे मेहमान रहते थे। अस्सी बीघा ज़मीन की किसानी थी हमारी। […]