घर की बात घर में
भाभी की सहेली कुछ दिनों के लिए घर पर आई हुई थी. भाभी और मेरे सम्बन्ध मधुर थे. जब भी भाभी की इच्छा होती थी वो, भैया के जाने के बाद मुझसे चुदवा लेती थी.
भाभी की सहेली कुछ दिनों के लिए घर पर आई हुई थी. भाभी और मेरे सम्बन्ध मधुर थे. जब भी भाभी की इच्छा होती थी वो, भैया के जाने के बाद मुझसे चुदवा लेती थी.
प्रेषक : अक्षय राठौर स्नानगृह में जैसे ही नहाने को मैं निर्वस्त्र हुई, मेरे कानों को लगा सखी, दरवाज़े पे दस्तक कोई हुई, धक्-धक् करते दिल से मैंने, दरवाज़ा सखी री खोल दिया, उस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली अँगिया !! आते ही साजन ने मुझको, अपनी बाँहों में कैद […]
प्यारे पाठको ! मेरा नाम भगु है। मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ। आज मैं एक कहानी लिखने का साहस कर रहा हूँ। यह कहानी मेरे घर की है। मेरे घर में मैं, मेरी पत्नी, एक छोटा भाई, उसकी पत्नी और हमारे छोटे बच्चे एक संयुक्त परिवार की तरह रहते हैं। मैंने शादी से पहले […]
उसका ज़बर्दस्त लंड थाम मेरी गांड मरवाने की चाहत बढ़ गई। मैंने ख़ुद ही पैन्ट उतार ली। वह मेरी सफ़ेद जाँघों को देख कर बोला- तू तो चोदने की चीज़ है।'
अन्तर्वासना के सभी पाठकों को संजय राजपूत का शत-शत नमन मेरा नाम संजय राजपूत है और मैं दिल्ली के एक कॉल-सेन्टर में नौकरी करता हूँ। मेरी उम्र २३ साल है और मेरा रंग गोरा है। मेरा लंड वही ८” का है और मोटा भी है। कुँवारा होने के कारण मैं अपनी भूख नहीं बुझा पाता […]
मुझे ढूंढते हुए ननद वहां आई, उन चालाक लड़कों ने जानबूझ के दरवाज़ा खुला रखा था। ननद अन्दर आई तो मुझे चुदते देख उसका मुंह खुला रह गया, बोली- भाभी? यह? ओह नो !
हाँ तो दोस्तों, मेरा नाम है विजय, उम्र २२ वर्ष। मैं बंगलोर में रहता हूँ। यहाँ रहने वाले हजारों लोगो की तरह मैं भी एक सॉफ्टवेयर इंजिनियर हूँ। तो मेरा अनुभव पेश है जो कि मैं आपके साथ बाटना चाहता हूँ। इसे कृपया मेरी कल्पना ना समझें। मैं एक ६ फीट का गठीले शरीर का […]
हेलो फ्रेंड्स आपने मेरी कहानी अंतरवासना पर पढ़ी, अब मैं आप लोगों को उसके बाद क्या हुआ उसका हाल सुनाउँगा। जब मैं भाभी की गांड में ऊँगली कर रहा था तभी उसकी छोटी बहन कॉलेज से वहाँ आ गई और उसने हमको देख लिया और वो बेडरूम के बाहर चली गई। और फिर थोड़ी देर […]
मैं ग़ुड़गाँव से हूँ। मैं 25 साल का हूँ और मैं हर वक्त सेक्स का प्यासा रहता हूँ। मेरे घर में मैं, मोम और डैड हैं। यह बात तब की है जब मैं बीस साल का था। हमारे घर पर एक नई काम वाली आई, क्या चीज़इ थी वो! पहले दिन जब उसको देखा तो […]
अंकल हर रोज रात को लेट आते हैं, नशे में होते है और वो रात में मेरी चुदाई करते हैं और जल्दी ही झड़ जाते है। जब मैं उन को यह कहती हूँ कि इतनी जल्दी हो गया तो मेरी पिटाई करते हैं।
मैंने उसकी बाँह पकड़ कर उसे प्लॉट के पिछले हिस्से में खींच लिया और उसकी ज़िप में से लंड निकाल लिया, पैरों के बल बैठ मुँह में डाल लिया और पागलों की तरह चूसने लगी।
प्रेषक – टॉम ब्वॉय दोस्तों यह बात उन दिनों की है जब मैं कॉलेज में प्रथम वर्ष में था। मेरी ही कक्षा में एक लड़की थी जिसका नाम था सोनिया। सोनिया ५.४” की थी, गोरा रंग, सुराहीदार गर्दन और कुल मिलाकर वह हुस्न की मलिका थी। मुझे अन्तर्वासना की कहानियाँ पढ़ने में बहुत अच्छा लगता […]
मैंने तुरन्त गाऊन पहना, पर अन्दर कुछ नहीं पहनने के कारण सारा शरीर झन रहा था। मैंने तौलिया कमर में और लपेट लिया। ताकि नीचे मेरे चूतड़ और कूल्हे वगैरह नजर ना आये।
मेरा चक्कर एक सहपाठी रोहित से चल रहा था। वह काफी दिनों से मुझे किसी होटल के कमरे में ले जाना चाहता था। मैं भी जाना तो चाहती थी पर हिम्मत नहीं कर पा रही थी।
मेरी इच्छा तो अपनी हवस पूरी करने की थी, बस जिस्म की जरूरत को पूरा करना चाहती थी। मैं उसे हर तरह से उत्तेजित करती रहती थी कि वो मौका मिलते ही मेरी छातियाँ दबाये और मेरे दूसरे अंगों को मसल दे।
प्रेषक – रोहित तब मैं कुछ काम से उनके घर में चला गया, मैंने देखा कि वह उनकी बच्ची को दूध पिला रही थी। मैं देखता ही रह गया और उन्होंने भी मुझे देखा था पर अनदेखा कर दिया। मैं समझ गया औरर वहाँ से निकल गया, पर मैं फिर से वापिस आया तो वह […]
दोस्तों, मेरा नाम सीमा है। मैं उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद की रहने वाली हूँ। मेरी उम्र तेईस साल है, ख़ूबसूरत और एक कसे हुए बद़न की मल्लिका हूँ। शादी से पहले मैंने कई लड़कों से चुदवाया था, पर शादी अपने घरवालों की मर्ज़ी से की। कहते हैं ना कि यह सच्चाई है कि एक लल्लू […]
प्रेषिका : रानी सहिबा कमलिनी का महीना हुए चार दिन हो चुके थे और मैं उसको चोदने की योजना बना रहा था। शाम के समय मैं अपने कमरे में चाय पी रहा था तो मैंने देखा कि कमलिनी अपने छज्जे पर खड़ी होकर सड़क का नज़ारा देख रही है, मुझसे नज़र मिली तो हल्के से […]
मैं उनके आगे खड़ा था, पहले ही गांड घिसा के मजे ले रहा था, दोनों ने शॉल औढ़ रखे थे। मेरी गांड उनमें से एक के लंड पे पूरी तरा दबाव डाल रही थी उसका लंड सॉलिड लगा।
हाय रे कमल ... काश तू लड़का होती ... तेरे मोटा सा लण्ड होता ... कितना मजा आता ... अरे टॉप और जीन्स उतार ना ... मैंने खींच कर उसका टॉप उतार दिया।