झट शादी पट सुहागरात-2
मैं अपनी पत्नी संग सुहागरात मना रहा था. वो मेरे ऊपर नंगी बैठी थी. उसने अपने हाथ मेरे सीने पर टिका रखे थे. उसका बदन बेहद मुलायम चिकना नर्म और कमसिन था.
Chut Chudai, Gaand Marai Me dard चूत चुदाई, गांड मराई में दर्द
मैं अपनी पत्नी संग सुहागरात मना रहा था. वो मेरे ऊपर नंगी बैठी थी. उसने अपने हाथ मेरे सीने पर टिका रखे थे. उसका बदन बेहद मुलायम चिकना नर्म और कमसिन था.
बेटी ने बोल तो दिया था कि वो पापा से अपनी गान्ड मरवायेगी पर इतना मोटा और लंबा लंड वो अपनी गान्ड में कैसे बरदाश्त कर पाएगी; ये उसकी समझ में नहीं आ रहा था।
मैं कॉलेज फ्रेंड को चोदने के लिए होटल में ले गया था और उसको नंगी करके चूसना शुरू कर दिया था. उसके चूतड़ बड़े बड़े थे तो मेरा मन उसकी गांड मारने का होने लगा.
मैंने किराये पर कमरा लिया. मकानमालिक की दो बेटियाँ थी. मैंने छोटी से दोस्ती करनी चाही तो वो बोली- लाइन किसी और पर मारना। फिर वो कैसे एक बारिश वाली रात में चुदी?
मेरे बॉस ने मुझे जॉब और पैसों के लालच से अपनी सेक्स स्लेव यानि चुदाई रखैल बना लिया था. लेकिन अब तो उसने मुझे अपने बिजनेस के लिए किसी और के हवाले कर दिया.
मुझे जॉब देकर मेरे बॉस ने मुझे अपने जांल में फंसा लिया. उन्होंने मुझसे ज्यादा वेतन और पक्की जॉब के बदले मेरे कुंवारे जिस्म का सौदा कर लिया. मैं अपने परिवार के लिए राजी हो गयी.
लम्बे अरसे से मेरे जिस्म की भड़की हुई आग पर एक मर्द के लंड का जल गिर जाने को तैयार था. लेकिन पहली बार चुदाई में होने वाले दर्द का डर मेरे दिलोदिमाग में छाया हुआ था.
मुझे लड़कों में इंटरेस्ट था. मैं अक्सर सपनों में भी या तो किसी की गांड मार रहा होता या अपनी गांड मरवा रहा होता था. मैं सोचता था कोई मस्त लंड मिल जाए ...
कामवाली की कमसिन बेटी के नंगे कुंवारे बदन से मैं खूब खेला लेकिन अभी तक उसकी कुंवारी बुर में लंड नहीं घुसाया था. मैंने कैसे उसकी कुंवारी बुर को फाड़ा! कहानी पढ़ कर जानें.
मेरे दोस्त ने मुझे एक कुंवारी चूत दिलवायी. मैं अपनी जिन्दगी की पहली चुदाई करने वाला था. मैं बहुत ज्तादा उत्तेजित था. आप भी मजा लें पहली चुदाई का...
कॉलेज की पढ़ाई करते वक्त मेरी मुलाकात एक सेक्सी लड़की से हुई. वह मेरी गर्लफ्रेंड बनी तो मैं उसकी चूत को चोदने के लिए तड़प उठा. मेरी यह वासना कैसे शांत हुई?
मैं अपनी दो बीवियों के साथ सुहागरात मना रहा था. बड़ी वाली पिछली रात अपनी सील तुडवा चुकी थी, अब छोटी बीवी का नम्बर था. मैंने उसे पूरा गर्म कर लिया था कि वो दर्द सह सके!
कोटा में पढ़ने आई एक कमसिन लड़की से मेरी दोस्ती हुई. बात आगे बढ़ी और सेक्स तक पहुंची. वो मेरे साथ मेरे ऑफिस में है और अब बस चुदाई होने ही वाली है. आप पढ़ कर मजा लें!
मैं अपनी चचेरी बहन के जिस्म तक पहुंचने में तो कामयाब हो गया था लेकिन मुझे उसकी चूत की चुदाई करने का बड़ा ही मन था. मेरी यह हसरत कैसे पूरी हुई और मेरी बहन ने मेरा साथ दिया या नहीं?
जब आपसे कोई कमसिन लड़की यह कहे कि 'काफी दिनों से मेरे मन में बहुत बैचैनी हो रही है. मेरे सीने में बहुत बैचैनी और दर्द रहता है.' तो आप क्या करोगे? मैंने क्या किया, पढ़ कर मजा लें!
मेरी कामवासना मेरे सर चढ़ कर बोलती थी. एक दिन मैंने एक मजदूर लड़के को घर बुला लिया और उससे चुदाने लगी. तभी पापा घर आ गए. मेरी गांड फट गयी. पूरी कहानी पढ़ें.
पड़ोस में रहने आई एक नई फैमिली में एक भाई बहन थे, भाई से मेरी दोस्ती हो गयी. लेकिन उसकी बहन से सिर्फ हाय हेलो थी. फिर एक दिन हालात कुछ ऐसे बने कि ...और भी काफी कुछ हो गया.
लड़की होने का अधूरा अहसास उसको हो चुका था और अब बारी थी उसको लड़की होने का पूरा अहसास कराने की. उससे भी बर्दाश्त नहीं हो रहा था, वो अपनी योनि भेदन के लिए मचल रही थी.
मेरी कुंवारी कमसिन बहन मेरे सामने अपने आशिक और उसके दोस्तों के सामने नंगी पड़ी चुद रही थी और ना चाहते हुयी भी मेरे लिंग में सख्ती आ रही थी. मेरी हालत मेरी कहानी पढ़ कर जानें!
मैं अपने पेपर अच्छे करने के लिए सर के साथ कुछ भी करने को तैयार थी. अगले दिन मैं अकेली गयी सर के पास. सर ने मेरे कचिया बदन को कैसे मसला, कैसे मैं कली से फूल बनी? पढ़ें कहानी!