दोस्ती यारी में बहन की अदला बदली करके चूत चुदाई -1
उस पर अभी जवानी धीरे धीरे आ रही थी, उसके सीने पर हल्का हल्का उभार आने लगा था, उसके स्तन छोटी अम्बिया की तरह नुकीले थे। इरफ़ान ने उसको गोद में लेकर उसकी गोलाइयों को अपने हाथों से नापना शुरू कर दिया।
दोस्त की बहन की चूत चुदाई की कहानी
Friend Ki Sister, Dost Ki Bahan Ki Choot Chudai Ki Kahani
Sex stories related to friend’s sister.
उस पर अभी जवानी धीरे धीरे आ रही थी, उसके सीने पर हल्का हल्का उभार आने लगा था, उसके स्तन छोटी अम्बिया की तरह नुकीले थे। इरफ़ान ने उसको गोद में लेकर उसकी गोलाइयों को अपने हाथों से नापना शुरू कर दिया।
दोस्तो, फिर एक सच्ची घटना आपके सामने पेश कर रहा हूँ, उम्मीद है आप इसे भी खुले दिल से प्यार देंगे ! आपके इसी प्यार से मैं क्या से क्या हो गया ! किसी जसप्रीत कौर की मेरे फ़ेसबुक पर रेकवेस्ट आई तो मैंने स्वीकार कर ली। अगले दिन वो मुझे ऑनलाइन मिल गई और […]
प्रेषक : प्रतीक दोस्तो, मेरा नाम प्रतीक है, अन्तर्वासना का बहुत पुराना पाठक हूँ। बहुत दिनों से मैं अपने जीवन की कहानी आप सभी लोगो के सामने प्रस्तुत करना चाहता था पर डरता था। और लोगों की कहानियाँ सच्ची हैं या झूठी, मैं नहीं बता सकता पर मेरी कहानी सौ प्रतिशत सच है। बात उन […]
मेरा नाम लोकेन्द्र शर्मा शर्मा है मैं अभी दिल्ली मैं रहता हूँ। मैं एक 5’7″ इंच लंबा तगड़ा और सुंदर जवान हूँ। मेरी उमर 22 साल और मैं उत्तर प्रदेश से हूँ। यह मेरी एक सच्ची कहानी है। बात उस समय की है जब मैंने क्लास १२ की ही थी और पुलिस की नौकरी की […]
वो मुझसे चुदवाने को उत्सुक थी पर मुझे उसे चोदने की उतनी उत्सुकता नहीं थी फिर भी जब वो इतनी जिद कर रही थी तो मैंने पैंट खोल दी, आगे तो जो करना था वो करती।
मैंने उसकी बहन को अन्दर खीच लिया और उसने गाउन पहन हुआ था तो वो पूरा गीला हो गया, उसने अन्दर कुछ नहीं पहना था, गीले गाऊन के कारण उसके चूचे दिख रहे थे
मेरा दोस्त राज दिखने में अच्छा था। हमारी क्लास के कई लड़के उसकी गाण्ड के पीछे पड़े थे, मैं भी था उनमें! घर में उसकी एक जवान बहन भी रहती थी, क्या मस्त चूचे थे उसके! मेरा तो देख कर ही खड़ा हो जाता था।
मानस गुरू मेरा नाम देव है. मेरी उम्र २३ साल की है. मैं पढ़ाई लिखाई में बचपन से ही अच्छा हूँ. गणित मेरी प्रिय विषय है. जब मैं स्नातकी में था तब मेरी दोस्त की बहन १२ कक्षा पास करने के बाद मेडिकल प्रवेशिका परीक्षा देने की तैयारी कर रही थी. मैं अपने फ़ुरसत के […]
अन्तर्वासना पाठकों को मेरा प्यार भरा प्रणाम। मेरा नाम अजय है और मुझे लोग अज्जू कहकर बुलाते हैं। मैं अंतर्वासना का एक पुजारी हूँ और यह मेरी पहली अर्चना है। आशा करता हूँ कि आपको मेरी यह भेंट स्वीकार होगी। मेरा यह मानना है कि दारु और चूत कभी भी झूटी नहीं होती – जब […]
उसने निशु को अपने गोद में खींच लिया। दोनों ने एक दूसरे के साथ चुम्मा चाटी शुरु दी। सुमित धीरे-धीरे निशु के होंठ से शुरु करके उसकी चूचियों पर ध्यान दे रहा था और निशु उसके लण्ड को सहला रही थी।
सुमित ने उसकी बुर के पानी को ही उसकी गाण्ड के छेद पर लगाया और फ़िर थूक लगा लगा कर निशु की गाण्ड से खेलने लगा। उसका एक हाथ बूर के साथ खेल रहा था और एक हाथ गाण्ड के साथ।
निशु सब सुनते हुए खा रही थी। उसकी जाँघें अभी भी भिंची हुई थी जिससे उसकी चूत की फ़ाँक नहीं दिख रही थी, सिर्फ़ ऊपर के झाँट देख रहे थे।
प्रेषक : राजेन्द्र सिंह मेरी पिछली आपबीती कहानी ‘मेरे दोस्त की बहनों ने मुझे चोदा’ का अगला भाग लेकर आया हूँ मैं ! आप लोगों के मेल मुझे मिले, कुछ लोगों ने बहुत प्यार दिया और कुछ लोगों ने गालियों से सत्कार किया। तो दोस्तों मैं अपनी कहानी को आगे बढ़ाता हूँ : चौथी की […]
दोस्तो, मेरा नाम राहुल है और मैं अन्तर्वासना कहानी पढ़ता हूँ तो मुझे बहुत अच्छा लगता है. तो मैंने सोचा कि क्यों न मैं भी आपनी आपबीती बात बताऊँ! आज मेरी उम्र 21 साल की है और जो कहानी मैं आप लोगो को सुनाने जा रहा हूँ वो करीब 3 साल पुरानी है. आज तक […]
लेखक : मिथिलेश मेरा नाम मिथ्स (मिथिलेश ) है ! मैं नागपुर में रहता हूँ ! आप लोगो को मेरी कहानी बताता हूँ ! एक दिन मैं अपने दोस्त वरुण के यहाँ गया ! उसके घर में कोई भी नहीं था ! मैंने आवाज़ लगाई पर किसी ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी ! मैं अन्दर […]
'लेकिन मैं गर्भवती तो नहीं हो जाऊँगी?' 'नहीं' मैंने उसकी चूची पर हाथ रखा ओर आहिस्ते से सहलाने लगा। मैं उसके कमसिन होठों का रस पीने लगा- कैसा लग रहा है?'
जाते जाते दोनों दरवाज़े में खड़ी हो गयी दोनों ने अपनी चोली खोल कर चुचियाँ दिखाई. पूर्वी बोली: शाब, मुझे यहाँ बहुत दर्द होता है ज़रा मालिश कर देंगे आप?
कोई चार साल के बाद मैं निक्की, अपने मायके दिल्ली आई थी और अपने छोटे भाई के यहाँ ठहरी थी जो बाहर काम करता था और मेरे आने का सुन कर वो मुझ से मिलने आया हुआ था। रोज़ ही किसी ना किसी के यहाँ दावत होती थी। उस रोज़ मेरे बड़े भईया ने खाने […]
मेरे दोस्त का नाम सुधीर है और उसकी बहन का नाम पूनम था। वो बी एस सी पार्ट फ़र्स्ट में पढ़़ रही थी। पूनम बहुत ही खूबसूरत थी। उसका रंग एकदम गोरा चिट्टा था। उसकी हाईट लगभग 5 फ़ुट चार इन्च होगी। आँखें एकदम काली और बड़ी बड़ी, मानो हर समय उसकी आंखे कुछ कहना चाहती हो। जब वो आंखो में काजल लगा कर उसकी लाईन साईड में से बाहर निकालती थी तो वो गजब ही ढा देती थी।
अपने दोस्त की मदद करने का ये सुनहरा मौका मिला कि अपने तो मजे ही मजे हो गए उधर दोस्त की माँ, इधर बुआ और आखिर में दोस्त की बहन की मदमस्त चुदाई का मौका मिला..