माँ बेटी की चूत चुदाई की इच्छा-39
दोस्त की मम्मी को चोदने के बाद उसकी बहन चूत चुदवाने को बेकरार थी… मैंने माया और रूचि से अलग अलग प्लान बनाया सबके साथ रहते हुए मज़ा करने का… उनके घर पहुँचने के बाद क्या हुआ... कहानी के इस भाग में पढ़िए...
दोस्त की बहन की चूत चुदाई की कहानी
Friend Ki Sister, Dost Ki Bahan Ki Choot Chudai Ki Kahani
Sex stories related to friend’s sister.
दोस्त की मम्मी को चोदने के बाद उसकी बहन चूत चुदवाने को बेकरार थी… मैंने माया और रूचि से अलग अलग प्लान बनाया सबके साथ रहते हुए मज़ा करने का… उनके घर पहुँचने के बाद क्या हुआ... कहानी के इस भाग में पढ़िए...
दोस्त की मम्मी को चोदने के बाद उसकी बहन चूत चुदवाने को बेकरार थी… लेकिन मुझे घर वापिस आना था… तो मैंने एक प्लान बनाई वापिस उसके घर में रहने की… और उसके बाद प्लान थी सबके साथ रहते हुए मज़ा करने की… उनके घर पहुँचने के बाद क्या हुआ... कहानी के इस भाग में पढ़िए...
दोस्त की मम्मी को चोदने के बाद मैंने उसकी बहन की कुंवारी चूत चाटी और उसे अपना लौड़ा चुसवाया, अब तो वो चूत चुदवाने को बेकरार थी… लेकिन मुझे घर वापिस आना था… तो मैंने एक प्लान बनाई वापिस उसके घर में रहने की… और उसके बाद प्लान थी सबके साथ रहते हुए मज़ा करने की…
दोस्त की मम्मी को चोदने के बाद मैंने उसकी बहन की कुंवारी बुर चाटी और उसे अपना लौड़ा चुसवाया, अब तो वो चुदने को बेकरार थी… लेकिन मुझे घर वापिस आना था … अब आगे देखिये कि क्या हुआ?
दोस्त की मम्मी को चोदने के बाद मेरी नजर बेटी पर थी, पता लगा कि वो भी मुझे चाहती है, तो फ़िर मैंने उसकी कुंवारी बुर चाटने और लौड़ा चुसवाने में देर नहीं लगाई, अब तो वो चुदने को बेकरार थी…
दोस्त की मम्मी को चोदने के बाद मेरी नजर बेटी पर थी, पता लगा कि वो नासमझ कुंवारी मुझे चाहती है, तो फ़िर मैंने उसकी चूत चाटने और लौड़ा चुसवाने में देर नहीं लगाई, अब वक्त था उसकी चूची चुसाई का..
गाँव की गोरी जिस पे पूरे गाँव के छोरे लट्टू थे, से पनघट पे मेरी मुलाक़ात हुई, हमारी आँखें चार हुई पर उसने भाव नहीं दिया.. मैं अपने दोस्त के घर गया तो वो पता लगा कि वो उसकी बहन थी.. हालात कुछ ऐसे बने कि मैंने दोस्त की बहन चोद दी
अपने दोस्त की मम्मी को चोदने के बाद मेरी नजर बेटी पर थी, बात आगे बढ़ी तो मुझे पता लगा कि मेरे दोस्त की बहन नासमझ कुंवारी है और वो मुझे चाहती है, तो फ़िर मैंने देर नहीं लगाई
मैं अपने दोस्त की बहन को चाहता था पर उसकी मम्मी पहल करके चुद गई, मेरी नजर बेटी पर थी, एक दिन बेटी ने मुझे उसकी मम्मी की पैंटी को चाटते देखा तो बात आगे बढ़ी ! तो मुझे पता लगा कि मेरे दोस्त की बहन नासमझ कुंवारी है…
अपने दोस्त की मम्मी की चुदाई की लालसा पूरी करने के बाद मेरी नज़र दोस्त की बहन पर थी और जब उसने मुझे इसकी मम्मी की पैंटी को चाटते पकड़ लिया तो मुझे लगा कि वो खुद ही मेरे नीचे बिछने को तैयार है…
पिछले भाग में आपने पढ़ा: माया ने जैसे ही देखा कि मैं अकेला ही आ रहा हूँ तो जोर से बोलते हुए कि वो लोग कहाँ है..? वो मेरे पास आई और बोली- अन्दर कुछ गड़बड़ तो नहीं हुई न? तो मैंने उसके गालों को चूमते हुए बोला- आप परेशान न हों.. किसी को कुछ […]
आप सभी पाठकों को मेरा नमस्कार, दोस्तो, इतने दिनों तक मैंने कहानी को रोके रखा इसके लिए माफ़ी चाहता हूँ.. क्योंकि पिछले कुछ दिनों से काम के चलते मैं अपनी कहानी को नहीं बढ़ा सका। अब आप सभी का मनोरंजन करने के लिए मैं फिर से हाज़िर हूँ.. कहानी के पिछले भाग में आपने पढ़ा […]
मैडी के लौड़े ने पानी छोड़ दिया और उसके अहसास से ही दीपाली की चूत भी झड़ गई। इधर दीपक ने अपनी रफ्तार तेज कर ली थी.. अब गाण्ड को दनादन चोद रहा था.. शायद उसका लौड़ा भी गाण्ड की गर्मी से पिघल रहा था। सोनू- साली चूस लौड़ा देख.. कैसे सख्त हो गया है। […]
कुछ देर तक लौड़ा गाण्ड में रखने के बाद दीपक ने बाहर निकाला। दीपक- आह ले मेरी रंडी बहना चूत-रस तो तू पी गई.. अब ये गाण्ड और लण्ड का मिला जुला रस भी चाट मज़ा आएगा। प्रिया- हाँ मेरे बहनचोद भाई.. अभी साफ कर देती हूँ.. दीपाली तू भी आ जा.. तेरी गाण्ड से […]
अब तक की कहानी में आपने पढ़ा… फिर उस रात मैंने थोड़ी-थोड़ी देर रुक रूककर माया की गांड और चूत मारी.. करीब पांच बजे के आस-पास हम दोनों एक-दूसरे की बाँहों में निर्वस्त्र ही लिपटकर सो गए। अब फिर करीब 11 बजे के आस-पास मेरी आँख खुली तो देखा माया कमरे में नहीं थी, तो […]
अब तक की कहानी में आपने पढ़ा… फिर मुझे आँख मारते हुए कहने लगी- जानू अब जल्दी से घर चलो.. मुझे भी अब कुछ चाहिए.. तुम्हारा तो हो गया.. पर मेरे अन्दर की चीटियाँ अभी भी जिन्दा रेंग रही हैं। तो मैंने उसके बोबे मसल कर कहा- अरे आज रात तेरी सारी चींटियों को रौंद-रौंद […]
आंटी बोली- मार डालेगा क्या मेरी बेटी को। वह पहली बार कर रही है, उसकी चूत बहुत टाईट है। यह सरसों को तेल लगा और धीरे धीरे प्यार से चोद उसको।
कहानी के पिछले भाग में आपने पढ़ा: हम दोनों कमरे में आ चुके थे.. फिर माया और मैं दोनों वाशरूम गए.. वहाँ उसने गीजर ऑन किया। अब तब मेरी समझ में नहीं आ रहा था कि ये चाहती क्या है.. तो मैंने उससे पूछा- गीजर क्यों ऑन किया? तो बोली- आज मुझे भी अपनी एक […]
कहानी के पिछले भाग में आपने पढ़ा: मैंने उनके मुँह पर चुम्बन किया और उन्हें कुछ इस तरह होने को बोला कि वो सोफे की टेक को पकड़ कर घोड़ी बन जाएं.. ताकि मैं जमीन पर खड़ा रहकर उनको पीछे से चोद सकूँ। ठीक वैसा ही जैसा मैंने फिल्मों में देखा था। माया ने वैसे […]
माया मेरे सख्त लौड़े को पुनः अपने मुलायम होंठों में भरकर चूसने लगी और कुछ ही देर में एक ‘आह्ह्ह ह्ह्ह्ह्ह’ के साथ मेरा गर्म लावा उसके मुँह में समा गया जिसे माया बड़े ही चाव से चखते हुए पी गई और आँख मारते हुए बोली- कैसा लगा? तो मैंने उसे अपनी बाँहों में ले […]