घने जंगल में मंगल
यहाँ समलैंगिता बहुत थी। दूसरे यहाँ के जंगलों में एक कीड़ा पाया जाता था, जिसके काट लेने पर वैसे तो कोई नुकसान नहीं होता था, लेकिन इंसान के शरीर में हवस का सैलाब उमड़ आता था और उसकी हवस काबू के बाहर हो जाती थी, चाहे वो मर्द हो या औरत।
गांड मारने, मरवाने या गांड में उंगली घुसाने की चुदाई कहानियाँ
Gaand Marne, marwane ya gaand me ungli ghusane ki sex kahaniyan
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यहाँ समलैंगिता बहुत थी। दूसरे यहाँ के जंगलों में एक कीड़ा पाया जाता था, जिसके काट लेने पर वैसे तो कोई नुकसान नहीं होता था, लेकिन इंसान के शरीर में हवस का सैलाब उमड़ आता था और उसकी हवस काबू के बाहर हो जाती थी, चाहे वो मर्द हो या औरत।
तन्हा आवारा नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम जय है, मेरा लंड 7 इंच का है, ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश में रहता हूँ, अन्तर्वासना पर कहानियाँ मैं पिछले 4 साल से पढ़ता आ रहा हूँ। मैं आपको अपनी जिन्दगी का पहला अनुभव बताने जा रहा हूँ, आशा करता हूँ जो आप सब को पसंद आएगा। ठंड के […]
आरती को देखकर रेखा ने भी लौड़ा चूसने के लिए हाँ कह दी। और अब चूसने की बारी लड़कियों की थी और चुसवाने की बुड्ढों की।
उसने मेरे लण्ड का टोपा अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगी। क्या कमाल का लण्ड चूसती है साली पूरी लण्डखोर लगती है? उसके मुँह की लज्जत तो उसकी चूत से भी ज्यादा मजेदार थी।
मैं पूरे घर में नाइटी में घूमती, मेरे इस रूप को देखकर मेरे भाई की नीयत बिगड़ने लगी, वो मेरे रूप सौन्दर्य को घूर-घूर कर देखता, मुझे छूने के बहाने ढूंढता।
मैंने गांड में लंड एक बार में ही घुसा दिया तो आपी जोर से चिल्लाई- कुत्ता! बहनचोद, रंडी समझ लिया है क्या? आपा हूँ तेरी! रंडी नहीं कि तूने एक बार में ही लंड घुसा दिया.
हमारे बाजू वाले क्वाटर में रहने वाले सज्जन पीसी मैसी मेरे ही डिविजन में काम करते हैं। वे अपनी पत्नी के साथ अक्सर मेरे घर आते और फिर हम चाय, नाश्ता साथ-साथ ही लेते हैं। मैसी जी को शराब पीने और जुआ खेलने की आदत थी। इस कारण अलका बहुत दुखी रहती है। यहां तक कि मैसीजी के वेतन से उनके घर का खर्च भी बहुत मुश्किल से निकल पाता है।
अगले झटके में मेरे कौमार्य को तोड़ते हुए आनन्द का लंड को पूरा अंदर घुस गया। अगर चूत में कोई तेल लगाया होता तो इतना दर्द नहीं होता.
मैं शेविंग किट लाया और सबसे पहले उसकी चूत के आसपास के बाल साफ़ करने थे। मान नहीं रही थी पर फिर भी जोर देने पर सलवार उतार ही दी और फिर बाथरूम में जाकर बैठ गई। मैंने उसे टाँगे खोलने को कहा, धीरे धीरे शरमाते हुए उसने टाँगे खोल ही दी।
कहानी का पहला भाग : एक कुंवारे लड़के के साथ-1 कहानी का पाँचवाँ भाग : एक कुंवारे लड़के के साथ-5 कुछ देर बाद हम दोनों ने अपने अपने चेहरे साफ़ किये और दोनों लड़कों के साथ सोफे पर बैठ गईं। रचना ने सब के गिलास भर दिये और पीते पिलाते हम चारों में फिर से […]
प्रेषक : पार्थ नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम पार्थ है, मेरा कद 5’6″ है, देखने में मेरा रंग साफ़ है और मैं न ज्यादा पतला और न मोटा हूँ। मैं एक समलैंगिक लड़का हूँ। वैसे तो मेरा एक बॉयफ़्रेन्ड भी है, पर यह कहानी मेरे बॉयफ़्रेन्ड मिलने से पहली की है। करीब दो साल पुरानी बात […]
अब मैं चाची को अपने कमरे में ले जाती हूँ, देखती हूँ कि आखिर इनकी बुर कितना पानी छोड़ती है दो घंटे में। और आप और इमरान मिल कर घंटे दो घंटे भर मस्ती कर लो।
चाची नंगी थीं, नंगी ही मेरा इंतजार कर रही थीं। मैं हाथ चाची के बदन पर फ़ेरने लगा। एकदम चिकना मखमली गद्दी जैसा बदन था चाची का। चाची ने टटोल कर मेरा लंड पकड़ लिया
'अबे साले... मुफ्त की चूत मिल गई तो लालच आ गया क्या?' मैंने अपनी गांड से उसकी उंगुली निकालने की कोशिश करते हुए कहा। 'भौजी.. एक बार गांड मार लेने दो ना?' उसने मेरे गालों को काट लिया।
मेरा मन बुरी तरह उस मोटे लंड के लिए कुनमुनाने लगा था। काश एक ही झटके में जगन अपना पूरा लंड मेरी चूत में उतार दे तो यह जिंदगी धन्य हो जाए। मेरी छमिया ने तो इस ख्याल से ही एक बार फिर पानी छोड़ दिया।
चोदन चोदन सब करें, चोद सके न कोय, कबीर जब चोदन चले लण्ड खड़ा न होय ....
मेरा नाम अरविन्द है, मेरी उम्र 50 वर्ष, पिछली पीढ़ी का व्यवसायी और एक विधुर हूँ। मेरी पत्नी माधुरी की कैंसर के कारण जल्दी मृत्यु हो गई थी, वह मुझे तीन बच्चों, बड़ी बेटी प्रियंका (अब 27), मेरा बेटा नील (अब 25), और छोटी बेटी अनुष्का (अब 22) का पालन-पोषण अकेले ही करने के लिए […]
चोर नीचे लेट गया उसके लौड़े पर शब्बो ने अपनी गांड का छेद टिकाया और बैठ गई। उसके बाद उसने मेरा लंड अपने हाथ से पकड़ कर चूत पर लगाया और बोली- मादरचोद, धक्का मार!
लेखक : सनी मैं अन्तर्वासना का आभारी हूँ कि इसमें अब तक न जाने मेरी कितनी चुदाइयो को प्रकाशित किया है। और मैं पाठकों का भी आभारी हूँ कि उन्होंने मुझे इतना प्यार दिया है। उम्मीद है यह प्यार बना रहेगा। अपनी एक और चुदाई लेकर आपके सामने आया हूँ। मुझे दिल्ली जाना पड़ा, काम […]
प्रेषक : गाण्डू सनी शर्मा पाठकों के लण्ड को स्पर्श करते हुए आपका यह प्यार गाण्डू नमस्कार करता है, प्रणाम करता है। मैं एक बार फिर से अपनी मस्त चुदाई लेकर हाज़िर हूँ। सर्दी का मौसम है, ऐसे मौसम में चुदाई करवाने का दिल और करता है। सभी जानते हैं कि आजकल मैं जालंधर में […]