सेक्सी स्कूल गर्ल की पहली चुदाई

(Desi Virgin Chudai Kahani)

देसी वर्जिन चुदाई कहानी में मैंने बताया कि कैसे मेरे स्कूल वैन के ड्राईवर ने मेरी पहली चुदाई करके मुझे मजा दिया. मैं खुद उसके घर गयी थी सेक्स का मजा लेने.

सभी को मेरी तरफ से नमस्ते.

मेरा नाम जूली है, मैं 25 साल की हूं।
मैं दिल्ली की रहने वाली हूं.
मेरा रंग गोरा है, मेरा फिगर 30B 28 30 है.

मैं आप सबको अपनी पहली चुदाई बताने जा रही हूं.
अगर मेरी यह सच्ची कहानी पसंद आए तो लाइक करें.
मैं अपनी आज तक की जितनी बार भी चुदी हूं, वे सब बताऊंगी।

चलिए अब मैं अपनी पहली चुदाई पर आती हूं।

यह देसी वर्जिन चुदाई कहानी आज से 6 साल पहले की है.
तब मैं 19 साल की थी और 12वीं में पढ़ती थी.

हमारे स्कूल में सिर्फ लड़कियां ही पढ़ती थी।
हमारी ड्रेस सूट सलवार होती थी।

स्कूल घर से दूर होने की वजह से हम वैन में जाते थे।

अब आप लोगों को तो पता ही होगा कि वैन में कितनी भीड़ होती थी.

मैं अगली सीट पर ही बैठती थी.
जब भी वैन वाला गियर लगाता था तो उसका हाथ मेरी जांघ पर लगता था।
जब जब उसका हाथ मेरी जांघ पर लगता था तो मुझे अजीब सा अहसास होता था।

कई बार तो वह जानबूझकर भी मेरी जांघ सहला देता था।

ड्राईवर भी देखने में ठीक ठीक ही था
पर उस टाइम मुझे इन सब में कोई दिलचस्पी नहीं थी, बस उसके स्पर्श करने से कुछ अजीब सा लगता था।

फिर एक दिन की बात है हमारे पेपर की वजह से अकेली मुझे ही जाना था स्कूल!
तो वैन में मैं अकेली ही थी.

दोपहर में मेरा पेपर था तो ड्राईवर 11 बजे मुझे लेने आ गया था.
मैं भी जाकर बैठ गई आगे ही!

उसने गाड़ी चलाते चलाते मेरी जांघ पर हाथ रखा मुझे अजीब सा लगा तो मैंने उसका हाथ पीछे हटा दिया.

2 / 4 मिनट बाद दुबारा से उसका हाथ मेरी गर्म जांघ पर आ गया.
अब भी मैंने सोचा कि उसने शायद गलती से रख दिया है.
मैंने कोई हरकत नहीं की।

मेरी तरफ से कोई भी हरकत ना देख कर उसने जांघ को धीरे धीरे सहलाना चालू कर दिया.

पता नहीं मुझे अजीब सा लगने लगा.
मैंने उसकी हरकत को नहीं रोका.
उसका हाथ मेरी जाँघों के जोड़ तक पहुँच गया.
वह उंगली से मेरी चूत की दरार के ऊपर सहलाने लगा.
मुझे अच्छा लग रहा था.

और कब उसने मेरी सलवार ढीली कर दी, मुझे पता ही नहीं चला.

फिर उसने मेरी सलवार के अंदर हाथ डाला और मेरी चूत को सहलाने लगा.
आनन्द के मारे मेरी तो आंखें बंद होने लगी थी और मैं उसके हाथ को दबाने लगी थी।

इतनी देर में मेरा स्कूल आ गया और उसने हाथ बाहर निकाल लिया।

उस समय मुझे अपनी कच्छी गीली गीली सी लग रही थी.
तब उस ड्राईवर ने पूछा- जूली, कैसा लगा?
तो मैं शर्माने लगी.

उसने दोबारा पूछा- जूली, मैंने तेरे साथ जो किया, तुझे उसमें मजा आया?

मैं चुप रही और अपनी सलवार को सही करके एग्जाम देने चली गई।

एग्जाम देकर जब मैं वापस आई मुझे फिर से उसी के साथ घर लौटना था.

मैं वैन तक पहुंची तो उसने मुझे एक चॉकलेट दी.
और फिर मैं घर वापस जाने के लिए गाड़ी में बैठ गई.

उस टाइम तक अंधेरा भी हो गया था हल्का हल्का!

उसने मुझे बोला- जूली, तू पीछे वाली सीट पर बैठ जा!
मैं पीछे वाली बड़ी सीट पर बैठ गई.

और तब वह भी पीछे आ गया और मुझसे पूछने लगा- दोपहर में मजा आया था या नहीं?
तो मैंने हां में गर्दन हिलाई.

फिर उसने मुझे हग कर लिया और फिर वह मेरे होंठों को चूसने लगा.
मुझे भी मजा आ रहा था.

उसने मेरे शर्ट के ऊपर से ही मेरे चूचे दबाए और चूत भी सहलाई.

और फिर उस ड्राईवर ने मेरी सलवार उतार दी और मेरी कच्छी भी!

मुझे शर्म आ रही थी बहुत … पर मजा भी आ रहा था.

फिर अचानक मेरा फोन बज गया.
मेरे घर से फोन आया था, मम्मी पूछ रही थी कि मैं कब तक लौटूंगी.

मैंने उसे घर ले चलने को खा और मैं अपने कपड़े ठीक करने लगी.
फिर उसने मेरी कच्छी अपने पास रख ली और सलवार मैंने पहन ली।

फिर हम घर जाने लगे तो उसने बोला- संडे को घूमने चलेंगे, आ जइयो।

तब मैंने घर में झूठ बोला कि रविवार को मेरी एक्स्ट्रा क्लास है.
और मैं उसके साथ घूमने चली गई.

पर वह मुझे अपने फ्लैट पर ले गया।

उस दिन मैंने जींस टॉप पहना था।

फ्लैट पर जाते ही उसने मुझे पहले अपनी बांहों में दबोच कर हग किया.
फिर उसने मुझे अपनी गोद में उठा लिया और मेरे होंठों पर अपने होंठ रख कर चूसने लगा.

स्मूच करते करते उसने मुझे बेड पर गिरा लिया था.
और तब वह मेरे चूचे मसलने लगा.

मेरे मुंह से सिसकारी निकलने लग गई थी- उह आउफ़ हह आफ़ आह!

फिर उसने मेरा टॉप निकाला, ब्रा उतारी और मेरी छाती और पेट ऊपर से लेकर नीचे तक चाटने लग गया.

मैं इसे तड़प रही थी जैसे मछली पानी के बिना तड़पती है.

फिर उसने मेरी पंर और कच्छी भी उत्तर दी और मेरी जांघ को सहलाते हुए मेरी चूत पर चुम्बन किया.
“आह उफ उहह!”

फिर उसने अपने कपड़े उतारे और मुझे बोला- मेरा लंड मुंह में ले!
पर मैंने मना कर दिया.
उसने मुझे बहुत बार लंड चूसने को बोला पर मैंने नहीं लिया मुंह में!

पर मैंने उसका लंड हाथ में ले लिया और बस हाथ से हिलाया.

उसका लंड मेरे हाथ से भी बड़ा था.

2-3 मिनट तक लंड हिलाने के बाद उसने मुझे बेड के कोने पर खींचा और मेरी कमर के नीचे तकिया लगाया.

तब उसने टीवी चलाकर टेल आवाज में गाने चला दिए.

उसने मेरे होठों पर मुझे एक किस की और मेरी चूत की दरार के बीच में लंड रखा और दबाव बना कर आधा लंड अंदर घुसा दिया.
मुझे एकदम बहुत तेज दर्द हुआ, मैं बहुत तेज चिल्लाई- आअय य्य्यूई इइईई!

ऐसा लगा मुझे कि जैसे मेरे शरीर के अंदर कोई लोहे की रॉड घुस गई हो.

मैंने उसको बोला- प्लीज़ बाहर निकालो इसे … मुझे बहुत दर्द हो रहा है!

उसने कुछ नहीं बोला और सीधा मुझे स्मूच करने लग गया और मेरे बूब्स दबाने लग गया.

2-3 मिनट के बाद जब मैं कुछ ठीक महसूस करने लगी तो उसने फिर एक झटका मारा और पूरा लंड मेरी चूत के अंदर घुस गया.
और फिर चिल्लाई मई- आअय मम्मी … ईईइ मर गयी ईइइ ईई!

तब दर्द के मारे मेरी आंखों के आगे अंधेरा छाने लग गया.

पर उसने 6-7 झटके और मारे और तब वह रुका.
उसने मुझे किस किया.

और जब मैं नॉर्मल हुई तो फिर मुझे भी मजा आने लगा.
मैं भी उसका साथ देने लग गई.

मेरी ‘अय उफ आह्ह ऊई ईई’ की आवाज से कमरे गूंजने लगा.
और मेरी चूत के अंदर उसके लंड के झटके तेज होने लगे.

करीब 20 मिनट तक देसी वर्जिन चुदाई होती रही.
फिर वह मेरी चूत में ही झड़ गया.

वह कुछ देर मेरे ऊपर मेरी चूत में लंड डाले लेटा रहा.
फिर वह मेरे ऊपर से उठा तो उसका लंड मेरी चूत में से निकल गया.
मैंने देखा कि उसके लंड पर खून लगा हुआ था.

मै 15 मिनट तक वहीं लेटी रही.
जब मैंने उठ कर देखा तो बेड की चादर पर खून लगा हुआ था और मेरी चूत से लाल गुलाबी पानी निकल रहा था।

उसने तौलिये से मेरी चूत को पौंछा और मुझे किस करने लगा.

थोड़ी देर बाद फिर एक बार उसने मुझे चोदा.

और इस बार मैंने उसका लंड चूसा भी था।

उसके बाद 2-3 दिन तक मुझे चलने में बहुत दिक्कत हुई और चूत में जलन भी रही।

4 महीने में मैं उससे बहुत बार चुदी।
मुझे हर बार बहुत मजा आता था.
मैं तो चाहती थी कि वह मुझे हर रोज चोदे.
पर मौक़ा नहीं मिलता था.

यह थी मेरी पहली चुदाई!
उम्मीद है आप सबको देसी वर्जिन चुदाई कहानी अच्छी लगी होगी।

अगर मेरी और चुदाइयों के बारे में सुनना चाहते हैं तो मेरी कहानी को लाईक करें और कमेंट करके बताएं।
धन्यवाद.
आपकी जूली
[email protected]

देसी वर्जिन चुदाई कहानी से आगे की कहानी:

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