कुंवारी नर्स के साथ चुत लंड की चुसाई
(Fingering Licking Sex Kahani)
फिन्गरिंग लिकिंग सेक्स कहानी में मैंने अपने घर में एक नर्स रखी. वह देसी सेक्सी माल थी. मैं उसे चोदना चाहता था. एक दिन उसकी कमर में मोच आ गयी.
ये सेक्स कहानी मेरे घर में रहने वाली नर्स रीना की है.
मेरी पत्नी की तबीयत ठीक न होने के कारण मुझे एक फुल टाइम नर्स रखनी पड़ी.
नर्स रीना 24 साल की खूबसूरत लड़की थी, जिसकी शादी नहीं हुई थी.
वह ओडिशा के किसी छोटे गांव की थी और नर्सिंग की पढ़ाई के लिए शहर आई थी.
वह मेरे घर में 24 घंटे रहती थी.
उसको मैंने अलग से एक कमरा दिया हुआ था.
वह सुबह 5 बजे उठती थी और मेरी पत्नी की देखभाल करने के लिए नहाने के बाद नाश्ता आदि करती थी.
वह गोरी थी और सिर्फ 5 फीट लंबी थी.
उसकी चूचियां 34 इंच की, कमर 28 की और गांड 36 इंच की थी.
देखने में बहुत सेक्सी थी एकदम डीजल माल लगती थी.
डीजल माल मतलब कोई नाटे कद की पहाड़न जैसी आइटम.
हालांकि वह पहाड़ी लड़की नहीं थी लेकिन बड़ी दिलकश माल थी.
वह हमेशा पलाज़ो और खुले गले वाली टी-शर्ट पहनती थी.
कई बार झुकने से उसकी टी-शर्ट के गहरे गले से उसकी चूचियों के उभार के मस्त दीदार हो जाते थे और मेरा मन विचलित हो जाता था.
वैसे ही मुझे बीवी के साथ सहवास का मौका मिल नहीं रहा था तो मेरे लौड़े में आग भरी हुई थी.
रीना के नितंब एकदम गोल और उभरे हुए थे, जो कभी-कभी जब वह नज़दीक से गुज़रती तो मुझे टच कर जाते थे.
हालांकि मैंने कभी बुरी नज़र से नहीं देखा था लेकिन सेक्सी लड़की को देख कर लौड़े से रहा नहीं जाता था और वह फनफनाने लगता था.
एक बार मुझे उसके बाथरूम में से कुछ लेना था और मुझे पता नहीं था कि वह नहा रही है क्योंकि उस दिन वह रोज़ से कुछ जल्दी नहाने चली गई थी.
मैंने जैसे ही उसके कमरे में जाकर बाथरूम की तरफ देखा तो बाथरूम के दरवाजे खुले हुए थे और मुझे उसका नंगा बदन दिखाई दे गया.
उसने अपने चेहरे पर साबुन लगा रखा था और उसकी आंखें बंद थीं.
वह अपना चेहरा दोनों हाथों से रगड़ रही थी, जिससे दोनों हाथ ऊपर थे.
उसके चिकनी बिना बालों वाली बगलें और तनी हुई चूचियां साफ़ थिरकती दिख रही थीं.
मेरी नजर एक पल में ही ऊपर का जायजा लेने के बाद नीचे चली गईं और मैंने देखा कि उसकी चूत भी एकदम सफाचट थी.
उस पर बाल या झाँट का कोई नामोनिशान नहीं था.
चिकनी चूत देख कर मुझे वासना चढ़ने लगी थी.
तभी वह घूम गई तो उसके गोल और टाइट चूतड़ मेरी नजरों के सामने आ गए थे.
उसका पेट बिल्कुल सपाट और हार्ड था, जिस पर उसकी नाभि गोल और छोटी सी मस्त दिख रही थी.
ये सब देख कर मेरा दिल धड़क गया और मैंने मन ही मन उसे चोदने का फैसला कर लिया.
मैं चुपचाप उधर से हट गया और बाहर निकल आया.
उसे अहसास भी नहीं हुआ कि कोई कमरे के अन्दर आया भी था.
अब मैं रीना को अलग नज़र से देखने लगा और जब भी मौका मिलता तो मैं उसको छूने की कोशिश करता रहता.
एक दिन रीना दोपहर में सोकर उठी तो उसकी पीठ में तेज़ दर्द हो रहा था.
वह बिस्तर से उठ नहीं पा रही थी और कराह रही थी.
उस वक्त दोपहर के करीब 2 बज रहे थे.
जब उसकी दर्द भरी आवाज कुछ तेज़ हो गईं तो मैं उसके कमरे में गया.
मैंने उससे पूछा- क्या हुआ?
रीना ने कहा कि उसकी पीठ में बहुत मोच आ गई है और बहुत दर्द हो रहा है.
वह मुड़ नहीं पा रही थी.
मैंने उससे कोशिश करने और ऊपर उठने के लिए कहा, जिस पर उसने कहा- ऐसा मैं नहीं कर पा रही हूँ!
फिर मैंने उससे पूछा कि क्या किया जा सकता है!
उसने कहा कि कोई ऐसी मलहम हो, जिसके लगाने से मुझे राहत मिल सके!
मैंने कहा- मलहम तो है … क्या उससे काम होगा?
वह हां बोली.
लेकिन कोई महिला न होने के कारण उसे मलहम कैसे लगाई जाए … यह एक समस्या थी.
मुझे भी कोई हल नहीं मिल रहा था.
वह निरंतर कराह रही थी.
मैंने उससे कहा- अगर तुम्हें कोई आपत्ति न हो तो मैं तुम्हें मलहम लगा सकता हूँ!
उसने कहा- नहीं, दर्द कमर के नीचे है और मैं उस भाग को आपके सामने उजागर नहीं कर सकती!
मैंने कहा- ठीक है, अगर तुम नहीं चाहती तो मैं कुछ नहीं कर सकता! उसके लिए तो किसी महिला को बुलाना पड़ेगा और फिलहाल ऐसी कोई महिला इधर नहीं है!
यह सुनकर वह बेबस होकर रोने लगी.
मैंने उससे कहा- रीना देखो, जब मैं तुम्हें मलहम लगाऊंगा तो अपनी आंखें बंद कर लूँगा … ताकि मैं तुम्हारा खुला शरीर नहीं देख सकूँ!
उसने कहा- मुझे नहीं पता … क्योंकि अगर आप आंखें बंद करोगे तो भी आप मेरे शरीर को तो छुओगे ही!
मैंने कहा- फिर तो कुछ नहीं हो सकता और तुम्हें दर्द सहना ही पड़ेगा!
कुछ मिनटों तक वह सोचती रही.
उसके बाद उसने कहा- ठीक है, कृपया मलहम लगा दीजिए, लेकिन आप मेरी तरफ मत देखना!
मैंने कहा- ठीक है, अब तुम अपना पेट घुमाओ और मुझे दिखाओ कि दर्द कहां है?
उसने कहा- इसमें भी आपकी मदद की जरूरत होगी.
मैंने उसके हाथ और पैर पकड़ कर उसे पेट के बल लेटने में मदद की.
एक बार जब रीना पेट के बल लेट गई तो मैंने उससे कहा- अब बताओ कि दर्द कहां है, हाथ से छू कर बताओ!
वह हाथ से तो नहीं दिखा सकी लेकिन बोली- मुझे पीठ के निचले हिस्से में मतलब कूल्हों में दर्द हो रहा है!
मैंने उसकी टी-शर्ट ऊपर सरका दी और उसके पलाज़ो को उसके कूल्हों से नीचे खींच दिया.
जब तक कि उसकी पैंटी उजागर नहीं हो गई और उसके चूतड़ों की दरार दिखाई नहीं देने लगी … मैं चड्डी को नीचे सरकाता गया.
मैंने उसकी पीठ से लेकर निचले कूल्हों तक मलहम लगाना और मालिश करना शुरू कर दिया.
उसकी ब्रा की स्ट्रैप दिख रही थी और उसकी पैंटी तो गांड से नीचे सरकी हुई ही थी, वह नीले रंग की थी.
मैं उसके बदन को मसलने लगा, एकदम गोरा संगमरमर जैसा बदन था और उसकी त्वचा मलाई की तरह चिकनी थी.
हाथ लगाने से और सामने नंगा बदन देखने से मेरा लंड सख्त और खड़ा हो रहा था.
वह धीरे-धीरे कराहने लगी.
लेकिन ये कराहना दर्द का नहीं, बल्कि आनन्द का था जो मुझे साफ समझ आ रहा था.
मुझे ऐसा लगने लगा था मानो वह एक मर्द के हाथ से अपने बदन की मालिश का आनन्द ले रही हो.
मैंने धीरे से उसकी पैंटी को और नीचे सरका दिया, जिससे उसके नितंब और उनके बीच की दरार एकदम से खुल कर दिखने लगी.
उसकी चड्डी चुत और गांड के इलाके से अपना कब्जा छोड़ चुकी थी तो मुझे चुत की नमी चमकती हुई दिखने लगी थी.
उधर रीना भी कुछ नहीं बोल रही थी.
मैंने देखा कि उसने अपनी आंखें बंद कर ली थीं.
मैंने उसकी टी-शर्ट को और ऊपर को सरका दिया जिससे उसकी ब्रा की स्ट्रैप को छोड़कर पूरी नग्न पीठ दिखाई देने लगी.
मैं देख सकता था कि उसके लेटने के कारण उसके स्तन बिस्तर से चिपक कर दबे हुए थे.
वे किनारे की ओर खिसके हुए थे और उनकी दूधिया सफ़ेद रंगत मुझे उत्तेजित कर रही थी.
मैं उसके नितंबों को मसलने लगा और उसकी गांड के छेद में उंगली करने लगा.
रीना को मस्ती चढ़ने लगी.
उसने अपने कूल्हों को ऊपर-नीचे करते हुए ऐसे रगड़ना शुरू कर दिया, जैसे वह बिस्तर को चोद रही हो.
मैंने धीरे-धीरे अपनी उंगलियों को उसके नितंबों के बीच धकेला.
उसकी चिकनी चूत को छुआ, जो पूरी तरह उसके काम-रस से गीली हो गई थी.
मैंने अपनी दो उंगलियों को उसकी तंग चुत की फांक में फँसाई और एक उंगली को अन्दर डुबो दी.
उसकी मादक आह निकली और वह कमर को दबाती हुई मेरी उंगली से अपनी चुत को चुदवाने का मजा लेने लगी.
मैंने बारी बारी से दोनों उंगलियों को उसकी चुत के रस से गीला किया और अपनी उंगलियों को बाहर निकाल कर उसके स्वादिष्ट योनि-रस को चाट कर खुद को तृप्त किया.
मुझे उसकी चुत का रस अच्छा लगा तो मैंने वापस चुत को उंगलियों से चोदा और बाहर निकाल कर पुनः चाटा.
उसकी चुत के खट्टे रस का मैंने पूरे मनोयोग से स्वाद लिया.
जब मैंने ऐसा दो तीन किया तो रीना ने मेरी तरफ देखा और वह हया से मुस्कुरा दी.
मैंने आँख दबा दी तो वह शर्मा गई और उसने अपनी आंखें बंद कर लीं.
फिर उसने धीरे से पूछा- आपने ऐसा क्यों किया?
मैंने कहा- मैं तुमसे प्यार करता हूँ और तुम्हारी चुत और गांड को चूसना व चोदना चाहता हूँ!
वह कुछ नहीं बोली.
मैंने उससे पूछा- तुम अब कैसा महसूस कर रही हो?
रीना ने कहा- दर्द अब कम हो गया है!
यह सुनकर मैंने उसे पीठ के बल घुमाया और उसका पलाज़ो और पैंटी को एक साथ पकड़ कर नीचे खींच दिया.
वह नीचे से पूरी तरह नग्न हो गई.
रीना ने अपनी आंखें बंद कर लीं और अपनी जांघों को एक साथ बंद करके शांत लेटी रही.
उसकी छोटी सी बुर पूरी तरह से साफ़-सुथरी थी और उसके चुत के रस से गुलाबी बुर एकदम चमचमा रही थी, रस भी टपका रही थी.
मैंने झुककर उसके चूत के होंठों को चूमा और उसके प्रेम-रस को चाटा.
उसकी जांघों के जोड़ों को चाटा, उसकी गांड में बहने वाले रस को साफ़ किया.
गांड के सिकुड़े हुए छेद को चाट कर साफ़ किया.
फिर उसकी चूत को जीभ से चोदा.
उसकी चुत काफी तंग थी, जिसे कभी चोदा नहीं गया था.
उसका अंदरूनी मांस का रंग एकदम गुलाबी था जोकि मेरी बीवी का नहीं था.
उसकी गांड का छेद भी गुलाबी था और तंग व छोटा सा था.
मैंने उसकी टांगें उठाईं और गांड के छेद को चाटना शुरू कर दिया.
रीना अपनी चूत की जीभ से चुदाई की वासना और आनन्द से कांप रही थी.
वह जितना संभव हो पा रहा था, मेरी जीभ को अपनी चूत में लेने के लिए अपने नितंबों को ऊपर उठाने लगी थी.
कुछ ही देर में उसने मेरा सिर पकड़ लिया और उसे अपनी बुर पर दबा दिया.
वह मेरे मुँह में अपने छेद को डालने की कोशिश करने लगी थी.
कुछ मिनट तक चुत चूसने के बाद वह कंपकंपाने लगी.
उसका पेट सिकुड़ गया था और उसकी चुत बार बार भिंच रही थी व खुल रही थी.
तभी चुत से रस धार बह निकली.
उसे बिना चुदाई के एक बड़ा संभोग सुख मिल गया था.
उसकी युवा अछूती बुर की पहली बार किसी मर्द के सानिध्य से स्खलित हुई थी.
उसमें से रज का पानी लगातार बह रहा था.
अब रीना अपने जीवन की पहली चुदाई के लिए तैयार थी.
मैंने अपने कपड़े उतार दिए और अपना लंड खड़ा करके पूरी तरह नंगा हो गया.
मैंने रीना को अपना लंड दिखाया.
उसने अपना चेहरा दोनों हाथों से ढक लिया और बोली- मुझे शर्म आती है आपका इतना बड़ा है, मैं इसे अन्दर नहीं ले पाऊंगी!
मैंने उससे कहा- डरो मत, मैं तुम्हें धीरे-धीरे चोदूँगा.
उसने कहा- मैंने कभी अपनी वेजीना में कोक नहीं लिया है, मैं वर्जिन हूँ!
मैंने कहा- आज नहीं तो कल लंड तो लोगी ही!
रीना ने विनती की- प्लीज मुझे नहीं चोदिए, क्योंकि मैं अपनी शादी के समय कुंवारी रहना चाहती हूँ! मैं शादी से पहले अपनी सील नहीं तुड़वाना चाहती हूँ … इसलिए प्लीज मुझे मत चोदें … इसके अलावा आप सब कुछ कर सकते हैं!
मैंने उसके अनुरोध को समझा और कहा- ठीक है, हम अलग-अलग तरीकों से फिन्गरिंग लिकिंग सेक्स का आनन्द लेंगे.
वह मुझे सवालिया नजरों से देखने लगी.
मैंने कहा- मैं तुम्हारी चूत में अपना लंड डाले बिना ही तुम्हें यौन सुख दूँगा!
वह कुछ खुश सी दिखने लगी.
फिर हल्की सी आवाज में उसने पूछा- कैसे?
मैंने उससे कहा कि हम लोग अलग अलग तरीकों से सेक्स का आनन्द ले सकते हैं.
वह अभी भी नहीं समझ पाई थी कि चुदाई के बिना कैसे सेक्स का सुख लिया जा सकता है!
मैंने कहा- मैं तुम्हारी चूत चूसूँगा, तुम्हारी चूचियां चूसूँगा, तुम्हारी गांड चाटूँगा और हम एक-दूसरे के शरीर के साथ खेलते हुए हमेशा एक-दूसरे को चूमेंगे. इस तरह से मैं तुम्हें कई बार संभोग सुख प्राप्त करा सकता हूँ. बदले में तुम मेरा लौड़ा चूस सकती हो और मुझे वीर्यपात करा सकती हो!
वह इसके लिए सहमत हो गई.
मैंने उससे कहा- तुम दिन या रात में किसी भी समय अपनी पैंटी नीचे कर सकती हो और मुझे अपनी चूत चूसने को कह सकती हो. अपना टॉप और ब्रा उतार सकती हो और मुझे बता सकती हो!
अब रीना मस्ती से बोली- ठीक है मेरे राजा, आप दिन हो या रात कभी भी मेरी पैंटी और ब्रा नीचे खींच सकते हो और मेरी चूचियां चूस सकते हो और मेरी चूत चाट चूस सकते हो. मेरे कमरे के दरवाज़े आपके लिए हमेशा खुले हैं.
मैंने खुश होकर कहा- और?
‘और आप अपना लंड मेरे मुँह में डाल सकते हो और मैं आपका लंड चूस कर वीर्य पी जाऊंगी!’
मैंने उससे कहा- रीना मेरी जान, मैं तुम्हारी पेशाब सीधे तुम्हारी चूत से पीना चाहता हूँ. तुम मेरे मुँह पर अपनी चूत रख कर मेरे ऊपर बैठ जाना और मेरे मुँह में मूत देना!
उसने कहा- ओह मेरी जान, तुम मुझे कितना प्यार करते हो, मेरा मूत पीना चाहते हो!
फिर हम दोनों ने बहुत देर तक चूमा.
मैंने फिर से उसकी चूत को चूसा और उसे झड़ा दिया.
उसके बाद हम दोनों एक साथ नहाए.
इसके बाद हम दोनों हर जगह और किसी भी समय ऊपर ऊपर से चूसने चाटने वाला सेक्स करने लगे थे.
रीना कभी-कभी मुझे अपने कमरे में बुलाती थी और अपनी पैंटी नीचे कर देती थी.
मुझे नीचे धकेल कर उसकी चूत चुसवाती थी और मेरे मुँह में झड़ती थी.
दोस्तो, यह एकदम सच्ची सेक्स कहानी है.
फिन्गरिंग लिकिंग सेक्स कहानी आपको कैसी लगी प्लीज जरूर बताएं.
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