सोनिया की चूत के साथ गैंग-बैंग-3

(Soniya Ki Chut Ke Sath Gang-Bang-3)

This story is part of a series:

अब तक आपने पढ़ा..
सोनिया मदन के घर आ गई उससे चुदने…
मदन ने सोनिया को पूरा गर्म कर दिया और वो अब चूत में लंड घुसाने को कह रही थी।
अब आगे..

सोनिया ने मदन का लण्ड पकड़ कर अपनी चूत के छेद में रखा और बोली- इतना बड़ा लौड़ा लिए घूम रहे और छेद नहीं मिल रहा.. अब डाल..
मदन ने हँसते हुए धक्का मारा.. तो ‘फुच..’ की आवाज के साथ लण्ड चूत में चला गया।

अब सोनिया की चुदाई जोर-जोर से शुरू हो गई, पहले सोनिया ने नीचे रह कर चूत की चुदाई करवाई.. फिर सोनिया घोड़ी बन गई और जोर-जोर से चुदवाने लगी।
मदन सोनिया को पूरी मस्त से चोदता रहा.. फिर कुछ टाइम बाद सोनिया की चूत ने और मदन के लण्ड ने पानी छोड़ दिया।

मदन और सोनिया बात करने लगे और ट्रिपल एक्स वीडियो देखने लगे.. जिसमें लड़की की गाण्ड की चुदाई हो रही थी।

ये देख कर मदन ने सोनिया से कहा- तुमने कभी गाण्ड चुदवाई है?
सोनिया ने बोला- नहीं.. अभी तक तो चूत ही चुदवाई है।

मदन ने बोला- सोनिया तुमने अमित से चूत चुदवा कर चूत को तो खुलवा लिया है.. अब गाण्ड मुझसे खुलवा लो।
सोनिया बोली- वीडियो देख कर तो अब मेरा दिल भी कर रहा है कि गाण्ड मरवा कर देखूँ एक बार.. पर अगर ज्यादा दर्द होगा.. तो मेरी गाण्ड प्लीज़ मत चोदना।

मदन ने हामी भरी और तेल ला कर सोनिया की गाण्ड पर तेल लगाने लगा। मदन भरपूर तेल लगा कर ऊँगली से सोनिया की गाण्ड को थोड़ा खोलने लगा।
जब उसकी एक ऊँगली आराम से गाण्ड में जाने लगी.. तो दो ऊँगली डालने लगा पर सोनिया एक ऊँगली डालने को बोलने लगी.. तो मदन एक ऊँगली डाल कर गोल-गोल घुमाने लगा और तेल अच्छे से गाण्ड में लगाने लगा।

मदन कभी-कभी चूत में भी ऊँगली डालता और चूत के दाने को मसल देता.. ऐसा करते-करते सोनिया गर्म हो गई और बोलने लगी- गाण्ड से पहले चूत चुदवानी है।

पर मदन बोला- एक बार पहले गाण्ड में ले लो.. तुम चूत चुदवाना भूल जाओगी।
सोनिया बोली- ऐसा है.. तो फिर जल्दी करो।
मदन बोला- चल घोड़ी बन जा.. गाण्ड चोदना है तेरी.

सोनिया घोड़ी बन गई और मदन सोनिया के कूल्हे पकड़ कर लण्ड को गाण्ड में डालने लगा। अभी सुपारा ही फंसा था कि सोनिया को दर्द होने लगा.. पर तेल के कारण लण्ड आराम से जाने लगा, मदन ने लौड़ा अन्दर को ठेला तो एकाध इंच लण्ड गाण्ड में घुस गया। सोनिया को दर्द होने लगा.. बोली- रुक जा मदन.. भोसड़ी के दर्द हो रहा है..

मदन को मालूम था कि पहली बार है इसलिए दर्द के साथ मजा देना भी जरूरी है इसलिए वो कभी-कभी चूत में भी ऊँगली डाल देता और चूत के दाने को मसल देता।

फिर कुछ ही देर बाद मदन ने सोनिया की चूचियों को मसल कर उसका दर्द से ध्यान हटाते हुए एक जोर के धक्के के साथ पूरा लण्ड सोनिया की गाण्ड में डाल दिया.. जिससे सोनिया को बहुत दर्द होने लगा और वो कराहने लगी।

मदन ने सोनिया को पकड़ कर रखा हुआ था कुछ देर उसकी चूचियों को मसकने और चूत में ऊँगली करते हुए वो अपने लौड़े को और झटके देने लगा।

इससे सोनिया को कुछ राहत मिली और गाण्ड चुदाई का मज़ा लेने लगी.. पर दर्द के कारण उसे पूरा मज़ा नहीं मिल रहा था। उधर मदन को तो सोनिया की गाण्ड को चोदने में बहुत मज़ा आ रहा था। कुछ देर के बाद सोनिया का दर्द भी कम हो गया और वो भी अच्छे से मदन का साथ देने लगी।

ऐसे ही मदन सोनिया की कुछ मिनटों तक गाण्ड चोदता रहा। फिर मदन के लण्ड ने पानी छोड़ दिया और सोनिया भी बहुत थक गई थी। वो दोनों कुछ देर तक ऐसे ही पड़े रहे.. फिर दोनों बाथरूम चले गए।

सोनिया मदन से बोली- ऐसी हालत मेरी चूत फटने पर भी नहीं हुई थी.. जो आज तुमने मेरी गाण्ड फाड़ कर कर दी।

फिर दोनों ने साथ में नहाया और एक बार मदन ने सोनिया की चूत की चुदाई की। अब दोनों थक गए और आपस में लिपट कर बिस्तर पर लेटे रहे।

मदन के ये सारी बात बताने के बाद मैंने मदन से पूछा- कैसा लगा दोनों को.. मज़ा आया या नहीं?
तब मदन और सोनिया ने बताया- उन्हें बहुत मज़ा आया।

उसके बाद सोनिया और मैं मदन के घर से निकल कर अपने-अपने घर चले गए।
इस गांड चुदाई के बाद सोनिया दो दिन तक स्कूल नहीं आई।

फिर दो दिन बाद सोनिया स्कूल आई.. तो मैंने उससे पूछा- क्या बात है.. तू स्कूल क्यों नहीं आई?
बोली- अकेले में बताऊँगी।

बाद में उसने मुझे अकेले में बताया कि मदन और उसकी चुदाई गाण्ड चुदाई के बाद उसे बहुत दर्द हुआ था और वो बीमार हो गई थी।

उसके बाद मदन और मेरे बीच में सोनिया को लेकर जो भी बात होती मैं सोनिया को सब बात बताता।
पर मेरे और मदन के बीच में एक बात जो मैंने सोनिया को नहीं बताई थी.. वो थी ग्रुप सेक्स की बात।

ऐसे ही दस दिन के बाद मैंने सोनिया को बोला- मदन के घर कब चलना है?
सोनिया बोली- चुदाई करवाने का तो मेरा दिल भी कर रहा है.. पर तुम ये बताओ इस बार चुदाई होगी कैसे?
मैंने बोला- जैसे तुम बोलो.. सोनिया!

वो बोली- अबकी एक-एक करके दोनों से चुदवाऊँगी.. पर आराम से चोदना। उस दिन मेरी गाण्ड में बहुत दर्द हो गया था और मुझको चलने प्रॉब्लम होने लगी थी।
मैंने बोला- अब तो ठीक हो सोनिया.. मैं और मदन तुम को एक-एक करके ही चोदेंगे.. और आराम-आराम से तुम्हारी लेंगे।

मैंने मदन से बात की.. तो उसने बोला- तुम दोनों कल आ जाओ।
मैंने बोला- मदन अपना तो ग्रुप में करने का प्लान है.. उसको कैसे मनाएंगे वो तो एक एक करके चुदने की कह रही है।
मदन बोला- कोई बात नहीं.. सोनिया को एक बार लाओ तो.. फिर देखते हैं।

अगले दिन मैं सोनिया को लेकर मदन के घर गया।

पहले तो 10-15 मिनट हमने बातें की.. फिर मैं सोनिया को चूमने लगा और मैं उसके कपड़े उतारने लगा। उसके मम्मों को दबाने लगा।
आज मदन भी इसी कमरे में था।

कुछ ही देर में हम दोनों नंगे हो गए और 69 की पोजीशन में आ गए।
कुछ देर बाद सोनिया बोली- मदन तुम भी नंगे हो जाओ।

फिर मदन भी नंगा हो गया और मैं बेड से उठ कर सोफे पर आ गया। मदन ऐसे ही कभी सोनिया के मम्मों को चूसने लगा.. कभी उसकी चूत में ऊँगली करने लगा.. तो कभी गाण्ड में ऊँगली कर देता रहा। इससे सोनिया गर्म हो गई और मदन का लण्ड चूसने लगी। मदन और सोनिया दोनों एक-दूसरे में मस्त थे.. उन्हें देख कर मेरा लण्ड भी अब सलामी देने लगा।

मैं सोनिया को आवाज लगाई- सोनिया.. देख मेरा लण्ड तुझे बुला रहा है..
तो सोनिया बोली- अभी मदन का लण्ड तो शांत करने दो.. फिर तुमको भी शांत कर दूंगी।

मदन बोला- सोनिया मुझको तो आज पहले तुम्हारी गाण्ड चोदना है।
सोनिया बोली- यार उस दिन बहुत दर्द हुआ था.. आज फिर दर्द होगा।

मदन बोला- सोनिया अब चूत में भी तो एक बार दर्द हुआ था.. उसके बाद अब तो चूत में दर्द नहीं होता न.. ऐसे ही गाण्ड में भी नहीं होगा।
थोड़ा मना करने के बाद सोनिया बोली- चलो ठीक है मदन.. चोद लो गाण्ड.. तुम भी क्या याद करोगे।

मदन बोला- अच्छा सोनिया अब गाण्ड तो मैं चोदूँगा ही.. और अमित का लण्ड भी तैयार है.. तो क्यों न तुम अमित का लण्ड चूत में ले लो और मेरा लण्ड गाण्ड में लेकर देखो.. वीडियो में भी ऐसा ही तो होता है।

सोनिया को मदन ने वीडियो दिखाया.. तो सोनिया बोली- यार देख लो.. कहीं चूत और गाण्ड फाड़ मत देना।
‘अरे फाड़ कर हमको क्या तुम्हारी चूत से हाथ धोना है?’ मदन बोला।

सोनिया बोली- फिल्म देख कर तो अच्छा लग रहा है.. पर डर तो दर्द होने का है।
मदन बोला- अगर ज्यादा दर्द होगा तो नहीं करेंगे.. एक बार करके देखते हैं।

सोनिया ने हामी में सर हिला दिया।

मैंने सोनिया को बिस्तर पर लिटा दिया और उसकी चूत में लण्ड डालने लगा। जब मेरा पूरा लण्ड सोनिया की चूत में चला गया.. तो मैंने सोनिया को अपनी गोदी में उठा लिया। अब मैंने मदन को कहा- मदन अब तुम पीछे से सोनिया की गाण्ड में लण्ड पेल दो।

मदन से आराम-आराम से सोनिया की गाण्ड में लण्ड डाल दिया। अब सोनिया मदन मेरे बीच सैंडविच बनी थी.. सामने से मैं सोनिया की चूत चोद रहा था और पीछे से मदन सोनिया की गाण्ड चोद रहा था।

मदन बोला- सोनिया तैयार हो जाओ झटके झेलने को..
सोनिया बोली- मैं तैयार हूँ राजा..
मदन ने इतने जोर का झटका मारा कि सोनिया चिल्लाने लगी- ‘ऊऊऊ.. मममआ.. मर गई.. फाड़ दी मेरी गाण्ड आहह.. ऊऊह.. मार दिया रे..

मदन ने सोनिया को अच्छे से पकड़ कर रखा कि कहीं लण्ड निकल न जाए।

फिर कुछ देर तक न तो मदन हिला और न ही मैं.. जिससे सोनिया का दर्द कम हो गया।

अब मैं बोला- सोनिया अब कैसा लग रहा है?
सोनिया बोली- अब दर्द कम है।
मैं बोला- तो अब धक्के लगाएं?

सोनिया ने ‘हाँ’ में सर हिल दिया।
अब मैं आगे से और मदन ने पीछे से झटके देने लगा.. तो सोनिया को दोनों तरफ से मज़ा आने लगा। सोनिया मस्ती से सिसकारियाँ लेने लगी।

सोनिया की चूत और गाण्ड दोनों की चुदाई हो रही थी। कुछ देर बाद हम तीनों का ही पानी छूट गया और हम तीनों बिस्तर पर लेट गए।

दोस्तो, आपको मेरी कहानी कैसी लग रही है, मुझे ईमेल कीजिएगा..

कहानी जारी है।
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