ट्रेन में चुद गयी एक गर्म लड़की
(Xxx ladki Sex Kahani)
Xxx लड़की सेक्स कहानी में मुझे ट्रेन में मेरे ही शहर की माँ बेटी मिली. उनसे मैं बात करने लगा. थोड़ी देर में माँ सो गयी. मैंने बेटी को इशारे करके टॉयलेट में बुलाया.
हेलो गाइस, मेरा नाम शोएब है और मैं 21 साल का हूँ।
मैं जयपुर, राजस्थान से हूँ।
मैं देखने में सावला रंग का हूँ।
मेरे लंड का साइज मीडियम है।
इस पेज पर कहानियाँ पिछले दो-तीन दिन से पढ़ रहा हूँ। सच यह है कि मैं वर्जिन हूँ और यह जो कहानी है, काल्पनिक है।
अगर कोई लड़की चाहे तो मेरे साथ सेक्स कर सकती है, फिर चाहे वो उम्र में बड़ी हो या छोटी।
चलिए अब Xxx लड़की सेक्स कहानी को शुरू करते हैं।
घर पर अचानक से फोन बजा तो पता चला कि दिल्ली वाले चाचा की तबीयत बहुत खराब है।
तो किसी को वहाँ जाना ही था।
पापा को बहुत काम था, उस वजह से उन्होंने मुझे जाने को कहा।
तो मैंने पापा की बात मानते हुए हाँ कह दी।
रात को ही निकलना था तो मैंने अपना एक बैग तैयार कर लिया।
घर से रेलवे स्टेशन करीब 5 किमी की दूरी पर है।
मैंने कभी सेक्स नहीं किया था तो सोचा एक दफा लंड हिला लूँ।
तभी मैं बाथरूम में गया और नहाने से पहले लंड को अच्छे से हिला लिया।
हिलाने में तकरीबन 20 मिनट लग गए।
तो मुझे पापा ने आवाज लगाई कि लेट हो जाएगा, जल्दी नहा ले!
तो मैं जल्दी से नहा कर बाहर आ गया।
लंड हिलाने के बाद भी मेरा लंड खड़ा हुआ था।
मेरा मन किसी न किसी को चोदने का कर रहा था।
किसी को चोदने के सपने को लेकर मैं निकल पड़ा।
और रास्ते में ही मेरे साथ एक लड़की और उसकी माँ रिक्शे में बैठ गए।
मैं आपको क्या बताऊँ दोस्तो, वो दोनों माँ-बेटी एकदम माल थीं।
माँ के बूब्स तकरीबन 38 साइज और उम्र 34 होगी।
और बेटी के बूब्स 32 थे।
देखते ही पता चल गया था कि उसकी उम्र मेरी जितनी ही लग रही थी।
मैं टेढ़ी नजरों से कभी माँ के तो कभी बेटी की छाती को देखता रहा।
बेटी के लाल होंठ देख कर मेरा लंड टाइट हो गया और खयाल आया कि मैं इसके मुँह में लंड को घुसा दूँ।
पानी के बहाने मैंने उनसे बात की।
लड़की का नाम हूर था और उसकी माँ का नाम सैयमा।
इस तरह हम बात करने लगे।
मुझे पता चला कि वो भी रेलवे स्टेशन ही जा रही हैं।
तो मैंने उनसे पूछा- आप कहाँ जा रही हो?”
माँ ने जवाब दिया- दिल्ली!
मैं हँसते हुए बोला- वाह! मैं भी दिल्ली जा रहा हूँ!
यह सुन कर हूर ने एक स्माइल की।
तो मुझे लगा आज मेरा चोदने का सपना सच हो जाएगा।
हम साथ में ट्रेन में बैठ गए।
उनकी सीट मेरी सीट से थोड़ी आगे थी, पर मैं हूर को साफ देख पा रहा था।
हमने इशारों में बातें शुरू कर दीं।
मेरा नसीब इतना अच्छा था कि ट्रेन में बहुत कम लोग थे।
जिससे मेरा मन हूर को चोदने का करने लगा।
जिस तरह से वो इशारे कर रही थी तो मुझे सिग्नल मिल गया था कि वो तैयार है।
मैं चाय के बहाने से उनके पास गया और कहा- आप चाय पियोगी?
उसकी माँ ने मना कर दिया, पर मैं हूर को अपना नंबर दे आया।
उससे बात शुरू हो गई।
सच कहूँ तो दोस्तो, हूर सच में हूर की परी की तरह थी।
जिससे मैं नॉर्मल बात कर रहा था और मेरा लंड खड़ा हो गया।
मैंने हिम्मत कर के उसे कहा कि टॉयलेट की तरफ आ जाओ।
उसने हाँ कहा तो मेरे लंड से हल्का सा पानी निकल गया और मेरी चोदने की चाह बहुत ज्यादा बढ़ गई।
करीब रात के 1 बजे हूर का इशारा आया- मैं आ रही हूँ।
तो मैं तैयार हो गया और सच कहूँ तो मेरा लंड पहले से तैयार खड़ा था।
हूर की माँ सो गई थी तो वो आई।
मैं उसके पीछे-पीछे चला गया।
टॉयलेट पास जाते ही मैंने उसका हाथ पकड़ लिया और उसने मना नहीं किया।
Xxx लड़की सेक्स करने को तैयार थी, उसकी आँखों में भी चुदने की चाह साफ दिखाई दे रही थी।
मैं इतना बेचैन था कि मैंने सीधा उसका हाथ अपने लंड पर रख दिया।
पहले तो उसने हटा लिया, पर जब मैंने दुबारा रखा तो धीरे-धीरे वो पैंट के ऊपर से मेरा लंड सहलाने लगी।
और मेरा लंड इतना ज्यादा टाइट हो गया था कि पैंट फाड़ कर बाहर आना चाहता था।
मैंने बटन खोल दिया तो हूर ने मेरी चड्डी में हाथ डाल दिया।
उफ्फ दोस्तो, वो फीलिंग बहुत ही मस्त थी।
मैंने हूर के बूब्स दबाना शुरू कर दिए और उसने मेरा लंड जोर-जोर से हिलाना शुरू कर दिया।
मेरा माल उसी के हाथ में छूट गया और उसने हाथ निकाल कर मेरा सारा माल चाट लिया।
हूर ने कहा- बहुत यम्मी है! मुझे और चाहिए!
और हूर मुझे खींच कर टॉयलेट के अंदर ले गई।
वहाँ उसने अपनी टी-शर्ट उतार दी और कहा- दबा मेरे बूब्स! लाल कर दे! चूस चूस कर!
मैंने ऐसा ही किया।
मैं उसके बूब्स पर काटने लगा, निप्पल खींचने लगा।
हूर एक रंडी की तरह बोल रही थी- आह आह और जोर से चूस! खा जा!
मैंने हूर की चूत में हाथ डाल दिया।
उसकी गरम चूत गीली हो चुकी थी।
मुझे सहलाने में मजा आ रहा था।
हूर- आह! और तेज! जोर से कर बहन के लौड़े!
हूर के मुँह से गाली भी मीठी लग रही थी।
गाली सुन के मैंने उसकी चूत में जोर से दो उंगलियाँ घुसा दी।
हूर- आह आह उफ्फ! बहन के लोड़े! और तेज कर!
मैंने स्पीड बढ़ा दी।
हूर ने मेरा लंड दबोच लिया।
मैंने उसकी पैंट को खोल दिया।
उसकी गुलाबी चूत देख मैं हूर की चूत पर टूट पड़ा।
मेरा सपना सच हो रहा था।
मैंने हूर की चूत को चाटना शुरू कर दिया।
हूर ने मेरे मुँह को अपनी चूत के अंदर घुसा लिया और मैं तेजी से हूर की चूत को चाटने लगा।
हूर की चूत को करीब 5 मिनट बाद हूर ने मेरे मुँह में मूत दिया और मैं उसका मूत पी गया।
हूर- आह! मजा आ गया! चल अब मुझे चोद दे!
मैंने पैंट को नीचे किया, थोड़ा झुक कर हूर की तंग चूत पर लंड सहलाया तो हूर ने लंड पकड़ कर अंदर डाल लिया और बोली- आई अम्मी! तेरा लंड उफ्फ! मार धक्का भोसड़ी के!
ये सुन के मैंने उसे चोदना शुरू किया।
उसकी चूत में जैसे ही मेरा पूरा लंड घुसा तो उसने मुझे किस करने शुरू कर दिए।
मैंने उसके होंठों को काटना शुरू कर दिया और लंड से चूत चोदने लगा तेज-तेज।
उसकी आवाज से मुझे और जोश आ रहा था।
हूर- यस यस यस! चोद दे मुझे! फाड़ दे! रंडी हूँ मैं तेरी! चूत का भोसड़ा बना दे!
15 मिनट तक हूर को मैंने अच्छे से चोदा।
कभी घोड़ी बना के तो कभी गोदी में बैठा के।
वो एक रंडी की तरह मुझसे चुदती रही।
उसके बाद हूर मेरे नीचे बैठ गई और एक रंड की तरह मुँह खोल कर बोली- ला! मुझे अपने लंड का पानी पिला! आह निकाल भोसड़ी के!
और मेरा लंड फुल स्पीड में चूसने लगी।
हूर इतना अच्छा चूस रही थी कि 2 मिनट में मेरे लंड ने उसके मुँह में पानी छोड़ दिया और हूर मेरे लंड का पानी गटक गई और लंड को भी चाटने लगी।
मैंने हूर को 2 दफा मचल के चोदा और अपना चूत चोदने का सपना सच किया।
तो दोस्तो, मुझे बताइए मेरी ये Xxx लड़की सेक्स कहानी कैसी लगी आप लोगों को?
मैं सच में किसी लड़की को चोदना चाहता हूँ।
कोई है तो मुझे मेल जरूर करें। थैंक यू!
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