चुदाई का फैशन- 3
(Young Sex Girls Story)
यंग सेक्स गर्ल्स स्टोरी में दो सहेलियों की दो बेटियाँ हमउम्र थी और वे साथ ही रहती थी. दोनों आपस में लेस्बो हो गयी. पर दोनों में से एक की शादी हो गयी.
कहानी के दूसरे भाग
पति की अदला बदली करके सेक्स का मजा
में आपने पढ़ा कि दो दोस्त बीवियों की अदला बदली करके चुदाई करते थे. फिर उन्होंने कंडोम लगाना भी जरूरी नहीं समझा. दोनों की बीवियां गर्भवती हो गयी. लेकिन किसी को नहीं पता था कि किसके पेट में किसका बच्चा है.
अब आगे यंग सेक्स गर्ल्स स्टोरी:
दो महीने के बाद शालिनी ने सबको यह खुशखबरी दी कि वह गर्भ से है.
पर उसकी डॉक्टर ने उसे बहुत एहतियात बरतने को कहा था तो अब शालिनी ग्रुप सेक्स से बचने लगी.
पर अब सबको इसकी लत पड़ चुकी थी.
रूपा की शामत आ गयी.
अब विवेक और विजय उसकी जमकर चुदाई करते.
ऐसा नहीं था कि शालिनी उन्हें ज्वाइन नहीं करती थी … पर धक्के वाला सेक्स उसके लिए ठीक नहीं था तो वो रूपा से चूमा चाटी करती, दोनों एक दूसरे की चूत चाटतीं.
हाँ, अब शालिनी विजय से नहीं चुदती.
ऐसे ही छह महीने निकल गए.
शालिनी को अब सेक्स बिल्कुल मना था तो अब चारों का मिलना भी कम हो गया.
अब बजाये रूपा और विजय के आने के, कभी कभी विजय ही उनके घर चला जाता और फिर तीनों थ्रीसम सेक्स करते.
दोनों लड़कों की चुदाई में रूपा को बहुत मजा आता.
इस बार उसके पीरियड्स भी नहीं हुए.
धड़कते दिल से रूपा ने टेस्ट करवाया.
उसकी रिपोर्ट पोसिटिव थी.
अब तो चारों की ख़ुशी का ठिकाना नहीं था.
सबसे बड़ी बात यह थी कि चारों को ही नहीं मालूम था कि किसके बच्चे का कौन बाप है.
पर चारों बहुत खुश थे.
समय आने पर शालिनी और रूपा दोनों के ही बेटियां हुई.
शालिनी ने अपनी बेटी का नाम रिया रखा और रूपा ने, दिया.
जब तक रिया और दिया दो साल की हुईं तब तक इन चारों का ग्रुप सेक्स उसी मस्ती से चलता रहा.
अब रूपा और शालिनी को अकेले चुदने में मजा ही नहीं आता था.
धीरे धीरे वक़्त बढ़ता गया.
रिया दिया स्कूल और फिर कॉलेज जाने लगीं.
रूपा और शालिनी इन्हें मिलकर पालतीं.
दोनों दोनों बच्चियों पर जान छिड़कतीं.
दिया और रिया भी सगी बहनों की तरह ही रहतीं.
रिया कुछ शांत थी और दिया बहुत चंचल.
दोनों ही अपनी मांओं की तरह सुंदर और कसे जिस्म की थीं.
रिया और दिया दोनों का एडमिशन एमबीए करने के लिए बाहर हो गया.
दोनों पीजी में एक साथ रहतीं.
अब या तो संस्कार या कहिये खून का असर दोनों लड़कियां जवानी आने से पहले ही लेस्बियन हो गयी थीं.
शालिनी को यंग सेक्स गर्ल्स की सारी हरकतें मालूम थी.
वो तो इन्हें और उकसाती कि एक दूसरी का ख्याल रखा करो.
रूपा और विजय ने तो दिया को शालिनी के भरोसे ही छोड़ रखा था.
अब पीजी में तो कोई टोकने वाला भी नहीं था.
दिया ने रात को बेड पर कभी भी रिया को कपड़े पहनने ही नहीं दिए.
दोनों बिना कपड़ों के सोतीं, साथ नहातीं और एक दूसरे से चूमा चाटी करे बिना नींद नहीं आतीं थी इन्हें.
दोनों को ड्रिंक्स से भी गुरेज नहीं था.
घर में शुरु से मां बाप को दोस्तों के साथ पीते देखा था.
और शालिनी तो पार्टीज वगेरा में खुद इन दोनों के लिए ड्रिंक्स बना लाती.
उसे तो ये नए दौर का फैशन लगता था.
दिया मौक़ा देखकर घर से ही एक दो बोतल मार लाती और दोनों जब मूड बनता पीतीं.
एमबीए पूरी होते ही दिया की जॉब बंगलौर लग गयी तो वो तो वहां शिफ्ट हो गयी.
रिया यहीं किसी रिसर्च में लगी थी.
शालिनी को अब दोनों की शादी की चिंता थी.
दिया ने तो साफ़ कह दिया कि वो अभी 3-4 साल शादी नहीं करेगी.
रिया बहुत सुंदर थी.
उसके लिए तो किसी परिचित के माध्यम से एक बड़े घर का रिश्ता आ गया.
लड़का बहुत स्मार्ट था और बंगलौर में किसी एमएनसी में आईटी इंजीनियर था.
रिया ने बहुत टालने की कोशिश की.
यह भी कहा कि मेरी रिसर्च में अभी एक साल है पूरा होने में.
पर उसके होने वाली सास को वो इतनी पसंद आ गयी कि उन्होंने उसकी हर बात मान ली कि एक साल तक उनका लड़का आनंद इधर आता रहेगा. रिया नहीं डिस्टर्ब होगी.
खूब धूमधड़ाके से अगले महीने ही रिया की शादी हो गयी.
शादी में सबसे ज्यादा धमाल दिया ने मचाया.
उसकी और आनंद की खूब पटने लगी.
रिया और आनंद शादी के बाद हनीमून के लिए स्विट्ज़रलैंड गए.
रिया सुंदर होने के साथ साथ सेक्सी भी थी.
दोनों ने जमकर मस्ती की.
रिया ने बोल दिया कि अभी 4-5 साल वो बच्चा नहीं करेगी.
आनंद ने उसकी इस बात का हमेशा ख्याल रखा.
अब वपिस आने के बाद बुझे मन से आनंद बंगलौर आ गया, इस वादे के साथ की वो हर महीने आता रहेगा.
बंगलौर वापिस आकर आनंद का मन नहीं लग रहा था.
वो घंटों रोज़ रिया से बात करता और बाद में मुट्ठ मार कर सो जाता.
रिया को अपनी रिसर्च की परवाह थी तो वो कभी कभी आनंद के फोन को टाल भी देती.
एक दिन अचानक आनंद के पास दिया का फोन आ गया.
वो उससे नाराज होने लगी कि बंगलौर आकर उसे दिया को फोन क्यों नहीं किया.
खैर ये तय हुआ की वीकेंड पर आनन्द उसे मूवी दिखाएगा और पार्टी देगा.
उस दिन आनंद और दिया ने जमकर मस्ती की.
कोई रोकने टोकने वाला तो था नहीं … और फिर जीजा साली का रिश्ता.
दिया बातूनी भी खूब थी. अब तो दोनों की डेली व्हात्सप्प चैट होने लगी.
अब आनंद को रिया का टालना बुरा नहीं लगता. अब तो उसके पास गप्पें लड़ाने को दिया थी.
हर वीकेंड पर दोनों मिलते और देर रात तक बाहर घूमते.
दिया तो बेबाक थी. वो आनन्द से लिपट जाती, उसे चूम लेती.
पर दोनों के मन में अभी तक कोई गलत भाव नहीं था.
गाड़ी में दोनों बियर पीते और सिगरेट का सुट्टा मारते.
दिया अपनी और आनंद की फ़ोटोज़ शालिनी को भेजती तो वो तो उसे और उकसाती, कहती- तुम मॉडर्न हो. आनंद के साथ आराम से घूमो फिरो, मस्ती करो. इसमें क्या बुराई है.
अब तो दिया को और पंख लग जाते.
एक लॉन्ग वीकेंड पड़ा.
आनंद ने दिया को ऊटी चलने का प्रस्ताव दिया.
दिया कि हिम्मत रूपा से पूछने की तो नहीं थी, न ही वो रिया से पूछकर उसे डिस्टर्ब करना चाहती थी.
पर आनंद पीछे पड़ा था और उसका भी मन था.
उसने शालिनी को फोन किया और कहा- मेरी कुछ सहेलियां ऊटी का प्रोग्राम बना रही हैं. उधर आनंद भी अपने दोस्तों के साथ ऊटी उन्हीं दिनों जाएगा. तो मैं जाऊं या नहीं.
शालिनी ने तो उसे उलटा पाठ पढ़ा दिया.
वो बोली कि दिया चली जाए.
बल्कि उसने तो आनंद को फोन करके कहा कि आनंद दिया का ध्यान रखे.
शालिनी बहुत तेज थी.
उसने दिया और आनंद दोनों को रिया को बताने को मना कर दिया कि वो डिस्टर्ब होगी, अगले हफ्ते उसे पेपर्स सबमिट करने हैं.
अब क्या था, आनंद और दिया की तो लाटरी लग गयी.
दिया ने एक दिन पहले ही छुट्टी ले ली और पूरा दिन ब्यूटी पार्लर में लगाया.
घर आकर पता नहीं क्या सोच कर उसने अपने चूत भी चिकनी करी और जो सबसे ज्यादा छोटे कपड़े हो सकते थे, वो सब रख लिए.
रात को सोने के लिए एक दो बहुत हल्की फ्रॉक रख लीं.
ऐसे ही आनंद ने भी अपनी तैयारी करी और दोनों तड़के सुबह कार से ऊटी के लिए निकल गए.
दिया ने शॉर्ट्स और टी शर्ट पहनी थी.
उसकी गोरी और चिकनी टांगें आनंद को लुभा रही थीं.
आनन्द उसकी जाँघों पर हाथ रख लेता तो दिया बिल्कुल भी कुछ नहीं कहती.
धीरे धीरे आनंद ने उसकी चिकनी जाँघों पर हाथ फेरना शुरू कर दिया.
दिया तो बस अपनी बकवास सुनाने में लगी रहती.
कार में आगे ही बियर की केन और सिगरेट रखी थीं.
होटल में चेक इन करते समय आनंद ने दिया से पूछा के रूम एक लें या अलग अलग.
दिया बोली- अलग अलग ही लो.
पर मन उसका भी कमजोर हो रहा था.
उसने शालिनी से फोन करके पूछा.
शालिनी बोली- रूम तो बहुत महंगा होगा. एक काम करो. अलग अलग बेड वाला एक ही रूम ले लो. और फिर आनंद तेरा जीजा है. मस्ती खूब करना बस कोई गड़बड़ नहीं.
कहकर शालिनी भी बेशर्मी से हंस दी.
अब क्या था दिया ने भी आनंद को कह दिया की एक ही रूम ले लो.
सेपरेट बेड वाली बात वो पचा गयी.
आनंद ने होटल के रजिस्टर में दोनों को पति पत्नी लिखा.
दिया जिस तरह से लिपट रही थी आनंद से, देखने वाले तो यही समझते की ये हनीमून कपल है.
ड्राइविंग से दोनों थक गए थे तो रूम में जाकर सो गये.
नींद में ही दिया कब आनंद से लिपट गयी, उसे होश ही नहीं था.
शाम को दोनों की आँख खुलीं तो दिया तो वह लिपटी हुई थी आनंद से.
खैर दोनों उठे फ्रेश हुए और बाहर घूमने निकल लिए.
माहौल बहुत खुशनुमा था. हर ओर जवान जोड़े थे.
आनंद और दिया भी उन्हीं में घुल मिल गए.
देर रात नाच गाना और खाना पीना चलता रहा होटल में.
दोनों रात 11 बजे तक रूम में आये.
थक गये थे तो आनंद बोला- मैं शावर लेता हूँ, तुम चेंज कर लो.
दोनों फ्रेश हुए और बेड पर आ गये.
नींद दोनों को नहीं आ रही थी.
नीचे बार में एक एक पेग लगाया था दोनों ने तो कुछ नशे का खुमार भी था.
आनंद ने अपने लिए एक पेग बना लिया.
दिया ने सिगरेट सुलगा ली.
दोनों बालकनी में आ गये.
आनंद ने दिया के होंठों पर पेग लगा दिया.
बाहर ठण्ड थी और दिया तो केवल एक फ्रॉक पहने थी.
दिया चिपक कर खड़ी हो गयी आनंद से.
आनंद अंदर से एक गर्म चादर ले आया.
दोनों उसमें समा गये.
एक ही गिलास से दोनों व्हिस्की के घूँट लेने लगे.
दिया आनंद की आँखों में झाँक रही थी.
वो कुछ कहना चाह रही थी पर शब्द नहीं मिल पा रहे थे उसे.
आनंद ने उसे अपनी ओर देखता देख कर सर नीचे किया और उसे चूम लिया.
अब तो दिया का सब्र का बाँध टूट गया.
वो कस के लिपट गयी आनंद से. दोनों के होंठ मिल गये और ताबड़ तोड़ एक दूसरे को चूमने लगे.
आनंद ने दिया को गोदी में उठा लिया और बेड पर लाकर धीरे से लिटा दिया.
दिया बोली- लाइट बंद कर दो.
आनंद लाइट बंद करके बेड पर आया तो दिया फिर चिपट गयी उससे.
जाहिर था अब दो जिस्म एक होने को बेताब थे.
दिमाग ने काम करना बंद कर दिया था तो सही गलत और रिश्ते सब वासना की आंधी में उड़ गए थे.
अब सिर्फ दिल की चल रही थी और जिस्म में काम की आग भड़क उठी थी.
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