कॉलेज का सबसे बड़ा चुदक्कड़ ग्रुप- 1

(Porn GF Sex Kahani)

पोर्न GF सेक्स कहानी में मेरी गर्लफ्रेंड की सहेली मस्त माल थी. मेरे मन में उसे चोदने की इच्छा थी. मैंने अपनी GF को यह बात बताई तो वह कहने लगी कि वो नहीं चुदेगी.

कॉलेज में मैं और मेरा पूरा ग्रुप काफी दबंग था.
कॉलेज में हमारे ग्रुप में 4 कपल और 3 लड़कों का ग्रुप था.
मैं अजय उनका चहेता था और उनको पता था कि मैं किसी को भी चोद सकता हूँ.

मैं ऐसा दिखता भी हूँ और चोदने की मेरी क्षमता से वे सब अच्छे से वाकिफ भी हैं.

पोर्न GF सेक्स कहानी में मेरी गर्लफ्रेंड कॉलेज की सबसे अच्छी माल थी, जिसको सब चोदना चाहते थे.
मगर मैं उसको इतना चोद चुका था कि उसकी चूत चोद चोद कर ऊब गया था.

मेरे ग्रुप में एक लड़की थी ‘समीक्षा’, जिसका बॉयफ्रेंड कॉलेज का नहीं था.
वह लड़का दूसरे शहर का था.
तो वह हमसे बस कॉलेज में मिल पाती थी या जब कभी पार्टी होती थी, तब मिलती थी.

समीक्षा का बदन सांवला था.
वह लंबी लड़की 5 फुट 9 इंच की थी, जबकि मैं 6 फुट 1 इंच का हूँ.

वह इतनी ज्यादा हॉट माल थी कि उसको सोचकर मैंने अपनी गर्लफ्रेंड अपर्णा को चोदते वक्त बोला भी था कि एक बार इस समीक्षा की चूत लेने का कभी मौका मिला तो साली को चोदूँगा जरूर!

उस वक्त मैंने अपनी गर्लफ्रेंड को यह नहीं कहा था कि तुम कुछ मत बोलना!

मेरी गर्लफ्रेंड मेरी बात सुनकर बोली थी- अजय, वह लड़की तुमको कुछ नहीं देगी. वह मेरी फ्रेंड है और मैं उसे अच्छी तरह से जानती हूँ. उसका बॉयफ्रेंड उसकी बहुत अच्छे से लेता है इसलिए उसको नया लंड नहीं चाहिए.
मैं अपनी गर्लफ्रेंड से सरप्राइज़ सा होता हुआ बोला- कहीं तुमने हमारी सेक्स लाइफ तो उससे डिस्कस नहीं कर रखी है?

मेरी माल हंसकर बोली- हम दोनों को एक दूसरे एक एक बात पता है. उसकी एक-एक चुदाई की कहानी मुझे मालूम है … और मेरी चुदाई की कहानी उसे पता है. वह अपनी लाइफ में मेरी तरह पूरी तरह से खुश है.
मैं चुप रहा.

मेरी जीएफ कुछ पल रुक कर पुनः बोली- लेकिन अजय, जैसे वह बताती है कि उसका बॉयफ्रेंड उसको मिलने पर जबरदस्त चोदता है, वह भी तुम्हारी टक्कर का ही मर्द लगता है!

मैं हंसा और मज़ाक में बोला- तुम ऐसा करो कि समीक्षा से बात करके हम दोनों लड़कों का कंप्टीशन रख लो. मेरी गारंटी है कि मैं समीक्षा को चोद कर उसे अपनी रंडी बना दूँगा. वह अगर तुझे चोद कर अपनी रंडी बना लेगा, तो मैं उसकी गर्लफ्रेंड कभी नहीं चोदूँगा … लेकिन वह तुझे चोद सकता है. अगर वह चोद कर अपनी नहीं बना पाया, तो सोच लो … सेम नियम मुझ पर भी लागू होगा!

मेरी जीएफ हंसने लगी और बोली- समीक्षा तब भी तुम्हें नहीं देगी … मैं उससे कर लूँगी बात!

अब सार की बात ये है कि मुझे समीक्षा की चूत चाहिए थी.
बस एक मौके की ज़रूरत थी.
मैं जब तब अपर्णा से समीक्षा के लिए कहने लगा.

फिर एक दिन मेरी गर्लफ्रेंड बोली- यार तेरे चक्कर में उससे मेरी दोस्ती टूट जाएगी!
मैंने बोला- क्या हुआ?

वह बोली- समीक्षा को मैंने तेरी बात बोल दी कि अजय ने बोला है कि एक बार अगर तूने मौका दे दिया तो वह तुझे चोद कर अपनी रंडी बना लेगा.
मैं बोला- तो सही तो बोला, वह क्या बोली?
तो मेरी जीएफ बोली- वह बोली है कि अपने अजय को बोल देना कि अगर वह मुझे हल्के में ले रहा है तो मैं उसकी गांड फाड़ दूँगी!
मैं हंसा और बोला- चल ठीक है … देखता हूँ.

उसके बाद ये बात खत्म हो गई. इसका कभी ज़िक्र नहीं हुआ.

हमारी फेयरवेल आ गई और हमारे जूनियर्स ने एक गेम निकाला था कि रैंडमली स्लिप निकलेगी. उसमें से डांस के लिए जिन 2 का नाम होगा, वे आपस में पार्टनर होंगे.
जब स्लिप निकली तो सौभाग्य से मेरा और समीक्षा का नाम निकल आया.

उसके बाद एक एक करके सारे कपल पर्चियों के अनुसार तय हो गए.
अब सबको एक साथ रोमांटिक सॉन्ग पर डांस करना था.

मैं समीक्षा की एक उंगली पकड़ कर डांस कर रहा था.

तभी मैंने उससे कहा- मैंने सुना है कि तुम मेरी गांड फाड़ दोगी!
तो वह बोली- बोलो तो तुम्हारी वाली की भी फड़वा दूँगी, तुझे पता लग जाएगा फाड़ पाऊंगी या नहीं!

मैंने डांस करते-करते उसको कमर से गोल घुमाया और खुद को उसके पीछे से चिपका लिया.
मेरे हाथ उसके पेट और चूत को हल्के से छू रहे थे और मेरा लंड उसकी साड़ी के ऊपर से ही उसकी गांड की दरार में घुसा जा रहा था.
वह भी मेरे कड़क लंड को पूरा महसूस कर रही थी.

मैंने उसको पेट से पकड़ कर लंड पर दबाया और बोला- चोद कर रंडी बनाऊंगा तुमको … मौका तो दो एक बार … सारे डाउट क्लियर हो जाएंगे!
यह बोलते-बोलते मैंने उसकी गर्दन पर काटा और गोल घुमाकर उसके आगे आ गया … फिर डांस करने लगा.

डांस खत्म हो गया और वह कुछ कह नहीं पाई कि तभी मेरी गर्लफ्रेंड आ गई.

उसके बाद मेरे फ्लैट पर पार्टी थी.
उसका कोई प्लान नहीं था, फिर भी आ गई.

हम सबने पार्टी की और फिर सब न/शे में भंड होकर सो गए.

मैं, मेरी गर्लफ्रेंड, समीक्षा और एक लड़की एक रूम में नीचे गद्दे पर सो रहे थे.

मेरे और समीक्षा के बीच बस मेरी गर्लफ्रेंड थी.
मैं यहां बता दूँ कि वह सोती नहीं है, मर सी जाती है. एक बार सोने के बाद जल्दी उठती नहीं है.

सब सो रहे थे.
मैंने एक पैर अपनी गर्लफ्रेंड के ऊपर से फैलाकर उसकी तरफ किया और उससे उसकी टांग हल्का-हल्का सहला रहा था.
वह कोई रिएक्शन नहीं दे रही थी.

फिर मैंने अपनी गर्लफ्रेंड के ऊपर से उठ कर उसको जबरदस्त लिप किस किया; उसकी चूची को एक हाथ से कसके मसला और सीधा होकर सो गया.

उसके बाद समीक्षा न जाने कैसे जाग गई.
उसने मेरी गर्लफ्रेंड को खींच कर अपनी तरफ खिसकाया और मेरे बगल में आकर मुँह घुमाकर लेट गई.
वह अपनी गांड को मेरे लंड पर दबाने लगी.

मैंने भी उसको पीछे से जकड़ लिया.
उसकी टी-शर्ट में हाथ डाल कर उसकी कसी हुई चूचियों को मसलने लगा, उसकी गर्दन के पीछे वाले भाग को चाटने लगा.
वह पागल होकर अपनी गांड मेरे लंड पर दबाने लगी.

मैंने उसकी शॉर्ट्स में ऊपर से हाथ डाला और उसकी गांड से खेलने लगा, उसके चूतड़ों को सहलाने लगा.

फिर मैं अपनी दो उंगलियों से उसकी चूत सहलाने लगा और एक उंगली अन्दर कर दी.
जैसे ही चुत में उंगली एंटर हुई उसी वक्त मैंने अपने आगे के दाँतों से उसके एक कान की लौ को काट लिया.
वह तड़प गई.

उस दिन मैंने उसको लंड से नहीं पेला, बस अपनी उंगली चुत में करके उसे झाड़ दिया.
उसके बाद वह अपनी जगह जाकर सो गई.
मैंने अपने लंड को उस दिन तपने दिया.

अगले दिन मुझे उसको हॉस्टल छोड़ना था.
मेरी गर्लफ्रेंड रुक रही थी तो मुझे समीक्षा को हॉस्टल छोड़ने जाना पड़ा.
मैंने अपनी गाड़ी उठाई और उसको लेकर चल दिया.

वह आगे बैठी थी और हम बात नहीं कर रहे थे.
थोड़ी देर में उसका हॉस्टल आ गया.

वह मुझसे बोली- चलो कॉफी पीते हैं!
हम दोनों ने कॉफी के कप ले लिए और पीते हुए रोड से टहलते टहलते उस तरफ को आ गए, जहां दीवार थी और रोड खत्म हो गई थी.

रोड के दोनों तरफ कॉलेज की बसें खड़ी थीं.
उसने मेरा हाथ पकड़ा और बस के पीछे ले आई.
इससे पहले मैं कुछ बोल पाता, उसने मेरा लोअर नीचे कर दिया और लंड को हाथ में पकड़ कर उसकी मुठ मारने लगी.

वह मुझे घूरती हुई बोली- बहनचोद, कल रात मुझे तेरी उंगली नहीं, लंड चाहिए था!
ये बोल कर वह मेरे लंड को ज़ोर-ज़ोर से हाथों से मथने लगी.
कोई दस मिनट में उसने मुझे झाड़ दिया.

अब वह बोली- मैं एक बार ही मौका देती हूँ, ले सको तो ले लो … पर तुम चूक गए थे. ये इसलिए किया क्योंकि मैं किसी का हिसाब बाकी नहीं रखती. तुमने मुझे झाड़ा था, तो मैंने तुझे झाड़ दिया.

उसके बाद मैं सामान्य हुआ और उसको हॉस्टल छोड़ कर वापस आ गया.

वह अपने हॉस्टल में जाती हुई बोल कर गई थी- हथियार तुम्हारा धारदार है, किसी को भी पागल कर देगा. बस अब ये मेरी चूत नहीं ले पाएगा … क्योंकि ये मौका तुमने गँवा दिया.

उसके बाद कुछ नहीं हुआ और आखिरी दिन आ गया.

उस दिन पढ़ाई नहीं होनी थी, सिर्फ एक-दूसरे से अलग होने का गम साझा किया जा रहा था.
मेरी गर्लफ्रेंड मुझसे बिछुड़ने के गम में विधवा विलाप में बिज़ी थी.

मैं क्लास से बाहर आया और ऊपर एक कोने में लैब थी.
मैं सिगरेट पीने उसमें पीछे चला गया.

लैब में पीछे एक बालकनी थी, बगल में टीचर का केबिन था.

केबिन में वहां गया तो देखा कि समीक्षा ‘मैम’ से कुछ बात कर रही है.
ये ‘मैम’ मेरी रांड थीं.

उन्होंने मुझे देखा और मुस्कुरा कर बोलीं- और हीरो मुझे याद करोगे कि नहीं?
मैं बोला- बिल्कुल मैम! जब आप याद करेंगी … मैं आपकी सेवा में हाजिर हो जाऊंगा!

तभी मैम के पास डायरेक्टर का कॉल आ गया.
वे जाती हुई बोलीं- अजय, अभी तो मैं जा रही हूँ. तू लैब बंद करके चाभी मुझे दे जाना!

वे चली गईं.
अब उस पूरी लैब में सिर्फ मैं और समीक्षा थे.

यही मौका था.

मैंने कुछ नहीं बोला, बस उसको देखा.
उसके दोनों हाथों को पकड़ कर पीछे किया और अपने हाथ से कसके बांध दिया.

मैं उसके होंठ चूसने लगा.
फिर उसको एक झटके में घुमा कर उसको गर्दन से पकड़ कर ‘मैम’ की टेबल पर आधा चिपका दिया.

उसके गुब्बारे जैसे चूचे टेबल में दबकर फूटने को तैयार थे.

उसकी गांड मेरे लंड के सामने थी, बीच में बस जीन्स की दीवार थी.
मैंने उसकी गांड पर अपना लंड चिपकाया और झुक कर चेहरा उसके कान पर लाकर बोला- समीक्षा सॉरी, लेकिन आज तुझे मैं चोदूँगा … तेरी चूत लेनी है मुझे यार. तू बहुत बड़ी रांड है … तुझे चोदना है, तू मेरे टक्कर की माल लगती है!

यही सब बोलते हुए मैं उसकी जीन्स के बटन खोलने लगा.
वह कुछ नहीं बोली.

मैंने आराम से बटन खोलकर चेन नीचे की.
उसकी जीन्स को पैंटी सहित एक साथ पकड़ कर उतार दिया और घुटनों तक नीचे ला दिया.

फिर मैंने झुक कर अपना मुँह उसकी चूत गांड में लगा दिया और सूँघने लगा.

अह्ह्ह पागल हो गया मैं.
मेरा भुजदंड पैंट फाड़ने को तैयार था … तन कर एकदम लोहे की रॉड हो गया था.

मैंने आव देखा ना ताव … खड़े होकर उसकी जीन्स नीचे की और पूरा लंड उसकी चूत में एकदम से उतार दिया.

‘अप्प.’ करके उसकी आवाज़ निकल गई, मगर झेल लिया उसने.

लेकिन आज मैं ‘मालगाड़ी’ को बुलेट ट्रेन बनाने वाला था.

मैं उसको 25 मिनट तक बेतहाशा घोड़े की तरह रौंदता रहा और वह ‘मर गई मर गई’ चिल्लाती रही.

मैंने उसको 3 बार झाड़ा.
इतनी भीषण गति से उसकी चुदाई की कि जब तीसरी बार वह झड़ने वाली थी तो बोली- अजय प्लीज़ … इस बार तुम भी झड़ जाना. मेरी गांड फट चुकी है, टांगें कांप रही हैं!

मैंने बोला- ठीक है लेकिन मैं तेरी चूत में पूरा माल निकालूँगा और तू मेरे माल को चूत में लेकर पैंटी पहन लेगी और आज पूरा दिन घूम-घूमकर पैंटी को सुखाएगी!
वह बोली- ठीक है अजय, मुझे माफ कर दो. तुम ज़ालिम हो और माहिर चुदक्कड़ भी हो मैं तुमको पहचान नहीं पाई. मुझे भी अच्छे से चुदवाना है!

उसकी बात सुन मैं बोला- बोल साली तू मेरी रंडी है!
तो वह बोली- मैं तुम्हारी रंडी हूँ अजय, जब बोलोगे चुदूँगी!

उसके बाद मैंने लंड की गति धीमी की और अपने मूसल भुजदंड को विश्राम दिया.

फिर कुछ देर बाद मैंने अपना सारा माल उसकी चूत में झाड़ दिया.
वह पूरा दिन उसी तरह मेरा माल लेकर चूत-पैंटी में घूमती रही.

उस दिन शाम को मेरी गर्लफ्रेंड का फोन आया.

वह बोली- अजय, समीक्षा मान गई है!
मैं बोला- किस लिए?

तो वह बोली- तुम्हारे लंड की सवारी करने के लिए समीक्षा ने कहा है. वह बोली कि अजय को बोलना कि वह मुझे चोद कर अपनी रंडी बना ले. मुझे भी देखना है तेरा बॉयफ्रेंड बेड पर कितना तोड़ता है. लेकिन बदले में मुझे उसके बॉयफ्रेंड समीर को अपनी चूत देनी होगी शर्त के मुताबिक!

मैं बोला- बोल देना समीक्षा को कि अजय तुम्हारी चूत चाटने और गांड फाड़ने को तैयार है!

उसके बाद चुदाई का प्लान बना और हम चारों मैं, अपर्णा, समीक्षा, समीर पहाड़ों पर निकल गए और वादियों में पहुंच गए.

हम दोनों ने एक बड़ा रूम लिया और उसी एक रूम में सारे रुक गए.

जैसे ही रूम में घुसे, समीर ने अपर्णा को पकड़ कर बेड पर गिरा दिया और ऊपर चढ़ गया.

वह बोला- अपर्णा, आज से 3 दिन तक तुमको बस चोदूँगा नहीं … तेरी चूत पर चोद-चोदकर अपना नाम लिख दूँगा!

अपर्णा बोली- पहले चोदो तो, मैं भी तो देखूँ कि तुम्हारे लौड़े में कितना दम है … या सिर्फ हवा बनाई है समीक्षा ने बस! वैसे समीर, लेना तो मुझे भी तेरा लंड है.

समीर उठा और मेरे बगल में बैठी समीक्षा को उठा दिया.
उसे बेड पर गिरा कर चोदने लगा.

वह गाली देते हुए बोलने लगा- मादरचोद, तेरी इस रांड दोस्त को आज मैं पेल कर कुतिया बना दूँगा … तूने बताया तो होगा ना रंडी कि मैं जल्लाद हूँ, चूत फाड़ देता हूँ!

समीक्षा चुदती हुई बोली- बस फाड़ ही देने का राग भर अलापते रहना उसकी चूत चुदाई का … मगर तुम उसकी चुत नहीं चोद पाए जबकि उसके बॉयफ्रेंड ने मेरी फाड़ दी!
यह सुनते ही समीर का नशा हिरण हो गया.

‘मैं उसकी रंडी हो जाऊंगी समीर, लेकिन तुझे दुबारा मेरी रांड दोस्त की चूत नसीब नहीं होगी. जब तक अजय नहीं चाहेगा. आज मौका मिला है, पेल कर फाड़ दो साली की … जैसे मेरी फाड़ते हो!’

समीर ने मेरे और अपर्णा के सामने समीक्षा को बुरी तरह से पेला.

मैं चुपचाप देखता रहा और अपर्णा को अपना लंड चुसाता रहा.
जब अपर्णा ने मेरा लंड चूस चूस कर एकदम कड़क कर दिया, उसके बाद मैंने अपर्णा से कहा- चल लंड की सवारी कर!

अब बारी थी उन दोनों को हमारी चुदाई देखने की.
मैंने अपनी गर्लफ्रेंड को उस दिन दुनिया का सबसे शानदार सेक्स दिया.
ये पोर्न GF सेक्स उसका इनाम था.

मैं अपर्णा को एक पोज़ीशन में चोदता था, फिर चूत चाटता था, फिर चोदने लगता था.
उस दिन मैंने कई बार उसको दो घंटा तक भीषण तरीके से चोदा.
वह 3 बार झड़ गई.

मेरी चुदाई देख कर समीक्षा बोली- समीर, अजय मुझे चोद कर पहले ही अपनी रंडी बना चुका है. इसने कॉलेज के लास्ट दिन मुझे लैब में चोदा था और मैं कांप गई थी इसकी बेरहम चुदाई से … वह तो मैं चाहती थी तुझे अपर्णा की चूत मिले. नहीं तो मुझे पहले से पता था अजय तुझसे बड़ा चुदक्कड़ और मादरचोद है. तू उसके आगे कुछ नहीं है इसलिए उसको सॉरी बोल और 3 दिन तुम दोनों मिल कर हम दोनों को हंसी खुशी चोदो!

समीक्षा की बात सुनकर मैं और समीर दोनों ही राजी हो गए थे.

अब सेक्स कहानी के अगले भाग में आपको यह रजामंदी सेक्स का क्या गुल खिलाती दिखाने वाली है, यह तो ग्रुप सेक्स कहानी के अगले भाग में ही आपको पता चलेगा.
पोर्न GF सेक्स कहानी पर आपके कमेंट्स मुझे उत्साहित करेंगे.
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पोर्न GF सेक्स कहानी का अगला भाग:

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