चूत एक पहेली -67

(Chut Ek Paheli- Part 67)

पिंकी सेन 2016-02-15 Comments

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अब तक आपने पढ़ा..

फिर क्या था सन्नी आग-बबूला होकर दूसरे दिन गाँव गया और आशा को ऐसी-ऐसी बातें सुनाईं कि वो हैरान हो गई उसके बच्चे को हरामी की औलाद बताया। उसने आशा की एक ना सुनी और उसको फटकार कर वो गुस्से में वहाँ से निकला। तभी अर्जुन और मुनिया से टकरा गया उसके बाद आशा ने आत्महत्या कर ली.. तब सन्नी को अहसास हुआ.. अगर वो सही थी तो ये सब हुआ कैसे और उसने छानबीन की तो पुनीत का सारा खेल उसको समझ आया और तभी उसने बदला लेने की ठान ली।

अब आगे..

पूरी बात सुनकर अर्जुन का गुस्सा हवा हो गया.. अब उसको सन्नी के साथ हमदर्दी हो गई। उसने भी कसम खाई कि आशा की मौत का बदला लेने में वो सन्नी का साथ देगा।
सन्नी- उस साले को सबक़ सिखाने का पूरा इंतजाम मैंने कर दिया है.. तुम बस मेरा साथ देना।
सन्नी ने पूरा प्लान अर्जुन को बताया तो अर्जुन भी खुश हो गया।

अर्जुन- उस हरामी ने मेरी मुनिया को भी नहीं बख्शा.. उसकी बहन को तो मैं ही चोदूँगा..
सन्नी- अरे चोद लेना.. अभी तो वो हरामी खुद उसको चोद रहा है।
अर्जुन और सन्नी ने प्लान बनाया कि कैसे अर्जुन भी अपने लंबे लौड़े से पायल की चुदाई करेगा.. उसके बाद सन्नी वहाँ से चला गया..

सन्नी के जाने के बाद अर्जुन से भाभी ने बहुत सवाल किए.. मगर उसने टाल दिया और खाने के लिए बैठ गए।

खाना खाने के बाद अर्जुन ने भाभी को अकेले में गुस्सा किया कि तुम यहाँ अपने पति का इलाज करवाने आई हो.. ऐसे निधि को किसी के साथ भी कैसे सुला सकती हो तुम?

भाभी- मैं क्या करूँ.. वो बिहारी ने मेरी एक ना सुनी और वैसे भी निधि कौन सी कुँवारी थी.. तुमने कब के उसकी चूत और गाण्ड दोनों अच्छे से खोल दिए हैं.. अब क्या फ़र्क पड़ता है?
अर्जुन- अच्छा अच्छा.. अब तुम सो जाओ.. मैं निधि के साथ उस कमरे में सो जाता हूँ.. ठीक है ना..
भाभी- सोने वाला तू है नहीं.. ऐसा बोल ना कि तू निधि की चुदाई करेगा।
अर्जुन- हाँ तो तुम्हें क्या दिक्कत है?
भाभी- अरे अभी-अभी तो बेचारी चुदी है.. थक गई होगी.. उसको आराम करने दे.. अगर इतना ही मन है.. तो मैं तैयार हूँ मुझे चोद ले..
अर्जुन- नहीं.. तू सो जा.. मेरा मन निधि को चोदने का ही है.. ठीक है ना..

भाभी ने आगे कुछ नहीं कहा और अर्जुन निधि के पास चला गया, उसने निधि को भी फटकार लगाई कि इतनी क्या आग लगी थी उसकी चूत में.. जो किसी के साथ भी चुदाई के लिए मान गई.. तो निधि ने उसको सारी बात बताई।
अर्जुन- चल ठीक है.. जो हुआ वो हुआ.. अब मेरे लौड़े की आग भी मिटा दे.. कब से परेशान हो रहा हूँ।

निधि मान गई और उसने अर्जुन के साथ मस्ती शुरू कर दी। कुछ देर बाद दोनों नंगे हो गए और चुदाई का खेल शुरू हो गया। रात भर में 3 बार अर्जुन ने निधि को चोदा.. तब जाकर उसको चैन आया और निधि की हालत खराब हो गई।

दोस्तो, पायल और पुनीत के बीच की खिचड़ी पक गई होगी, दोनों कपड़े चेंज करने गए थे, अब उनको भी देख लेते आते हैं।

पायल ने शॉर्ट स्कर्ट और ढीली सी एक टी-शर्ट पहन ली थी।
कुछ देर बाद पुनीत उसके कमरे में आया.. उसने सिर्फ़ बरमूडा पहना था।

पायल- आओ भाई देख लो.. एसी बिल्कुल ठीक काम कर रहा है।
पुनीत- मुझे तो नहीं लगता कि ठीक है.. कमरा तो इतना गर्म हो रहा है।
पायल- नहीं भाई आपको लग रहा है.. बाकी ठीक ही है।

पुनीत बरमूडे के ऊपर से लौड़े को मसलता हुआ बोला- नहीं यार मुझे बहुत गर्मी लग रही है.. कुछ तो गड़बड़ है.. एसी में..
पायल मुस्कुराते हुए पुनीत के पास आई और लौड़े पर हाथ रखते हुए उसने कहा- भाई गड़बड़ एसी में नहीं.. आपकी नियत में है.. आपका ये जम्बूजेट कैसे खड़ा है.. उसकी वजह से आपको गर्मी लग रही है।
पुनीत- क्या करूँ.. मेरी प्यारी बहना.. तेरी जवानी है ही ऐसी.. देख के साला लौड़ा अपने आप खड़ा हो जाता है।
पायल- अच्छा ये बात है.. अपनी ही बहन पर बुरी नज़र रखते हो आप..

पुनीत ने पायल के बाल पकड़ कर खींचे और उसकी गर्दन मोड़ कर एक जोरदार सा किस कर दिया।
पुनीत- अगर बहन तेरी जैसी पटाखा हो.. तो भाई अपने आपको कब तक संभाल पाएगा।
पायल- उफ्फ.. आप तो बहुत गर्म हो गए हो.. अब तो आपको ठंडा करना ही पड़ेगा। वैसे भी मेरी चूत सुबह से आपके लौड़े को याद कर-कर के टप-टप टपक रही है।

पुनीत- ना ना.. मेरी पायल.. मेरा लण्ड तेरी चूत के लिए नहीं.. नर्म-नर्म गाण्ड को याद करके तना हुआ है.. तुमने वादा किया था ना.. आज गाण्ड मरवाओगी मुझसे..
पायल- नहीं भाई.. गाण्ड को रहने दो ना.. बहुत दर्द होगा.. आप चूत से ही काम चला लो।
पुनीत- नहीं मेरी जान.. वादा मत तोड़ो.. मेरी नज़र तेरी गाण्ड से हट नहीं रही है.. बस एक बार इसमें लौड़ा पेल दूँ.. तो मुझे सुकून मिल जाएगा।

पायल- भाई आग तो मेरी चूत में लगी है.. आप गाण्ड मारोगे.. तो मुझे मज़ा कैसे आएगा?
पुनीत- मेरी जान.. तू फिकर क्यों करती है.. तेरी गाण्ड के साथ-साथ तेरी चूत की आग भी मिटा दूँगा। तू बस देखती जा.. आज तेरी ठुकाई करके ऐसा मज़ा दूँगा तुझे.. कि तू याद रखेगी।

पायल आँखों को घूमते हुए मुस्कुरा कर बोली- अच्छा ठीक है भाई मगर ये वक्त ठीक नहीं रहेगा.. रात को करेंगे.. अभी कोई आ गया तो?
पुनीत- मेरी जान टेंशन मत ले.. मैं बस तुम्हें बताने आया हूँ.. सो मत जाना.. मैं थोड़ा बाहर जाकर आता हूँ.. उसके बाद आकर सीधा तेरे पास आ जाऊँगा.. तू बस टाँगें फैला कर तैयार रहना..

पायल- ओह्हो.. क्या बात है.. अब कहाँ जा रहे हो.. आप तो सुबह से तो बाहर ही थे।
पुनीत- मेरी जान.. आकर बता दूँगा.. ठीक है.. अब तू आराम कर ले.. जितना करना है.. उसके बाद तो पूरी रात तुझे चैन नहीं लेने दूँगा।
पायल- ओह्ह.. अच्छा चलो देखते हैं आज ऐसा क्या करोगे आप..

पुनीत मुस्कुराता हुआ वहाँ से निकल गया और पायल बिस्तर पर लेट गई।

वहाँ से निकल कर पुनीत रॉनी के पास गया और उसे कहा- थकान उतारने का एक ही तरीका है.. थोड़ी-थोड़ी बीयर मार आते हैं।
रॉनी भी मान गया और दोनों वहाँ से निकल गए।

दोस्तो, काफ़ी दिनों से टोनी और उसके दोस्तों के बारे में मैंने कुछ नहीं बताया, आज बता देती हूँ।

सन्नी वहाँ से निकल कर सीधा इनके पास आया। ये तो अपने पीने के प्रोग्राम में मस्त थे.. तभी सन्नी वहाँ आ गया।
सन्नी- क्या बात है सालों.. तुम तो शुरू हो गए.. लाओ आज मैं भी तुम्हारे साथ दो पैग लगा देता हूँ।
सभी बैठकर पीने लगे और टोनी जिज्ञासा में पूछने लगा- अब हमें आगे क्या करना है?

सन्नी- करना क्या है.. उस साले पुनीत की बैंड बजानी है.. कल पार्टी में खूब मज़ा करेंगे.. उसके बाद साले कुत्ते को जलील करना है.. उसके लिए ही मैं यहाँ आया हूँ।
टोनी- मुझे पता है भाई.. आप ऐसे तो आने वाले हो नहीं.. कोई तो प्लान लेकर ही आए होगे.. बताओ क्या करना है?

सन्नी- अबे बता दूँगा.. इतनी क्या जल्दी है.. पहले थोड़ा नशा तो होने दे.. वैसे भी अभी अभी एक मस्त माल को चोदकर आ रहा हूँ।
टोनी- ओए होए.. भाई क्या बात है.. आपको कहाँ से मिल जाती है साली मस्त माल.. हमको तो रंडियाँ भी आजकल भाव नहीं देतीं.. वैसे साली पायल के मम्मों को छुआ तो करंट सा आ गया था भाई.. प्लीज़ कल मना मत करना.. साली को डान्स के बहाने मैं थोड़ा तो टच करके मज़ा ले ही लूँगा।
सन्नी- जा साले ले लेना.. मगर ज़्यादा कुछ मत करना।

टोनी- अरे वाह्ह.. जिओ भाई.. मज़ा आ गया.. आपने ‘हाँ’ कह दी.. बस अब बाकी मुझ पर छोड़ दो.. कल साली को छूकर मज़ा लूँगा.. मगर आपने इतनी आसानी से हाँ कह दी.. इसमें कुछ तो बात होगी.. ऐसे आप हाँ कहने वाले नहीं।
सुनील- अरे इसमें क्या बात होगी?
विवेक- टोनी भाई.. आप भी ना बॉस की हर बात को शक से देखते हो।

सन्नी- चुप रहो सालों.. चमचों.. ये टोनी बहुत हरामी है साला.. सब समझ जाता है और सही भी है.. मैंने ऐसे ही नहीं हाँ कही.. ये कल का प्लान है। अब पूरी बात सुनो.. तुम्हें कल क्या करना है।
सन्नी ने पूरा प्लान समझाया तो तीनों की आँखों में चमक आ गई।

टोनी- वाह्ह.. हाँ भाई मुझे लगा ही था कुछ तो गड़बड़ है.. साली रंडी को कल देखना.. कैसे मज़ा देता हूँ और उस कुत्ते को भी सबक़ सिखा देंगे। बस जल्दी से कल की रात आ जाए।

वो सभी पीने के मज़े लेने लगे और पायल के बारे में गंदी बातें करने लगे उधर रॉनी और पुनीत भी एक जगह बीयर पी रहे थे।

रॉनी- भाई कल पार्टी है.. पायल भी साथ होगी, वहाँ का माहौल आपसे छुपा नहीं है.. मैं तो सोच कर टेंशन में आ रहा हूँ.. कल क्या होगा?
पुनीत- अरे कुछ नहीं होगा.. पायल को मैं सब समझा दूँगा। वैसे भी फार्म के गेम से तो ज़्यादा कुछ नहीं होगा ना.. वहाँ जब वो उसके लिए मान गई.. तो यह पार्टी क्या चीज़ है..

दोस्तो, उम्मीद है कि आपको कहानी पसंद आ रही होगी.. तो आप तो बस जल्दी से मुझे अपनी प्यारी-प्यारी ईमेल लिखो और मुझे बताओ कि आपको मेरी कहानी कैसी लग रही है।

कहानी जारी है।
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