विज्ञान से चूत चुदाई ज्ञान तक-52

(Vigyan se Choot Chudai Gyan Tak-52)

पिंकी सेन 2015-02-18 Comments

This story is part of a series:

मैडी- आह्ह.. मज़ा आ रहा है साले.. कभी तू बोलता था इसके होंठ बड़े रसीले हैं.. एक बार इनको चूसने का मौका मिल जाए तो मज़ा आ जाए.. वो तो तूने चूसे नहीं.. अब लौड़ा चुसवाना चाहता है।

दीपक- आजा साले कैसे कुत्ते की तरह लार टपका रहा है.. चुसवा दे तेरा लौड़ा.. अरे चोदू.. ये तो लौड़े की प्यासी है साली.. ख़ुशी-ख़ुशी तेरा लौड़ा चूसेगी..

दीपक एक तरफ हट गया.. सोनू जल्दी से बिस्तर के नीचे आ गया और लौड़ा दीपाली के होंठों के पास ले आया।
मगर दीपाली ने होंठ सख्ती से भींच लिए।

सोनू- अरे क्या हुआ.. चूस ना यार प्लीज़.. प्लीज़.. चूस ना..

दीपक की हँसी निकल गई.. सोनू किसी बच्चे की तरह गिड़गिड़ा रहा था।

दीपाली- तेरा लौड़ा भी चूसूंगी पहले तू मेरे होंठों का रस पी.. आज तेरी सारी इच्छा पूरी करना चाहती हूँ मैं.. आ जा चूस मेरे रसीले होंठ..

सोनू तो जैसे उसके हुकुम का गुलाम था.. उसने फ़ौरन दीपाली के होंठों पर होंठ टिका दिए और बड़ी बेदर्दी से चूसने लगा।

इधर मैडी मम्मों को चूस-चूस कर मज़ा ले रहा था.. उसका हाथ दीपाली की चूत पर था.. जो अब गीली हो गई थी।

दीपक- अबे साले चूचे ही चूसता रहेगा.. क्या कमसिन चूत का रस नहीं पियेगा क्या.. बड़ा मज़ा आता है.. एक बार चख कर देख..

मैडी का ये पहली बार था और चूत चाटना उसे अजीब सा लग रहा था.. उसने थोड़ा ना नुकुर किया।

दीपक- अबे साले कभी तेरे बाप ने भी देखी है ऐसी कच्ची कली की चूत.. जो ‘ना’ बोल रहा है साले.. चाट कर देख मज़ा ना आए तो कहना..

मैडी ने ना चाहते हुए भी अपना मुँह चूत पर रख दिया और जीभ से चूत को स्पर्श किया.. उसको अजीब सी महक आ रही थी चूत से..
मगर उसको वो बड़ी मादक लगी और बस फिर क्या था.. उसने चूत को चाटना शुरू कर दिया..

सोनू- वाह.. साली मज़ा आ गया तेरे होंठों में बड़ा रस है रे.. ले अब मेरे लौड़े को चूस कर मुझे धन्य कर दे।

दीपाली- आह.. मैडी उफ़ उई.. अबे आराम से चाट ना.. उफ़ मज़ा आ रहा है.. आह्ह.. ला साले पूछ क्या रहा है.. आई डाल दे लौड़ा.. मेरे मुँह में.. आह्ह.. उफ़..

दीपक अब भी साइड में खड़ा.. उन दोनों को देख रहा था।

उसका लौड़ा झटके खा रहा था.. उसकी उत्तेजना बढ़ने लगी थी।

इधर दीपाली भी काम वासना में जल रही थी.. उसका जिस्म आग की भट्टी की तरह गर्म हो गया था। कुछ देर ये सिलसिला चलता रहा।

सोनू- आह.. चूस आह्ह.. मज़ा आ रहा है.. उफ़ सस्स साली.. तेरे मुँह में आह्ह.. इतना मज़ा आ रहा है.. चूत में तो आह्ह.. कितना मज़ा आएगा आह्ह.. चूस उई.. मेरा पानी निकलने वाला है आह..

दीपक- लौड़ा बाहर मत निकालना पिला दे साली को.. अपने लौड़े का पानी निकाल दे.. इसके मुँह में ही।

सोनू अब मुँह को ऐसे चोदने लगा जैसे चूत हो.. झटके पर झटके दे रहा था। इधर मैडी भी चूत को अब बड़े मज़े से चाट रहा था।
उसको चूतरस भा गया था… ‘सपड़-सपड़’ की आवाज़ के साथ वो चूत को चाट और चूस रहा था।

सोनू के लौड़े ने गर्म वीर्य की तेज धार दीपाली के मुँह में मारी.. उसका लौड़ा लावा उगलने लगा.. आज तक मुठ मारने वाला.. आज मुँह में झड़ रहा था तो उसका वीर्य भी काफ़ी निकला।

सोनू- आह.. मज़ा आ गया रे.. उफ़ साली.. बड़ी कुतिया चीज है तू.. आह्ह.. उफ़…

दीपाली ने लौड़े को होंठों में कस कर भींच लिया और उसकी आख़िरी बूँद तक निचोड़ डाली।

मैडी की चटाई अब दीपाली को सातवें आसमान पे ले गई थी।

उसकी आँखें बन्द हो गई थीं मगर उसका ये मज़ा दीपक ने किरकिरा कर दिया।

दीपक- अबे उठ साले पहले चूचों से चिपक गया.. अब चूत पर कब्जा कर के बैठ गया.. मेरे लौड़े में दर्द होने लगा है.. अब हट.. चोदने दे साली को।

दीपाली- आह.. हटा क्यों दिया हरामी.. मज़ा आ रहा था उफ़.. मैडी को चूत चाटने दो.. आह्ह.. लाओ.. तुम्हारा लौड़ा चूस कर मैं शान्त कर देती हूँ।

दीपक- ये एक तो साला भड़वा मुँह चोद कर ठंडा हो गया.. अब सबका पानी क्या मुँह में निकालेगी.. चल आ जा.. एक साथ गाण्ड और चूत में लौड़ा लेने का आनन्द ले.. वरना ये हरामी मैडी भी ठंडा होकर बैठ जाएगा।

दीपाली बैठ गई और दीपक ने मैडी को नीचे सीधा लेटा दिया। उसका लौड़ा किसी बंदूक की तरह खड़ा था।

दीपक- चल जानेमन बैठ जा लौड़े पर दिखा दे मैडी को अपनी चूत का जलवा..

दीपाली टांगों को फैला कर लौड़े पर धीरे-धीरे बैठने लगी और चेहरे पर ऐसे भाव ले आई.. जैसे उसे बहुत दर्द हो रहा हो..

दीपाली- आह्ह.. आई मर गई रे.. आह्ह.. माँ उफ़फ्फ़..

दीपक ने उसके कंधे पकड़ कर ज़ोर से उसे लौड़े पर बिठा दिया.. जिससे ‘घप’ से पूरा लौड़ा चूत में समा गया। मैडी को पता भी नहीं चला कि कब लौड़े को चूत खा गई।

दीपाली- उह.. माँ मर गई रे.. साले हरामी.. ये क्या कर दिया… मेरी चूत फट गई.. आह आह…

सोनू- वाह.. दीपक एकदम सही किया तड़पाओ साली रंडी को.. छिनाल बहुत तड़पाती थी हमें…

मैडी- आह्ह.. मज़ा आ गया.. साली चूत ऐसी होती है.. पता ही नहीं था. उफ़.. ऐसा लग रहा है जैसे लौड़ा किसी जलती भट्टी में चला गया हो..

दीपाली अब धीरे-धीरे ऊपर-नीचे होने लगी.. लौड़ा चूत से टोपी तक बाहर आता.. वापस अन्दर चला जाता।
मैडी की तो हालत खराब हो गई।

दीपक- चल रंडी.. अब तेरे यार पर लेट जा.. मैं पीछे से तेरी गाण्ड में लौड़ा घुसाता हूँ.. तब आएगा असली मज़ा.. वो कहते है ना दो में ज़्यादा मज़ा आता है।

दीपाली अब मैडी पर लेट गई.. पीछे से दीपक ने गाण्ड में लौड़ा घुसा दिया। अब दीपक गाण्ड को पेलने लगा और नीचे से मैडी चूत की ठुकाई में लग गया।

दीपाली- आह्ह.. आई.. चोदो आह्ह.. मज़ा आ रहा है उफ़ ऐसी ज़बरदस्त ठुकाई आह्ह.. करो आई कककक.. मर गई रे.. आह्ह.. अबे ओ नामर्द इधर आ.. मादरचोद वहाँ बैठा क्या कर रहा है.. आह्ह.. पास आ.. अपना लौड़ा मेरे मुँह में दे.. ताकि 3 का तड़का लग जाए और मज़ा बढ़ जाए..

सोनू का लंड ना खड़ा था ना पूरी तरह नरम था.. बस आधा अधूरा सा लटक रहा था।

सोनू- हाँ रंडी.. आ रहा हूँ ले चूस.. साली खड़ा कर मेरा लौड़ा.. तेरी चूत और गाण्ड मारने के लिए बहुत बेताब हुआ जा रहा हूँ..

दीपाली ने सोनू के लंड को पूरा मुँह में ले लिया और किसी टॉफी की तरह उसे मुँह में घुमाने लगी.. जीभ से उसको चाटने लगी।

मैडी- आह्ह.. उहह ले रंडी.. आह्ह.. तेरी चूत बहुत मस्त है..आह्ह..

दीपक- चोद मैडी.. आह्ह.. इस रंडी की चूत का चूरमा बना दे.. आह्ह.. मैं गाण्ड का भुर्ता बनाता हूँ उहह उहह.. आह्ह.. ले छिनाल आह्ह.. उहह..

करीब 5 मिनट तक दोनों दे-घपाघप लौड़ा पेलते रहे। इधर सोनू का लौड़ा भी एकदम तनाव में आ गया था।

मैडी- आह उहह उहह मेरा पानी आ निकलने वाला है.. आह्ह.. क्या करूँ?

दीपक- उह उह.. करना क्या है आह्ह.. निकाल दे चूत में.. भर दे साली की चूत पानी से.. ओह.. मज़ा आ गया.. क्या गाण्ड है साली की आह्ह..

दीपाली ने सोनू का लौड़ा मुँह से निकाल दिया और सिसकने लगी।

दीपाली- ससस्सअह.. मैडी रूको प्लीज़ आह्ह.. मेरी चूत भी ओह उईईइ.. दीपक आह.. ज़ोर से गाण्ड मारो आह मैडी तेज झटके मारो मेरी आईईइ चूत आईईइ उयाया गई…

मैडी के लौड़े ने पानी छोड़ दिया और उसके अहसास से ही दीपाली की चूत भी झड़ गई।

इधर दीपक ने अपनी रफ्तार तेज कर ली थी.. अब गाण्ड को दनादन चोद रहा था.. शायद उसका लौड़ा भी गाण्ड की गर्मी से पिघल रहा था।

सोनू- साली चूस लौड़ा देख.. कैसे सख्त हो गया है।

दीपाली- आई आईईइ दीपक आह्ह.. बस भी करो.. आहह मेरी गाण्ड में दर्द होने लगा है आह्ह..

दीपक- रुक छिनाल.. बस आह्ह.. निकलने वाला है.. आह्ह.. उहह ले आ आह्ह..

मैडी का लौड़ा अब ढीला पड़ गया था और चूत से बाहर आ गया था।

दोनों का मिला-जुला वीर्य पूरा मैडी की जाँघो पर लग गया था।

मैडी- यार दीपक मुझे तो नीचे से निकलने दे.. पूरा चिपचिपा हो गया है।

दीपाली- आह उई हाँ दीपक.. आह तुम मेरे मुँह में पानी निकाल दो.. आह्ह.. गाण्ड को बख्श दो आह्ह.. प्लीज़ आह उईईइ…

दीपक को उसकी बात समझ आ गई एक झटके से उसने लौड़ा गाण्ड से निकाल लिया और उसी रफ्तार से दीपाली के बाल पकड़ कर उसे मैडी के ऊपर से नीचे उतार दिया…

अब दीपाली बिस्तर पर बैठ गई और फ़ौरन दीपक ने लौड़ा उसके मुँह में घुसा दिया।

बस एक दो झटके ही मारे होंगे कि उसका भी बाँध टूट गया.. दीपाली ने उसका भी सारा पानी गटक लिया।

बस दोस्तो, आज के लिए इतना काफ़ी है।

तो पढ़ते रहिए और आनन्द लेते रहिए…

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