माँ बेटी ने मिलकर लिया लण्ड का मज़ा

(Family Sex Relations Story)

रेहाना खान 2022-10-22 Comments

फॅमिली सेक्स रिलेशन स्टोरी में पढ़ें कि एक समुदाय के लोग कैसे अपने परिवार में खुलम्म खुल्ला चुदाई कर लेते हैं, आपसी सम्बन्धों, खून के रिश्तों की परवाह भी नहीं करते.

यह कहानी सुनें.

मेरा नाम समीना बेगम है. मैं 42 साल की एक मस्त जवान, खूबसूरत और पढ़ी लिखी औरत हूँ, एक बड़े ऑफिस में काम करती हूँ।
मुझे पढ़ने लिखने का, घूमने फिरने का और हंसी मजाक करने का बड़ा शौक है।

मैं अपने रूप रंग पर और अपनी शारीरिक सुंदरता पर बड़ा ख्याल रखती हूँ।

मेरा कद 5′ 4″ है, छरहरा बदन है और रंग एकदम गोरा है।
मेरी आँखें बड़ी बड़ी हैं और मेरे मम्मे भी बड़े बड़े हैं। मुझे उन्हें छिपाने में बड़ी मशक्कत करनी पड़ती है।
मुझे हिज़ाब बिलकुल पसंद नहीं है, मैं साड़ी ब्लाउज़ या साड़ी ब्रा ज्यादा पसंद करती हूँ।
हां कभी कभी जींस और टॉप में भी रहती हूँ।

अब मेरी फॅमिली सेक्स रिलेशन स्टोरी का मजा लें.

मेरी शादी केवल 10 साल ही चल पायी।
एक दिन मेरे शौहर ने मुझे तलाक दे दिया और मुझे घर से निकाल दिया।

तब मैं अपनी बेटी सना के साथ अपने अब्बू के घर चली आयी।
कुछ दिन बाद मेरे अब्बू भी चल बसे और अम्मी तो बहुत पहले ही ख़त्म हो चुकी थीं।
मैं अपने अब्बू के घर में ही रहने लगी लेकिन मैंने दूसरी शादी नहीं की।

एक राज़ की बता रही हूँ दोस्तो कि मैं सेक्स बहुत ज्यादा पसंद करती हूँ।
मेरा मन चोदा चोदी में खूब लगता है।
मुझे चोदने चुदाने में ज़न्नत का मज़ा आता है।

मैं अपनी शादी के पहले खूब चुदी हुई थी।
इसलिए मैं सुहागरात से ही गैर मर्दों से खूब घपाघप चुदवाने लगी थी।
आज भी चुदवाती हूँ।
मुझे बिना कटे लण्ड ज्यादा पसंद आते हैं।

मैं जिस ऑफिस में काम करती हूँ वहां एक लड़का है जॉन!
मुझे वह बहुत पसंद है। गोरा चिट्टा है, स्मार्ट है और हैंडसम भी।

वह मुझसे खूब बातें करता है, मेरी बहुत मदद करता है। मैं भी उससे खूब बातें करती हूँ।

मैंने महसूस किया कि उसकी नज़र मेरे मम्मों पर रहती है और मैं हमेशा उसके लण्ड के बारे में सोचा करती हूँ।
मेरी तमन्ना है कि मैं किसी दिन उसे नंगा कर दूँ उसका लण्ड खड़ा करके अपने मुंह में घुसेड़ लूं।

आग दोनों तरफ लगी थी।
हालाँकि हमारी उम्र में काफी अंतर था पर मैं 30 / 32 साल से ज्यादा की नहीं लगती थी।

एक दिन किसी बहाने जॉन मुझे अपने घर ले गया।
उसने मुझे प्यार से बैठाया और कहा मैडम देखो मैं क्रिस्चियन हूँ और ड्रिंक्स लेता हूँ क्या आप मेरा साथ देगीं?
मैं मान गयी और कहा- हां दूँगी।

बस हम दोनों ड्रिंक्स लेने लगे।

मैंने पूछा- जॉन तुमने शादी की है या नहीं?
वह बोला- नहीं मैडम अभी नहीं की है।

मैंने फिर सीधा सवाल किया- तो फिर क्या मुट्ठ मारते हो? या कोई लड़की चोदते हो?
वह बोला- अक्सर तो मुट्ठ ही मारना पड़ता है, लड़की का क्या भरोसा मिली न मिली!

मैंने फिर पूछा- तो मुट्ठ मारते समय किसी लड़की का नाम लेते होगे?
वह एकदम से बोला- हां लेता तो हूँ। बुरा न मानो बता भी दूं कि किसका लेता हूँ?
मैं बोली- हाँ बताओ!

वह बोला- समीना बेगम का नाम लेता हूँ। जी हां … तुम्हारा नाम ले के कर मुट्ठ मारता हूँ मैडम!
मैं बोली- मैडम की माँ का भोसड़ा … मैडम की बहन का लण्ड … मुझे मैडम मत कहो। मैं तेरे लिए सिर्फ समीना हूँ यार! मुझे बुरचोदी समीना कहो … हरामजादी भोसड़ी वाली समीना कहो. लण्ड खाने वाली चुदक्कड़ समीना कहो. और सुन लो आज से मैं खुद मारूंगी तेरे लण्ड का मुट्ठ।

अब मैं तो बेशरम थी ही, मुझे मौक़ा मिल गया तो मैंने खुल्लम खुल्ला कह दिया।

फिर मैंने उसका लण्ड पैंट के ऊपर से दबाकर कहा- यार, अब इसे खोल कर मुझे दिखा दो। मैं बहुत दिनों से तड़प रही हूँ तेरे लण्ड लिए।
वह बोला- पहले तुम मुझे अपने मम्मे दिखाओ, अपनी चूत, अपनी गांड दिखाओ मेरी चुदक्कड़ समीना!

मैं उठी और फटाफट अपने सारे कपड़े उतार कर फेंक दिये।

वह मुझे नंगी देख कर पागल हो गया।
उसका मुंह खुला का खुला रह गया।

वह बोला- ओ माय गॉड … तुम तो नंगी नंगी और ज्यादा खूबसूरत लग रही हो समीना!

उसने मेरे मम्मे दबा दिये तो मैंने उसके कपड़े उतार कर उसे नंगा कर दिया।
उसका खड़ा लण्ड देख कर मेरी गांड फट गई।
इतना बड़ा और इतना मोटा लण्ड मैंने पहले कभी नहीं देखा था।

मैंने लण्ड मुट्ठी में लिया, उसे चूमा और आगे पीछे करने लगी।
मैं सच में लण्ड का मुट्ठ मारने लगी।

वह भी नंगा था मैं भी नंगी … मैं उसके नंगे बदन का मज़ा लेने लगी वह भी मेरे नंगे बदन का मज़ा लेने लगा।

मैं तेज तेज सड़का मारने लगी.
वह सिसियाने लगा, बोला- मैं निकल जाऊंगा।
मैंने कहा- मेरे मुंह में निकल जा, मैं तेरा लण्ड पियूँगी। मुझे लण्ड पीना अच्छा लगता है।

मैंने मुट्ठ मारने की स्पीड बढ़ा दी तो लण्ड ने छोड़ दी पिचकारी मेरे मुंह में!
मैं उसका सारा वीर्य गटक गई और लण्ड का सुपारा चाटने लगी।

मैंने कहा- जॉन, अब तुम मुझे किसी और दिन चोदना, अभी मुझे घर जाना है।
ऐसा कह कर मैं अपने घर वापस आ गयी।

घर आकर मैंने सारी कहानी अपनी बेटी सना को सुना दी।
वह बोली- हायल्ला, तूने तो मेरी चूत में आग लगा दी, अम्मी जान!
मैंने कहा- मेरी चूत में भी आग लगी हुई है यार अभी मैंने उसे अपनी चूत नहीं दी है।

वह बोली- तो फिर उसे यहाँ बुला लो मेरी बुरचोदी अम्मी जान … और दे दो उसे मेरी भी बुर और अपनी भी बुर! मैं तैयार हूँ बुर देने के लिए। इतना बढ़िया लण्ड मुझे तो बड़ा मज़ा देगा.

मैंने कहा- अब तू बता, तूने क्या किया?
वह बोली- मैंने जो देखा उसकी तुम कल्पना भी नहीं कर सकती, अम्मी जान! बड़ा मजेदार खेल मैंने देखा आज दोपहर को। क्या मस्त सीन था वह बहनचोद!
मैंने कहा- अब कुछ बताएगी भी की बस यूं ही गांड मारती रहेगी तू मेरी?

वह बोली- आज मैं दोपहर को फूफी के घर पिछले दरवाजे से चली गयी। दरवाजा खुला था तो मैं धीरे से अंदर घुस गयी। घर में सन्नाटा था मगर एक कमरे से कुछ आवाज़ आ रही थी। बस वहीं चली गई और खिड़की से झाँक कर देखा तो दंग रह गयी। मैंने देखा कि फूफी जान अपनी टांगें पसारे एकदम नंगी नंगी लेटी हुई हैं और उसके ऊपर खालाजान का बेटा आदिल एकदम नंगा चढ़ा हुआ है। वास्तव में आदिल अपना लण्ड पूरा पेले हुए फूफी का भोसड़ा चोद रहा था।

मैंने कहा- तो इसमें क्या … आजकल लड़के मौक़ा पाते ही भोसड़ा चोद लेते हैं।

वह बोली- अरे आगे तो सुनो अम्मी जान … फूफी के बगल में खालाजान भी एकदम नंगी नंगी लेटी हुईं थीं और उसके ऊपर फूफी का बेटा समी चढ़ा हुआ था। समी खाला का भोसड़ा चोद रहा था। यानि आदिल और समी दोनों एक दूसरे की माँ चोद रहे थे वह भी अपनी अपनी माँ के सामने।

मैंने कहा- हायल्ला … तो इसका मतलब तेरी खाला और फूफी दोनों एक दूसरे के बेटे से चुदवा रही थीं। ये तो मैंने भी कभी नहीं सोचा था. मुझे लगता है कि जब चूत में आग लगी होती है तो फिर ऐसा ही होता है। औरत बुरचोदी बिलकुल रंडी हो जाती है, वह अपने बेटे से भी चुदवा लेती है। तेरी खाला और फूफी दोनों भोसड़ी वाली रंडियां हो गयीं हैं। तब फिर तूने क्या किया?

वह बोली- मैं बस उनकी चुदाई देखती रही। हद तो तब हो गई जब कुछ देर बाद आदिल अपनी अम्मी के ऊपर चढ़ बैठा और समी अपनी अम्मी के ऊपर। दोनों मादरचोद आमने सामने अपनी अपनी माँ चोदने लगे। मैं उनको बिना पलक झपकाए देखती रही। न बेटों को अपनी माँ चोदने में कोई शर्म और न माँ को अपने बेटों से चुदवाने में कोई शर्म! ऐसा तो मैं पहली बार ही देख रही थी। मैंने उन्हें डिस्टर्ब नहीं किया और चुपचाप वापस चली आयी। मैं सोचने लगी कि आजकल बेटियां भी अपने अब्बू का लण्ड पकड़ने लगीं हैं तो फिर माँ अपने बेटे का लण्ड क्यों न पकड़े? जवानी में सब जायज़ है।

इतने में किसी ने दरवाजा खटखटाया।
मैंने दरवाजा खोला तो सामने आदिल खड़ा था। मैंने उसे अंदर बैठाया और कहा- आदिल, सुना है कि तुम अब जवान हो गए हो?

इतने में मैंने देखा कि समी भी हमारे घर आ गया.

तब तक सना भी आ गई।
वह बोली- हां अम्मी जान, जवान तो हो गया है आदिल … तभी तो बड़े बड़े कारनामे करता है।
आदिल बोला- नहीं, मैं कुछ नहीं करता खाला जान!

मैंने कहा- अच्छा तो फिर लण्ड क्या दीवार में ठोकते हो अपना? बोलो किसे चोद कर आ रहे हो तुम?

वह बोला- अरे खाला जान वो सब तो ऐसे ही हो गया। फूफी जान ने मजाक मजाक में मेरा पजामा खोल डाला और मेरा लण्ड पकड़ लिया। लण्ड पकड़ कर बोली ‘आदिल अब तुम मर्द हो गए हो। लो अब तुम मेरी चूत में अपना लण्ड पेल कर देखो।’ तो मैंने पेल दिया बस! लण्ड पूरा घुस गया तो उसे मज़ा आया और मुझे भी। फिर वह बोली अब तुम मुझे खूब हचक हचक कर चोदो। मैं चोदने लगा. तब तक मेरी अम्मी आ गयीं और उसके पीछे फूफी का बेटा समी भी। मेरी अम्मी ने मुझे फूफी की बुर चोदते हुए देखा तो बोली ‘अरे समी देख मेरा बेटा तेरी माँ चोद रहा है तो फिर तुम भी उसकी माँ चोदो। समी को जोश आ गया वह मेरी माँ चोदने लगा।

मेरी बेटी सना ने कहा- इसके आगे क्या हुआ वह भी बताओ न?
आदिल ने कहा- फूफी ने कहा अब तुम आमने सामने अपनी अपनी माँ चोद कर दिखाओ। न हमें कोई शर्म थी और न हमारी माँ को कोई शर्म। फिर हम दोनों अपनी अपनी माँ चोदने लगे। मेरी फूफी जान बहुत बड़ी चुदक्कड़ औरत है। उसने मेरी अम्मी को भी चुदक्कड़ बना दिया है।

इतने में मैंने आदिल का पजामा खोल डाला और सना ने समी का पजामा।

सना बोली- अब जब तुम लोग एक दूसरे की माँ चोद चुके हो और अपनी भी माँ चोद चुके हो तो फिर मेरी भी माँ चोदो, मुझे भी चोदो। मेरी सामने मेरी माँ चोदो। मेरी माँ के सामने मुझे चोदो।

फिर अचानक दोनों के पाजामे नीचे गिर पड़े तो उनके लण्ड टन टना कर खड़े हो गए।

मैंने आदिल का लण्ड पकड़ लिया और मेरी बेटी सना ने समी का लण्ड।
हम दोनों लण्ड चूमने चाटने लगीं।

लण्ड चूमते चूमते मैंने अपने कपड़े उतारे और सना ने अपने कपड़े।

मैंने आदिल और समी को आमने सामने ऐसे लिटा दिया कि उनके लण्ड दोनों आपस में भिड़ गए पेल्हड़ भी एक दूसरे से मिल गए।

मैं एक तरफ लेट गयी और मेरे सामने सना लेट गयी।
हम चारों प्लस (+) के निशान की तरह हो गए।

फिर क्या … हम दोनों माँ बेटी बुर चोदी नंगी नंगी आदिल और समी का लण्ड चाटने लगी।
वो दोनों तो पहले से ही नंगे थे।

माहौल एकदम सेक्सी और रोमांटिक हो गया।

मेरे हाथ में आदिल का लण्ड था और सना के हाथ में समी का लण्ड।

सना ने समी का लण्ड मेरे मुंह में घुसेड़ते हुए कहा- ले मेरी हरामजादी अम्मी जान, चूस ले मेरे हाथ से समी का लण्ड।

मैंने भी लण्ड अपनी बेटी के मुंह में डालते हुए कहा- ले बुरचोदी सना चूस ले मेरे हाथ से आदिल का लण्ड।

इस तरह हम दोनों एक दूसरी के मुंह में लण्ड घुसेड़ घुसेड़ कर मज़ा लेने लगीं।

सना ने कहा- वाह वाह … क्या मस्ताने लण्ड हैं दोनों बहनचोद! बड़ा मज़ा आ रहा है।
तो मैंने कहा- अरे यार, ये दोनों 22 / 23 साल के हैं मगर इनके लण्ड 40 / 45 साल के आदमी के लण्ड जैसे हैं।

मैंने बताया- जानती हो सना इनके लण्ड इतने बड़े बड़े क्यों हैं? दरअसल इन दोनों की माँ ने दुबई में एक शेख़ से चुदवाया था तभी ये दोनों पैदा हुए। देखो न इनके लण्ड बिलकुल शेख़ के लण्ड जैसे लग रहे हैं। इनके लण्ड साले इतने बेशरम हैं कि ये अपनी माँ चोदने में भी नहीं शरमाते?

तब तक आदिल बोला- हां यार, मेरी माँ ने ही सिखाया है कि बेटा मर्द हो तो सबकी बुर चोदा करो। सबकी चूत में लण्ड पेला करो चाहे वह चूत माँ की ही चूत क्यों न हो.

समी ने कहा- हां, मेरी अम्मी ने भी यही कहा था। तभी तो मैं अपने दोस्तों की भी माँ चोदता हूँ।

अब माहौल बहुत ज्यादा गरमा गया।
इतने में आदिल सना की बुर चाटने लगा और समी मेरी फुद्दी।

हम दोनों को अपनी अपनी बुर चटवाने का अपार आनंद आने लगा। हम दोनों की चूत भठ्ठी की तरह सुलग रही थी।

अब हमें लण्ड घुसड़वाने की जरूरत महसूस हुई।

अचानक आदिल ने सना की बुर में पेल दिया लण्ड और समी ने घूम कर मेरे भोसड़े में लण्ड घुसा दिया।

मैं अपनी ननद के बेटे समी से चुदवाने लगी और मेरी बेटी सना मेरी बहन के बेटे आदिल से चुदवाने लगी।

सना बोली- देखा अम्मीजान, फूफी का बेटा तुझे चोद रहा है और खाला का बेटा मुझे। ये सब भोसड़ी वाले लड़के घर की ही चूत में लण्ड पेला करते हैं कभी माँ की चूत में कभी बेटी की चूत में! इनके बहनचोद बड़े बड़े लण्ड देख कर हम सब चूत वाली इनके जाल में फंस जाती हैं क्योंकि हमें भी चाहिए लण्ड! न मैं लण्ड के बिना रह सकती हूँ और न तू लण्ड के बिना रह सकती है, अम्मी जान? न खाला लण्ड के बिना रह सकती हैं और न फूफी जान! इसीलिए ये सब भोसड़ी वाली अपने बेटों से भी चुदवा लेती हैं।

आदिल मेरी बेटी की बुर खूब घपाघप चोदने में जुटा था।
सना अपनी गांड उठा उठा के चुदवाने लगी।

वह बोली- खूब मजे से चोदो मेरी बुर … आदिल भाई जान! फाड़ डालो मेरी बुर, तेरा लण्ड बड़ा सॉलिड है यार!

मेरे मुंह से भी निकला- हां बेटा समी, जैसे अपनी माँ का भोसड़ा चोदते हो, वैसे ही मेरा भोसड़ा भी चोदो।
हम दोनों माँ बेटी की चूत का बाजा इन दोनों लड़कों ने खूब बजाया।

अगले दिन जब मैं ऑफिस गई तो जॉन से मुलाक़ात हुई।
वह बोला- यार समीना, मैं कल रात भर तुम्हें याद करता रहा।

मैंने भी चुपके से कहा- यार जॉन, कल मैं रात भर तेरे लण्ड को याद करती रही।
वह हंसने लगा।

फिर मैंने कहा- आज रात को मैं तुम्हें ड्रिंक्स और डिनर की दावत दे रही हूँ। शाम को 8 बजे आ जाना। और सुन … अपने लण्ड को अपने साथ जरूर लेते आना, भूलना नहीं।

वह मुस्कराते हुए “हां” कह कर चला गया।

घर आकर मैंने जब अपनी बेटी को बताया तो वह बहुत खुश हो गयी।

शाम को जब जॉन आया तो मैंने उसका वेलकम किया और बड़े प्यार से बैठाया।
फिर अपनी बेटी को बुलाया और कहा- जॉन, ये मेरी बेटी है सना!

वह सना को बड़ी देर तक देखता रहा।
सना की बड़ी बड़ी चूचियाँ देखता रहा क्योंकि वह केवल एक तंग ब्रा पहने थी।
नीचे उसने एक छोटी सी नेकर पहन रखी थी जिसमे केवल उसकी चूत ही छुपी हुई थी।
उसकी मोटी मोटी सेक्सी जांघें बिलकुल खुली हुई थीं।

जॉन बोला- वाओ ये तो बिलकुल सेक्स बम है समीना जी? क्या मस्त जवानी है इसकी!
मैंने फिर मुस्कराते हुए कहा- इस बुरचोदी को भी लण्ड चूसने का उतना ही शौक है जितना मुझे!

मेरी बात सुन कर उसका लण्ड एकदम से उछल पड़ा।

तब तक सना ने ड्रिंक्स सर्व कर दी।
हम तीनों दारू पीने लगे।

फिर जॉन ने सना का हाथ पकड़ लिया तो सना भी उससे सट कर बैठ गयी।
उसने सना की चुम्मी ली और बोला- सना, मैं तुमसे प्यार करता हूँ। तुम्हें चाहता हूँ। मेरा दिल तुम पर आ गया है। तुम बहुत हॉट हो यार!

ऐसा बोल कर उसने सना के बूब्स दबा दिये।
सना ने भी उसकी पैंट के ऊपर से उसका लण्ड दबा दिया।

फिर मैंने जॉन की शर्ट उतारी।
उसकी छाती नंगी हो गयी।

मैंने उसकी पैंट की बेल्ट खोल दी।
तब तक उसने सना की ब्रा खोल दी।

जॉन सना के दोनों मम्मे देख कर मस्त हो गया।
तब तक मैंने उसकी पैंट खोल डाली।
अब वह केवल चड्डी में आ गया।

सना ने चड्डी के ऊपर से ही लण्ड बड़े प्यार से चूमा।

फिर सना की नेकर जॉन ने झर्र से खोल कर नीचे फेंक दिया।
वह मादरचोद सबके आगे बिल्कुल नंगी हो गई।

फिर उसने जॉन को खड़ा किया और उसकी चड्डी खींच ली।
वह एकदम नंगा हो गया।

उसका मोटा तगड़ा लण्ड तन कर सना के मुंह के सामने ही खड़ा हो गया।

सना लण्ड पकड़ कर बोली- वाओ, क्या मस्त लौड़ा है तेरा जॉन! कितना मोटा तगड़ा है तेरा भोसड़ी का लण्ड! मुझे तो ऐसा ही लण्ड पसंद है यार!
बस उसने लण्ड की ताबड़तोड़ कई चुम्मियाँ ले लीं।

तब तक मैं भी अपने कपड़े उतार चुकी थी।

अब हो यह गया था कि माँ भी बुरचोदी नंगी, बेटी भी बुर चोदी नंगी और जॉन भी नंगा!
तो फिर देर किस बात की!

फिर मैंने सोफे को खोल कर बेड बना दिया।
जॉन को बीच में लिटा दिया, उसका लण्ड खड़ा खड़ा छत ताकने लगा।

अगल बगल हम दोनों मजे से लेट गईं।
फिर हम दोनों माँ बेटी नंगी नंगी जॉन का लण्ड चाटने लगीं।

सना मेरे मुंह में लण्ड घुसा देती तो फिर मैं सना के मुंह में लण्ड घुसा देती।
मैं पेल्हड़ चाटने लगती तो सना लण्ड चाटने लगती।
सना पेल्हड़ चाटने लगती तो मैं लण्ड।

लण्ड चाटने चूसने में हम दोनों में बड़ा अच्छा ताल मेल है।
कभी माँ बेटी को लण्ड चटाती है तो कभी बेटी माँ को लण्ड चटाती है।

कुछ देर के बाद मैंने हौले से लण्ड सना की चूत में घुसा दिया।
जॉन बड़े मजे से मेरे सामने मेरी बेटी चोदने लगा।

मुझे यह देख कर बहुत मज़ा आने लगा।
बेटी चुदाने का आनंद लूटने लगी मैं!

जॉन बोला- यार समीना, तेरी बेटी बड़ी मस्ती से चुदवा रही है। इसकी चूत बड़ी टाइट है। चुदाई का ऐसा मज़ा मुझे पहले कभी नहीं आया।

फिर सना ने धीरे से लण्ड अपनी चूत से निकाला और मेरी चूत में पेल दिया।
अब जॉन मेरी बेटी के सामने मेरा भोसड़ा चोदने लगा।

सना उसके चूतड़ों पर हाथ फिराने लगी और उसके पेल्हड़ सहलाने लगी।
वह अपनी माँ चुदाने का मज़ा लेने लगी।

आखिर में जब लण्ड झड़ने लगा तो उसे भी हम दोनों ने मिलकर चाटा।

रात भर जॉन हमको अदल बदल कर चोदता रहा।
सवेरे मैंने उसे विदा किया।

तो दोस्तो, यह थी मेरी एक सच्ची फॅमिली सेक्स रिलेशन स्टोरी।

जवानी का मज़ा प्यार मोहब्बत से ही मिलता है और हम दोनों माँ बेटी के बीच गज़ब का प्यार मोहब्बत है।
कैसी लगी आपको मेरी कहानी?
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मेरी पिछली कहानी थी: गाँव से आये देवर से मरवाई चूत गांड

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