क्रॉसड्रेसर को गांड चुदवाकर मजा मिलता है

(Xxx CD Sex Kahani)

Xxx CD सेक्स कहानी में पढ़ें कि मैं एकदम गोरा चिकना लौंडा क्रॉसड्रेसर हूं. एक दिन एक अंकल मुझे लड़की समझ कर मेरे पीछे पड़ गये.

दोस्तो, मैं संदीप गुड़गांव से, मेरी उम्र 25 साल है और मैं एक बॉटम हूं.
बॉटम तो समझ ही गए होंगे. मतलब गांड मराने का शौकीन हूँ … साधारण भाषा में मुझे आप गांडू कह लीजिए.

मुझे गांड मरवाने का बहुत शौक है, मैं पिछले 3 साल से गांड मरवा रही हूं.

मेरी हाईट 5 फुट 6 इंच है और मेरा वजन 65 किलो है.
मैं अन्तर्वासना पर काफी दिन से सेक्स कहानी पढ़ रही हूं. मुझे अन्तर्वासना की स्टोरी बहुत ज्यादा पसंद आती हैं.

मैं एकदम गोरा चिकना लौंडा हूं और एक क्रॉसड्रेसर हूं.
मेरी Xxx CD सेक्स कहानी का मजा लें.

मुझको लड़कियों वाली वेस्टर्न ड्रेस पहनना बहुत ज्यादा पसंद है इसलिए मैं खुद को सीमा नाम से बुलाना पसंद करती हूं.

मेरे दूध भी काफी मस्त हैं, जो ब्रा पहन लेने के बाद मुझे और भी ज्यादा हसीन बना देते हैं.

मैंने कई बार अपने इस शौक के कारण बड़े मजे भी लिए हैं और इसी शौक ने मुझे कई किस्म के लंड भी दिलाए हैं.

एक बार तो मैं एक सेक्सी सा वनपीस पहन कर एक मॉल में चली गई थी.
उस दिन मैंने एकदम हॉट लड़की का मेकअप भी किया हुआ था. उस दिन एक अंकल जी तो मेरे पीछे ही पड़ गए और मुझे उन्हें बाथरूम में ले जाकर उनको अपना लंड दिखाना पड़ा तब जाकर वो समझ पाए थे कि मैं एक गांडू लौंडा हूँ.

तब भी वो माने नहीं थे, उन्होंने मुझसे कहा था- तुम मुझसे गांड मरवा लो, मैं तुम्हें पैसे दूंगा.
मगर मैंने कहा- अंकल जी मैं पैसे की भूखी नहीं हूँ. मैं मस्त मोटे और जवान लंड लेने की शौक़ीन हूँ.

मगर वो मान ही नहीं रहे थे. उन्होंने कहा- एक बार मेरा लंड देख लो … अगर तुम्हें अच्छा लगे, तो गांड में ले लेना.
मैंने सोचा कि ये बात भी ठीक है; मैंने उनका लंड उनकी पैंट के ऊपर से ही टटोला तो काफी बड़ा हथियार समझ आ रहा था.

तभी अंकल ने पैंट खोल दी और लंड बाहर कर दिया.
उनका मूसल सा लवड़ा देख कर मुझे तरन्नुम आ गई.

मैंने उनके लौड़े को हाथ में ले लिया और सहलाने लगी.
अंकल के लंड ने फूलना शुरू कर दिया.

कुछ ही देर में अंकल बोले- मुँह में ले लो.
मैंने घुटनों के बल बैठ कर अंकल का लंड चूसना शुरू कर दिया.
वो हार्ड रॉक हो गया.

मैंने उनसे कहा- क्या विचार है, लेना है या मुँह से ही चुसवा कर काम खत्म कर दूँ?
वो बोले- बेटा, अभी तो मुँह से ही चूस ले … बड़ा मजा आ रहा है.

मैंने अंकल के पोते सहलाते हुए लंड चूसना जारी रखा.

कुछ मिनट बाद अंकल का शीरा टपक गया और मैंने अंकल के लंड रस को चूस लिया.

थोड़ी देर बाद मैंने उनकी आंखों में झांका तो अंकल का ब्लडप्रेशर हाई हो गया था, लंड वापस खड़ा होने की गुंजाइश नहीं दिख रही थी.

मैंने खड़ी होकर अंकल से कहा- अब आज आपका सामान फुंक गया है. बाद में कभी किसी दिन मिलूंगी, तब गांड में लेने की सोचूँगी.

अंकल इतने में ही बड़े खुश थे, वो मुझे चूम कर बोले- बेटे, मैं आपको कुछ गिफ्ट देना चाहता हूँ.
मैंने कहा- इसकी कोई जरूरत नहीं है अंकल. आप रहने दीजिए.

अंकल नहीं माने और मेरे साथ एक लेडिज गारमेंट्स की शॉप में आ गए. उन्होंने मुझसे चार सैट ब्रा पैंटी के और एक शॉर्ट्स व टॉप दिलवाया.
मैं भी ख़ुशी ख़ुशी घर आ गई.

फिर ऐसे ही मैं कई बार अपने इस शौक के चलते मजा लेती रही.

दोस्तो, आज मैंने सोचा कि क्यों ना मैं भी अपनी सेक्स लाइफ की एक सच्ची घटना आप लोगों को बताऊं.
ये घटना मेरी गांड चुदाई की कहानी है.

यह चुदाई कहानी आज से एक साल पहले की है.
अब तक मुझको गांड मरवाने की काफी ज्यादा लत लग गई थी.
मुझे हफ्ते में एक बार अपनी गांड में लंड चाहिए ही होता था.

वैसे तो मैं ऐसी नहीं हूँ कि चाहे जिससे गांड मरवाने लेट जाऊं. मैं अपनी पसंद के मर्द को ही अपनी गांड मारने देती हूँ.
चूंकि मैं एक पढ़ा लिखा बॉटम हूं, तो मैं अपने समकक्ष टॉप से ही मिलती हूं, जो मेरी फीलिंग समझ कर मुझे खुश करे.

मुझे लंड चूसना और अपने छोटे मम्मों को चुसवाना बहुत पसंद है.

मुझको फेसबुक से एक बंदा मिला, जिसका नाम मनोज था.
उसकी उम्र भी लगभग 25 साल थी. वह दिखने में काफी हैंडसम था.

ऐसे ही एक दिन हमारी आपस में चैट हुई तो हम दोनों खुलते चले गए.
मैंने उससे उसकी पसंद ना पसंद के बारे में पूछा.

उसने मुझे बताया कि वो पहले लड़के चोदना पसंद करता है, बाद में लड़की की चूत चुदाई पसंद आती है.
बल्कि लड़कियों की गांड मारना और उनके दूध मसलना ज्यादा पसंद हैं बजाए उनकी चूत चुदाई के.

मैंने उससे पूछा- अगर तुम्हें मेरे पास ही दोनों चीजें मिल जाएं तो कैसा रहेगा?
वो पूछने लगा- मतलब?

मैंने उसे बताया- मेरा फिगर लड़कियों जैसा है और मेरे दूध भी काफी मस्त हैं. मैं लड़कियों के जैसी बन संवर कर रहना पसंद करती हूँ.
ये सुनकर वो बड़ा खुश हुआ और बोला- यार, मैं तो खुद ही ऐसी किसी मस्त माल की तलाश में था.

हम दोनों की पंसद मिल गई थीं तो हम दोनों बिंदास अपनी चैट आगे बढ़ाने लगे.
फिर एक दिन मिलने का टाइम फिक्स हो गया.

मैंने उससे कहा- किसी होटल में मिलते हैं.
मगर उसने मुझे अपने फ्लैट में बुला लिया.
मैं उससे मिलने के लिए उसके फ्लैट पर आ गई.

वहां जाकर मैंने उसको सामने से देखा तो वो बंदा काफी हैंडसम दिख रहा था.
मेरा उस पर तो दिल ही आ गया.

फ्लैट के अन्दर जाने के बाद हमारे बीच सामान्य हाय हैलो हुई.
उसके बाद हमने एक दूसरे को चुम्बन किया.

जैसा कि मैंने आपको बताया था कि मैं क्रॉसड्रेसर हूं, तो मैंने मनोज से पहले ही बोल दिया था कि मेरे लिए गर्ल की ड्रेस का इंतजाम करके रखना.

मनोज ने मेरे लिए एक अच्छी सी ब्लैक कलर की ब्रा पैंटी और एक टॉप शॉर्ट्स ले रखी थी.
मैं मेकअप का सामान अपने साथ लेकर आई थी.

उसके बाद में बाथरूम में गई.
मैंने अपना मेकअप किया और मैंने मनोज की गिफ्ट की हुई ड्रेस को पहन कर बाहर आ गई.

मनोज ने मुझको देखा तो एकदम से बोल उठा- जान, तुम तो बहुत खूबसूरत हो.
मुझे अपनी तारीफ सुनकर बड़ा अच्छा लगा और मैं उसके सीने से लग गई.

वो मुझको चूमाचाटी करते हुए बेड पर लेट आया और मेरे मम्मों को दबाते हुए मजा लेने लगा.
हम दोनों चूमाचाटी करने लगे और हम एक दूसरे चिपक कर लगभग समा गए.

कुछ देर बाद मनोज ने मेरे टॉप को उतारा और मैंने मनोज की टी-शर्ट निकाल दी, फिर उसका बरमूडा निकाल दिया.
मैंने उसका लंड चड्डी से बाहर निकाला और सहलाने लगी.

आपको बताना चाहता हूं कि आज के मेरे आशिक मनोज का लंड 6 इंच लंबा और दो इंच मोटा था जो एकदम गोरा था.
गोरा लंड भारत में कम ही देखने को मिलता है.
मुझे गोरा लंड चूसने को मिल जाए तो मैं कभी भी नहीं छोड़ती हूँ.

उसका गोरा लंड देखते ही मेरे तो मुँह में पानी आ गया था.
मैंने उसके लंड को चूसना शुरू कर दिया.
वो आंह आंह करके मजा लेने लगा.

वह मेरे मम्मों को मेरी ब्रा के ऊपर से दबा रहा था.
मैं उसका लंड चूस रही थी.

उसके बाद मनोज ने कहा मुझे भी तेरा लंड चूसना है.
मैं बड़ी खुश हो गई.
अक्सर ऐसा मर्द नहीं मिलता है. गांड मारने वाला सिर्फ गांड मारने में भरोसा रखता है, वो लंड चूसना पसंद नहीं करता है.

अब हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गए.
उसने मेरी गांड में जीभ लगाकर चाटना शुरू किया तो मैं और ज्यादा मचल उठी.

मैं उसका लंड पूरे मजे के साथ चूस रही थी.
वो भी मेरे लंड को चूस रहा था.

अब मुझको इतना ज्यादा मजा आने लगा था कि लग रहा था मैं आसमान में उड़ रही हूं.
इसी बीच मनोज ने अपने लंड का माल मेरे मुँह में छोड़ दिया और मैं उस माल को सारा पी गई.

मुझको लंड का माल पीना बहुत पसंद है, एकदम नमकीन सा बहुत अच्छा लगता है.
फिर मैंने मनोज सीधा लेट गया.
मैंने उसके लंड को चाट कर साफ कर दिया.

मनोज की आंखें नशीली हो गई थीं.
मुझे उसका ये रूप बड़ा ही मस्त लग रहा था.

मैं उसका लंड चूस कर साफ़ कर रही थी तो उसने मेरे सर पर हाथ रख कर लंड चुसाना शुरू कर दिया था.

कुछ देर लंड चूसने के बाद मनोज का लंड फिर से खड़ा हो गया.

अब वो तेल लेकर आया और उसने मुझको घोड़ी बना दिया.
मैं अपनी गांड खोल कर खड़ी हो गई.
वो मेरी गांड में तेल लगाकर अपना लंड धीरे-धीरे मेरी गांड में डालने लगा.

कुछ ही सेकंड्स में मनोज का लंड मेरी गांड में जड़ तक चला गया था.
मुझे हल्का सा दर्द हुआ मगर मैं लंडखोर हूँ तो जल्द ही मजा आने लगा.

फिर धीरे-धीरे से उसने रफ्तार तेज कर दी.
कुछ ही पलों में वो मस्ती में आ गया और उसने अपने लंड को एकदम से रेल के इंजन की रफ्तार से दौड़ा दिया.

अपनी गांड में उसके मोटे लंड के तेज झटकों को मैं सहन नहीं कर पाई और मेरे मुँह से आवाजें निकलने लगीं.

मैं लगातार सिसकारी निकाल रही थी.
मुझे दर्द भी हो रहा था मगर मजा भी आ रहा था.

कुछ देर बाद मनोज ने लंड गांड से खींच लिया.
मैंने पलट कर देखा तो मनोज ने आसन बदलने का इशारा किया.

तो मैंने पोजीशन को चेंज किया.
अब वह मेरे ऊपर आ गया था और मेरी टांगें उठाकर मेरी गांड में लंड घुसा दिया.
पूरा लंड सरसराता हुआ मेरी गांड में घुस गया.

लंड अन्दर पेलते ही वो जोर जोर से धक्के लगाने लगा और मेरी चूचियों को चूमने लगा.
मैंने अपनी ब्रा को निकाल दिया और वो मेरे दोनों मम्मों को किसी बच्चे की तरह बारी बारी से चूसने लगा.

लगातार निप्पल का रसपान करते हुए मेरी गांड मारने वाला ये आसन मुझे बहुत अच्छा लगता है.
आज मनोज ने मेरे निप्पल खींच खींच चूसे तो इससे मुझको बहुत मजा आने लगा था.

इसी वजह से आज मेरे अन्दर की रंडी भी बाहर आ गई थी.
मैं काफी ज्यादा उत्तेजित हो गई थी.

इसी तरह वह मुझको 20 मिनट तक चोदता रहा.
उसके बाद उसने मेरी गांड में से लंड को निकाला और मेरे मुँह में पिचकारी मार दी.
मैंने उसके लंड को चूस कर साफ कर दिया.

उस दिन मनोज ने मुझको 4 बार चोदा. मैंने खुल कर Xxx CD सेक्स का मजा लिया.

अब मेरी हालत चलने लायक नहीं रही थी इसीलिए मैं थोड़ी देर मनोज की बांहों में ही सो गई.

फिर एक घंटे बाद आंख खुली तो देखा मनोज का लंड फिर से खड़ा है पर मेरी चुदने की हिम्मत नहीं हुई तो मैंने उसके लंड को चूसा और माल को मुँह में पी गई.

दोस्तो, कैसी लगी मेरी Xxx CD सेक्स कहानी? मेल पर जरूर बताना.
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