दोस्त की साली की चूत की खुजली- 2

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सेक्सी भाभी Xxx कॉम स्टोरी में पढ़ें कि मेरे दोस्त के घर में रात को उसकी साली मेरे बेडरूम में आकर नंगी होकर मेरे लंड पर अपनी गांड रगड़ने लगी. उसके बाद …

साथियो, मैं हर्षद मोटे एक बार फिर से आपको भाभी की बहन सोनाली की कहानी का अगला भाग लेकर हाजिर हूँ.
कहानी के पहले भाग
दोस्त की साली के साथ सेटिंग हो गयी
में अब तक आपने पढ़ा था कि मैं सो रहा था कि मुझे महसूस हुआ कि मेरे लंड पर कोई दबाव डाल रहा है और एक मादक महक आ रही है.

अब आगे सेक्सी भाभी Xxx कॉम स्टोरी:

मैंने आंखें खोल कर देखा तो एक औरत मेरी ओर पीठ करके मेरे लंड पर अपनी गांड का दबाव बनाए सोयी हुई थी.
उसने पतली सी नाईटी पहनी थी. मैं सोच रहा था कि शायद ये सोनाली ही है.

मेरी तो नींद ही उड़ गयी थी. जिसको मैं चोदना चाहता था, वो खुद मेरे पास आकर सो गयी थी.
मैंने अब सोने का नाटक जारी रखा. आहिस्ता आहिस्ता वो अपनी गांड मेरे लंड पर रगड़ने लगी थी.

उसकी मांसल गांड का गर्म अहसास मेरे लंड को हो रहा था इसी वजह से मेरा लंड तनाव में आने लगा था.
अब मैं मजबूर हो गया था, मैं अपने लंड को तो अपने काबू में नहीं कर सकता था ना.

मैंने नींद खुलने का नाटक किया और अपने पैर पूरे लंबे करके और हाथ फैलाकर पीठ के बल होकर लेट गया.
फिर अपने एक हाथ से अपना तना हुआ लंड हिलाकर बड़बड़ाया- कौन है?

मेरी लुँगी कमर से हटकर अलग हो गयी थी.
मैंने आंखें खोलकर देखा तो सोनाली बेड से नीचे उतरकर अपनी नाईटी निकाल रही थी.

उसने अपनी पैंटी और ब्रा भी निकालकर कुर्सी पर रख दी. मैं तो उसके कटीले बदन को देखता ही रह गया.
सोनाली ने लाईट जलायी.

मैंने कहा- लाईट बंद कर दो सोनाली.
वो बेड के पास आती हुई बोली- नहीं करूंगी. मुझे तुम्हारा ये मोटा, गोरा और लंबा लंड इस रोशनी में अच्छी तरह से देखना है और उसके साथ मस्ती करनी है.

मेरे मन में भी लड्डू फूट रहे थे क्योंकि मुझे भी उसका गोरा मलमल जैसा बदन और सेक्सी फिगर अच्छी तरह देखकर उसके पूरे बदन के हर एक भाग को रगड़ना था.
सोनाली ने झुककर अपने दोनों हाथों में मेरा नब्बे डिग्री में तना हुआ लंड पकड़ा और सहलाने लगी.

उसके मुलायम हाथ का स्पर्श मेरे लंड पर होते ही मेरा लंड जोर से फड़फड़ाने लगा.

सोनाली के हाथों में मेरा लंड बड़ा होने के कारण नहीं बैठ रहा था, तो वो दोनों हाथों से लंड को पकड़कर ऊपर नीचे करने लगी.
‘उई मां तुम्हारा मूसल तो कितना मोटा और लंबा है. काश मेरे पति का भी ऐसा होता!’

मैंने सोनाली की गदराई हुई मांसल गांड पर अपना एक हाथ रखकर सहलाते हुए पूछा- तुम्हारे पति का कितना बड़ा है?
तो सोनाली ने कहा- तुम्हारे लंड से आधा ही लंबा है … और पतला भी.

मैंने अपने दूसरे हाथ से उसकी गोल मटोल, कड़क चुचियां सहलाते हुए कहा- तो क्या हुआ … चोदता तो है ना तुम्हें तुम्हारा पति?

सोनाली मेरे लंड को जोर से अपने दोनों हाथों से मसलती हुई बोली- वो तो दिल्ली में जॉब करता है. तीन चार महीने में दो दिन के लिए आता है और रात को पांच मिनट तक चोदकर अपना पानी छोड़ देता है और सो जाता है. मेरी चूत की प्यास अधूरी ही रहती है. इसलिए तो आजतक मेरी गोद सूनी है.

यह कहते हुए सोनाली मेरे ऊपर चढ़ गयी और मेरे होंठों को चूमती हुई बोली- हर्षद जब से तुम्हारे इस मोटे लंड का स्पर्श हुआ है, तभी से मेरी चूत बार बार गीली होने लगी है. जब तुम गुब्बारे लगा रहे थे, तब मैंने तुम्हारा लंड अपनी हाथों से रगड़ा था.

मैंने उसकी चूची दबाई और कहा- हां तुमने लंड को रगड़ा था तो मुझे भी मजा आ गया था.
सोनाली- हां यार … और उसी समय मेरी चूत झड़ गयी थी. मेरी पूरी पैंटी गीली हो गयी थी, इसलिए मैं वहां से वाशरूम जाने के बहाने निकल गयी थी. फिर दूसरी पैंटी पहनकर आयी थी.

मैंने सोनाली को अपनी बांहों में कसते हुए उसके गुलाबी और मुलायम होंठों चूसना शुरू कर दिया.

मैं बोला- सोनाली इतना पसंद आया है तुम्हें मेरा लंड?
मेरा लंड नीचे उसकी चूत और गांड पर रगड़ खा रहा था.

सोनाली बोली- हां हर्षद, मुझे तुम्हारा लंड बहुत पसंद आया है. काश तुम मेरे पति होते होते तो अब तक मैं तीन चार बच्चों की मां बन जाती.
मैंने अपने दोनों हाथों से उसकी गोरी गदरायी हुई गांड को मसलते हुए कहा- सोनाली, जब से मैंने तुम्हें देखा है, तभी से तुम्हें चोदने के बारे में सोच रहा था. लेकिन वो समय इतना जल्दी आएगा, विश्वास ही नहीं हो रहा है.

सोनाली मेरे होंठों को चूसती हुई मुस्कुराकर बोली- तो मैं क्या भूतनी हूँ? जो तुम्हारे ऊपर लेटी हूँ.
मैंने भी उसकी गांड जोर से रगड़ते हुए कहा- सोनाली, कोई ऊपर आकर हमें इस हाल में देखेगा तो हमारी बहुत बदनामी होगी.

सोनाली बोली- तुम उसकी चिंता मत करो … नीचे सब आराम से सो रहे हैं. अब यहां कोई नहीं आने वाला. और मैंने अपने कमरे का दरवाजा भी अन्दर से लॉक किया है.
मैंने सोनाली से पूछा कि तुम्हें कैसे पता कि मैं ऊपर सोया हूँ?

सोनाली ने अपने पैर लंबे करके अपनी दोनों मांसल जांघों में मेरा लंड जकड़कर बोली- मैंने तुम्हारी भाभी से पूछा कि तुम्हारे देवर जी कहां हैं, तो उसने मुझे बता दिया.
मैंने घड़ी देखी, तो रात का एक बज चुका था.

मैंने सोनाली को अपने नीचे लेते हुए कहा- अच्छा तो भाभी भी तुम्हारे साथ है क्या?
मैं अपने घुटने के बल बैठकर उसकी दोनों चुचियां मसलते हुए बोला.

तो उसने मेरी चौड़ी और गठीली छाती को अपने दोनों हाथों से सहलाया, वो बोली- हर्षद वो मेरी प्यारी बहन जो है … मेरी खुशियां ही चाहेगी ना वो!
मैंने अपनी जुबान से उसकी जुबान को सहला कर कहा- अच्छा.
सोनाली- हां.

मैं- उसी की वजह से हमारी नजदीकियां बढ़ गईं और तुम्हारी जैसी खूबसूरत और सेक्सी औरत मेरे साथ है. जो मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था सोनाली.

अब नीचे मेरा लंड सोनाली की चूत पर दस्तक दे रहा था. सोनाली अपनी गांड उठाकर चूत को लंड के सुपारे पर रगड़ रही थी.
उसकी चूत गीली हो गयी थी.

मेरा लंड भी बहुत फड़फड़ा रहा था.
मैं नीचे झुककर अपने मुँह से उसके दोनों चूचुकों को बारी बारी से चूसने लगा.

सोनाली कामुक सिसकारियां लेती हुई बोली- आंह हर्षद, पहली बार इस तरह कोई मेरे निपल्स चूस रहा है. आंह बहुत मजा आ रहा है.
मैंने उसके गालों को चूमते हुए कहा- सोनाली आज मैं तुम्हें हर वो खुशी देना चाहता हूँ, जो तुम्हें हमेशा खुश रखेगी.

ये सुनकर सोनाली खुश होकर बोली- क्या सच में हर्षद … मैं भी यही चाहती हूँ. ये रात हम दोनों के लिए यादगार बन जाए. हर्षद क्या तुम मेरी एक तमन्ना पूरी करोगे?
सोनाली अपने दोनों हाथों से मेरी पीठ और गांड को सहलाती हुई बोल रही थी.

मैंने कहा- बोलकर तो देखो सोनाली … मैं तुम्हारी खुशी के लिए कुछ भी कर सकता हूँ.
सोनाली ने मेरी गांड की दरार में अपनी उंगलियां फिराकर कहा- हर्षद, क्या तुम मेरी सूनी गोद भर दोगे? मुझे तुम्हारे जैसा गोरा और हैंडसम बच्चा चाहिए. यही तमन्ना है मेरी.

मैं उसकी दोनों चूचियां जोर से रगड़ने लगा.
वो जोर जोर से सीत्कारने लगी. वो बोली- आह हर्षद बहुत जालिम हो तुम. कितने जोर जोर से रगड़ते हो … उन्ह मुझे दर्द हो रहा है. मेरे पति ने आजतक कभी मेरे मम्मों को इतने प्यार से सहलाया भी नहीं है. आज तुम्हारे मसलने से मुझे बड़ा मजा आ रहा है. जान तुमने मेरी तमन्ना पूरी करने का जवाब नहीं दिया.

मैंने कहा- वो तो तुम्हारे हाथ में है सोनाली.
सोनाली बोली- वो कैसे?

मैंने उसके होंठों को चूमते हुए पूछा- तुम्हारे पीरियड्स कब आए थे?
उसने जवाब में कहा- अभी दस बारह दिन हो गए हैं हर्षद.

मैंने कहा- फिर ये तो तुम्हारी गोद भरने के लिए अच्छा समय है. एक बात और बताओ, तुम्हारे पति कब आने वाले हैं?
सोनाली बोली- वो परसों ही आ रहे हैं और दो दिन रहेंगे.

सोनाली बातें करते करते अपनी गांड हिलाकर अपनी चूत मेरे लंड पर रगड़ रही थी.
हम दोनों भी कामुक हो गए थे.

मैंने सोनाली से कहा- ये तो और भी अच्छी बात है.
सोनाली बोली- वो कैसे?

मै सोनाली के ऊपर सीधा लेट गया और उसके कान में कहा- बताता हूँ सब. तुम अपने पति से दो दिन जी भरके चुदाई कर लेना. क्योंकि आगे जाकर कोई शक की गुंजाइश ही ना रहे. तुम्हारे पति को लगना चाहिए कि ये उसका अपना बच्चा है. समझ में आ गया ना सोनाली. कोई तुम्हारे ऊपर शक करेगा, तो मुझे अच्छा नहीं लगेगा.

सोनाली ने खुश होकर मुझे अपनी बांहों में कसकर कहा- कितना ख्याल रखते हो मेरा हर्षद. जैसे एक पति अपने पत्नी का रखता है.

मैंने उसके होंठों को चूसते हुए कहा- हां सोनाली, आज तो मैं तुम्हारा पति ही हूँ. लेकिन ये बात हम दोनों के बीच ही रहनी चाहिए.
सोनाली- हां हर्षद, हम दोनों अब पति पत्नी ही हैं और मैं ये बात किसी से भी नहीं कहूँगी. मैं तुमसे हर वो खुशी पाना चाहती हूँ, जो एक पति अपनी पत्नी को देता है.

मैंने कहा- ओके अब मेरे साथ मजा लो.
सोनाली बहुत खुश थी. उसके चेहरे पर खिली हुई खुशियां मैं रोशनी में देख रहा था.

मैं उसके होंठों को चूसने लगा और सोनाली अपने दोनों हाथों से मेरी गांड सहलाती हुई सैटिंग बनाने लगी.
वो अपनी गांड उठाकर मेरा लंड अपनी चूत पर रगड़ने लगी.

अब मैं नीचे सरककर सोनाली की दोनों चूचियां अपने दोनों हाथों से मसलने लगा. उसकी एक चूची मुँह में लेकर चूसने लगा और एक हाथ से दूसरी चूची को रगड़ रहा था.

बारी बारी से पांच मिनट तक मैंने उसकी दोनों गोरी गोरी चूचियां लाल कर दीं.
सोनाली जोर जोर से सिसकारियां ले रही थी.

अब मैं और नीचे जाकर उसके पेट और नाभि पर अपनी जुबान गोल गोल घुमाने लगा.
सोनाली सिहर उठी- आह ऊंई हूँ हूँ हां हां हर्षद … बहुत गुदगुदी हो रही है.

मैं और जोश में आकर अपनी गीली जुबान उसकी नाभि में डालकर घुमाने लगा.
वो और तेज उछलने लगी. वो बोली- आह बस भी करो हर्षद … अब मुझसे नहीं सहा जाता.

मैं सोनाली को और तड़पाना चाहता था. मैंने उठकर 69 की पोजीशन लेकर सोनाली की गोरी और मांसल जांघें दबोच लीं और अपने दोनों हाथों से सहलाने लगा.
मेरे हाथों के सख्त स्पर्श से सोनाली सिहर उठी.

मेरी नजर उसकी चूत पर पड़ी … वाह, क्या उभरी हुई चूत थी.
गोरी गोरी और चिकनी चूत … शायद आज ही उसने चूत की सफाई थी. रोशनी में चांदी सी तरह चमक रही थी.
मेरे मुँह में उसकी चूत देखकर पानी आने लगा था.

मैंने अपने एक हाथ से चूत को सहलाया तो सोनाली जोर से सीत्कारने लगी.
वो पूरी तरह से कामुक हो गयी थी. इसी वजह से वो मेरे झूलते हुए लंड को अपने दोनों हाथों में पकड़कर सहलाने लगी.

मैं देख रहा था कि वो मेरा लंड अपने मुँह में लेना चाहती थी.
मैंने उठकर उसके सर के नीचे तकिया लगा दिया और एक तकिया उसकी गांड के नीचे रख दिया.
इसी कारण सोनाली की चूत और गांड ऊपर आ गयी थी.

मैंने सोनाली की चूत के आजू बाजू अपना हाथ फेरा, तो वो चिहुंक उठी.
अब सोनाली ने मेरे तने हुए लोहे जैसे लंड के सुपारे पर अपने गुलाबी रसीले होंठों से चुम्बन लिया तो मेरे बदन में बिजली सी दौड़ने लगी.

मैं सोनाली की गुलाबी चूत को अपने होंठों से चूमने लगा.

वो मादक स्वर में सीत्कारने लगी- आह अह हुं हुं इस्स ओह आह हर्षद बहुत मजा आ रहा है आंह आज पहली बार किसी ने मेरी चूत को चूमा है. कितने रोमांटिक और सेक्सी हो तुम.

हम दोनों कामवासना के आधीन हो गए थे. सोनाली ने मेरे लंड का सुपारा अपने मुँह में लेकर चूसने लगी थी और वो अपनी जुबान उस पर गोल गोल घुमा रही थी.
मुझे बहुत मजा आ रहा था.

मैंने जोश में आकर अपने हाथों से सोनाली की चूत की दोनों पंखुरियों को दोनों तरफ खींचकर अपनी जुबान उसकी चूत के अन्दर घुसेड़ दी और अन्दर बाहर करते हुए हिलाने लगा.
सोनाली चिल्ला दी- उई मां आह आंह हा हा इस्स आह ऊं ऊं!

मेरी इस तरह की चूत चुसाई को सोनाली सह नहीं पायी और जल्द ही उसकी चूत झड़कर ढेर सारा चुतरस छोड़ने लगी.
वो अपने हाथों से मेरे सर को अपनी चूत पर दबाने लगी और मैं उसका खट्टा चुतरस पीता जा रहा था.

उधर सोनाली मेरा आधा लंड अपने मुँह में लेकर मस्त चूस रही थी.
मेरा लंड बड़ा होने के बाद भी उसके मुँह में फिट बैठ गया था.

मैं अपना लंड अन्दर बाहर करके मुँह चुदाई करने लगा.
मैंने सोनाली की चूत के आजू बाजू फैला हुआ चुतरस अपनी जुबान से चाटकर पूरा पी लिया.

सोनाली मदहोश होकर अपने हाथों से मेरा सर सहलाकर बोली- आह हर्षद बस करो ना … अब मैं और नहीं सह पाऊंगी. अब जल्दी से अपना मोटा लंड मेरी चूत में डाल दो ना.
मैंने कहा- रुको दो मिनट … इधर तुम्हारा स्वादभरा चुतरस थोड़ा सा और रह गया है.

उसका चुतरस गांड की दरार से बहकर गांड के होल पर जमा हो गया था.
मैं उसे अपनी जुबान से चाटने लगा.

जैसे ही मैंने अपनी जुबान उसकी गांड के छेद पर रखी, तो सोनाली अपनी गांड हिलाकर जोर से सीत्कारने लगी- ओह आह ऊंई इस्स हा आह हुं ओह हर्षद … बहुत गंदे हो तुम … कहां अपनी जुबान लगा रहे हो … आह लेकिन मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आ रहा है. मैं पहली बार ये सब अनुभव कर रही हूँ … और वो भी तुम्हारे जैसे हैंडसम मर्द से. मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था हर्षद कि तुम मुझे मिलोगे.

मैं अपनी जुबान सोनाली की गांड पर और गांड की दरार पर चलाता रहा.

अगले भाग में आपको सोनाली की चूत चुदाई मिलेगी.
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सेक्सी भाभी Xxx कॉम स्टोरी का अगला भाग: दोस्त की साली की चूत की खुजली- 3

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