बुआ की नादान सेक्सी बेटी लड़की की चुदाई- 1

(Gaon Ki Ladki Ki Javani)

हर्षद मोटे 2023-06-17 Comments

गाँव की लड़की, मेरी बुआ की बेटी जवान हो चुकी थी पर थोड़ी बचकानी बातें करती थी. वो सेक्स में रूचि लेना चाह रही थी अपर शायद उसे इसके बारे में ज्यादा पता नहीं था.

अन्तर्वासना के सभी दोस्तों को हर्षद का प्यार भरा नमस्कार.
आप सब हमेशा खुश रहें और अन्तर्वासना पर सेक्सी चुदाई की कहानी पढ़ते रहें. साथ में अपने लंड को या अपनी चूत को मसलते रहें.

मेरी पिछली कहानी थी: बस में मिली अजनबी लड़की को चोदा
दोस्तो, आज मैं आपके सामने एक गाँव की लड़की की अनोखी सेक्स कहानी पेश करने जा रहा हूँ, जो आपको बहुत पसंद आएगी.

यह सेक्स कहानी मेरी बुआ की लड़की सोनी का और मेरे बीच हुई अनचाही, अनोखी, अनजाने में हुई चुदाई की मनोरंजक कहानी है.

घटना तब की है, जब मैं कॉलेज में पढ़ रहा था और छुट्टियां चल रही थीं.

मैंने सोचा कि क्यों न इस बार भी मैं बुआ के घर ही चला जाऊं.

तो मैंने बुआ को फोन करके बताया.
वे खुश होकर बोलीं- कब आ रहे हो हर्षद?
तो मैंने कहा- कल ही आता हूँ.

ये बोलकर और कुछ इधर उधर की बात करके मैंने फोन रख दिया.

अब मैं आपको अपनी बुआ के बारे में बताता हूँ.

बुआ हमारे गांव से करीब पचास किलोमीटर दूर एक गांव में रहती हैं.
उनकी उम्र कोई 45 साल की रही होगी.

बुआ दिखने में खूबसूरत और सेक्सी फिगर वाली हैं.
उनके पति सरकारी नौकरी में हैं.

गांव में बड़ा सा दो मंजिल का घर है और खेती भी है. समय मिलने पर फूफाजी और बुआ खेत में भी काम करते हैं.
उनका बड़ा बेटा भी सरकारी अफसर है और वह अपनी पत्नी और बच्चे के साथ एक बड़े शहर में रहता है.

उसकी बहन सोनीका, उसे सभी प्यार से सोनी कहते हैं.
बुआ की बेटी गांव में उनके साथ ही रहती है.

सोनी दसवीं कक्षा तक पढ़ी है क्योंकि गांव में सिर्फ दसवीं कक्षा तक ही स्कूल था.
उसके पापा उसे बाहर भेजकर कोई रिस्क लेना नहीं चाहते थे क्योंकि उसकी बुद्धि का विकास गाँव के हिसाब से ही हुआ था, उसमें कोई चालाकी होशियारी नहीं थी.

सोनी अभी बीस साल की हो गयी थी लेकिन कभी कभी बचकाने सवाल पूछने लगती थी, बचकानी हरकतें भी करती थी.
मगर इसी के साथ साथ वो घर के कामों में अपनी माँ का हाथ भी बंटाती थी, कभी कभी खाना भी बनाती थी.

दिखने में वो अपनी माँ की तरह ही खूबसूरत है. उसकी फिगर 32-28-34 की है. कद साढ़े पाँच फुट का है.
बाहर की दुनिया से अलग, उसकी सोच बच्चों की तरह है.

मेरी और उसकी बहुत पटती थी. वह मुझसे खुलकर कुछ भी बेहूदा सवाल या अनचाही बातें करती रहती थी और मैं भी उसका समर्थन करता था. उसकी हरेक बात का जबाब देता था.
वह मेरे साथ बहुत खुश और घुलमिल कर रहती थी.

मैं दूसरे दिन ही पूरी तैयारी के साथ मतलब कुछ गिफ्ट वगैरह लेकर अपनी बाईक से बुआ के घर पर सुबह ग्यारह बजे ही पहुँच गया.

मुझे देख कर बुआ और सोनी बहुत खुश हो गयी थीं.
दोनों ने भी बारी बारी से गले लगाकर मेरा स्वागत किया.

सोनी मेरे हाथ का बैग अन्दर लेकर चली गयी.

बुआ बोलीं- हर्षद पहले फ्रेश होकर आओ, बाहर कितनी तेज धूप में से आया है.
मैं हां कह कर फ्रेश होकर आ गया.

तब तक सोनी मेरे लिए पानी और साथ में ठंडा शरबत लेकर आयी.

मैं सोफे पर बैठकर बुआ से बात करने लगा.
हम तीनों ही साथ में शरबत पीते हुए बातें कर रहे थे.

सोनी मेरे बाजू में ही बैठी थी.
बातों बातों में सोनी बोली- भैया तुम अकेले ही क्यों आए, भाभी को साथ में नहीं लाए?

इस बात पर बुआ और मैं हँसने लगे.
मैंने कहा- सोनी मैं अभी कॉलेज कर रहा हूँ. उसके बाद अच्छी जॉब मिलेगी. फिर मैं शादी करूंगा … समझी!

सोनी खुश होकर बोली- हां समझ गयी भैया. लेकिन मैं कॉलेज क्यों नहीं जाती हूँ?

बुआ उसकी बात सुनते ही खड़ी होकर मुझसे बोलीं- हर्षद अब तू ही समझा सकता है इसे!
और बुआ अन्दर चली गईं.

फिर मैंने उससे कहा- देखो सोनी, इस गांव में दसवीं कक्षा तक ही स्कूल है और कॉलेज बहुत दूर शहर में है. तुम इतनी दूर अकेली नहीं जा सकती ना!
मेरी बातों से खुश होकर बोली- हां ये सही बात है भैया!

फिर मैंने बुआ और सोनी को उनका गिफ्ट दिया.
बुआ बोलीं- इसकी क्या जरूरत थी हर्षद. हर बार कुछ ना कुछ लेकर आते हो!

सोनी ने अपना गिफ्ट खोलकर देखा, तो वो खुश होकर बोली- भैया बहुत सुंदर ड्रेस है. मै इसे पहन लूँ?
मैंने कहा- हां देखो.

मैं उसके लिए पिंक कलर की मैक्सी लाया था.

वह ऊपर अपने कमरे में जाकर पहन कर वापस आयी तो सोनी उस मैक्सी में बहुत ही खूबसूरत दिख रही थी.
मैक्सी उसके गोरे बदन पर बहुत जंच रही थी.

वह अपनी माँ को दिखाने किचन में गयी.
सोनी सच में बहुत खुश हो गयी थी.

फिर वह ऊपर जाकर चेंज करके आयी और बुआ को किचन में मदद करने लगी.

खाना तैयार होने के बाद बुआ ने खाना लगाया और हम तीनों ने साथ में खाना खा लिया.

बुआ और सोनी बर्तन माँजने लगीं.
मैं ऊपर जाकर बेडरूम में आराम करने लगा.

लेकिन गर्मी के कारण पंखे की हवा भी गर्म लग रही थी.
मैंने अपने पूरे कपड़े निकाल दिए और सिर्फ अंडरवियर में ही बेड पर लेट गया.

दोपहर के डेढ़ बजे थे, गर्मी अपने चरम पर थी.
मैं आंखें बंद करके नींद आने की प्रतीक्षा कर रहा था.

थोड़ी ही देर बाद सोनी अन्दर आ गयी, उसने दरवाजा आधा बंद कर दिया.

वह बेड के पास आकर बोली- सो गए क्या भैया?
मैंने आंखें खोल कर कहा- नहीं सोनी, गर्मी की वजह से नींद नहीं आ रही है.

उसने स्लीवलैस शॉर्ट गाउन पहना था.
वो अपना एक पैर मेरे कमर के ऊपर से निकाल कर बेड की दूसरी ओर रखकर बोली- भैया मैं तुम्हारे पास सो जाऊं?

सोनी का एक पैर मेरे ऊपर से होकर दूसरी तरफ था और एक जमीन पर था. इस कारण उसका गाउन पूरा कमर तक ऊपर उठ गया था और उसकी चूत पैंटी के ऊपर से मेरे सोये हुए लंड के उभार पर दबाव डाल रही थी.
मैंने झट से उससे कहा- हां सो जाओ, ये बेड तुम्हारा ही है ना!

अब उसने दूसरा पैर ऊपर लिया तो उसका पूरा दबाव मेरे लंड पर आ गया.
मेरे मुँह से आह निकल गई.

सोनी बोली- क्या हुआ भैया!
मैंने कहा- मुझे वहां पर दर्द हो रहा है, जहां पर तुम बैठी हो आह आह!

सोनी उठकर मेरे बाजू में बैठकर बोली- भैया, लेकिन मुझे तो कुछ नहीं हुआ!
मेरी तो बोलती बंद हो गयी कि अब इसे कैसे कहूँ!

इतने में सोनी मेरी पैंट के उभार पर हाथ रखकर कहा- भैया यहां दर्द हो रहा है क्या?
तो मैंने कहा- हां सोनी, तुम्हें पता नहीं क्या कि वो कितनी संवेदनशील जगह है?

उसने कहा- मुझे नहीं पता भैया. मैं अभी देखती हूँ.
इतना कहकर उसने मेरी अंडरवियर को झट से नीचे खींच दिया और मेरे सोये हुए लंड को दोनों हाथों में लेकर सहलाने लगी.

मैंने अपने हाथ से उसके हाथ छुड़ाने की कोशिश करते हुए कहा- इसे मत सहलाओ सोनी, नीचे दर्द हो रहा है.

मैंने अपनी अंडगोटियां सहलाकर उससे कहा- तुम्हारे बैठने से यहां दबकर दर्द होने लगा है.

वो अपने एक हाथ से मेरी अंडगोटियां सहलाने लगी.
मुझे अच्छा लग रहा था और वो दूसरे हाथ से मेरे लंड को सहला रही थी.

अब मेरा लंड तनाव में आने लगा था.
वो बोली- अब कैसा है दर्द भैया?
मैंने कहा- अब ठीक लगता है सोनी लेकिन ऐसा मत करो. तुम मेरी बहन हो ना, बहन अपने भाई के साथ ऐसा कुछ नहीं कर सकती है. सोनी, ये गलत है.

लेकिन सोनी को मेरा लंड बड़ा होते हुए देखकर मजा आ रहा था.
सोनी मेरा तना हुआ मोटा और लंबा लंड सहलाते हुए बोली- ऐसा क्यों भैया? हम भाई बहन ऐसा क्यों नहीं कर सकते? बताओ ना भैया?

सोनी के इस अनोखे और बेहूदा सवाल से मैं हैरान सा हो गया था. अब इसे कैसे समझाऊं.
तो मैंने कहा- देखो सोनी ऐसी हरकतें पति पत्नी, ब्वॉयफ्रेंड गर्लफ्रेंड, एक पराया मर्द या परायी औरत इनके बीच ही होती है … समझी!

एक पल रुकने के बाद मैंने आगे कहा- अगर तेरी माँ ने हम दोनों को इस हाल में देख लिया तो वो दोनों को ही पीटेगी.
उसने कहा- वो तो सो रही होगी अभी … वो अब पाँच बजे ही उठेगी और वैसे उसे कौन बताएगा?

उसकी बातों से मैं हक्का-बक्का हो गया था.
फिर उसने कहा- भैया इसे क्या कहते हैं? ये इतना मोटा और लंबा क्यों है? और मेरे पास ऐसा क्यों नहीं है?

सोनी अब भी मेरा लोहे जैसा लंड मसल कर बातें कर रही थी.
उसके सवालों से मैंने खुद से सवाल किया कि अब इसे कैसे समझाया जाए?

एक पल सोचने के बाद मैंने उससे कहा कि वो मैं तुम्हें रात को बताऊंगा सोनी. अब इसे सहलाना छोड़ दो और सो जाओ.
उसने लौड़े को सहलाना बंद कर दिया और मेरे पास लेट गयी.

वो ऐसी लेटी थी कि उसका शॉर्ट गाउन कमर के ऊपर आ गया था. उसकी गोरी मखमल जैसी गदराई जांघें और उसकी काले कलर की पैंटी देखकर मेरा मन मचलने लगा था.
लेकिन मैंने खुद को काबू में रखते हुए अपनी आंखें बंद कर लीं.

सोनी का एक हाथ अभी भी मेरी जांघों पर था और दूसरा हाथ उसने अपनी चूत पर पैंटी के ऊपर रखा था.

वो अपनी चूत पर पैंटी के ऊपर से ही एक उंगली से खुजलाती हुई बोली- भैया देखा ना … मुझे यहां पर कुछ काट रहा है. मुझे खुजली होने लगी है.

मैंने उठकर उसका हाथ हटाकर अपने एक हाथ पैंटी के ऊपर से ही चूत पर रखकर कहा- यहां खुजली हो रही है क्या?
तो वो हां बोली.

मैंने उसकी पैंटी नीचे घुटनों तक उतार दी और देखा कि उसकी चूत पर घने बालों का जंगल है. मैंने सोचा कि ये कैसी लड़की है.

फिर मैंने उसके बालों को हटाकर उभरी और फ़ूली हुई उसकी कुंवारी चूत के मुँह पर उंगली रखकर सोनी से पूछा- यहां पर खुजली हो रही है ना सोनी?
मेरी उंगली रखने से उसके मुँह से आह निकल गयी और वो बोली- हां भैया.

उसकी चूत गीली हो गयी थी.
मैं आहिस्ता से अपनी उंगली चूत में डालने लगा तो सोनी मादक सिसकारियां भरने लगी थी. उसकी आंखें बंद हो गयी थीं.

मैंने आहिस्ता आहिस्ता पूरी उंगली उसकी छोटी सी चूत में डाल दी, तो सोनी ने आह आ स् स्स स्ह स्सस की मादक सिसकारियां भरते हुए मेरा हाथ पकड़ लिया.
वो बोली- ऐसे ही अन्दर रहने दो, बहुत सुकून मिल रहा है. अब खुजली भी बंद हो गयी है भैया.

मैं वैसे ही उंगली चूत में रखकर उसके पास लेट गया.
सोनी ने भी एक हाथ में लंड पकड़ लिया था और वो भी लेटी थी.

कुछ मिनट बाद मैंने आहिस्ता से अपनी उंगली चूत से बाहर निकाली तो सोनी की तरफ से कोई हरकत नहीं हुई.

शायद वो सो गयी थी.
फिर मैंने उसके हाथ से मेरा लंड छुड़वा कर अंडरवियर ऊपर चढ़ा ली और सोनी की पैंटी और उसका गाउन भी ठीक कर दिया.
मैं फिर से लेट गया और सोनी के बारे में ही सोचता रहा.

तो दोस्तो, अब तक की कहानी आपको कैसी लगी, जरूर बताना और कमेंट्स करना मत भूलना.

शेष गाँव की लड़की की सेक्स कहानी जल्द ही आपके सामने लेकर आऊंगा.
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गाँव की लड़की की कहानी का अगला भाग: बुआ की नादान सेक्सी बेटी लड़की की चुदाई- 2

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