पापा के साथ मिलकर मौसी की चुदाई

(Khet Chudai Desi Mausi Ki)

खेत चुदाई देसी मौसी की मैंने और मेरे पापा ने एक साथ की. यह पूरी योजना मौसी की ही बनाई हुई थी. वह एक साथ दो लंड से चुदाई का मजा लेना चाहती थी.

मेरा नाम प्रशांत है.
आपने मेरी पिछली कहानी
सगी मौसी पापा से चुदने के बाद मुझसे चुदी
में पढ़ा कि कैसे मैंने छोटी मौसी रीतिका को चोदा और मौसी ने मेरे पापा से चुदवाया है, यह भी मुझे बताया.

फिर मैं बोला- मुझे पापा और आपकी चुदाई देखनी है.
मौसी- चलो, अब जब तुम्हारे घर आऊंगी तो तुम्हें फोन कर दूंगी. तुम भी घर आ जाना. फिर हम साथ में चुदाई करेंगे.
मैं बोला- साथ में कैसे?
मौसी- अब मैं, तुम और तुम्हारे पापा थ्रीसम करेंगे! वो मैं सब जुगाड़ कर लूंगी.

अब आगे खेत चुदाई देसी मौसी की:

लगभग 2 महीने बाद मौसी का फोन आया- घर आ जाओ, मैं भी जा रही हूं तुम्हारे घर!

तो मेरे मन में खुशी के लड्डू फिर फूटने लग गए.
मैंने दूसरे दिन कपड़े पैक किये और घर के लिए निकल पड़ा..

मैं ट्रेन से स्टेशन पर उतरने बाद मेडिकल स्टोर पर गया.
वहां से सक्स की टेबलेट ली मैंने!

उसके बाद मैं घर पहुंचा तो देखा कि मौसी नहीं दिख रही है.
मुझे बहुत गुस्सा आया. मुझे लगा कि मौसी ने मुझे धोखा दे दिया.

फिर मैंने अपनी मम्मी से घर का और सबका हाल चाल पूछा.
तो मम्मी सब कुछ ठीक बताया.

उसके बाद मैंने पूछा- पापा कहां हैं?
मम्मी बोली- तेरे पापा खेत में गए हैं. और मौसी भी उनके साथ गई है.

यह सुन कर मुझे खुशी हुई और मैंने मम्मी से पूछा- मौसी भी आई है?
मम्मी बोली- हां, अभी सुबह-सुबह ही आई है.

मैंने पूछा- अच्छा कुछ काम था क्या?
तो मम्मी बोली- नहीं , ऐसे ही मिलने घूमने आई है.

उसके बाद हमने खाना खाया और आराम करने लगे.

कुछ देर बाद कुछ देर बाद मौसी घर आई.
वे मुझे देखकर बहुत खुश लग रही थी.

मैंने भी मौसी को आंख मार दी.
तो उसने भी एक आंख मारी.

उसके बाद मैं उठा और पीछे वाले बाथरूम में पेशाब करके आया.

धीरे-धीरे शाम होने लगी.
मेरे दिमाग में एक बड़ी टेंशन थी कि मैं पापा के सामने मौसी कैसे चोदूंगा.

धीरे-धीरे शाम हो गई.
मौसी और मम्मी ने खाना बनाया, सब लोगों ने खाना खाया.

उसके बाद मैं छत पर चला गया सोने!
और मम्मी नीचे कमरे में सोने चली गई.
पापा चले गए खेत में!

तो मैं सोच रहा था कि मैं कैसे बात करूं मौसी से कि कब और कैसी है चुदाई करनी है.
मैं बहुत टेंशन में था.

उसके बाद मेरे फोन में फोन पापा का फोन आया- तुम्हारी मौसी कहां है?
मैं बोला- मैं छत पर हूं, सो रहा हूं. मुझे नहीं पता!
पापा बोले- ठीक है!

उसके बाद आधे घंटे बाद मौसी छत पर आई और बोली- सो गए क्या?
मैं – नहीं तो!
मौसी- नींद नहीं आ रही है क्या?
मैं- नींद कैसे आएगी? चूत जो चाहिए तुम्हारी!
इतना बोल कर मैं हंस पड़ा.

मैं- पापा का फोन आया था, आपको पूछ रहे थे वे!
मौसी- तो उनका भी लंड खड़ा होगा ना मुझे चोदने को!

मैं- यह बताओ पापा के सामने मैं आपको कैसे चोदूंगा? कोई जुगाड़ कर रखा है क्या?
तो मौसी बोली- अभी मैं कुछ देर बाद में तुम्हें मिस कॉल कर दूंगी. तो तब तुम खेत में आ जाना! तो तुम हम लोगों को देखकर ऐसे व्यवहार करना कि पापा को लगे कि ये क्या … बेटे ने काण्ड करते देख लिया. बाकी मैं सब कुछ संभाल लूंगी.

मैं- ओके!

उसके बाद मैं लेट गया और मौसी चली गई नीचे!

फिर लगभग 45 मिनट बाद फोन आया मेरे पास पापा के फोन से!
पर साथ ही फोन कट गया.
इस मिस काल से मुझे सिग्नल मिल गया कि मौसी मुझे बुला रही है.

फिर मैं चुपके से नीचे उतरा और जो गोली लाया था, एक गोली तुरंत खा ली और खेत चुदाई के चला गया.

वहां बाहर से ही देखा कि कमरे में मौसी और पापा चोदम चोद में लगे हुए हैं. मौसी नीचे लेटी हुई थी और पापा उनके ऊपर चढ़कर चुदाई कर रहे थे.

मौसी धीरे धीरे ‘आह आह … आह आह आह’ चिल्ला रही थी.

उसके बाद मैं वहीं बैठ गया देखने के लिए कि ये लोग कैसे चुदाई करते हैं.

कुछ देर बाद पापा नीचे आ गए और मौसी के बाल पकड़कर अपना लंड मौसी के मुंह में डाल दिया.

मौसी चूसने लगी जैसे लॉलीपॉप चूसते हैं.

उसके बाद मैं उनके समीप तक जा पहुंचा.

पापा ने मुझे देख लिया तो जल्दी से उन्होंने अपने ऊपर कपड़ा डाल लिया.
लेकिन मौसी ने अपना साड़ी ठीक नहीं की.

पापा उनको बोले- अरे, साड़ी पहनो ना!
उसके बाद मैं बोलने लगा- यह क्या चल रहा है आपका खेल?
पापा बोले- कुछ नहीं बेटा … कुछ नहीं!

तब मौसी बोली- आओ तुम भी आ जाओ!
मैं- आप तो मेरी मौसी हो तो कैसे?

मौसी बोली- ज्यादा नाटक मत करो, मैंने सब बात बता दी है तुम्हारे पापा को पहले ही!
पापा- हाँ बेटा, ये तेरी मौसी तो बहुत गर्म है! आओ बेटा आओ … मेरे बस की बात नहीं है तुम्हारी मौसी को ठंडा कर पाना! इसने जब से तुम्हारे लंड को देखा है, तुमसे चुदाने का मन बना लिया है. खुद बोल रही थी.

मैं- अरे पापा, इनको तो मैं कई बार चोद चुका हूं पहले ही!
पापा- ओह यह तो पूरी रंडी निकली!
मैं- हाँ!

मौसी- हाँ मैं रण्डी हूं. मुझे तुम दोनों से चुदना है एक साथ!

मैं- हाँ पापा, यह इसी का प्लान था कि हम दोनों इनकी चुदाई खेत में करें. दो लंड एक साथ डालेंगे चूत और गांड में! और खूब चोदना है.
पापा- फिर जल्दी आओ!

उसके बाद मैंने अपनी अंडरवियर उतारा और अपना लंड उनके पास लेकर चला गया.

पापा- इतना बड़ा लंड?
मेरे पापा का मुंह खुला का खुला ही रह गया.

मैंने मज़ा लेने के लिए अपना लंड पापा के मुंह के पास लगा दिया.

पापा- अबे मादरचोद … मेरे मुंह में डालेगा क्या?
मैं- आपकी इच्छा है … चूसना हो तो चूस सकते हैं आप!
फिर मैं हंस दिया.

मेरे साथ साथ मौसी भी बहुत तेज हंसी.

पापा को गुस्सा आ गया कि हम उनका मज़ा ले रहे हैं.
उसके बाद मैं बोला- काम डाउन पापा!

फिर पापा शान्त हुए और मैंने अपणा लंड मौसी के मुंह में दे दिया.
मौसी उसे चूसने लगी.

और पापा ने अपना लंड मौसी की चूत में डाल दिया, वे चुदाई करने लगे.

मौसी ‘आह आह आह’ कर रही थी, पर कुछ बोल नहीं पा रही थी क्योंकि उनके मुंह में मेरा 7 इंच का लन्ड था.

उसके बाद मैंने अपना लंड निकाला और पापा को बोला- पापा, आप अपना लंड मौसी की चूत से निकालकर उनके मुंह में डालो.

पापा ने अपना लंड मौसी के मुंह में डाल दिया और मैं अपना लंड उसकी चूत में डाल कर मौसी की चूत चुदाई करने लगा.

कुछ मिनट के बाद पापा तो झड़ गए लेकिन मैं तो झड़ नहीं रहा था.

तो पापा बोले- तुम्हारा स्टैमिना तो बहत ज्यादा है!

मैंने जेब से एक गोली निकाली और पापा को दे दी.
पापा ने तुरंत वह गोली खा ली.

उसके बाद पापा ने अपना लंड मौसी के मुंह में दे दिया और मैं उनको कुतिया की पोजीशन में करके उनके नीचे लेट गया और अपना लंड मौसी की चूत में डालने लगा.

उसके बाद आधा लंड उनकी चूत में डाल दिया और चुदाई करने लगा.

धीरे धीरे पापा का लंड फिर से खड़ा हुआ.
तो पापा ने अपना लंड मौसी की गांड में डाल दिया.

और मौसी चीख उठी- उह … हाह फाड़ दी मेरी गांड!
मौसी खूब सीत्कार करने लगी.

उसके बाद बारी बारी से, कभी एक साथ दो लंड चूत में, कभी एक लंड गान्ड में एक लंड मुंह में, और कभी एक लंड चूत में एक लंड मुंह में!

हम बाप बेटा मेरी मौसी को चोदते रहे.
काफी देर के बाद हम दोनों झड़ गए.

पापा ने मौसी की गांड में और मैंने मौसी की चूत में रस छोड़ा.

उसके बाद उस रात में मैंने और पापा ने मौसी की गान्ड और चूत और मुंह को खूब चोदा.

मौसी बोली- आज से एक अरसे के बाद मैं पूरी संतुष्ट हुई हूं.

उसके बाद 3 दिन मौसी हमारे घर में रही और हम दोनों ने उसकी बहुत चुदाई की,

तीसरे दिन जब चोद रहे थे रात में पापा और मैं … तो मुझे ऐसा लगा कि कोई हमें देख रहा है.
बाद में मुझे हल्का सा दिखा कि वह मेरे चाचा का लड़का था.

लेकिन मैंने कुछ रिएक्ट नहीं किया क्योंकि वह भी बड़ा हो गया, उसका भी लंड खड़ा होता होगा. इसलिए मैंने सोचा कि देख लेने ड़ो उसको भी हमारी चुदाई को!

वह भी कुछ नहीं बोला.

उसके बाद मैं 3 बजे रात उठ कर जब वहाँ से निकला तो देखा कि चाचा का लड़का रोहित अभी भी वहीं था.
तो मैंने उसको अपने पास बुलाया और साथ साथ चलने लगे.

वह रास्ते में बोला- मुझको भी चोदना है तेरी मौसी को!
मैंने उसे कहा- ठीक है, पर मैं पहले मौसी को इसके लिए राजी तो कर लूं. फिर तुझे बताऊंगा.

अगली कहानी में मैं बताऊंगा कि रोहित को लेकर आगे क्या हुआ.

मेरी यह कहानी कैसी लगी आपको?
खेत चुदाई देसी मौसी की कहानी पर कमेंट्स अवश्य लिखें.
धन्यवाद.
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