दोस्त की पत्नी की चूत की खाज और मेरा लण्ड

(Dost Ki Patni Ki Chut Ki Khaj Aur Mera Lund)

यहाँ अन्तर्वसना डॉट कॉम पर मैंने ढेरों सेक्स कहानियाँ पढ़ीं.. लेकिन मेरी सेक्स स्टोरी लिख पहली बार रहा हूँ।

मेरा नाम बलवान है। मैं दिल्ली में किराए के एक कमरे में रहता हूँ। मैं 25 साल का हूँ 5.9 फीट की हाईट है.. सवा आठ इंच का मस्त लौड़ा है.. अब तक कई चूत फाड़ी हैं। मतलब शादी नहीं हुई.. लेकिन सुहागरातें बहुत मनाई हैं।

चलो अब कहानी पर आते हैं।

मेरा एक दोस्त है रवि.. वो यूपी का रहने वाला है.. यहाँ जॉब करता है। उसकी पत्नी का नाम पूजा है। मैं कभी रवि के घर नहीं गया था. हालांकि उसने कई बार बुलाया भी.. लेकिन मौका ही नहीं लगा।

एक दिन हम दोनों शराब पी रहे थे इस लिए जरा लेट हो गए।
रवि को कुछ ज्यादा ही नशा हो गया था.. उससे चला भी नहीं जा रहा था।
वो बोला- यार मुझे घर छोड़ आ।
मैंने कहा- यार होटल बन्द हो जाएगा.. खाना नहीं मिलेगा।
रवि ने कहा- तुम मेरे घर ही खा लेना।
‘ठीक है..’

मैं उसे छोड़ने चला गया।
उसके घर पहुँचे.. उसकी वाईफ पूजा ने दरवाजा खोला।
मैंने उसकी पत्नी को देखा.. तो देखता ही रह गया।
वो एक 23-24 साल की बहुत ही सुन्दर माल किस्म की चीज नाईटी पहने खड़ी थी, उसके बड़े-बड़े चूचे नाईटी फाड़ने को तैयार दिख रहे थे।

उसने मुझसे ‘हाय’ बोला और अन्दर जाने को पलट गई।
उफ़्फ़.. क्या चूतड़ थे, गाण्ड थी.. और क्या हिला कर वो चल रही थी..
मैं सोचने को मजबूर हो गया कि साली हमेशा ही ऐसे चलती है.. या मुझे ही मारने का इरादा है।

खैर.. हम दोनों अन्दर गए।
दो कमरे और रसोई के साथ बाथरूम वाला साफ, सुन्दर घर था।
मुँह हाथ धोकर बैठ गए.. रवि ने शराब की बोतल फिर से निकाल ली और फिर शुरू हो गए।

पूजा ने खाना लगा दिया।
बहुत ही अच्छा खाना बना था.. खाना खाकर मैंने कहा- अब मैं चलता हूँ।
तो रवि और पूजा ने मुझे जाने के लिए मना कर दिया।
मैंने कहा भी कि मुझको दिक्कत नहीं होगी.. मैं चला जाऊँगा.. पर उन दोनों ने कहा- रात बहुत हो गई है.. और आपने शराब भी पी रखी है..

आखिर मुझे रूकना ही पड़ा, मैं लुंगी पहन कर लेट गया और वो दोनों दूसरे कमरे में चले गए।

रात को अचानक मुझे लगा कि कोई मेरा लण्ड चूस रहा है.. मुझे लगा सपना होगा। मैं सोता ही रहा.. फिर अचानक कोई मेरे ऊपर आ गया।

उफ्फ.. मुझे ऐसा महसूस हुआ कि जैसे मेरा लण्ड किसी भट्टी में जला जा रहा हो। मेरी आखँ खुलीं.. तो एक साया मेरे ऊपर लेटा था। शायद कोई लड़की.. फिर याद आया कि मैं तो रवि के घर में हूँ.. तो क्या पूजा.?
‘नहीं.. यह गलत है..’ मेरे गले से फंसी सी आवाज निकली।

अगले ही पल पूजा ने मेरे मुँह पर हाथ रख दिया और मेरे कान में बोली- चुपचाप लेटे रहो.. कुछ भी गलत नहीं है..
मैंने धीरे से पूछा- लेकिन भाभी.. मुझे नहीं करना..
वो बोली- तुम चुप रहो.. मैं खुद ही कर लूँगी।

उसके होंठों ने मेरा मुँह बंद कर दिया ओर धीरे-धीरे वो अपनी कमर को हिलाने लगी। मैं भी मस्ती में आ गया और अपनी कमर हिलाने लगा।
फिर तो पूजा खुश हो गई और मेरे हाथ पकड़ कर अपने चूचों पर रख दिए उफ्फ.. क्या मुलायम चूचियां थीं.. मैंने जोर से दबा दीं।
पूजा ने भी रफ्तार पकड़ ली और ‘आह आह आह… उमम्म.. ऊह उफ.. यस्स.. फक फक.. फक मीईई.. ईईईईई.. ईशश..’ करती हुई वो झड़ गई और गहरी साँसें लेते हुए मेरे ऊपर ही लेट गई।
अब वो मेरा मुँह चूमने लगी।

वो बोली- माफ करना.. मैं बाथरूम गई थी.. तो आपका यह शैतान खड़ा था.. तो मैं अपने आपको रोक नहीं पाई। अब मैं जाऊँ या आपका पानी निकालूँ?
मैंने कहा- तेरा हो गया.. तो जा यहाँ से..
वो बोली- अब तेरा भी कर ही देती हूँ नहीं.. तो बोलेगा भाभी खुदगर्ज निकली।

अब वो लगी जोर-जोर से मेरे लौड़े पर उछलने.. ‘उफ्फ..आहा.. हआहआह.. क्या मर्द है.. मुझे भगा कर ले जा मेरे बलवान.. तेरी दिन रात सेवा करूँगी.. उफ्फ..फफ.. मररर.. गईईई ईई.. मेरे राम.. आहहहहह हहह..’

मैंने पलटी लगा दी.. फिर उसे नीचे दबा कर लगा चोदने.. लगभग 15 मिनट ठोकने के बाद मैं बोला- मेरा होने वाला है.. माल कहाँ डालूँ?
पूजा बोली- मैं भी आ रही हूँ.. मेरी चूत में ही डाल..
एक लम्बी हुंकार भरते हुए मैंने उसकी चूत को पानी से भर दिया।

बाकी कोई खास बात बची नहीं.. तो मित्रो.. यह मेरी पहली कहानी है यह हकीकत है.. अच्छी लगी क्या?
कमेंट्स करके बताना..
आपका बलवान।
[email protected]

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