वंश चलाने के लिए दो बहनें चुद गयी- 1

(Sex In Bus On The Road)

अरमान लव 2022-06-15 Comments

सेक्स इन बस का मजा लिया मैंने स्लीपर बस में! मेरे केबिन में मेरे साथ एक लड़की थी. उससे मेरी सेटिंग कैसे हुई और मैंने उसे कैसे चोदा? पढ़ें इस कहानी में!

दोस्तो, मेरा नाम शैलेश है और मैं भोपाल से हूँ. मैं अपनी स्टडी के लिए लखनऊ में रूम लेकर अकेले रह रहा हूं.
मेरी उम्र 21 साल है.

मैं जिम करने वाला शख्स हूं तो मेरा शरीर बहुत गठीला है।

मेरी पिछली कहानी
गर्लफ्रेंड की सहेली की कुंवारी चूत
जरूर पढ़ें और अपनी राय दें।

लेकिन मुझसे किसी भी लड़की से सेक्स करने की इच्छा प्रकट करके अपना टाइम बर्बाद ना करे प्लीज़!

आज से कुछ महीना पहले सितंबर में किसी श्वेता नाम की लड़की की मेल आया जो मेरे कहानी के बारे में पूछ रही थी।

श्वेता- आपने जो कहानी लिखी है मुझे बहुत अच्छी लगी है।
मैं- जी शुक्रिया.

श्वेता- क्या यह सच्ची कहानी है?
मैं- जी मैडम बिल्कुल सच्ची कहानी है।

श्वेता- आपने 2 लड़कियों से एक साथ सेक्स किया, क्या आपको कोई दिक्कत नहीं हुई?
मैं- दिक्कत सभी को होती हैं, खासकर कुंवारी लड़कियों के साथ सेक्स करने में लंड तक छिल जाता है।

श्वेता- मैं आपसे मिलना चाहती हूं।
मैं- मैं जानता हूं आप मुझसे क्यों मिलना चाहती हैं पर मैं मैं जिगोलो नहीं हूं।

श्वेता- मानती हूं कि आप जिगोलो नहीं हो। लेकिन मुझे आपसे ही मिलना चाहती हूं। इसके लिए आपको कोई भी कीमत देने के लिए तैयार हूं।
मैं- मुझे आपसे कुछ भी नहीं चाहिए.

श्वेता- तो कब मिलने आओगे?
मैं- देखिए मैं दशहरा मनाने दिल्ली जा रहा हूं, वहां से आने के बाद सोचूंगा।

श्वेता- आप दिल्ली आ ही रहे हो तो सोचने की क्या जरूरत!
मैं- मतलब क्या है आपका?
श्वेता- मतलब यह कि मैं दिल्ली में ही रहती हूं।
मैं- अच्छा।

श्वेता- हां! तो फिर मैं आपका रिजर्वेशन करके टिकट भेज दूंगी।
मैं- इसकी जरूरत नहीं, मैं आ जाऊंगा।
श्वेता- नहीं, जब आप आ रहे हो तो वो मेरी जरूरत है। ओके बाय!

श्वेता से हमारी के 8- 10 दिन बहुत बातें होती रही।
मैं- हमारी आपसे मेल पे बाते होती है मैंने देखा भी नहीं, मैं आपको पहचानूंगा कैसे? और आपसे मिलूंगा कैसे?
श्वेता- तुम्हें मुझसे मिलने में कोई दिक्कत नहीं होगी!
मैं- वो कैसे?
श्वेता- तुम ज्यादा टेंशन मत लो!
मैं- ओके.

अगले दिन श्वेता ने टिकट मेल से भेज दिया.
मैंने देखा कि टिकट लक्जरी बस की 4 दिन बाद की थी।
रात के 10:30 बजे।

मैं 4 दिन बाद मैं बस में सही टाइम से पहुंच गया।
मैंने टिकट कंडक्टर को दिखाया तो उसने मेरी सीट बताई।

लेकिन वहां पे एक बहुत सुंदर महिला लेटी हुई थी और वो किसी से बात कर रही थी।
मैंने उसे बताया कि यहां मेरी भी सीट है तो वो साइड में हो गई।

तो मैंने अपना बैग सेट किया और फिर कम्बल ओढ़ कर लेट गया।
मैं एक साइड मुड़ कर मोबाइल चलने लगा।

तभी श्वेता ने मेल पे मैसेज किया- बस मिल गई?
मैं- हाँ … बस मिल गई। आप अपनी फोटो भेजो, तभी मिलूंगा।
श्वेता- ओ के, भेजती हूँ।

उसने एक ग्रुप फोटो भेजी जिसमें 3 लड़कियां और 1 लड़का था।
तीनों लड़कियां एक से बढ़कर एक किसी मॉडल से कम नहीं थी।
मैं- इसमें आप कौन हैं?

श्वेता- जब सामने देखोगे तो पहचान जाओगे।
मैं- ओके.

श्वेता- तुम्हारे साथ कौन है?
मैं- एक लड़की है!
श्वेता- अच्छा है, मज़े लो। कल सुबह तुम्हें बस स्टॉप पे लेने आ जाऊंगी। ओके बाय, गुड नाईट!
मैं- गुड नाईट.

इस तरह बात करके में श्वेता की ग्रुप फोटो देखने लगा।
मैं समझ नहीं पा रहा था कि इसमें श्वेता कौन है।

तभी मैं पलटा तो देखा कि जो लड़की मेरे बगल में लेटी है बहुत सुंदर लग रही है।
उसने जींस टॉप पहना हुआ था।

जो ग्रुप फोटो देख रहा रहा था उनमें से एक लड़की का चेहरा मेरे बगल वाली काफी मिल रहा था।
तो मैंने सोचा क्यों ना बात इससे बात की जाए!
लेकिन वो किसी से फोन पे बात कर रही थी।

मैंने कोशिश की- हेल्लो!
वो- हेल्लो!
मैं- आप दिल्ली जा रही हैं?
वो- हाँ क्यों?
मैं- यों ही… असल में मैं सोच रहा था कि अपने दोस्त से बात कर लूं. पर मेरे मोबाईल में नेटवर्क बहुत कम आ रहा है. फिर आपको देखा, आप बहुत सुंदर लग रही हैं. तो सोचा आपसे बात की जाए।
वो- मैं आपको सुंदर लग रही हूं?
मैं- आपसे सुंदर यहां कोई दिख रही हो तो बताइए.
मुस्कुराती हुई वो बोली- अच्छा, बातें तो बहुत अच्छी करते हो।

मैं- धन्यवाद। वैसे इस खूबसूरत लड़की का नाम क्या है?
वो- मेरा नाम सोनम है, आपका?
मैं- शैलेश.

सोनम- अभी मैं देख रही थी कि आप किसी की फोटो देख रहे थे, किसकी थी? आपकी गर्लफ्रेंड?
मैं- नहीं, दोस्त है।
सोनम- क्या मैं देख सकती हूं।
मैं थोड़ा हिचकिचाते हुए- जरूर!

मैंने फोटो दिखाई तो वो अपना मोबाइल ढूँढने लगी।
थोड़ी देर में उसने भी अपने मोबाइल में वही फोटो निकाल दी जो मेरे मोबाइल में थी।

मैं- ये फोटो आपके पास कैसे? मतलब आप श्वेता हो, आप हमसे झूठ बोल रही थी।
सोनम- नहीं, मैं झूठ नहीं बोल रही हूं। मैं सोनम हूं, श्वेता मेरी बड़ी बहन का नाम है।

मेरा सर चक्कर खाने लगा कि ये हो क्या रहा है?
मैं- आपका रिजर्वेशन किसने किया है?
सोनम- श्वेता ने, क्यों?

मैं- मतलब ये सब खेल श्वेता का रचा है।
सोनम- अब समझी क्यों उसने मुझे बस से बुलाया है वो भी अकेले।

हम दोनों ने एक दूसरे को सारी बात बताई।

सोनम ने बताया कि उसका और श्वेता का पति एक ही है जो बहुत बड़ा बिजनेसमैन है।

मैं- एक ही पति कैसे?
सोनम- बात यह है कि मेरी बड़ी दीदी यानी श्वेता की शादी 6 साल पहले हो गई थी जब दीदी 19 साल की थी। लेकिन शादी के 4 साल बीतने के बाद दीदी को कोई बच्चा नहीं हुआ। बहुत इलाज भी करवाए। तब पति और उनकी सास बहुत ताने मारने लगी कि दीदी बांझ है।

मैं- फिर?
सोनम- जीजा दीदी को तलाक देने की बात करने लगे। फिर एक दिन जीजा मेरी दीदी से बोले कि अगर उनकी शादी मुझसे करा देती हो तो वो दीदी को तलाक नहीं देंगे। दीदी ने अपनी जिंदगी की दुहाई देते हुए मम्मी से बताई तो मम्मी कुछ ना-नुखुर के बाद भी इस बात पे मान गई कि दीदी की जिंदगी सँवर जाएगी।

मैं- जब तुम्हारी शादी भी उन्हीं से हो गई तो फिर अब क्या प्रॉब्लम है?
सोनम- हां, मेरी शादी मेरे जीजा से हो गई, मेरे शादी को 2 साल बीत गए। लेकिन प्रॉब्लम यह है कि मैं भी मां नहीं बन पा रही, मैंने भी बहुत इलाज करवा लिया।

मैं- आपने अपने पति का जांच करवाई?
सोनम- वो अपना जांच नहीं करवाते. जबरदस्ती जांच करवाने को कहती हूं तो मुझे और मेरी दीदी को मारते पीटते हैं और कहते है कि वो नामर्द नहीं है। हमारा खानदान ही बांझ है। हम दोनों अपनी मां बाप के बच्चे नहीं है इस तरह की गाली देते हैं।
और सोनम रोने लगी.
मैं- ओ माय गॉड!

इतने में सोनम अपना चेहरा मेरे सीने में छुपा ली और मुझसे चिपक गई।
मैंने भी उसको बांहों में भर लिया और चुप कराने लगा।

सोनम- हम दोनों को बच्चे की जरूरत है शायद इसीलिए दीदी ने तुम्हें बुलाया है, अब तुम ही हम दोनों को बचा सकते हो।
मैं- मैं कोशिश कर सकता हूं.

सोनम- तुम कोशिश करो, भगवान ने चाहा तो हमारी गोद भर जाएगी।

मैं सोनम के बारे में बता दूँ … सोनम 23 साल की दूध सी गोरी लड़की है। उसका फिगर 32C – 28 – 34 है। रेशम से बाल, काजरीली आंखें, स्ट्रॉबेरी की तरह रसीले होंठ जिन्हें देख के लगता है कि चूसता ही रहूं।

मैंने सोनम के चेहरे को ऊपर उठा दिया और होठों को चूसने लगा।
सोनम भी साथ देते हुए मुझे जोर जोर से अपनी चूत मेरे लन्ड के ऊपर रगड़ने लगी।

मैंने अपना एक हाथ उसके टॉप में डाल दिया और चूचियों को ब्रा के ऊपर से दबाने लगा, फिर उसकी जीन्स खोल दिया.

मेरा हाथ पैंटी पर गया तो महसूस हुआ कि पैंटी गीली हो चुकी थी।
फिर मैंने पैंटी में हाथ डाला तो सोनम की चूत पे छोटे छोटे झांटे थी लग रहा था कि 5- 6 दिन पहले ही साफ की हो।

सोनम की गर्म भट्टी की तरह तप रही गीली चूत में 2 उंगली डाल दी तो सोनम चिहक उठी।
मैंने पैन्टी को नीचे सरका दिया।

अब मैं कम्बल में घुस गया, सोनम की टॉप ऊपर करके ब्रा खोल दी।
मैं उसके बूब्स को चूसने लगा.

फिर धीरे धीरे अपनी जीभ दूधघाटी के बीच से होते हुए नाभि पे अपनी जीभ डाल कर चूसा.
इसके बाद अपनी जीभ उसकी चूत पे ले जाकर फेरने लगा और चूत में जीभ डाल कर चोद भी रहा था और मैं अपने हाथ से उसके बूब्स को पकड़ कर जोर से मसलता जा रहा था।

उसके मुंह से मस्त सेक्सी ‘आ आ आआ आआ … उउउ उउ हह हहह अअ उई उईउ आआ आउ उ’ की आवाजें निकल रही थी.

उसने अपने होठों को अपने दांतों के बीच दबा लिया और मेरा मुँह अपनी चूत पर पूरा दम लगा कर दबा रही थी।

कुछ देर चाटने के बाद उसकी चूत ने अपना पानी छोड़ दिया और मैं सारा पानी पी गया।

फिर सोनम ने अपना मुँह कम्बल में करके मेरी पैन्ट से मेरा लंड बाहर निकाल कर अपने मुँह में भर लिया।

वो मेरा 6.5 इंच का पूरा लंड अपने मुँह में लेने की कोशिश कर रही थी लेकिन पूरा नहीं ले पा रही थी तो आधा लन्ड मुंह में लेकर चूसने लगी।

मुझे बहुत अच्छा लगा रहा था.

15 मिनट चुसवान के बाद मुझे लगा कि मैं झड़ जाऊंगा।
मैंने उससे कहा कि मैं झड़ने वाला हूं तो वो रुक गई और बोली- मैं तुम्हारा रस पीना नहीं चाहती बल्कि अपनी बंजर जमीन की सिंचाई करवाना चाहती हूं। जल्दी से इसे मेरी चूत में डालो।
मैं- ठीक है.

मैंने उसकी चूत में थूक डाल कर गीला किया फिर उसकी चूत के ऊपर रगड़ने लगा।

सोनम- क्यों ऐसा कर रहे हो, जल्दी से डालो, चोद दो मुझे!

मैं उसे और तड़पाना चाहता था लेकिन वो और गुस्सा करने लगी कि डालो जल्दी!

फिर वो उठी मेरा लन्ड पकड़ कर अपनी चूत में डालने लगी.
उसकी चूत बहुत टाइट लग रही थी।

उसने मेरे लंड को जैसे ही सेट किया मैंने जोर से झटका मेरा लंड उसकी चूत फाड़ता हुआ अन्दर चला गया।
उसकी जोर से चीख निकल गई।

सभी लोग सो रहे थे जिनमें से 2-3 लोग उठ गए कि क्या हुआ?

एक आदमी ने हमारे स्लीपर बर्थ में आकर पूछा कि क्या हुआ? आप चीखी थी?
सोनम ने कहा- पता नहीं मुझे … चीख कहीं और से आयी है।
इतना कह कर हमने अपना स्लीपर बर्थ बंद कर लिया.

मैं उसकी चूत में लन्ड डाले हुए था- तुम चीखी क्यों?
सोनम- तुम्हारा लन्ड बहुत बड़ा है तुम्हारे जोरदार झटके से मेरी चीख निकल गई और मेरी चूत फट गई, निकालो इसे!
मैं- नहीं, अगर निकाल कर फिर से डालूंगा तो और दर्द होगा। पहले चुदायी होगी तब लंड निकलेगा।

अब मैं जोर जोर से झटके मारने लगा सोनम के मुँह से निकलने लगा- आ … आई उआ आई आई आह्ह्ह बेबी … उम्म्ह … अहह … हय … याह … ऊं … आई … ई सी … सी उफ़ … उफ़ हाई … मजा आ रहा है.

सोनम को ऊपर आकर मैंने लंड पे बैठने को बोला.
वो लंड को चूत में डाल कर उछलने लगी.
बस के जोरदार झटके भी हमारी मदद कर रहे थे।

मैं उसकी चूचियों को दबा रहा था.

थोड़ी देर बाद मैं फिर उसको नीचे ले आया और चोदने लगा.
सोनम के मुँह से निकलने वाली सिसकारियां ‘उ … उई … उई … ई … हई … और जोर से …फक मी हार्ड बेबी … फक मी …’ में बदल गई और मेरे जोश को और बढ़ा रही थी।

मैं उसे जोर-जोर से चोद रहा था।
सच में लग रहा था कि मैं स्वर्ग में हूं.
मुझे बहुत मजा आ रहा था उसकी जोरदार चुदायी करके।

सोनम अपने नाखून मेरे पीठ में गड़ाते हुए- मैं दोबारा झड़ने वाली हऊई … आह … ई … उम्म …’ उ … उई … उई … ई!

2 मिनट बाद मैं भी झड़ने की कगार पे आ गया।
मैं जोर जोर से झटके लगाने लगा।

लगभग 20-30 मिनट की चुदायी के बाद मेरे लंड ने चूत में लबालब वीर्य भर दिया।
मैं सोनम के ऊपर लेट कर चूचियों को दबा और होठों को किस करने लगा।

हम दोनों बहुत थक गए थे मैं सोनम के ऊपर थोड़ी डर लेटा रहा।
जब मैंने उसकी चूत से लंड को निकाला मैंने अपना लन्ड देखा तो मेरा लन्ड खून और वीर्य से सना हुआ था।

उसकी चूत से खून और वीर्य बह रहा था।
उसने अपनी पैंटी से मेरा लंड और अपनी चूत साफ की, फिर चिपक कर लेट गए।

सोनम- मुझे आज पहली बार इतना मज़ा आया कि मैं बयान नहीं कर सकती।

मैं- सच में, एक बात बताओ तुम शादीशुदा हो तो तुम्हारी चूत से खून क्यों निकल रहा है?
सोनम- मेरे पति का लन्ड तुम्हारे मुकाबले बहुत छोटा और पतला है इसलिए!

मैं- तुम शादीशुदा होते हुए भी तुम्हारी चूत कुवांरी लगती हैं, शायद इसलिए तुम मां नहीं बन पा रही थी। इसका मतलब तुम्हारी बहन भी इसी तरह होगी।
सोनम- हो सकता है।

इस तरह सेक्स इन बस का मजा लेने के बाद हम बात करते करते सो गए।
फिर सुबह 5 बजे मेरी नींद खुल गई।

मैंने सोनम को जगाया, हमने अपने कपड़े पहने और खुद को ठीक किया।

लगभग 30 मिनट बाद हम दोनों की मंजिल आने वाली थी और सुबह श्वेता हमें लेने आने वाली थी।
सेक्स इन बस की घटना पढ़ कर आपको मजा आया होगा? अपने विचार मुझे बताएं.
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सेक्स इन बस का अगला भाग: वंश चलाने के लिए दो बहनें चुद गयी- 2

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