बस में चुदाई सुख प्राप्त किया अनजान लड़के से

(Sex In Bus Porn Story)

स्वीट रिया 2024-04-09 Comments

सेक्स इन बस पोर्न स्टोरी में मैं स्लीपर बस में सफ़र कर रही थी. मेरे केबिन में एक कड़ियल सा लड़का आया. मेरा मन उससे चुदने का करने लगा. पर पहल उसी ने कर दी.

यह कहानी सुनें.

नमस्ते दोस्तो, आप सभी को मेरा प्यार भरा नमस्कार.

आज मैं आप सबको मेरे जिंदगी में हुआ एक बहुत ही खास वाकिया इस ‘सेक्स इन बस पोर्न स्टोरी’ में सुनाने जा रही हूं.

यूं तो हर एक इंसान को चुदाई का बहुत शौक होता है.
लड़कों को नई नई औरतें चोदने की चुल्ल होती है … और मेरी जैसी लड़कियों को नए नए लंड से चुदने की!

यह बात सन 2015 की है.
उस वक्त मुझे पुणे से नागपुर सफर करना था.

यूं तो कहीं भी सफर करना हो तो मैं ट्रेन से ही करती हूं.
लेकिन इस बार त्योहार की वजह से मेरी सीट कन्फर्म नहीं हुई थी, अतः मुझे ट्रेन की यात्रा रद्द करनी पड़ी.

अपनी किस्मत को कोसते हुए मैंने बस में जाने का फैसला किया और बस की टिकट करवाई.
किसे पता था कि मेरी किस्मत मेरे लिए जिंदगी भर याद रहने वाली एक खास किस्सा लिख रही है.

मैं पुणे से शाम को ठीक 5 बजे बस पर चढ़ गई.
यह बस एक एसी स्लीपर कोच थी जो एकदम आरामदायक बस थी.

हर एक बेड के साथ एक पर्दा लगा हुआ था.
सभी यात्रियों को एक प्राइवेसी का पूरा ख्याल रखा गया था.

मेरी सीट मतलब मेरा बेड एक दूसरे यात्री के साथ शेयरिंग में था क्योंकि मैंने आखिरी समय पर टिकट की बुकिंग करवाई थी इसलिए मुझे यह सीट मिली थी.

मुझे डर लग रहा था कि बाजू वाला यात्री कौन होगा, कैसा होगा.

मेरे डर का आशय यह था कि कहीं कोई खूसट या दुर्गंध देने वाला व्यक्ति मेरा सहयात्री न हो.

किसी जवान लड़के के साथ रात गुजरे, ऐसा मैं खुद चाहती थी.
तभी तो मैंने यह शेयरिंग वाली सीट लेने में कोई आपत्ति नहीं जताई थी.

वर्ना बस सेवा वाले मुझे किसी महिला के साथ यात्रा करने का अधिकार दे रहे थे.

मैं पुरानी चुदक्कड़ किस्म की लड़की रही हूँ और मुझे अनजान मर्द के साथ सेक्स करने में कोई आपत्ति नहीं है, बस वह मुझे पसंद आना चाहिए.
नापसंद के व्यक्ति के साथ मैं कभी भी सेक्स नहीं करती हूँ.

तो बस 5 बजे चलना शुरू हो गई और आधा घंटा बाद अपने पहले पड़ाव पर रुकी.
वहां से कुछ यात्री बस पर चढ़े.

मेरे बाजू में बैठने वाला शक्स भी वहीं से चढ़ा.
उसके बारे में थोड़ा बता देती हूँ.

बहुत ही मस्त था वह लड़का, लंबा कद सांवला रंग, बड़े गुलाबी होंठ एकदम कसरती जिस्म.
वह मेरे बाजू में आकर लेट गया और अपने मोबाइल पर किसी को फोन करने लगा.

उसकी बातें सुन कर लगा कि शायद वह अपनी गर्लफ्रेंड से बात कर रहा था.
दोनों में पूरे समय किसी चीज को लेकर बहस हो रही थी.

मैं ज्यादा ध्यान ना देते हुए अपने मोबाइल पर गाना सुनने लगी.
इसी तरह रात के नौ बज गए थे और बस किसी हाईवे पर ढाबे पर जाकर रुक गई.

मेरी आंख लग चुकी थी इसलिए मुझे पता नहीं चला.
उस लड़के का नाम सोहम (नाम बदल कर लिखा है) था.

उसने पहली बार मुझे हाथ लगा कर जगाया और कहा- सुनिए बस किसी ढाबे पर रुकी है, चलिए कुछ खाकर आते हैं.
उसके छूने मात्र से ही मेरे मन में मानो लड्डू सा फ़ूटने लगा था.

मैं मान गई और हम दोनों उतर गए.
दोनों ने मिल कर एक ही थाली मंगवाई और साथ साथ खाना खाया.

सबसे पहले हम दोनों ही वापस बस पर चढ़ गए.
उस वक्त बस में हम दोनों ही अकेले थे; दोनों इधर उधर की बात कर रहे थे.

एकाएक उसने कहा- आपके होंठ बहुत खूबसूरत हैं, एकदम गुलाब की पंखुड़ी जैसे. मेरी वाली के होंठ फटे फटे रहते हैं, उससे चुम्बन का मज़ा नहीं ले पाता हूँ.
मैंने उससे छेड़ते हुए कहा- मेरा चुम्बन लेकर देखो और बताओ कि अच्छा लगता है या नहीं!

यह कह कर मैंने उसे आंख मार दी.
उसने कहा- हां बिल्कुल.

अब हम दोनों पहली बार चुम्बन लेने वाले थे.

मैं सोच रही थी कि शायद यह कुछ शर्माएगा.
लेकिन उसने अचानक मुझे जोर से पकड़ लिया और मेरे होंठों को चूसने लगा.

मैं पहले तो हड़बड़ा गई लेकिन बाद में मुझे काफी अच्छा लगने लगा था.

चुम्बन लेते वक्त उसका हाथ एक बार मेरे टॉप के अन्दर जाता, तो कभी मेरे पजामा के अन्दर.
मैंने कहा- पर्दा लगा दो, कोई देख लेगा. उसने पर्दे को ऐसे सैट करके लगाया कि बाहर से कोई भी शक्स अन्दर होने वाली काम क्रिया को नहीं देख पाए.

कुछ ही देर में हम दोनों में प्यार मुहब्बत वाली बातें होने लगीं और हम दोनों ने ही फैसला किया कि दोनों एक दूसरे के साथ नग्न होकर सोएंगे.
इस तरह दोनों ने अपने अपने कपड़े उतार दिए.

वह मेरी पसीने से गीली हुई पैंटी को सूंघने लगा और उसे जीभ से चाटे जा रहा था.

बिस्तर पर सबसे पहले मैं नग्न अवस्था में लेट गई और वह नग्न होकर मेरे ऊपर लेट गया.
मेरी टांगें फैली हुई थीं और उसका लंबा काला लंड मेरी चूत पर रगड़ मार रहा था.

हम दोनों के होंठ सिले हुए थे, दोनों जीभ से बीच बीच में एक दूसरे को चाट रहे थे.
वह मेरे दूध को कभी दबाता और कभी मसलता तो कभी बच्चे जैसा चूसने लगता.

करीब एक घंटा तक हम दोनों नंगे होकर एक दूसरे से खुद को रगड़ रहे थे.
इस बीच सोहम का वीर्य मेरी नाभि पर गिर गया.

उसने अपनी उंगलियों से अपने वीर्य को उठाया और मेरे होंठों पर लगा कर मेरे होंठों से अपने होंठ और जीभ फेरने लगा.

थोड़ी देर बाद मैंने उससे कहा- मुझे चोदो ना!
उसने कहा- लेकिन मेरे पास तो निरोध नहीं है.

दोनों निरोध ना होते हुए डर तो रहे थे लेकिन दोनों में कामुक वासना इतनी ज्यादा भर गई थी कि चुदाई तो करनी ही थी.

उसने मेरे दोनों पैरों को ऊपर उठा कर फैलाया और अपना मोटा काला लंड अन्दर डालने लगा.
वह थूक लगा कर मुझे चोदने लगा.

उसका लंड अन्दर गया तो मेरी आह निकल गई.
सच में किसी अजनबी लंड से चुदने में कितना ज्यादा मज़ा आ रहा था.

मैं बेखौफ होकर एक अनजान आदमी से गांड उठा कर चुदवा रही थी.

तभी वह कुछ ज्यादा उत्तेजित हो गया और उसके बोल बदल गए.

वह मुझे गाली देते हुए बोला- साली रंडी, आज तुझे मैं अपनी पर्सनल रखैल बनाऊंगा.

मैंने भी कह दिया- हां आ जा भोसड़ी के … बना ले मुझे अपनी रंडी, सारी जिंदगी तेरे ही लंड से चुदूंगी.
गंदी गंदी गाली देते हुए हम दोनों एक दूसरे के साथ चोदम चोदी का मज़ा ले रहे थे.

रात भर करीब तीन बार मेरी चूत चोदने के बाद वह बोला- गांड मरवाओगी?
मैंने कहा- हां क्यों नहीं. ले ले पिछवाड़े का मजा भी ले ले कमीने … तुझे तो आज फ्री की रंडी मिल गई हैं न भोसड़ी के!

वह बोला- मुझे तो फ्री की रांड मिली है … पर तुझे भी तो फ्री का मोटा लंड मिल गया कुतिया … तभी तो लौड़े का मजा ले रही है!
मैं हंस दी.

उसने मुझे उल्टा लेटा दिया.
पहले कुछ देर तक वह मेरी मोटी गोल-मटोल गांड पर अपना लवड़ा रगड़ता रहा.

उसने एक बार अपना वीर्य भी निकाला.
फिर मेरी गांड के छेद को फैलाते हुए अपने ही वीर्य को चाटने लगा.

फिर उसी वर्य भरे मुँह से हम दोनों चुम्बन का आनन्द लेने लगे थे.

अब वह उठा और मेरी गांड मारने के लिए पोज सैट करने लगा.
उसने मुझे आधी घोड़ी बनाया और मेरी गांड में अपने लंड का सुपारा सैट कर दिया.

मैंने भी अपनी गांड को पूरा ढीला छोड़ दिया था.
मैं कइयों बार गांड मरवा चुकी हूँ तो मुझे मालूम था कि गांड मरवाते समय यदि उसे ढीला न छोड़ा जाए, तो काफी दर्द होता है.

मैंने उससे कहा- थूक लगा लेना भोसड़ी वाले … वरना घुसेड़ना मुश्किल हो जाएगा.

वह मेरे दूध दबाता हुआ बोला- तू तो पक्की रांड है साली … सब जानती है कि थूक लगा कर किस तरह से गांड मरवाई जाती है!
मैं हंस दी और पूछने लगी- क्यों तेरी वाली गांड नहीं मरवाती है क्या?

वह बोला- अरे उस कुतिया का नाम मत लो यार, साली के इतने नखरे हैं कि भैन की लौड़ी की चूत ही चोदने मिल जाए तो बड़ी बात है.
मैंने कहा- ऐसा क्यों?

वह मेरी गांड में लंड का सुपारा फंसाते हुए कहने लगा- पता नहीं … साली को मेरे लौड़े की कोई अहमियत ही नहीं है.
मैं हंस दी.

तभी उसने लंड गांड में ठेल दिया तो मेरी ‘आह मर गई.’ की आवाज निकली और मैंने खुद से अपनी टांगों को कुछ और चौड़ाने का प्रयास किया.

मैंने अपनी गांड भी ढीली की तो उसका पूरा लंड अन्दर घुसता चला गया.
वह हंसने लगा और बोला- तुझे तो गांड मरवाने का बाद अनुभव है. साली गांड में कितने मोटे मोटे हथियार लिए हैं तूने … एकदम गड्डा बनवा लिया है.

मैंने कहा- साले एक तो तुझे गांड मारने दे रही हूँ और ऊपर से गांड को गड्डा बता रहा है!
वह लंड को आगे पीछे करता हुआ बोला- अब गड्ढे को गड्डा न कहूँ तो क्या कहूँ?

मैंने कहा- अच्छा बेटा अभी बताती हूँ … ले अब तुझे कुंवारी गांड का मजा मिलेगा.
यह कह कर मैंने अपनी गांड को सिकोड़ लिया.

दोस्तो, यह एक अनुभव की बात है. गांड की यह खूबी होती है कि वह जब चाहे तब सिकुड़ कर लंड को अपने अन्दर कस सकती है.
यही हुआ.

मैंने जैसे ही अपनी गांड को सिकोड़ना शुरू किया, उसका लंड मेरी गांड में फंसने लगा.
वह दर्द से आह आह करने लगा.

उसने कहा- ओए साली रंडी … यह क्या कर रही है?
मैंने हंस कर गांड ढीली की, तो उसे चैन मिला.

वह मान गया था कि गांड में लचीलापन ज्यादा होता है.
अब हम दोनों मस्ती से गांड चुदाई का सुख प्राप्त किया.

रात भर दोनों नग्न रह कर एक दूसरे को प्यार करते रहे और जब सेक्स इन बस पोर्न करके थक गए तो नंगे ही लिपट कर सो गए.
सुबह उठ कर अपने अपने कपड़े पहने. दोनों ने नंबर एक्सचेंज किए और एक दूसरे से आगे दुबारा मिलने का प्लान भी किया.

हम दोनों नागपुर में सुबह उतर गए और जाने से पहले वह मेरे होंठों पर चुम्बन देते हुए बोला- जानेमन, मैं शादीशुदा हूं … मेरे बच्चे भी हैं … लेकिन जो सुख बीवी से नहीं मिला, वह तुमसे मिला.
मुझे भी काफी आनन्द लगा.

हम दोनों अब व्हाट्सएप पर चैट करने लगे हैं और एक दूसरे को अपने नग्न चित्र भेजकर एक दूसरे को सुख देने लगे हैं.
काफी महीनों तक हमारा सेक्स का आनन्द चलता रहा, फिर वह भारत से बाहर चला गया.

बाद में पता चला कि उसका अपनी बीवी से तलाक भी हो गया और एक दूसरी गर्ल फ्रेंड के साथ वह अमेरिका चला गया.

ये थी मेरे जिंदगी की एक बहुत प्यारी सी सेक्स कहानी, जिसे मैं आज भी याद करती हूं.

आपको मेरी यह सेक्स इन बस पोर्न स्टोरी अच्छी लगी तो मुझसे जरूर संपर्क करें.
उम्मीद है फिर से एक नई सेक्स कहानी के साथ आप सबसे मुलाकात होगी.
नमस्ते.

मेरी मेल आईडी
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