लॉकडाउन के बाद सौतेली मां के साथ चुदाई- 4

(Step Mom Sex Kahani)

स्टेप मॉम सेक्स कहानी में पढ़ें कि कैसे एक औरत अपने जवान सौतेले बेटे से पूरी रात में कई कई बार चुदी. दोनों ने अलग अलग तरीकों से सेक्स का मजा लिया.

मित्रो, मैं हर्षद मोटे आपको अपनी सौतेली मां की चुदाई की कहानी में स्वागत करता हूँ.
स्टेप मॉम सेक्स कहानी के पिछले भाग
लम्बे अरसे के बाद सौतेली माँ की चूत चोदी
में अब तक आपने पढ़ा था कि मेरी मां अदिति ने अपनी कामुक हरकतों से मुझे सोते से जगा दिया था. वो मुझसे चोदने के लिए कहने लगी थी.

अब आगे स्टेप मॉम सेक्स कहानी:

मैं अदिति को चूमकर उठ गया और अदिति को भी उठाकर घोड़ी बना दिया. उसके दोनों घुटने दोनों तरफ फैलाकर चूत और गांड की खाई चौड़ा दी.

अदिति की गुलाबी चूत मेरे सामने थी और उसकी मांसल गोरी गांड मेरे लंड को उकसा रही थी.
मैं भी अपने घुटने के बल बैठ गया और अपने होंठ उसकी चूत पर रख दिए.
अदिति सिहर उठी.

अब मैंने अपने दोनों हाथों से उसकी गांड सहलाई और उसकी चूत में अपनी जीभ डालकर अन्दर बाहर करने लगा.

अदिति सीत्कारने लगी- ओह हर्षद ऊंई ऊंई ऊं ऊं स् स् स्ह स्ह हम्म बहुत मजा आ रहा है.
मैं भी नीचे से ऊपर तक जीभ फेर कर उसकी गांड के छेद को भी चाटने लगा.

अदिति अपनी गांड हिलाने लगी.
अब अदिति की चूत और गीली होने लगी. मैं उसकी चूत और गांड चूसते हुए उसकी गांड भी हाथों से रगड़ रहा था.

नीचे मेरा लंड जोर जोर से फड़फड़ाने लगा था.

मैं उसके दोनों पैरों के बीच अपने घुटनों के बल बैठ गया और अपने एक हाथ में लंड पकड़कर उस पर ढेर सारा थूक छोड़ा और लंड पूरा गीला कर दिया.
मेरा लंड का सुपारा एकदम चिकना हो गया था.

मैं लंड को अदिति की चूत पर ऊपर से नीचे तक रगड़ने लगा.
थोड़ी देर ऐसा करने से अदिति सीत्कारने लगी और कामुक होकर अपनी चूत मेरे लंड पर दबाने लगी.

मैंने भी लंड का सुपारा उसकी चूत की दरार में रखकर एक जोर का धक्का मार दिया.
मेरा आधे से अधिक लंड उसकी चूत में उतर गया.

अदिति सीत्कार के साथ बड़बड़ाने लगी- आह उफ्फ ऊंई ऊंई हम स् स् स्ह स्ह हाय रे हर्षद एक ही बार में पूरा डाल दिया क्या?

मैंने अदिति के हिलती हुई चूचियां अपने दोनों हाथों से सहलाकर कहा- अदिति अभी और दो इंच बाहर है.
अदिति ने कराहते हुए कहा- अब आहिस्ता आहिस्ता डालना हर्षद.

मैंने उसकी दोनों चूचियां अपने दोनों हाथों में पकड़ीं और हल्के हल्के से लंड अन्दर बाहर करने लगा.
कुछ मिनट लंड ऐसे ही अन्दर बाहर करके मैंने पूरा लंड अदिति की चूत में उतार दिया था.

अदिति भी मेरा साथ देकर अपनी गांड आगे पीछे करने लगी थी, वो लंड को अपनी चूत की गहराई में ले रही थी.
हम दोनों मदहोश हो रहे थे.

मैं अदिति की चूचियां जोर जोर से पकड़कर मसल रहा था तो अदिति तिलमिलाने लगी थी.

मेरे जोरदार धक्के लगने से मेरे लंड का सुपारा उसकी चूत में गर्भाशय के मुँह तक जा रहा था और ठोकर मार रहा था.

अदिति अपने गर्भाशय के मुँह पर मेरे सुपारे की ठोकरों से पूरी तरह से कामवासना में डूबने लगी थी.
वो चरम सीमा पर आने लगी थी और अपनी गांड मेरे लंड पर दबाने लगी थी.

कुछ मिनट तक मैं ऐसे ही अदिति की चूत की धुँआधार चुदाई करता रहा.
इसके बाद अदिति जोर जोर से सिसकारियां लेती हुई बोली- ऊंई आस उफ्फ उफ्फ हाय हम स्ह स्ह हर्षद अब मैं झड़ने वाली हूँ.

मैंने भी जोर जोर से धक्के मारकर अदिति से कहा- हां मैं भी झड़ने वाला हूँ अदिति.
अदिति की कमर पकड़कर मैंने जोरदार धक्के मारे और हम दोनों साथ में झड़ गए.

इतने में अदिति थक गई और पेट के बल सीधी लेट गयी, साथ में मैं भी उसके ऊपर लेट गया.
मैंने अपना सर उसके कंधे पर रख दिया. हम दोनों ही सिसकारियां लेते हुए निढाल होकर लेटे रहे.

मेरे लंड की वीर्य की पिचकारियां उसकी चूत की गहराई में जाकर चूत वीर्य से भरने लगी.
साथ में अदिति की चूत का लावा मेरे लंड को नहला रहा था.

आज पहली बार मैं अपना लंड अदिति की चूत में डालकर उसकी मांसल, गद्देदार और बाहर निकली गांड पर लेट रहा था.
कुछ मिनट तक हम दोनों ऐसे ही लेटे रहे थे.

थोड़ी देर बाद मैं अपने होंठों से अदिति के गाल को चूमने लगा.
अदिति अपने दोनों पैर दोनों तरफ फैलाकर अपनी गांड ऊपर उठाने लगी.
शायद मेरा वजन अदिति अपने ऊपर सहन नहीं कर पा रही थी.

मैंने अपना लंड बाहर निकाला और उसके बाजू में पीठ के बल लेट गया.
अदिति उठकर घुटनों के बल बैठ गयी.

हम दोनों का कामरस उसकी चूत से बाहर आकर बेडशीट पर फैलने लगा.

मैंने अदिति को एक कपड़ा दे दिया.
अदिति ने अपनी चूत साफ करके मेरा लंड भी पौंछकर साफ कर दिया.

बाद में उसने बेडशीट को भी साफ कर दिया और मेरे साथ सटकर लेट गयी.

मैंने मोबाइल में टाईम देखा, तो सवा तीन बज रहे थे.
अदिति भी पीठ के बल लेट गयी थी.

मैंने अपना एक हाथ उसके सर के नीचे डाला और उससे सट गया; अपना दूसरा हाथ मैंने उसकी एक चुची पर रख दिया.

मैंने अपना एक पैर भी अदिति की जांघों पर रख दिया. इससे मेरा मुरझाया लंड उसकी एक जांघ से सट गया था.

अदिति अपनी आंखें बंद करके शांत लेटी थी.
हम दोनों ऐसे ही सो गए.

मेरी नींद तब खुली, जब अदिति ने मेरा पैर उसके ऊपर से हटाया.
मैं पीठ के बल लेट गया. अदिति मेरी तरफ मुँह करके मुझे सटकर लेट गयी.

थोड़ी देर बाद अदिति ने अपना एक हाथ मेरे लंड पर रखा.
मैं समझ रहा था कि शायद अदिति नींद में है. ऐसा सोचकर आंखें बंद करके लेटा रहा.

मैंने फिर से मोबाइल में टाईम देखा, तो साढ़े चार बजे थे.

थोड़ी देर बाद अदिति ने मेरा मुरझाया लंड अपने हाथ में पकड़ लिया. अदिति आहिस्ता आहिस्ता मेरे लंड को सहलाने लगी.

मैं चुपचाप लेटा रहा.
अब अदिति जोर जोर जोर से मेरा लंड सहलाने लगी थी और साथ में मेरी अंडगोटियां भी सहला रही थी.

मुझे मजा आने लगा था. मैंने अपना एक पैर बाजू में फैलाया और अंडगोटियां सहलाने को जगह बना दी.

अब अदिति अंडगोटियां सहलाती हुई मेरी गांड की दरार भी सहलाने लगी थी.

फिर अदिति भी पीठ के बल मुझे सट कर लेटी रही. मैंने अपना एक हाथ उसकी चूत पर रखा. इससे अदिति सिहर उठी.
अब अदिति ने भी एक पैर बाजू में फैलाकर मुझे चूत सहलाने को जगह दे दी.

हम दोनों ही एक दूसरे के गुप्तांगों को सहला रहे थे.
मैं अदिति चूत सहलाते हुए उसकी गांड की दरार भी सहलाने लगा.

दस मिनट तक हमारा ये खेल चालू रहा.
हम दोनों भी मदहोश हो रहे थे. मेरा लंड पूरा तनाव में आकर आसमान छूने लगा था.

अदिति कड़क लंड देखकर और कामुक हो गयी. वो मेरे लंड को जोर जोर से मसलने लगी.

मैंने जोश में आकर अपनी बीच वाली उंगली अदिति की चूत में डाल दी और अन्दर बाहर करने लगा.
अदिति मचल उठी और बोली- ओह हर्षद मजा आ रहा है. ऐसे ही करते रहो.

वो मेरा लंड ऊपर नीचे करके मसलने लगी. मैं भी अब दो उंगलियां उसकी चूत में डालकर अन्दर बाहर करने लगा.
अदिति सिसकारियां लेने लगी.

अदिति की चूत गीली हो गयी थी. मैंने अपनी दोनों उंगलियां उसकी चूत में डाल दीं और साथ में मैं अपने अंगूठे से उसकी चूत के ऊपर वाला दाना सहलाने लगा.

इससे अदिति सीत्कारने लगी और अपना दूसरा हाथ मेरे हाथ पर रखकर बोली- हर्षद, इस दाने को मत मसलो, नहीं तो मैं अभी ही झड़ जाऊंगी.

मैंने कहा- ठीक है अदिति, अब नहीं ऐसा करूंगा.
अदिति की चूत पूरी तरह से गर्म और गीली हो गयी थी.

अदिति मुझसे बोली- हर्षद अब नहीं रहा जा सकता मुझसे … जल्दी से अन्दर आ जाओ.

मैंने अदिति से कहा- हां अदिति, अब मेरा लंड भी बहुत फड़फड़ाने लगा है. अब तुम ही कुछ कर लो.
ऐसा कहते मैंने अपनी तीन उंगलियां अदिति की चूत में डाल दीं.

अदिति कसमसाने लगी लेकिन मैं उंगलियां अन्दर बाहर करता रहा. अदिति ने अपना हाथ मेरे हाथ पर रखकर मुझे रोक दिया और उसने मेरा हाथ चूत से दूर कर दिया.

वो उठकर मेरे ऊपर अपने घुटनों के बल बैठ गयी और एक हाथ में मेरा लंड पकड़ कर अपनी चूत में लेने की तैयारी करने लगी.
उसने लंड के सुपारे पर अपने मुँह से थूका और मेरे लंड को चिकना कर दिया.

उसकी चूत तो पहले से ही गीली हो गयी थी.
अब उसने अपनी गांड उठाकर एक हाथ में मेरा लंड पकड़ा और मेरे लंड का सुपारा अपनी चूत की दरार में रगड़ने लगी.
उसके शरीर का पूरा वजन मेरे लंड पर पड़ते ही मेरे लंड का सुपारा अदिति की चूत में सटाक से घुस गया.

अदिति ने अपने दोनों हाथ मेरे सीने पर रख दिए और आहिस्ता आहिस्ता लंड का सुपारा अन्दर बाहर करके लेने लगी.

उसे दर्द हो रहा था तो वो थोड़ा थोड़ा करके लंड अन्दर ले रही थी.

इधर मैंने अपने हाथों में उसकी दोनों चूचियां पकड़ रखी थीं. मैं भी नीचे से अपनी गांड उठाकर अदिति को साथ देने लगा.
मेरा आधे से अधिक लंड अदिति ने अपनी चूत में ले लिया था.

अब अदिति ने मेरे दोनों निपल्स को सहला रही थी.
इससे मेरे शरीर में गुदगुदी होने लगी थी.

मैं अदिति की चूचियां जोर जोर से मसलने लगा. अदिति और कामुक होकर लंड अन्दर बाहर करने लगी.

मेरा लंड भी जोर जोर से फड़फड़ाने लगा था तो मैं अपने आपको रोक न सका और मैंने नीचे से अपनी गांड उठाकर जोर का धक्का देकर पूरा लंड अदिति की चूत की गहराई में डाल दिया.

इस धक्के से मेरा लंड उसके गर्भाशय के द्वार पर दस्तक देने लगा था.

अदिति ये घाव सह न पाई और झड़ने लगी. वो मेरे ऊपर लेट गयी. उसने अपना सर मेरे कंधे पर रख दिया.

मैंने उसे अपनी बांहों में कस लिया.
अदिति मादक सिसकारियां ले रही थी, उसकी गर्म सांसें मेरे कान और गाल को गर्म कर रही थीं.

अदिति मेरे कान में बोली- हर्षद, तुमने तो मुझे एक धक्के में ही झड़ा दिया. कैसा लंड है तुम्हारा. अब तक मैं कितनी बार झड़ चुकी हूँ, लेकिन तुम हो कि झड़ने का नाम ही नहीं लेते.
मैंने अदिति से कहा- ये बात सच है अदिति कि तुम बार बार झड़ जाती हो क्योंकि मेरे लंड के हिसाब से तुम्हारी चूत छोटी है. इसके कारण, मेरे लंड का घर्षण तुम्हारी चूत में इतना ज्यादा होता है कि तुम कामवासना में डूबकर जल्दी झड़ जाती हो.

मेरी बात सुनकर अदिति बोली- हां, तुम ठीक ही कह रहे हो. लेकिन आज मैंने सोचा था कि तुम्हारे ऊपर ऊपर बैठकर तुम्हारे लंड को अपनी चूत से जी भर के चोदूँगी. लेकिन तुमने ही मुझे झड़ा दिया.

मैंने अपनी गांड ऊपर नीचे करके अदिति से कहा- कोई बात नहीं. तुम अब भी मुझे जी भरके चोद सकती हो.
अदिति बोली- वो तो है, लेकिन मैं तुम्हें झड़ा नहीं सकती हर्षद.

मैंने अदिति से कहा- अदिति, मैंने सुना है कि औरत चूत से निकले कामरस से लंड की मसाज करे तो इससे लंड और बड़ा हो जाता है.
अदिति ने कहा- ऐसी बात है तो मैं हमेशा तुम्हारे लंड की मसाज करूंगी. चलो, अभी ही कर देती हूँ. वैसे भी ढेर सारा चूतरस अभी भी मेरी चूत में भरा है.

अदिति सीधे घुटनों के बल बैठ गयी और आहिस्ता से मेरा लंड अपनी चूत से बाहर निकाला.
उसकी चूत से निकला चुतरस मेरे सुपारे से लेकर नीचे तक बहने लगा.

अदिति ने मेरे बाजू में बैठकर अपने दोनों हाथों से मेरे लंड की मसाज करना शुरू कर दिया.
वो अपने चूतरस से लंड की मालिश करने लगी.

मुझे बहुत मजा आ रहा था.
मैं बीच बीच में अपनी गांड ऊपर नीचे करके अदिति को साथ देने लगा.

अदिति ने जांघों पर बहता चुतरस मेरी अंडगोटियां को भी लगाया और उन्हें मसलने लगी. गोटियों के बाद अदिति अपने हाथों से फिर से मेरा लंड मसल रही थी.

पूरा चूतरस खत्म हो गया तो अदिति फिर से मेरे ऊपर आकर मेरा लंड अपनी चूत में लेकर मुझे चोदने लगी.

दस मिनट तक अदिति मेरे लंड की धुँआधार चुदाई करती रही.
मैं आराम से लेटकर मजे ले रहा था.

थोड़ी देर बाद अदिति के धक्कों से मैं भी कामुक हो गया और नीचे से अपनी गांड उठाकर अदिति को साथ देने लगा.

अदिति का शरीर अकड़ने लगा, वो सीत्कारने लगी- ओह हर्षद उफ्फ ऊंई ऊं ऊं अब मैं झडने वाली हूँ स् स् स्ह स्ह.

मैंने अदिति को बांहों में कस लिया और कहा- हां मैं भी झड़ने वाला हूँ अदिति.

मैंने कुछ धक्के नीचे से मारे, तो अदिति झड़ गयी और उसका गर्म चुतरस मेरे लंड को नहलाने लगा.
मैं भी अपनी गांड उठा उठाकर झड़ गया.

अदिति मेरे कंधे पर अपना सर रखकर सिसकारियां लेते हुए लेटी रही.
स्टेप मॉम सेक्स के बाद दोनों थककर निढाल होकर एक दूसरे की बांहों में समा गए थे.

मैंने टाईम देखा तो साढ़े पांच बज चुके थे.
हम दोनों भी ऐसे ही सो गए.

मेरी नींद जब खुली तब अदिति मेरी बांहों से छूटने की कोशिश कर रही थी.
मैंने टाईम देखा तो सुबह के आठ बज गए थे. मैंने अदिति को कसके पकड़ा हुआ था.

मेरा लंड अभी भी अदिति की चूत में ही था. अदिति छूटने की नाकामयाब कोशिश कर रही थी.

इस खींचातानी में अदिति का पूरा बोझ मेरे लंड पर था. अपनी गांड हिलाने से मेरा लंड तनाव में आने लगा.
अदिति ने मुझसे कहा- हर्षद प्लीज छोड़ो ना मुझे … आठ बज गए हैं. नहाकर नाश्ता भी बनाना है. मुझे बहुत भूख लगी है हर्षद. अब और पूरा दिन हमारा भी है ना, तो अब छोड़ दो मुझे. चलो अब हम दोनों साथ में नहाएंगे.

अदिति की बातें सुनकर मैंने उसे अपनी बांहों से आजाद कर दिया.

मेरी सौतेली माँ मेरे ऊपर से उठी, मेरा लंड चूत से बाहर आ गया और अदिति की चूत से हम दोनों का कामरस मेरे लंड से होकर मेरी जांघों और अंडगोटियों को भिगोने लगा.

फिर अंडगोटियों से बह कर नीचे मेरी गांड के छेदको गीला करके बेडशीट पर फैलने लगा.

अदिति ये सब देखकर बोली- इतना सारा हम दोनों का इतना सारा कामरस … इतने समय से मेरी चूत में रुका था! मुझे यकीन ही नहीं हो रहा है हर्षद!
मैंने अदिति से कहा- हां अदिति, ये सही है क्योंकि मेरा लंड तुम्हारी चूत में इतना फिट बैठता है कि हवा भी पास नहीं हो सकती. ये अकेला मेरा नहीं, हम दोनों का कामरस है. इसलिए तुम्हें कुछ ज्यादा लग रहा है.

मेरी बात सुनकर अदिति मुस्कुराकर बोली- सही कहते हो हर्षद.

उसने कपड़ा लेकर अपनी चूत और मेरा लंड, जांघें और गांड को साफ कर दिया.

फिर मुझे हाथ देकर उठाया. हम दोनों बेड के नीचे उतर गए.

अदिति ने खराब हुई बेडशीट और तकिया के कवर को निकाला. हम दोनों बाथरूम में चले गए.

अदिति ने कपड़े मशीने में धोने के लिए डाल दिए.
हम दोनों साथ में एक दूसरे को अच्छी तरह से नहलाने लगे.

दोनों नंगे ही बाहर आए तो मैंने अदिति से कहा- आज हम दोनों दिन भर ऐसे ही बिना कपड़ों के ही रहेंगे.
वो मेरी तरफ देखकर मुस्कुराकर बोली- तुम जैसा चाहो हर्षद. मैं तैयार हूँ.

हम बेडरूम में आ गए. अदिति ने कंघी से अपने बाल अच्छी तरह से संवारे और क्रीम, पावडर, डिओ और सेंटस्प्रे मारकर तैयार हो गई.

वो किचन में नंगी ही गयी.
मैं भी वैसे ही तैयार होकर हॉल में जाकर नंगा ही सोफे पर बैठ गया.

दोस्तो, मेरी स्टेप मॉम सेक्स कहानी आपको कैसी लगी, जरूर बताना.
तब तक के लिए सभी दोस्तो को मेरा नमस्कार. मुझे आपके मेल का इन्तजार रहेगा.
[email protected]

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