झुग्गी से झूमर तक का सफ़र
मेरा नाम नूर है, घर में प्यार से मुझे सब नूरो कहकर बुलाते थे। मेरे वालिद रिक्शा चलाकर परिवार का पेट पालते थे। अम्मी अनपढ़, घरेलू और धार्मिक महिला थी। मुझसे चार और दो साल बड़ी दो बहनें और मेरे बाद छोटे दो भाई हैं। मैंने बचपना घोर गरीबी में काटा। मैंने और मुझसे चार […]