घर में चुदाई का मज़ा लिया
हम दोनों बिल्कुल नंगे थे.. मैं पहली बार ज्योति को नंगा देख रहा था.. मुझसे रहा नहीं जा रहा था। उसकी फुद्दी पर अभी बाल हल्के हल्के आए थे.. छोटे-छोटे से भूरे भूरे थोड़े से बाल थे।
किसी लड़की का नंगा बदन देखने को मिल जाए तो क्या कहने… ऐसे ही जवान भाभी, आंटी, गर्ल्स का नग्न शरीर देख कर मजा लूटने की कहानियां यहाँ पढ़ा कर मजा लें!
हम दोनों बिल्कुल नंगे थे.. मैं पहली बार ज्योति को नंगा देख रहा था.. मुझसे रहा नहीं जा रहा था। उसकी फुद्दी पर अभी बाल हल्के हल्के आए थे.. छोटे-छोटे से भूरे भूरे थोड़े से बाल थे।
नीलेश उसके बूब्स में झाँक रहा था, मैं उसके चूचों को निहार रहा था। नीता बेचारी देखा देखी सब कर तो रही थी पर उसे बहुत शर्म भी आ रही थी। पर शायद कहीं न कहीं वो इस आज़ादी से बहुत खुश थी और इसका आनन्द भी ले रही थी।
उर्वशी अपनी अन्तर्वासना में डुबकी लगते हुए आहें भरने लगी और सिसकारने लगी, मेरे सिर के बालों को दोनों हाथों से पकड़ अपनी ओर खींच कर मेरे होंठों को अपने होंठों में दबोच कर चूसने लगी।
कोमल मुस्कुराती हुई पुनीत के पास गई और उसके लौड़े को सहलाने लगी। इस बार वो सोया हुआ था.. कोमल ने उसका लण्ड बाहर निकाल दिया और बड़े प्यार से उसको चूसने लग गई..
नीता बोली- भाभी, इसमें तो ऐसा लग रहा है जैसे उनके सामने हम लोग बिना कपड़ों के ही हैं। मधु बोली- यही तो रिझाने की कला है, थोड़ा दिखाओ थोड़ा छुपाओ, थोड़ा दिखा के छुपाओ थोड़ा छुपा के दिखाओ।
अन्तर्वासना की सेक्स स्टोरी के बारे में मेरे दोस्त मुझे बताते थे.. वो मेरे कमरे में मैं दिव्या को बताता था। मैं अपना काम पूरा करता.. तब तक वो इन्तजार करती थी.. मतलब सोती नहीं थी।
पायल बड़े प्यार से लौड़े को चाटने लगी.. सुपारे को धीरे-धीरे मुँह में लेने लगी। बस 5 मिनट में ही पायल पूरा लौड़ा ‘गपागप’ मुँह में लेकर चूसने लगी। साथ ही साथ आंडों को भी हाथ से सहला रही थी।
उसका सर मेरे सीने पर था और बालों से उसका चेहरा ढका हुआ था। मैंने जैसे ही उसके बाल उसके चेहरे से हटाये तो उसने अपना चेहरा उठा कर मेरी तरफ किया, मेरे और उसके होंठ आमने सामने थे।
मैंने सुश्री को नीचे बिछे को गद्दे पर लिटाया और झट से उसकी चौड़ी जांघों में बैठ कर अपने लंड को उसकी बुरी तरह से पनियाई चूत के द्वार पर रख कर पहला धक्का मारा.
नीता के कपड़े भी थोड़े से गीले हो गए पर बेचारी कुछ एक महीने से प्यासी थी इसलिए उसे उस समय कुछ समझ नहीं आ रहा था और वो इस आज़ादी और अपने चुम्बन का रस ले रही थी।
ले भाई दूल्हा आ गया.. अब होगी असली सुहागरात तेरी बहन की.. हा हा हा हा.. भाई अर्जुन ये टीवी पर हमें चुदाई देखनी है.. ज़रा स्टाइल से करना ताकि हमारा मज़ा दुगुना हो जाए..
सन्नी- तू कौन सी कुँवारी है... तेरी चूत तो खुली हुई है.. अब यह नाटक बन्द कर और पनी चूत चुदाई का मज़ा ले। पायल समझ गई कि सन्नी को पता लग गया है..
सोनाली भाभी को किसी दीपक से प्यार है और मुझे सोनाली भाभी से। मैंने कैसे सोनाली भाभी धीरे धीरे पटा कर, उन्हें उत्तेजित करके उनकी प्यासी चूत की चुदाई की, पढ़िए इस कहानी में!
सन्नी ने पायल के पैरों को मोड़ा और लौड़ा चूत पर सैट करके जोरदार धक्का मारा.. जिससे पूरा लौड़ा जड़ तक चूत में समा गया और पायल के मुँह से बहुत ज़ोर से चीख निकली.. जो बाहर सबको सुनाई दी।
मेरे हाथ सोनाली के चूचों को मसल रहे थे और धीरे-धीरे उसके कपड़े भी उतार रहे थे। सोनाली इतनी उत्तेजित हो गई थी कि उसको पता ही नहीं चला, मैंने कब उसको पूरी नंगी कर दिया।
अर्जुन आगे बढ़ा और पायल का कुर्ता भी निकाल दिया.. अब वो सब के सामने एकदम नंगी खड़ी थी। उसने जब देखा कि सबकी नजरें उसके जिस्म को घूर रही हैं.. तो उसने शर्म के मारे नजरें झुका लीं।
पायल का कुर्ता निकाल कर इसके मादक जिस्म की झलक सबको दिखाओ। अर्जुन पायल के पास आया.. तो पायल ने कहा- एक कपड़ा निकालना है.. तो पहले जींस निकाल दो आप..
मधु बोली- आप तो मेरे हीरो हो, मुझे बहुत मज़ा आया। और सबसे ज्यादा आपको उत्तेजित देखकर बार बार में उत्तेजित हो रही थी। मैं तो अभी तक आपको अपने अंदर महसूस कर रही हूँ।
कल्पना के जबड़े दुख रहे थे, योनि दुख रही थी, अंग-अंग टूट रहा था। उसने मन में झाँककर देखा, कोई अपराध-बोध तो नहीं? नहीं, ऐसा कुछ नहीं। उसने जो किया है सोच-समझकर किया है।
अब मधु बैठ नहीं रही थी क्योंकि उसका तौलिया बहुत ऊपर तक था। वो सोफे के दूसरी तरफ खड़ी रही, मैं सोफे पर बैठा बैठा अपना हाथ बढ़ा कर उसकी चिकनी चूत को सहला रहा था।