बदले की आग-9
कुसुम रो पड़ी। गीता ने आगे बढ़कर उसके आंसू पौंछे और बोली- जब खुद की चुदती है तो आँसू आते ही हैं, और जब दूसरे की चुदती है तो मज़ा आता है। एक दिन की बात है, मुन्नी और मैं तो चुद ही चुकी हैं, अब तेरी बारी है थोड़ा मज़ा लेंगें, उसके बाद हम […]
किसी लड़की का नंगा बदन देखने को मिल जाए तो क्या कहने… ऐसे ही जवान भाभी, आंटी, गर्ल्स का नग्न शरीर देख कर मजा लूटने की कहानियां यहाँ पढ़ा कर मजा लें!
कुसुम रो पड़ी। गीता ने आगे बढ़कर उसके आंसू पौंछे और बोली- जब खुद की चुदती है तो आँसू आते ही हैं, और जब दूसरे की चुदती है तो मज़ा आता है। एक दिन की बात है, मुन्नी और मैं तो चुद ही चुकी हैं, अब तेरी बारी है थोड़ा मज़ा लेंगें, उसके बाद हम […]
अगले दिन मुन्नी के पति वापस आ गए और 5-6 दिन बिना किसी हंगामे के निकल गए। भाभी मुझसे बहुत खुश थीं और उन्होंने मुझे अपनी चूत का फ्री लाइसेंस दे दिया था। हर 2-3 दिन में एक बार उनकी चूत मार लेता था। मुन्नी-भाभी की दोस्ती हो गई थी, जब मैं घर वापस आता […]
गीता भाभी आहें भरने लगीं, उनकी चुदाई शुरू हो गई थी, स्तनों को दबाते हुए चूत धक्के पर धक्के खा रही थी, गीता चुदाई का मज़ा ले रही थी। थोड़ी देर बाद उसकी चूत और मेरे लण्ड ने साथ साथ पानी छोड़ दिया। भाभी को सीधा कर मैंने अपनी बाँहों में चिपका लिया, मेरे से […]
अगले दिन दोपहर का समय था, मैं पास के एक काम्प्लेक्स में खड़ा था, तभी राखी उधर आई तो मुझे देखकर मुस्कराई, राखी से मैंने पूछा- किस काम से आई हो? राखी बोली- मेरे पति को अगले महीने ट्रक पर जाना है, मालिक एक बार ट्रक पर जाने के लिए ट्रक के खर्चे के पच्चीस […]
मेरा नाम राकेश है, मेरी पढ़ाई के बाद मुंबई में दस हजार रुपए की मेडिकल रेप्रिजेंटटिव की नौकरी लग गई थी। मुझे औरतों को पटा कर और फंसा कर चोदने का शौक था। पाँच-छः औरतें पढ़ाई के समय से फंसी हुई थी, महीने में 4-5 बार उनसे चुदाई का मज़ा ले लेता था। उनमें से […]
मेरे चाचा की नई-नई शादी हुई थी। चाची खूबसूरत तो नहीं थी, मगर एक औरत के सभी गुण उनमें मौजूद थे। हमारे घर में दो कॉमन बाथरूम थे एवं उनकी एक कॉमन दीवार थी। छेद से मैंने कई बार बाथरूम में उन्हें नहाते हुए देखा था और चाची के मीडियम साइज़ के बोबों को निहारा था।
प्रेषक : आशीष सिंह राजपूत अंतर वासना डॉट कॉम के सभी पाठकों को इलाहाबाद के आशीष का राम राम ! वैसे तो मैं व्यस्त रहता हूँ मगर जब कभी समय मिलता है तो अंतरवासना की कहानियाँ ज़रूर पढ़ता हूँ. अपने बारे में बता दूँ, मैं एक अच्छी पर्सनॅलिटी का बॉडी बिल्डर लुक वाला 38 साल […]
एक रात को मेरी नींद खुली तो मैंने महसूस किया कि चाची ने मुझे अपनी बाहों से जकड़ रखा है। शायद वो मुझे नींद में चाचा समझ रही थीं।
बहुत देर तक मेरी गांड चाट कर जब सोनू का मन भर गया तो उसने अपना लंड घुसाने में जरा भी देर नहीं की और मेरी गांड में अपना लंड घुसा कर मेरी गांड मारने में लग गया, मैं भी रणवीर के लंड चूसने लगी।
मैं दौड़ के वाशरूम गई और मूतने लगी। जब मैं पेशाब करके पीछे घूमी और अपनी सलवार का नाड़ा बाँध रही थी। मैं नाड़ा बाँधते-बाँधते बाहर आ रही थी...
रणवीर ने मुझे गोद में उठाया और बेडरूम में ले जाकर बिठा दिया। मेरे कपड़े उतर चुके थे और अब मैंने ऊपर सिर्फ ब्रा पहन रखी थी बस। मुझे थोड़ी शर्म भी आ रही थी।
अब माला के जिस्म पर तो एक धागा तक नहीं था और मेरे जिस्म पर पजामा था और मैं चाहता था किसी तरह से माला को गर्म कर दूँ क्योंकि औरत पूरी तरह से सहयोग सिर्फ तब ही करती है कि या तो वो सेक्स अभ्यस्त हो या फिर पूरी तरह से गर्म हो ! […]
दलबीर सिंह मैंने अपनी कहानी के पिछले भाग में लिखा था कि कैसे भाभी ने योजना बना कर मुझे माला की चूत दिलवाई और खुद भाभी ने भी मुझसे उस रात में दो बार चुदाई करवाई। उस रात बहुत बढ़िया नींद आई सुबह दिन निकलने से पहले मैंने और भाभी ने एक बार और चुदाई […]
दलबीर सिंह भाभी ने मुझे थोड़ा परे को ढकेला और मेरा अंडरवियर पकड़ कर नीचे की ओर खींच दिया। फिर बोलीं- बिट्टू, तू हुन्न अपना ‘पप्पू’ माला दी घुत्ती दे अंदर धुन्न दे ! हौली हौली धक्कीं ! ऐदा पह्ल्ली वार ए ! ऐन्ने अज्ज तक नी ऐ काम्म कित्ता ! (तू अब अपना पप्पू […]
दलबीर सिंह मैंने ट्यूब बुझा कर नाइट बल्ब जला दिया, और आकर मैं भी अपनी रजाई में घुस गया और आँखें बंद कर लीं। पर नींद का तो दूर-दूर तक पता नहीं था। मन ही मन मैं कुढ़ रहा था कि यह माला कहाँ दाल भात में मूसलचंद आन पड़ी। इस बात को वो ही […]
अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा बिट्टू यानि कि दलबीर का नमस्कार, और साथ ही अन्तर्वासना डॉट कॉम के इस पटल का भी धन्यवाद जिसने हमारे जैसे लोगों की मन की पुरानी दबी हुई यादों को व्यक्त करने का मौका दिया। मेरी पहली कहानी आप लोगों ने पढ़ी और काफ़ी सारे मेल भी आए और […]
पांच सात मिनट की धकापेल में हम दोनों सब कुछ भूलकर सम्भोग का अभूतपूर्व आनन्द उठाते रहे, दोनों पसीने से सराबोर हो गए ! रेखा तो नीचे से गांड को ऐसे उठाकर लंड पेलवा रही थी जैसे वो मेरे अंडकोष भी अपने अन्दर करवाना चाहती हो ! रोनी आह्ह्ह ! मेरी चूत को जन्नत का […]
तो वो बाथरूम में लगे दर्पण में से मेरे दूध देख रहा था और अब उसकी लुल्ली खड़ी हो गई। जो साबुन लगाते समय मैं कभी-कभी अपने पीछे महसूस कर रही थी।
रमित बड़े प्यार से मम्मे चूस रहा था, फिर उसने पैंटी खोली, जाहन्वी की चूत हमेशा की तरह गीली थी, रमित चूत फैला फैला कर देख रहा था, अब जाहन्वी की चूत चाटने लगा।
कहानी का पहला भाग: चचेरी बहन रेशमा की चूत चुदाई-1 आज ज़िंदगी में पहली बार किसी लड़की को नंगा देखा था, वो भी इस हालत में। मेरा लंड एकदम लोहे की छड़ की तरह कठोर हो गया था। मुझे प्यास भी लग रही थी। मैं पानी पीने के लिये उठा, इतने में रेशमा भी बाहर […]