दोस्त की सहेली संग चुदाई युद्ध- 3

(All Porn Girl Sex Kahani)

आल पोर्न गर्ल सेक्स कहानी में पढ़ें कि मेरी गर्लफ्रेंड के फ्लैट में मुझे उसकी सहेली मिली. और मेरी गर्लफ्रेंड ने मुझे उसके साथ मौज मस्ती करने की छूट दे दी.

मैं आमोद कुमार आपको अञ्जलि के साथ होने वाली चुदाई कहानी के इस भाग में आनन्दित करने हाजिर हूँ.
कहानी के पिछले भाग
अनजान लड़की के साथ बाथरूम में मस्ती
में अब तक आपने पढ़ा था कि मैंने और अञ्जलि ने एक दूसरे को सेक्स के खेल से पहले होने वाले फ़ोरप्ले का मजा दे दिया था.

अब आल पोर्न गर्ल सेक्स कहानी का मजा लीजिए :

मैंने दोनों हाथों से उसकी चूचियां को दबाया, दोनों के निप्पलों के चारों तरफ, बारी बारी जीभ से घुमा कर दांतों से निप्पल पकड़ कर खींचते हुए मजा लिया.
निप्पल को जीभ से सहलाने के बाद, चूची को आम की तरह दबाया और चूस चूसकर, दोनों चूचियों पर मिलन की निशानी के रूप में, शुरुआती मोहर बना दी.
वो भी गहरी लाल.

फिर उसकी आंखों में जोरदार प्यास देख कर उसकी गर्दन पकड़ी और उसके होंठों को अपने होंठों में दबोच कर चूसने लगा.
अञ्जलि भी बराबर जोश से कभी मेरे ऊपरी होंठ चूसती, कभी निचला होंठ.

अञ्जलि इतने जोश में थी कि उसकी मद भरी ‘आहह … इस्स …’ की आवाजों के साथ अपनी व्याकुलता दिखा रही थी.

वो मुझे स्मूच के लिए अपने दांतों और होंठों का एक साथ इस्तेमाल करती हुई मेरे होंठों को चबाती हुई अपनी उत्तेजना दिखा रही थी, साथ ही वो अपने हाथ से लंड को पकड़कर उसे अपने खुली चूत के बीच में रगड़ कर पेलने का निमंत्रण दे रही थी.

लंड को चूत से रगड़ती हुई आह भरकर अञ्जलि बोली- आह हहह आमोद जी … आपका हथियार काफी शानदार है … इसको एक्शन मोड में देखने के बाद से मैं भी इससे खेलना चाहती थी.

मैंने कहा- हां, आपको देखने के बाद नत्थूलाल भी आपकी गहराई में गोता लगाने के लिए उत्सुक हैं.

वो एक बार फिर से उठी और लंड के लाल टोपे को अपने होंठों में भर कर कुल्फी की तरह चूसती हुई मुठियाने लगी.

मैंने आह भारी और उसके सिर के बालों में उंगली डाल कर बोला- पूरा चूस ले मेरी जान!
उसने पूरा लंड मुँह में भर लिया.

मैंने उसके सिर को पकड़ कर आठ दस धक्के मार कर उसका मुँह चोदा, फिर उसको उठा कर वाशबेसिन की स्लिप पर बैठा दिया.

उसकी टांगों को खोल कर उसकी चूत में उंगली करते हुए, चूत को अपनी जीभ से चाटने लगा.
अब अञ्जलि की सिसकारियों में ‘उन्ह आह … मर गई!’ की आवाजें भी निकलने लगी थीं.

उसने मुझे हटाया और हाथ से खींचते हुए मुझे कमरे में ले गई.

कमरे में उसने मुझे पलंग पर धकेल कर बैठा दिया और खुद घुटनों के बल बैठने ही वाली थी कि मैंने उसको अपनी तरफ खींच लिया.
मैंने उसे अपने ऊपर 69 पोजिशन में कर लिया.

वो झुकी और मेरे नत्थूलाल सिरफटे को अपनी जीभ से चाटकर मुँह में डाल कर चूसती हुई दांतों में दबा कर खींचने लगी.
मैं अपनी जीभ से उसकी चूत के पतले होंठों को सताते हुए चाटने लगा.

कुछ देर बाद उसकी चूत में अपनी जीभ नुकीली करके डाल दी और चूत के होंठों को अपने मुँह में भरकर आम की तरह चूसने लगा.

अञ्जलि के पैर कांपने लगे, उसने मेरे दोनों अण्डों को अपने मुँह में पूरा भर लिया और चूसने लगी.

मैंने आण्ड उसके मुँह से निकाले और पलटी मार कर उसे अपने नीचे ले लिया जिससे उसका सिर पलंग से नीचे लटक गया.

अपना लंड मैंने हाथ से पकड़ा और उसके मुँह में डाल कर उसकी जांघों को मोड़ कर अपनी बगल में फंसा लिया.
फिर अपने शरीर के दबाव से जांघों को उसके पेट तक मोड़ कर दबाया और उसकी चूत में अपनी पूरी जीभ डाल कर चाटना शुरू कर दिया.

साथ ही उसके मुँह में धक्के देते हुए अपना पूरा लंड उसके मुँह में अन्दर बाहर करने लगा.
वो भी अपने दांतों से बचाते हुए मेरे लंड को दबाने की कोशिश करने लगी.

कुछ देर बाद उसने कहा- आमोद जी, अब मुझे चोद दो.
मैं फटाफट उठा और दूसरे कमरे में पड़ी अपनी जींस की जेब से कॉन्डम का पैकेट ले आया.

एक कॉन्डम का रैपर को अपने दांतों से फाड़ा ही था कि तभी अञ्जलि ने मेरे हाथ से कंडोम ले लिया और लंड चूसने लगी.

कुछ देर बाद अञ्जलि ने पैकेट से कंडोम निकाल कर लंड पर चढ़ा दिया औऱ पलंग पर लेट गईं.
मैंने उसे घोड़ी बनाया और एक तकिया उठा कर उसके चेहरे के नीचे रखा.

नत्थूलाल ने अञ्जलि की चूत में प्रवेश करने से पहले उसकी चूत के दरवाजे पर लंड से दस्तक देकर खटखटा कर पूछा- क्या मैं अन्दर आ सकता हूँ?
लंड को उसकी चूत फंसा कर मैं उसकी चूत के होंठों में रगड़ने लगा.

तभी अञ्जलि ने चूत में लंड लेने के लिए पीछे की तरफ से अपनी गांड का दबाव मेरे लंड पर बनाया और कहा- आ जाओ अन्दर.

मैंने उसकी कमर की कस कर पकड़ी औऱ एक ही झटके में नत्थूलाल को चूत की तंग गुफा की गहराई में तेजी से ठोक दिया.
लंड ने अञ्जलि की चूत में प्रवेश करके चूत का किला भेद दिया.

अञ्जलि एक झटके में लंड जाते ही चीख पड़ी- आआ आहह … मेरी माँ मर गई मैं!
ये बोल कर अञ्जलि चीखी.

उसकी चीख निकलते ही मैंने उसके चेहरे को तकिए में दबा कर उसकी तेज आवाज को दबा दिया.
लेकिन तकिये में मुँह दिए हुए ही अञ्जलि ने आगे बढ़ कर लंड निकलने की नाकाम कोशिश की.

मैंने अपने हाथों से उसकी कमर को ऐसे कस कर जकड़ा हुआ था कि वो निकालना तो दूर, हिल भी न सकी.

कुछ पल बाद मैंने बिना वक़्त गंवाए, बिना रुके ताबड़तोड़ पन्द्रह बीस जोरदार धक्के मार कर चूत की खुदाई कर डाली.

अञ्जलि के मुँह से ‘आआहह … आह … फट गई आह …’ दर्द-ए-चुदाई का संगीत निकलने लगा.

मैंने अपने तेज धक्कों को रोका और एक पैर उठा कर पलंग पर रखा और दूसरे पैर से जमीन पर खड़ा रह कर, उसकी गांड पर दोनों हाथों से चाटें मारते हुए अञ्जलि की कमर पकड़ ली.

फिर पूरी गति से तेज तेज धक्के मार कर लंड को उसकी चूत की खाई में ठोकने लगा.
अञ्जलि ने तकिये में अपना मुँह देकर अपनी चीखों को दबाया, मैंने भी आखिरी तेज धक्का मारा और उसकी कमर छोड़ दी.

आखिरी धक्के के साथ अञ्जलि बंदूक की गोली की तरह निकली और धम्म से पलंग सीधी पर पसर गई.

मैं झुक कर उसकी कमर पर झुकने ही वाला था कि तभी अञ्जलि पलटी और उसने अपने हाथ से पकड़ कर मुझे अपने ऊपर खींच लिया.
तो मैं भी उसके होंठों को स्मूच में चूमने लगा.

उसकी चूत में मैंने अभी उंगली अन्दर डाली ही थी कि अञ्जलि ने दूसरे हाथ से मेरे हाथ पर धक्का देरे हुए चूत से उंगली बाहर कर दी और झट से लंड पकड़ कर अपनी चूत पर लगा लिया.

अभी मैं कुछ समझ पाता कि उसने नीचे से अपनी कमर उचकाई और लंड को निगल लिया; साथ ही नीचे से अपनी कमर से तेज तेज चला कर धक्के लगाने लगी.

मैंने उसके घुटनों को मोड़ा और उसके धक्कों के साथ मैंने भी धक्के लगाने शुरू कर दिए.

अञ्जलि के धक्कों से मुझे उसकी चूत के अंतिम छोर तक लंड डालने के लिए ज्यादा बल मिल रहा था.
अपनी पीठ पर अञ्जलि के नाखूनों की पकड़ से पता चल रहा था कि अञ्जलि को कितना मजा आ रहा है.

अञ्जलि बोली- ओह बेदर्दी चूत खोद दे … आहह बेदर्दी चूत चोद कमीने … उफ़्फ़ आहहह!

वो मादक आवाज करती हुई अपनी चूत पर अपनी उंगलियों से रगड़ती हुई मालिश करने लगी.
मैं उसके रसीले होंठ चूमते हुए उसकी ठोड़ी को चूमने लगा.

इसी तरह चूमते हुए मैं उसकी गर्दन से होते हुए उसके कान के पास पहुंच गया और उसके कान की लटकन को अपनी जीभ से सहलाने लगा.

उसकी इस्स इस्स की आवाज बढ़ने लगी थी.
कुछ देर बाद मैंने उसके कान की लटकन को अपने होंठों में लेकर चूसा और उसके पूरे कान पर अपनी जीभ से गुदगुदी करते हुए अपने लंड से अञ्जलि की चूत को गहराई तक चोदने लगा.

अञ्जलि भी चुदाई के मीठे मीठे दर्द से मजे लेती हुई अपनी कमर चला रही थी.

वो लंड को चूत की अंतिम गहराइयों में लेती हुई बोली- आह आमोद … चोदो मुझे, आज इस चूत को निचोड़ दो … आह मेरी चूत प्यासी है आमोद मेरी जोर जोर से ले लो.

मेरी गर्दन पर चाटते हुए वो अपनी गर्म सांसें छोड़ने लगी.
मैं भी प्रेम से भरे अपने नाजुक धक्के उसकी चूत में देता रहा.

कुछ देर बाद मैंने उसके कान में कहा- अपनी चूची पिला दो रानी!

अञ्जलि ने मेरे बालों में हाथ फंसा कर मेरा सिर अपनी चूची पर झुकाया और दूसरे हाथ से अपनी एक चूची कस कर पकड़ कऱ अपने निप्पल को मेरे मुँह में दे कर बोली- लो चूसो मेरी जान, मेरी चूची को खा लो.

मैं बेदर्दी से निप्पल को दांतों से काटते हुए उसकी चूची चूसने लगा.

कुछ देर बाद अञ्जलि की दूसरी चूची को अपनी हथेली में भर कर दबाते हुए मैं उसकी चूत में धक्के देता रहा.
कुछ देर बाद हम दोनों चुदाई का आसन बदलने के लिए रुके.

मैंने अञ्जलि के ऊपर से हटने के लिए लंड निकाला.
अञ्जलि भी अपनी उंगलियों से चूत को सहलाती हुई उठी.

मैंने उसके होंठों को अपने होंठों में लिया और हम दोनों एक दूसरे के होंठों को स्मूच करने लगे.
कुछ देर बाद चूतड़ों पर चटाक की आवाज से चपत मारते हुए मैं अञ्जलि को अपने ऊपर लेकर लेट गया.

अञ्जलि ने अपनी चूत को लंडसवारी करवाने के लिए चूत के छेद में लंड को सैट किया और ‘आहहह …’ की आवाज करती हुई लंड पर बैठ गई.
चूत के अन्दर लंड को सही से सैट करते हुए उसने मेरी छाती पर अपनी दोनों हथेलियों को रखा और लंडसवारी करते हुए अपनी कमर चलाने लगी.

मैंने कई बार उसके कूल्हों को अपनी मुट्ठी में भर कर दबाया. फिर अपने एक हाथ में दबे कूल्हे को छोड़ा और उसकी चूची को दबाया.
फिर निप्पल को उंगली और अंगूठे के बीच में ले कर रगड़ा.

अञ्जलि ने भी अपनी स्पीड बढ़ाते हुए थप थप थप की आवाज करती हुई लंड सवारी शुरू की.

मैं उसके दोनों चूचकों को अपने दोनों हाथों की उंगली अंगूठे के बीच लेकर दबाते हुए चूचकों को खींचते हुए रगड़ने लगा.
कुछ देर बाद अञ्जलि ने तेजी से उग्र होते हुए, अपने चूतड़ को ऊपर नीचे चलाना शुरू कर दिया.

मैंने उसके दोनों चूतड़ों को एक साथ कई बार चटाक, चटाक, की आवाज करते हुए पीटे और हर चांटे के बाद दोनों चूतड़ों को अपनी मुट्ठियों में कसने लगा.
अञ्जलि ‘आह … आहह …’ भरी आवाज में उफनने लगी.

वो अपने दोनों हाथों से मेरे दोनों निप्पलों को अपनी मुठ्ठी में भर कर दबाने लगी.
मैंने नीचे से उसके हर धक्के के साथ धक्के लगाना शुरू किया.

अब नत्थूलाल चूत के भीतर, पूरे अन्दर तक पहुंचने लगे.
कुछ 20-25 धक्कों के बाद अञ्जलि बिना चूत से लंड निकाले दांई तरफ की करवट से पलंग पर लेट गई.

मैं भी उसी करवट लेट गया और अञ्जलि ने अपने एक पैर को घुटने से मोड़ा और अपनी जांघ हाथ में उठा कर चूत चौड़ी की.
अब उसने अपनी कमर चला कर मुझे धक्के लगाने का इशारा दे दिया.

मैंने अञ्जलि के पेट पर हाथ फेरते हुए उसकी चूत का दाना अपनी उंगलियों से ऊपर खींचते हुए रगड़ा और चूत की पिटाई शुरू करते हुए धक्के देने लगा.
अञ्जलि ने मेरे गाल पर अपना हाथ रख कर चेहरा घुमाया और मेरे होंठों को चूसने लगी.

कुछ देर बाद मैंने अञ्जलि को गोद में बैठाया और उसकी चूत में लंड डाल दिया.
अञ्जलि मेरी आंखों में झांकती हुई, होंठों को चूमते हुए अपनी कमर चलाने लगी.

उसने मेरे घुटनों पर अपनी हथेलियों और उंगलियों से कस कर पकड़ बनाई और अपनी गांड ऊपर नीचे, आगे पीछे करती हुई चुदने लगी.
मैं भी हर धक्के पर उसके चूतड़ों पर कस कर चाटें मारता.

फिर मैंने उसी अवस्था में अञ्जलि के बाल पकड़ कर उसे पीछे की तरफ खींचा और नीचे से धकापेल करता हुआ उसकी दोनों चूचियों को दबाने लगा.
कुछ देर बाद अञ्जलि मेरे ऊपर से हटी, उसने वहां पर पड़े तौलिये से अपनी चूत पौंछी और मेरे मुँह पर अपनी चूत लगा कर बोली- चूसो मेरी चूत, आज ये तुम्हारी है, इसको पी जाओ.

मैंने अपने हाथों से उसके चूतड़ों को थामा और उसकी चूत के होंठों को चूसते हुए, उसकी चूत में अन्दर तक अपनी जीभ घुसाने लगा. जीभ से चूत चुदाई करने लगा.
कुछ मिनट चूत चुसवा कर फिर से गोद में बैठती हुई अञ्जलि ने मेरा पूरा लंड अपनी चूत में निगल लिया.

मेरे निप्पलों को अपनी उंगली और अंगूठे के बीच में लेकर मसलती हुई नोंचने लगी.
फिर अपनी जीभ से बारी बारी दोनों निप्पलों को सहलाते हुए, अपनी चूचियों को मेरी छाती पर रगड़ने लगी.

मैंने अपने हाथों से उसके चूतड़ ऊपर किए और नीचे से तेज तेज धक्के मार कर अपना लंड उसकी चूत में अन्दर तक देने लगा.
हर धक्के के साथ अञ्जलि की चीख भरी सिसकारियां शुरू हो गईं.

उसने एक हाथ मेरी गर्दन के पीछे डाल कर खींचा और अपना निप्पल मेरे मुँह में देकर बोली- आमोद, चूसो मेरी चूचियों को, काटो इन्हें.
मैंने निप्पल मुँह में भर कर चूसते हुए अपने धक्कों की गति बढ़ा दी और अञ्जलि को गोदी में बिठाए हुए कूल्हे पकड़ कर लंड अन्दर बाहर करता रहा.

कुछ देर बाद अञ्जलि गोद में से हटी और घोड़ी बन गई.

मैं पलंग पर आधे घुटने मोड़ खड़ा हुआ और उसकी चूत में लंड डालकर उसके बालों को घोड़ी की लगाम की तरह पकड़ कर, घुड़सवारी करते हुए अञ्जलि की चूत बजाने लगा.
हर धक्के पर उसके मुँह से निकलता- आह शाबाश आमोद … चोद जोर से … और तेज और तेज तेज चोद.

बाद में अञ्जलि का बदन कांपने लगा, ऐसा लगा मानो अब अञ्जलि की चूत झड़ने वाली है.

इधर में भी अपनी चरमावस्था के नजदीक पहुंचने वाला था.
मैं उसके ऊपर से हटा, अञ्जलि को सीधा लिटा दिया, उसकी टांगों को खोल कर चूत चौड़ी की और आधा लंड उसकी चूत में डाल दिया.

उसके घुटने मोड़े और उसकी जांघों को अपनी हथेली से दबा कर उसके घुटने उसकी चूचियों में लगा कर धक्के देना शुरू कर दिया.

अञ्जलि ने मुझे गर्दन में हाथ डाल कर अपनी और खींचा और मेरे होंठों को अपने होंठों में दबोच कर जोश में मेरे होंठ चूसने लगी.
उसने अपनी जीभ मेरे मुँह में डाल दी.

मैंने उसकी जीभ चूसते हुए खींची और तेज तेज उसकी चूत में लंड से खुदाई करने लगा.

कुछ देर बाद अञ्जलि ने अपनी बाजुओं को मेरी पीठ पर कस लिया और मुझे अपने अन्दर खींचती हुई बोली- आह और तेज आमोद … और तेज चोदो.
मैंने भी झटके बहुत तेज कर दिए क्योंकि अब मैं भी झड़ने वाला था.

अञ्जलि भी नीचे से अपनी गांड चला कर मेरे लंड को अन्दर तक लेने लगी थी.
नीचे से गांड चलाते हुए उसकी स्पीड बहुत तेज हो गई थी.

तभी अञ्जलि चुदती हुई चीखकर कराही- आह्ह … ओह्ह … कम ऑन बेबी … फक … आह्ह … फक मी … आह्ह … यस … आह्ह … ओह्ह … फक … आह्ह फक मी फास्ट … उईई मांआआ मैं मरी रे … उईई ईईई!
अञ्जलि की चूत झड़ गई.

इधर मैं भी अपनी चरम सीमा पर आ गया और बीस पच्चीस ताबड़तोड़ धक्कों से चुदाई युद्ध करते हुए अपने लंड को अञ्जलि की चूत के अन्दर तक के अंतिम छोर में ठोक दिया.
एक तेज कराह के साथ उसकी चूत में झड़ते हुए अञ्जलि के ऊपर ही निढाल होकर पसर गया.

अञ्जलि मेरे कान को अपने होंठों में लेकर बहुत प्यार से चूसती हुई मुझे पूरी तरह झड़ने में मदद करने लगी.

हर चुदाई युद्ध में दोनों योद्धाओं को ही समर्पण करना होता है.

कुछ देर बाद मेरा फ़ोन बजा.
मैं उर्वशी के रूम में गया तो देखा अंजान नंबर से कॉल बज रही थी.

मैंने फोन उठाया और हैलो बोला.
उधर से आवाज आई कि क्या आप आमोद बोल रहे हो?
मैंने बोला- जी, मैं आमोद बोल रहा हूँ.

तो उसने बोला- आपका नम्बर मुझे उर्वशी ने दिया था और बोला था कि आप मेरे साथ एयरपोर्ट तक चले चलोगे. आमोद जी क्या आप चलेंगे, लेकिन आने जाने में 2 से 3 घण्टे लग जाएंगे?

मैं बोला- आपको कितने बजे तक निकलना है?
तो उसने बोला- दस बजे तक निकलना है.
मैंने कहा- मैं आपके पास आता हूँ.
और मैंने फ़ोन काट दिया.

सभी पाठकों से निवेदन है कि मेल करके बताएं कि मेरी आल पोर्न गर्ल सेक्स कहानी आपको कैसी लगी और पढ़ कर कितना मजा आया.

कितनी लड़कियों, भाभियों ने, अञ्जलि और मेरी कहानी में अञ्जलि की जगह खुद को आमोद के साथ महसूस करके चुदाई युद्ध करते हुए कितनी बार चूत को उंगली से चोदा?
कितने लड़कों ने अञ्जलि के साथ खुद को फील करके अञ्जलि को चोदते हुए कितनी बार मुठ मारी.

नई सेक्स कहानी के साथ उपस्थिति होकर बताऊंगा कि कैसे सोनम भाभी की चूत के रनवे पर लंड एयरलाइन्स का प्लेन लैंड हुआ. उसके बाद उस अस्पताल वाली नर्स और मेडिकल स्टोर वाली मोहतरमा की चुदाई को भी लिखूंगा.

तब तक आपके ईमेल के इंतज़ार में!
आमोद कुमार
[email protected]

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