मां और बेटियां चुद गईं मेरे लंड से- 2

(Hot Girl Free Sex Xxx Kahani)

हॉट गर्ल फ्री सेक्स Xxx कहानी में पढ़ें कि मैं अपनी मकानमालकिन को चोद रहा था तो उनकी जवान बेटी ने देख लिया. वह लड़की देर रात मेरे कमरे में आ गयी और पूरी रात मेरे साथ रहकर अपनी सील तुड़वा कर गयी.

दोस्तो, मैं विशाल आपको अपनी सेक्स कहानी में मां बेटियों की चुदाई की कहानी सुना रहा था.

कहानी के पहले भाग
मकान मालकिन ने चूत दिखाई
में आपने पढ़ा था कि कैसे मेरे और ऊषा आंटी के बीच चुदाई हुई.
आंटी और मैं यानि हम दोनों, जब मोनिका, टीना और अंकल बाहर चले जाते तो जी भर के चुदाई का आनन्द लेते.
पर एक दिन ऊषा आंटी की बड़ी बेटी मोनिका ने हमें चुदाई करते देख लिया.

अब आगे हॉट गर्ल फ्री सेक्स Xxx कहानी:

मोनिका हमारी चुदाई देखती हुई बोली- ओह माय गॉड … यह सब क्या चल रहा है?

जैसे ही मोनिका की आवाज़ आई, आंटी चौंक उठीं और पीछे मुड़कर देखने लगीं.
उनकी तो मानो कुछ देर के लिए साँसें ही अटक गईं.

पर उनकी चूत को इस बात की कोई परवाह नहीं थी, जो मेरे लंड पर उछली जा रही थी.

फिर आंटी मेरे लंड से उठती हुई बोलीं- मोनिका, इधर आओ … मैं सब समझाती हूँ.
मोनिका- अब समझाने के लिए रहा ही क्या है मम्मी?

आंटी मोनिका के पास गईं और मेनगेट का दरवाजा बंद करके उसको लेकर बेड पर आ गईं.

आंटी- देखो मोनिका, तुम भी अभी बड़ी हो गयी हो. तो मैं आशा करूँगी कि तुम मेरी फीलिंग्स समझोगी. बेटा बात ऐसी है कि मुझे तुम्हारे पापा संतुष्ट नहीं कर पाते हैं. मैं बाहर अपनी आग बुझाने की सोच रही थी, पर लोगों में बदनामी होगी, इसका डर था. जब विकास यहां आया, तो मैंने सोचा कि इससे ही संतुष्ट हो जाती हूँ और घर की बात घर में ही रहेगी. विशाल एक अच्छे घराने का लड़का है. अगर मैं बाहर जाती तो पता नहीं किस लुच्चे लफंगे को गले में डाल लेती.

मोनिका सोचती हुई बोली- मुझे कुछ नहीं पता, आज मैं ये सारा कारनामा पापा को बता दूँगी.
आंटी- बेटा, मैं तुमसे प्रार्थना करती हूँ, प्लीज़ यह बात पापा को मत बताओ. तुम जो कहोगी, मैं वो करने को तैयार हूँ.

इस बीच मैं बस उन दोनों को देखने और सुनने का काम कर रहा था.
मेरी तो यह सोच कर फटी पड़ी थी कि अगर अंकल को ये खबर मिली, तो मेरा क्या होगा?

मोनिका- मैं सिर्फ़ एक शर्त पर ये बात पापा को नहीं बताऊँगी.
आंटी जल्दी से बोलीं- हां हां कहो बेटा … क्या करना होगा?
मोनिका अपनी चूत को पैंट के ऊपर से छूती हुई बोली- मुझे भी विशाल से चुदवाना है.

आंटी यह सुनते ही मेरी ओर देखने लगीं.
इधर मेरी तो जैसे लॉटरी लग गयी थी.
अब एक और चूत का इंतज़ाम हो गया था.

जैसे ही मोनिका ने चुदाई करवाने का कहा, मैंने उसको अपनी बांहों में खींच कर जकड़ लिया और उसके बूब्स दबाने लगा.

मोनिका मुझको संभालती हुई- अरे अभी मत शुरू हो जाओ, टीना आती ही होगी. वो उसकी सहेली के घर रुकी थी. अब वो आती ही होगी.

आंटी- हां बेटा, अभी रुक जाते हैं. नहीं तो भांडा फूट कर ही रहेगा.

मैंने मोनिका को एक फ्रेंच किस दे दिया और बाथरूम में चला गया.
उधर से फ्रेश होकर मैं ऊपर अपने कमरे में चला गया और कुछ देर बाद अपने कॉलेज निकल गया.

शाम को जब घर पहुँचा तो अंकल भी ऑफिस से आ चुके थे और रोज की तरह गार्डन में पौधों को पानी दे रहे थे.

अंकल- अरे विकास, आ गए तुम. कैसा था कॉलेज में आज का दिन?
मैं- बस ठीक था अंकल. आज कुछ ज़्यादा ही काम करवाया है, बहुत थक गया हूँ और थोड़ा सिर में भी दर्द है.

अंकल- विशाल तुम बेटे ऐसा करो, आज नीचे ही डिनर कर लेना.
मैं- नहीं अंकल, मैं होटल में चला जाऊँगा.

अंकल- अरे बेटा, तुम्हारे सिर में दर्द है. यह फ़्लू का लक्षण भी हो सकता है. कोरोना के केस आए दिन बढ़ रहे हैं. तुम आज से नीचे ही खाना खाओगे. दोपहर के लिए भी तुम्हारी आंटी टिफिन पैक करके दे देगी. तुम भी अब इस घर के सदस्य हो बेटा.

मैं- अरे अंकल, आप इतनी तकलीफ़ मत उठाएं, मैं कैसे ना कैसे सब ठीक कर लूँगा.
अंकल- मैं कुछ नहीं जानता, तुम अब इधर ही खाना खाओगे.
मैं मुस्कुराते हुए बोल- अंकल बहुत बहुत शुक्रिया.

दोस्तो मेरे दिमाग में तो बस अब चुदाई का सीन चल रहा था.
दो तो चुदाई के लिए तैयार थीं, बस टीना बची थी.

खैर … अंकल के कहने पर मैंने नाश्ता और डिनर अब नीचे ही करना शुरू कर दिया था.
मैंने उस दिन सब के साथ डिनर किया और ऊपर सोने के लिए चल दिया.

उस समय आंटी और उनकी बड़ी बेटी मुझे देख कर मुस्कुरा रही थीं.

रात को करीब ग्यारह बजे मेरे दरवाजे को किसी ने ठक ठक किया.
मैंने दरवाजा खोला तो सामने और कोई नहीं, मोनिका थी.

मैं- अरे मोनिका तुम!
मोनिका जल्दी से कमरे के अन्दर आ गयी और उसने मुझसे दरवाजा बंद करने को कहा.

मैंने भी एक पल की देर नहीं की.
मोनिका बेड पर अपनी टांगें फैलाए, चूत को ऊपर से मसलती हुई एक नशीली आवाज़ में बोली- आज मम्मी से तुम्हारे लंड की बहुत तारीफ़ सुनी, सो मुझे रहा नहीं गया. चलो अब दिखा भी दो अपने लंड के जलवे. मुझसे और रहा नहीं जा रहा है.

मैं- अरे मोनिका, अभी सब नीचे जाग रहे हैं, कोई ऊपर आ गया तो?
मोनिका- सारे के सारे घोड़े बेच कर सो रहे हैं, कोई नहीं आएगा.

मैंने कहा- ये तुम कैसे कह सकती हो?
उसने बिंदास कहा- मैं सबको देख कर आई हूँ.

यह सुनकर मैंने झट से मोनिका की पैंट और निक्कर खोल दी और उसकी टाइट गुलाबी चूत को चाटने लगा.

दोस्तो, 23 साल की होने के बावाजूद वो अभी भी वर्जिन ही थी.

मैं- मोनिका मैं तुम्हारी सील तोड़ने जा रहा हूँ. तुम्हें पहले थोड़ा दर्द होगा, पर फिर मज़ा आने लगेगा.
मोनिका सेक्सी आवाज़ में बोली- तुम्हें जो करना है वो करो. पर आज मुझे चोद दो … मुझे अब और वर्जिन नहीं रहना.

मैंने अपना लंड उसकी चूत पर सैट किया और एक ज़ोर का धक्का दे मारा जिससे लंड का थोड़ा सा हिस्सा चूत में चला गया.
धक्का देने के साथ ही मैंने उसके मुँह को हाथ से दबा दिया था ताकि उसकी चीख बाहर निकलने ना पाए.

वही हुआ, वो लंड के कारण दर्द से कसमसाने लगी थी मगर मेरे हाथ के कारण वो कुछ आवाज कर ही नहीं पाई.

मैंने दो और धक्के मारे और पूरा का पूरा लंड चूत में चला गया.

मोनिका की आंखों से आंसू और चूत से खून बहने लगा.
उसकी सील टूट चुकी थी.

कुछ देर बाद उसको भी मज़ा आने लगा और हम देर तक चुदाई करते रहे.

करीब चार बजे वो अपनी चुत फड़वा कर नीचे चली गयी.
मैं भी सो गया और सुबह आठ बजे नाश्ता करने नीचे चला गया.

मोनिका पर रात की चुदाई का असर साफ साफ दिखाई पड़ रहा था. वह आज कुछ ज़्यादा ही लंगड़ाती हुई चल रही थी.

अंकल नाश्ता करते हुए बोले- बेटा मोनिका क्या हुआ, आज लंगड़ा कर क्यों चल रही हो?
मोनिका- पापा कल कॉलेज में साइकिलिंग करते हुए गिर गयी थी, जिससे जांघों में अंदरूनी हिस्से में चोट लगी है. कॉलेज के डॉक्टर ने दवाई दी है और बोले कि कुछ दिनों में ठीक हो जाएगा.

दूसरी तरफ आंटी सब समझ चुकी थीं और मुझे देखकर मुस्कुरा रही थीं.

उसी रात को टीना मोनिका से पूछने लगी.

आगे बढ़ने से पहले मैं बता दूं कि टीना एक 21 साल की सुडौल आकार की लड़की थी.

उसके चूचे मोनिका से बड़े थे और गांड भी बहुत मोटी और सेक्सी थी. वो 21 की उम्र में 30 साल की चुदासी औरत सी लगती थी.

टीना- अरे दीदी, जहां तक मुझे पता है, कल कॉलेज में आप तो ठीक-ठाक ही थीं. आपने पापा से झूठ बोला है ना?
मोनिका- ना ना … नहीं तो!

टीना मुस्कुराती हुई बोली- झूठ मत बोलो दीदी, मुझे अच्छी तरह से पता है कि आपने किसी के साथ सेक्स किया है!
मोनिका- अपना काम करो … ये क्या बके जा रही हो?

टीना- बताओ ना दीदी. पिछले महीने मैं भी एक लड़के से चुद चुकी हूँ. मेरी सील तो खेल खेल में ही टूट गयी थी, तो सेक्स के बाद तुम लोगों को कुछ पता ही नहीं चला. पर मेरी एक सहेली है, जिसके घर में मैं परसों रुकी थी.
मोनिका- हां उसका क्या?

टीना- उसने पिछले हफ्ते अपने एक दोस्त से चुदाई की थी और उसको भी चलने में दिक्कत हो रही थी. उसकी मम्मी को यह बात पता चल गयी थी, पर उसकी मम्मी भी एक चुदक्कड़ औरत हैं, तो उसने उसके ब्वॉयफ्रेंड को घर पर बुला लिया. अब दोनों मां बेटी तसल्ली से उससे चुदवाती हैं.

मोनिका- क्या सच में?
टीना- और नहीं तो क्या … एक और बात भी बतानी है.
मोनिका- बताओ!

टीना- पर उससे पहले आप बोलो, आप किससे चुदी हो?
मोनिका- तू ये बात किसी को बताना मत. बात ये है कि मैं कल रात विशाल से चुदी हूँ.

टीना अपने मुँह पर हाथ रखती हुई बोली- क्या सच में दीदी? मुझे तो विशाल बहुत शरीफ लग रहा था.
मोनिका- और एक बात है … पर पहले तू बता कि क्या थी वो और एक बात?

टीना- मैं भी आजकल मेरी उसी सहेली के घर उसकी मां के साथ उस लड़के से चुदवाती हूँ.
मोनिका- ओह … तो तभी मैं कहूँ ये तेरे बोबे इतने बड़े कैसे हो गए हैं?

यह कहते ही दोनों बहनें खिलखिला कर हँसने लगीं.

टीना- अब आप बताओ … और क्या बात बतानी थी.
मोनिका- वो बात ये है कि मम्मी भी चुदवाती हैं विशाल से. मैंने उनको परसों रंगे हाथों पकड़ा था और कल मुझसे रहा नहीं गया, तो मैंने भी अपनी सील तुड़वाली विशाल से!

टीना- क्या बात है दीदी … मम्मी भी? मुझे तो विश्वास नहीं हो रहा, पर कुछ दिनों से मम्मी खुश भी दिख रही हैं. शायद यही कारण है, उनकी खुशी का!
मोनिका- हां यही कारण है.

टीना- दीदी, वो सब तो ठीक है. पर विशाल को पता नहीं चलना चाहिए कि मुझे उसके बारे में पता चल गया है. मैं उसको अपने तरीके से पाना चाहती हूँ. फिर मम्मी, मैं और तुम, तीनों एक साथ मिल कर उससे चुदाई करेंगे. बाद में मेरी सहेली के बॉयफ्रेंड से भी तो तुम दोनों को मिलाना है.
मोनिका- ठीक है मेरी बहना, जैसा तुम कहो.

रात को करीब साढ़े ग्यारह बजे मेरा दरवाजा फिर से बजा.
मुझे लगा मोनिका फिर से आ गयी है.

पर दरवाजा खोला तो पाया कि ये तो टीना है.
उसने एक शॉर्ट स्कर्ट पहनी थी.

टीना- अरे विशाल, मैंने तुम्हारे कमरे में एक किताब रखी थी कल सुबह. बेड के नीचे है शायद … क्या मैं ले लूँ?
मैं- ठीक है टीना.

दोस्तो, किताब लेने के लिए जैसे ही वो नीचे झुकी, मुझे उसके नंगी चूत के साफ साफ दर्शन हो गए क्योंकि भैन की लवड़ी ने पैंटी ही नहीं पहनी थी.

टीना- विशाल यहां तो वो किताब नहीं है!
मैं- ज़रा और नीचे को देखो, शायद अन्दर चली गयी होगी.

दोस्तो, मुझे ये समझते देर नहीं लगी कि वो नाटक कर रही है.
मैंने झट से अपना लंड निकाला और उसकी चूत के पास ले गया.

मैं- आज मोनिका ऊपर आई थी, शायद वो नीचे ले गयी होगी. नहीं मिलेगी टीना … रहने दो अब.

फिर जैसे ही टीना पीछे को हुई, मेरा लंड जो कि पहले से ही पोज़िशन में था, झट से उसकी चूत में फिसलता हुआ अन्दर चला गया.

टीना- ओह ओह … विशाल, ये क्या कर रहे हो?
मैं- मज़ा आ रहा है ना?

टीना- ओह फक विशाल … मर गयी मैं … आह कितना बड़ा हथियार है तुम्हारा … आह डालो और अन्दर डालो … आह फक मी विशाल फक मी.
मैं- यस बेबी यस.

दोस्तो, हम दोनों ने रात भर चुदाई की, मैंने फ्री सेक्स Xxx मजा लिया.
फिर उसने बताया कि उसको सारी बात पता चल गयी है.

उस दिन के बाद तो मैं तीनों को एक साथ चोदने लगा.
कुछ ही दिनों बाद मुझे टीना की सहेली के बारे में पता चला कि कैसे उसको और उसकी मां को उसका ब्वॉयफ्रेंड चोदता है.

मैंने उनको भी चोदम चोदी में शामिल कर लिया. अब पाँच चूतें चोदने को मिल रही थीं.

अंकल भी अपने काम के सिलसिले में दो महीने के टूर पर चले गए. उन दो महीनों में मां बेटियों को अलग अलग पोज़िशन में मैं धड़ल्ले से चोदता रहा.

दोस्तो, मेरी हॉट गर्ल फ्री सेक्स Xxx कहानी यही थी और ये एकदम सच है.
कमेंट्स में ज़रूर बताइए कि आपको कैसी लगी.
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