मेरी चुदक्कड़ अम्मी ने लगा दिया मुझे लण्ड का चस्का

(Nangi Ladki ki Pahli Chudai)

रेशमा 75 2023-09-09 Comments

नंगी लड़की की पहली चुदाई कहानी में जवान लड़की को उसकी सगी अम्मी ने अपने आशिक के लंड से अपने सामने चुदवा दिया. लड़की को भी चुदाई की जरूरत लगने लगी थी.

यह कहानी सुनें.

मेरा नाम मुस्कान है दोस्तो, मैं 20 साल की एक मस्त जवान लड़की हूँ।

मेरे जिस्म का पोर पोर बड़ा खूबसूरत है।
मेरी खूबसूरत आँखें और मेरे बड़े बड़े सुडौल मम्मों के तो लोग बड़े दीवाने हैं।

हर लड़के की नज़र मेरे मम्मों पर रहती है।
कॉलेज का हर लड़का मुझसे बात करना चाहता है, मुझसे दोस्ती करना चाहता है।
मुझे भी लड़कों से बात करने में मज़ा आता है।

मैं पढ़ने में बहुत अच्छी हूँ.
पर उतनी ही शरारत करने में भी आगे हूँ।
मैं बोल्ड हूँ और खूब बोलती हूँ।

आपस में मैं मस्ती से गालियां भी सुनाती हूँ।

कुछ लड़कियां तो मुझसे ज्यादा गालियां बकती हैं और खुल कर सबसे लण्ड, बुर, चूत, भोसड़ा और चुदाई की बातें करती हैं।
इसलिए मुझे कॉलेज में बड़ा अच्छा लगता है।

जो लड़की सबसे ज्यादा गालियां सुनाती है, वह लड़की मेरी पक्की दोस्त है.
उसका नाम है हसीना, वह मेरी ही उम्र की है पर है मादरचोद बड़ी चालू चीज।
मैंने उससे बहुत कुछ सीखा।

अब मेरी नंगी लड़की की पहली चुदाई कहानी पढ़ कर मजा लें.

एक दिन जब मैं घर आई तो मैंने देखा कि मेरी अम्मी जान मेरे पड़ोस की लड़की हया से बातें कर रही हैं।
हया मुझसे दो साल बड़ी थी।

मैं चुपचाप उनकी बातें सुनने लगी।

अम्मी ने पूछा- अरी हया, अब तो तू मस्त जवान हो गयी है। लण्ड वगैरह लेने लगी है या नहीं?
वह बोली- हां आंटी, मैं तो लण्ड खूब पकड़ती हूँ और रोज़ पकड़ती हूँ। मुझे लण्ड पकड़ना मेरी अम्मी जान ने ही सिखाया है।

अम्मी बोली- तो क्या तुम अपनी अम्मी के साथ लण्ड पकड़ती हो?
वह बोली- हां आंटी, मैं अम्मी के साथ भी लण्ड पकड़ती हूँ और चूसती भी हूँ। वैसे अब अम्मी हो चाहे न हों मुझे अगर मौका मिलता है तो मैं लण्ड पकड़ लेती हूँ।

अम्मी ने कहा- तो फिर पेलती भी होगी लण्ड उसकी चूत में और पेलवाती भी होगी?
उसने जबाब दिया- हां, मैं लण्ड अपनी अम्मी की चूत में पेलती हूँ और पेलवाती भी हूँ। बड़ा मज़ा आता है। एक दिन तो मैंने अम्मी के सामने खालू का लण्ड फूफी के भोसड़ा में पेल दिया था और उसकी बिटिया की बुर में भी। उन दोनों ने मेरे खालू से खूब चुदवाया। रात भर यही सब होता रहा था।

अम्मी ने पूछा- इसका मतलब तुम अपनी माँ चुदवाती हो।
वह बोली- हां, मैं तो बड़े शौक से चुदवाती हूँ अपनी माँ!

अम्मी कहा- बहुत अच्छा करती हो तुम बेटी हया। एक मेरी बेटी है मुस्कान भोसड़ी वाली … सयानी हो गयी है लेकिन अभी माँ चुदाना नहीं जानती। पता नहीं बुरचोदी लण्ड पकड़ती भी है या नहीं? उसकी माँ का भोसड़ा! अब मुझे ही कुछ करना पड़ेगा। कब तक मैं उसका इंतज़ार करती रहूंगी। जवानी का एक एक दिन बड़ा इम्पोर्टेन्ट होता है यार! अब मैं उस हरामजादी की माँ उसके सामने चोदूँगी। उसके हाथ से लण्ड उसकी माँ की चूत में पेलवाऊंगी तब उसे मालूम होगा कि जवानी क्या चीज होती है.

यह सब सुनकर मेरे बदन में आग गई।
आज मुझे अम्मी के मन की बात मालूम हो गई।
मैं मन ही मन अब अम्मी जान से बेशर्म हो गई और खुल्लम खुल्ला बात करने के लिए तैयार हो गई जैसे मैं कॉलेज में अपनी सहेलियों से बातें करती हूँ।

शाम को मैं जब बैठी हुई अपने मोबाइल पर पोर्न देख रही थी.
तभी पीछे अम्मी जान कब आ गईं, मुझे पता ही नहीं चला।

मेरे मोबाइल पर एक लड़की नंगी लण्ड चाट रही थी और मैं उसे बड़े गौर से देख रही थी।

तभी अम्मी बोली- बुरचोदी मुस्कान, पोर्न मूवी में लण्ड देखने से कुछ नहीं होगा. असली लण्ड देखो, अपने हाथ से पकड़ कर लण्ड देखो, तब मज़ा आएगा. एक नहीं कई लण्ड देखो, पकड़ कर देखो, मुंह में लेकर देखो, चूत में डाल कर देखो लण्ड तब मज़ा आएगा।
मैंने कहा- मिले तो बहनचोद कोई लण्ड अम्मी जान, तभी तो पकड़ कर देखूंगी. ऐसे कैसे किसी का लण्ड पकड़ लूँ?

अम्मी ने कहा- अच्छा तूने अभी तक कोई लण्ड नहीं पकड़ा क्या?
मैंने कहा- हां, सचमुच कोई लण्ड नहीं पकड़ा मैंने अभी तक!

वे बोली- इतनी मस्त जवान हो गयी है तू मादरचोद और तूने अभी तक कोई लण्ड नहीं पकड़ा? गांड मरा रही है क्या तू अपनी इतने दिनों से? तेरी चूत में आग है या नहीं?
मैं चुप रही और कोई भी जबाब नहीं दिया।

रात को जब हम दोनों बिस्तर पर थीं तो अम्मी जान ने एक बार फिर मुझसे पूछा- भोसड़ी वाली मुस्कान, सच बता क्या वाकई तूने कभी कोई लण्ड नहीं पकड़ा?

तब मेरा सब्र का बाँध टूट गया और मैंने कहा- हां अम्मी जान, एक बार लण्ड पकड़ा था मैंने। मेरी सहेली हसीना ने मुझे बुलाया था।

जब मैं पहुंची तो उसने कहा- मुस्कान, तूने कोई लण्ड नहीं पकड़ा, आज मैं तुम्हें लण्ड पकड़ाऊंगी।

इतने में एक बड़ा हैंडसम गोरा चिट्टा लड़का आ गया।

हसीना बोली- यह मेरी फूफी जान का बेटा है नबी।
ऐसा कह कर वह अपने कपड़े खोलने लगी और नबी के भी।

वे दोनों मेरे सामने नंगे हो गए।

मैंने जब उसका लण्ड देखा तो मेरी गांड फट गई।
बड़ा लंबा चौड़ा था उसका लौड़ा।

हसीना ने मुझे भी नंगी कर दिया और लण्ड मेरे हाथ में रख दिया, बोली- अब ये लण्ड तेरा है मुस्कान।
मैंने कहा- यार, तेरी अम्मी देखेंगी तो नाराज़ होंगी। ऐसा मत करो।

वह बोली- मेरी अम्मी बुर चोदी लण्ड की बड़ी दीवानी है। उसकी चिंता न करो वो हरामजादी मेरे सामने पराये मर्दों से खूब धकापेल चुदवाती है।

फिर हम दोनों मिलकर नबी का लण्ड चाटने लगीं और मस्ती से हिलाने भी लगी।

तब तक उसकी अम्मी जान आ गई।
वे भी बोली- बड़ा लम्बा और मोटा हो गया है नबी तेरा भोसड़ी का लण्ड। तू तो बहनचोद पूरा मर्द हो गया। माँ चोदने वाला हो गया है तेरा लण्ड!
ऐसा बोल कर उसने भी अपने कपड़े खोल डाले और नंगी हमारे साथ लण्ड चाटने लगीं।

मैंने देखा कि माँ बेटी दोनों नंगी नंगी लण्ड चाट रही हैं तो मैं भी नंगी लण्ड चाटने में उनका साथ देने लगी।

थोड़ी देर में हसीना बोली- मुस्कान, अब तुम लण्ड मेरी माँ के भोसड़ा में पेल दो।

तब तक मैं बुरी तरह बेशर्म हो चुकी थी।
मैं उत्तेजित भी थी और जोश में भी!

मैंने लण्ड उसकी माँ की चूत पर रखा और नबी के चूतड़ दबा दिया तो लण्ड पूरा अंदर घुस गया।

फिर मैं नंगी पेट के बल नबी के पीठ पर चढ़ गयी और उसके साथ ही चोदने लगी हसीना की माँ की चूत।
मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे मैं ही उसकी माँ चोद रही हूँ।

फिर कुछ देर में उसकी माँ बाहर निकली और वहां हसीना घुस गयी।
अब लौड़ा हसीना की बुर में घुस गया।

तब मैं हसीना की बुर उसकी माँ के सामने उसी तरह चोदने लगी।
इस तरह मैंने पहली बार ही माँ बेटी दोनों की बुर चोदने का मज़ा लिया।

यह मेरा पहला अनुभव था।
मुझे बड़ा मज़ा आया और मैं सोचने लगी कि कोई ऐसे ही मेरे सामने मेरी माँ चोदे और मुझे चोदे तो कितना मज़ा आये!

कुछ देर में हसीना खलास हो गयी और नबी का लौड़ा भी।
तब हम सबने मिलकर उसका लण्ड बड़े प्यार से चाटा।

अम्मी ने पूछा- तूने चुदवाया या नहीं?

मैंने कहा- नहीं, मैंने नहीं चुदवाया। मुझे डर था कि कहीं कुछ गड़बड़ न हो जाए!

अम्मी बोली- तू तो बड़ी छुपी रुस्तम निकली बुर चोदी मुस्कान। एक ही बार में तूने लण्ड भी पकड़ा, माँ का भोसड़ा भी चोदी और माँ की बेटी की बुर भी चोदी? मैं सोच ही रही थी कि जब मैं मादरचोद इतनी बड़ी चुदक्कड़ हूँ तो फिर मेरी बेटी क्यों नहीं है चुदक्कड़? तूने बहुत अच्छा काम किया। मुझे फक्र है तुझ पर बेटी मुस्कान। अब मैं पकड़ाऊँगी तुझे लण्ड पे लण्ड और बताऊंगी कि कैसे लिया जाता है लण्ड का पूरा मज़ा.

इतने में किसी ने डोर बेल बजा दी तो अम्मी खुद दौड़ कर दरवाजा खोलने गई।
तब तक रात में 11 बज चुके थे।

अम्मी जान बस दो मिनट में ही एक आदमी के साथ वापस आ गईं।

मैंने उस आदमी को देखा तो मैं बोली- अरे साहिर अंकल आप? इतनी रात गए? सब ठीक तो है न अंकल?
वे बोले- सब ठीक है बेटी मुस्कान।

मैं जानती थी कि साहिर हमारे पड़ोसी भी है और अम्मी के दोस्त भी!
वे अक्सर हमारे घर आते जाते रहते हैं।

अंकल देखने में हैंडसम थे और स्मार्ट भी।

अम्मी बोली- मुस्कान, तुम कभी अंकल से खुल कर नहीं मिली हो? आज तुम इससे खुल कर मिलो और खूब मस्ती से बातें करो.

मैंने फिर पूछ ही लिया- अंकल तुम इतने हैंडसम हो, स्मार्ट हो तो तुम पर तो कई लड़कियां मरती होंगी। तुमने अब तक कितनी लड़कियों के साथ सेक्स किया है।
वे बोले- मैंने कई लड़कियों के साथ सेक्स किया है बेटी मुस्कान! और उनकी अम्मियों के साथ भी सेक्स किया है।

मेरे मुंह से निकला- तब तो तुम बड़े हरामजादे हो भोसड़ी के अंकल?
मेरी बात सुनकर वे हंस पड़े और अम्मी भी हंसने लगीं।

अम्मी ने कहा- बेटी मुस्कान, इसका लण्ड बहनचोद इससे ज्यादा हरामजादा है।

तभी अम्मी ने उसके पाजामे में हाथ घुसेड़ दिया और उसका लण्ड सहलाने लगी।

मेरे बदन में आग लग गई बहनचोद।
अंकल ने मेरे सामने ही बड़ी बेशर्मी से अम्मी की चूचियाँ दबा दीं।

मैं भी एक पजामा और टॉप पहने बैठी थी।

अम्मी ने बड़े प्यार से लण्ड बाहर निकाला और मुझे दिखाती हुई बोली- बेटी मुस्कान, लो अब इसे पकड़ कर देखो और बताओ कैसा लगा तुम्हें इसका लण्ड?
मैं तो मूड में थी ही, मैंने लण्ड पकड़ लिया और बोली- वॉव, बड़ा हैंडसम और मस्त लौड़ा है अंकल का अम्मी जान! मज़ा आ गया इसे पकड़ कर।

अम्मी ने कहा- तभी तो तुम्हे पकड़ाया मैंने लण्ड!
फिर अम्मी ने अपने कपड़े उतार डाले और हो गई एकदम नंगी।

मैं अम्मी की मस्त जवानी देख कर दंग रह गयी।
मेरे मन में आया कि मैं अगर लड़का होती तो अपना लण्ड फ़ौरन पेल देती अम्मी की चूत में!

मेरी अम्मी की चूत, चूत ही बनी हुई थी भोसड़ा नहीं हुई थी अभी तक!
अम्मी एकदम पटाका लग रही थी।

जब अम्मी ने मेरे कपड़े उतारे तो मुझे भी अंकल के आगे नंगी होने में मज़ा आया।
मैं अब मर्दों के आगे नंगी होने का मज़ा लेने लगी।

मेरा मन हुआ कि मैं अपने कुनबे के सारे मर्दों के आगे नंगी नंगी घूमूं; सबको अपना नंगा जिस्म दिखाऊं और सबके लण्ड खोल खोल कर देखूं।
एक चुदक्कड़ माल होने के सारे लक्षण मेरे अंदर आ गए।
मुझे लगा कि मैं चुदाने में अम्मी की चूत का मुक़ाबला कर सकती हूँ और अम्मी जान से बढ़कर एक मस्त चुदक्कड़ औरत बन सकती हूँ।

उधर हम दोनों माँ बेटी को नंगी देख कर अंकल का लण्ड साला आसमान ताकने लगा।
एकदम तन कर खड़ा हो गया मादरचोद अंकल का लण्ड।

हम दोनों नंगी माँ बेटी बड़ी मस्ती से अंकल का लण्ड चाटने लगीं।
मैं जब लण्ड का टोपा चाटती तो अम्मी जान लण्ड के पेल्हड़ और जब मैं पेल्हड़ चाटती तो अम्मी जान लण्ड का टोपा।

लण्ड मेरे लिये नया था अम्मी के लिए नहीं।
वे अंकल का लण्ड कई बार चाट चुकी थी।
इसलिए वह मुझे लण्ड चाटने का ज्यादा मौक़ा दे रही थी।

अंकल मूड में आये तो वे घूम कर मेरी बुर चाटने लगे।
किसी बड़ी उम्र के मर्द से बुर चटवाने का यह मेरा पहला मौका था।
मैं एन्जॉय करने लगी।

तभी अम्मी ने कहा- यार साहिर, अब तू लण्ड मेरी बेटी की चूत में पेल दे और तोड़ डाल इस बुरचोदी की चूत की सील. अभी इसकी चूत एकदम कोरी है।

अंकल ने लण्ड मेरी चूत पर टिकाया और धीरे से अंदर ठेला तो लण्ड घुसने लगा.
मुझे दर्द हुआ तो मैं चिल्ला पड़ी- उई माँ, मर गई मैं … फट गई मेरी चूत अम्मी जान! बड़ा मोटा है इसका मादरचोद लण्ड।

अम्मी बोली- तू चुप रह भोसड़ी वाली … अभी सब ठीक हो जाएगा। पहली बार ऐसा होता ही है। अभी तू खुद अपने आप बड़े बड़े लण्ड पेलवायेगी और अपनी माँ भी चुदायेगी। लण्ड का मज़ा लेने में थोड़ा तो दर्द होता ही है।

कुछ देर बाद मैं खुद अपनी कमर हिला हिला कर चुदवाने लगी और लण्ड पूरा पेलवाने लगी।

तभी अचानक मेरी खाला जान का बेटा आदिल आ गया।
उसने हमारी चुदाई देखी, अम्मी को नंगी देखा तो वह भी उत्तेजित हो गया।

अम्मी ने कहा- बेटा आदिल, तू भी कपड़े उतार कर आ जा! देख तेरा लण्ड साला तेरे पाजामे के अंदर कैसे उछल रहा है।

उसने जब कपड़े उतारे, नंगा हुआ तो मैं उसका लण्ड देख कर मैं मस्त हो गई।
मेरे मुंह से निकला- बड़ा गज़ब का मोटा है आदिल भाई जान तेरा मादरचोद लण्ड! मैं तो आज इसे पहली बार देख रही हूँ। लण्ड कितना हैंडसम है यार!

अम्मी ने लण्ड पकड़ कर मेरे मुंह में घुसा दिया और कहा- मुस्कान अब तू लण्ड चूस कर अच्छी तरह देख ले।

लण्ड इसका वाकई जबरदस्त था।

मैं इस तरह दो दो लण्ड का मज़ा एक साथ लेने लगी।
एक लण्ड चूत में और दूसरा लण्ड मुंह में।

अम्मी मुझे देख देख बड़ी खुश हो रहीं थी और बोली- बेटी मुस्कान, तू भी भोसड़ी वाली अब मेरी तरह चुदक्कड़ हो गई है। अब आएगा तुझे जवानी का असली मज़ा!

मैं बिंदास एकदम बेशर्मी से दो दो लण्ड का मज़ा एक साथ लेने लगी।

अम्मी अपने दोनों हाथों से दोनों के पेल्हड़ मजे से सहलाने लगीं और बीच बीच में लण्ड निकाल कर चाटने लगीं।
मैं धकाधक चुदने लगी काफी देर तक चुदती रही।

फिर आदिल ने लौड़ा चूत में पेला तो अंकल ने लौड़ा मेरे मुंह में।
बार बार दोनों लोग लण्ड इधर उधर पेल पेल कर चोदते रहे।

कुछ देर में दोनों बहन चोद झड़ गए।

इस तरह से नंगी लड़की की पहली चुदाई हुई.

अगले दिन अम्मी घर नहीं थी, मैं अकेली थी और इतने में मेरा सबसे छोटा मामू जान आ गया।

वह मुझसे दो साल बड़ा है, स्मार्ट भी है और हट्टा कट्टा भी।
कसरती बदन है उसका!

मेरे मन में ख्याल आया कि इसका लौड़ा भी अगर कसरती होगा तो मज़ा आ जायेगा।
मैं उसका लण्ड देखने के लिए बेताब होने लगी।

मैंने बातचीत करनी शुरू कर दी।

इसी बीच मैं अपने जिस्म के जलवे भी दिखाने लगी।
कभी अपने बड़े बड़े मम्मे, कभी मस्त मस्त टांगें कभी अपनी मस्तानी गांड और कभी अपनी मोटी मोटी जांघें, सब कुछ मामू को दिखाने लगी।

वह कपड़े उतार कर बैठा था, केवल एक इलास्टिक वाली नेकर पहने था।

मैंने कहा- मामूजान, तुम्हें नेकर पहनने की क्या जरूरत है? इसे भी बहनचोद उतार फेंको न!
वह बोला- अरे इसे उतार दूंगा तो नंगा हो जाऊंगा यार?
मैंने कहा- नंगे हो जाओगे तो क्या हुआ? यहाँ कोई और तो है नहीं? मुझसे शर्माते हो क्या?
वह बोला- हां, थोड़ी तो शर्म आ रही है?

मैंने कहा- हाय रब्बा, तुम कैसे मर्द हो जो एक लड़की से शर्माते हो? मर्द हो भी या नहीं?
वह बोला- क्या बात करती हो यार, मैं पूरा मर्द हूँ।

मैंने कहा- मर्द हो तो अपना लण्ड खोल कर दिखाओ मुझे? मैं भी देखूं ज़रा कि तेरा भोसड़ी का लण्ड मर्दों वाला लण्ड है या नहीं!
ऐसा कह कर मैं उठी और उसका लण्ड नेकर के ऊपर से ही दबा दिया।

मैं- ये तो साला पहले से ही खड़ा है और तुम शर्मा रहे हो भोसड़ी के? अरे देखो न, तुमसे ज्यादा बेशरम तो तेरा लण्ड है!
मैंने उसे खड़ा किया और उसकी नेकर एक ही झटके में खोल कर फेंक दी।

उसका लण्ड मेरे सामने टन टनाने लगा।
मुझे एक ही नज़र में भा गया उसका मस्ताना लण्ड!

मैंने कहा- बड़ा मस्त और जबरदस्त है तेरा लण्ड मामू जान!
फिर उसने मेरे कपड़े उतार दिये।

मैं उसके आगे नंगी हो गयी।
हम दोनों नंगे नंगे बिस्तर पर आ गए।

उसके बाद खूब जम कर हुआ हम दोनों के बीच चोदा चोदी का खेल।

इस तरह मुझे भी लग गया लण्ड पकड़ने का जबरदस्त चस्का।
अब जब भी कोई मर्द मेरे घर आता है तो मैं उसका लण्ड पहले पकड़ लेती हूँ।

दोस्तो, कैसी लगी आपको यह नंगी लड़की की पहली चुदाई कहानी?
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