मेरी नवविवाहिता मामी की प्यासी चूत की चुदाई- 1

(Sexy Mami Ki Vasna)

सेक्सी मामी की वासना को मैंने पहले ही जान लिया था क्योंकि मेरे मामा दुबले पतले से हैं और मामी किसी हूर से कम नहीं है. मामी को पटाने के चक्कर में मैं अक्सर उनके घर जाने लगा.

नमस्ते चुदासी भाभी और सेक्सी लड़कियो,
मैं आरव इंदौर से आपके लिए एक सच्ची सेक्स कहानी लेकर आया हूं.

यह घटना मेरी और मेरी मामी के बीच में घटी थी.

सबसे पहले तो आपको कहानी की नायिका यानि अपनी मामी के बारे में बता देता हूं.

मेरी मामी जी एक हुस्न की मलिका हैं.
उनका नाम कीर्ति (बदला हुआ नाम) है.
मामी की फिगर 34-30-36 की है और उनका रंग एकदम साफ है.
कुल मिलाकर मामी जी किसी परी से कम नहीं लगती हैं.

मेरा तो उसी दिन से उनके ऊपर दिल आ गया था जब से वह शादी के बाद घर आई थीं.

अब रही मेरी बात, तो मैं एक लंबा चौड़ा जवान पट्ठा हूँ.
मेरा जिस्म एकदम कड़ियल है. मैं रोजाना कसरत करने जिम में जाता हूं.

लड़कियों की खास ख्वाहिश होती है कि वे किसी भी लड़के के लंड के बारे में जाने कि लड़के का लंड कैसा है.
तो मेरी प्यारी प्यारी पाठिकाओ … मेरा लौड़ा 6 इंच लम्बा और काफी मोटा है.
यह अक्सर आप जैसी हॉट लड़कियों की चूत और गांड में आता जाता रहता है.

मेरा दिल बार बार अपनी हॉट मामी को देखने का और उनसे मिलने का करता था.
इसी कारण से मैं कभी कभी उनसे मिलने चला जाता था.

जब मैंने उन्हें पहली बार देखा था, तो सच कह रहा हूँ कि मुझे अपने मामा जी से बहुत जलन हुई थी कि ये अप्सरा इनके पास क्या कर रही है.
मेरे मामा एकदम सूखे से टुम्बक-टू सरीखे आइटम हैं और मामी जी इतनी हॉट … न जाने क्या होता होगा!

रात में तो मामी जी ने अपनी जवानी की आग से मामा को फूँक कर रख दिया होगा.

एक सुबह मैं उनके घर गया.
उस वक्त मामी जी ने दरवाजा खोला.

वे शायद अभी नहा कर आई थीं.
उनके बदन से काफी मस्त खुशबू आ रही थी.
साथ ही उनके गीले बाल उनकी सुंदरता में चार चाँद लगा रहे थे.

मैं उन्हें देखते ही अपनी सुधबुध खो बैठा.

उसी वक्त मामी ने मुझे आवाज लगाई- यहीं खड़े खड़े पूरा निहार लोगे या अन्दर भी चलोगे?
उनकी आवाज सुनते ही मैं होश में आया और अन्दर आ गया.

उस वक्त मामा जी नाश्ता कर रहे थे.
मैं उनसे जाकर मिला.

तब तक मामी मेरे लिए भी नाश्ता ले आईं.

मामा जी को जल्दी कहीं निकलना था, तो वे मुझसे कहते हुए चले गए- मुझे जरा निकलना है. तुम अपनी मामी के साथ बैठ कर नाश्ता करो.
उनके जाने के बाद घर पर मैं और मामी जी ही अकेले रह गए थे.

तब मामी भी अपना नाश्ता ले आईं और मेरे सामने बैठ गईं.

हम दोनों ने नाश्ता करते हुए बात करना शुरू की.

मामी- आज हमारी याद कैसे आ गई तुझे?
मैं- अरे वैसे ही मामी जी, मैं घर पर बोर हो रहा था तो सोचा आज आपसे मिल कर थोड़ी बातें कर लूँगा.

मामी- अच्छा जी, तो अब तुम यहां टाइम पास करने आए हो!
मैं- नहीं, ऐसा कुछ नहीं है. कुछ और भी वजह है … जिस कारण से मैं यहां आया हूं.

मामी- और वह वजह क्या है?
मैं चुप रहा और उन्हें देखने लगा.

मामी जी ने मेरे मुँह में जबान देने की कोशिश करते हुए कहा- क्या मैं वह वजह हूँ?
मैंने भी उन्हें निहारते हुए मादक भाव से कहा- वह सब सही समय पर बताऊंगा, अभी नहीं!

मामी ने इठला कर कहा- ठीक है जैसी तुम्हारी मर्जी.

मैंने जल्दबाजी करना उचित नहीं समझा कि कहीं इस चक्कर में मेरा यह आना ही बंद ना हो जाए.

फिर थोड़ी देर हम ऐसे ही बातें करते रहे और मैं अपने घर वापस आ गया.
दो दिन बाद मैं वापस मामा के घर गया.

उस दिन मैं जानबूझ कर देर से गया था ताकि मामा ऑफिस चले जाएं और मामी अकेली रह जाएं.
कुछ देर तक दस्तक देने के बाद जब मामी दरवाज़ा खोलने आईं.

उस समय वह नहाने जा रही थीं.
उन्होंने मुझे देखा और बैठने के लिए कहा.

मैं बैठ गया तो वे बोलीं- मैं स्नान करने जा रही थी. बस अभी आती हूँ. फिर साथ में नाश्ता करेंगे.

यह कह कर मामी जी ने मुझसे कुछ देर प्रतीक्षा करने के लिए कहा.

जब वे बाथरूम में गईं तो मैं खुद को रोक ही नहीं पाया.
मेरा मन किसी तरह से उनके नंगे शरीर को देखने के लिए मचल उठा था.

जब कुछ देर बाद बाथरूम में से पानी गिरने की आवाज आने लगी तो मैं उनके कमरे में चला गया.
उधर मैंने पाया कि मामी जी ने अपने कमरे के बाथरूम का दरवाजा थोड़ा खुला रखा था.

मैं दरवाजे के पास गया और बाथरूम के अन्दर देखने लगा.
अन्दर मामी जी विपरीत दिशा में मुँह करके स्नान कर रही थीं.

यह पहली बार था जब मैंने उन्हें नग्न देखा था.
मेरा लंड सख्त और सख्त होता जा रहा था.

मैंने अपना लंड बाहर निकाला और उनकी गांड को देखते हुए हस्तमैथुन करना शुरू कर दिया.

मैं बाथरूम के अन्दर जाना चाहता था और उन्हें उसी समय चोदना चाहता था.
लेकिन यह अभी संभव नहीं था.

अचानक से वे दरवाजे की ओर घूम गईं और मुझे उनकी चूचियों और चूत के दीदार हो गए.

मैं समझ गया कि अब मामी बाहर आने वाली हैं तो मैं वहां से बाहर चला आया.
मुझे न जाने ऐसा लगा कि उन्होंने मुझे देख लिया था.

बाहर आकर मैं सोफे पर बैठ गया और सोच ही रहा था कि अब क्या होगा.

अगर उन्होंने यह सब कुछ मामा जी को बता दिया कि मैं उन्हें नहाती हुई देख रहा था तो मेरी तो भद्द पिट जाएगी.

कुछ देर बाद मामी जी वापस ड्राइंग रूम में आईं और उन्होंने मुझसे पूछा कि मैं चाय या कोल्ड ड्रिंक क्या लूँगा?
मैं उनके इस व्यवहार से स्तब्ध था.

मैंने सोचा था कि उन्होंने मुझे देख लिया था तो वे कुछ कहेंगी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ.

अब मैं शांत हो गया.
मेरे मन में तरह तरह के विचार चलने लगे कि हो न हो मामी के मन में मेरे लिए कुछ है.

फिर मैं सोचने लगा कि कैसे मैं उन्हें बहका कर अपने जाल में फंसा लूँ और अपने बड़े से लंड से चोद दूं.

अचानक से मुझे एक विचार आया कि मामी के साथ कुछ सेक्सी बात आदि के जरिए प्रयास किया जाए.
मैं देखना चाहता था कि मेरी बातों का वह किस प्रकार से जवाब देती हैं.

कुछ देर के बाद मामी जी एक चुस्त सफेद लैगिंग्स और काली कुर्ती पहन कर आईं.
उनके हाथ में चाय के कप वाली ट्रे थी.

उस वक्त मामी के बदन से इतनी अच्छी महक आ रही थी कि मैं उनकी महक में बेहोश होता जा रहा था.
मैंने खुद को संभाला और उनके हाथ से चाय ले ली.

वे मेरे पास में ही बैठ गईं और हम दोनों बातें करने लगे.

मामी- तुम भी आज टाइम पास करने आए हो न!
ऐसा कहती हुई वे मुस्कुरा रही थीं.

मैं- ऐसा नहीं है, प्लीज़ आप मेरा मज़ाक उड़ाना बंद करो. वरना मैं चला जाऊंगा.
मामी ने मुस्कुरा कर कहा- ठीक है बाबा … अब मैं मजाक नहीं करूंगी.

कुछ देर के बाद मैंने उनसे पूछा- क्या आपका कॉलेज में कोई अफेयर था?
मामी बड़ी अजीब तरह से मुझे देखती हुई बोलीं- नहीं, मेरा कोई अफेयर नहीं था. मैं जो भी चाहती थी, वह सब अपने पति के साथ ही चाहती थी.

मैं ‘हम्म’ कह कर चाय की चुस्की लेने लगा.

मामी- तुम बताओ कि तुम्हारे कितने अफेयर्स चल रहे हैं.
मैं- इतने भी नहीं कि कोई लंबी चौड़ी लिस्ट हो. कभी मेरी केवल एक ही गर्लफ्रेंड हुआ करती थी … और फिलहाल मैं उसे भी गंवा चुका हूँ.
यह कह कर मैंने मामी को आंख मार दी.

मामी- ओह … तो इसका मतलब है कि तुम अब बच्चे नहीं हो!
मैं मुस्कुराते हुए बोला- बिल्कुल सही पकड़े हैं मामी जी, मैं अब बच्चा नहीं रहा.

मामी- मैं जानना चाहती हूं कि तुम्हारे और तुम्हारी गर्लफ्रेंड के बीच ऐसा क्या हुआ था जो वह तुमसे अलग हो गई?

मैंने नाटक करना शुरू कर दिया, जैसे मुझे उनके साथ यह सब साझा करने में शर्म आ रही थी.

चूंकि वे मुझसे बड़ी थीं तो यह स्वाभाविक ही था.

मामी- अरे बताओ ना, मुझे अपना दोस्त समझो. जैसे तुम अपने दोस्तों के साथ शेयर करते हो, वैसे ही मेरे साथ शेयर कर लो!
मैं- मामी, हम दोनों ने सब कुछ किया है.

मामी जी यह सुना और उदास चेहरा बनाते हुए कहा- आह … तुम लोग भाग्यशाली हो!
मैं- क्यों ऐसा क्या हुआ मामी, आप उदास क्यों हो गई हैं?

मामी- कुछ नहीं.
मैं- कुछ तो है, जो आप छुपा रही हैं कृपया मुझे बताएं. आपने ही कहा था कि हम दोस्त हैं, तो बस उस चीज को उसी तरह से मेरे साथ साझा करें. जैसे आप अपने दोस्तों के साथ करती हैं.

मामी- तुमने देखा है अपने मामा को … वे इतने पतले हैं कि हमारी सेक्स लाइफ कुछ है ही नहीं.

उनकी इस बात को सुनकर मेरी तो बांछें खिल गईं.
मैं इसी बात का लंबे समय से इंतजार कर रहा था.

वे कहे जा रही थीं- मैंने शादी से पहले कभी कुछ नहीं किया, मैं सेक्स लाइफ को भरपूर मस्ती से जीना चाहती थी और अपने पति के साथ अपनी कल्पनाओं का आनन्द लेना चाहती थी. लेकिन वास्तव में मुझे जो मिला, उसने मेरे सभी सपनों को बर्बाद कर दिया. हमारी शादी को दो महीने हो चुके हैं और आज तक मुझे कभी भी ऑर्गेज्म नहीं हुआ. तुम बताओ कि क्या मुझे अपनी कल्पनाओं और अपने सपनों को पूरा करने का अधिकार नहीं है?

मैं भी इस बात को उनकी शादी के समय से ही सोच रहा था कि मामा और मामी में बहुत अंतर है. मामा जी मामी को बिस्तर पर कैसे संतुष्ट करते होंगे.

आज मामी जी के मुँह से उनकी स्पष्ट बात को सुनकर मैं समझ गया कि मामी जी को एक मजबूत लंड की जरूरत है.

मैं- आपके पास सभी अधिकार हैं. यहां तक कि अगर वे आपको बिस्तर पर संतुष्ट नहीं कर पा रहे हैं, तो आपको भी किसी के भी साथ संबंध बनाने का पूरा अधिकार है.

मामी- नहीं आरव, यह इतना आसान नहीं है. मैं एक शादीशुदा औरत हूं. मैं आसानी से ऐसे ही किसी अनजान व्यक्ति के साथ कोई रिश्ता नहीं बना सकती हूँ.

मैं- और अगर आप उस व्यक्ति को अच्छी तरह से जानती हों … तो?
वे समझ गईं कि मैं किसके लिए बात कर रहा हूं.

उन्होंने कहा- हां, अगर उसे कोई समस्या नहीं है … तो मैं तैयार हूं.

उन्हें अपनी सहमति दिखाने के लिए मैं उनके करीब आया और उनके होंठों पर अपने होंठ रख कर चुंबन धर दिया.
एक चुंबन लेकर मैं वापस अपने स्थान पर बैठ गया.

वे शर्माती हुई मुस्कुरा रही थीं.
मैं- कृपया मुझे बताएं कि आपकी कौन सी कल्पनाएं हैं, यदि आप मुझे अनुमति देती हैं … तो मैं आपकी सभी कल्पनाओं को पूरा करूंगा.

वे मेरा चेहरा पकड़ कर मेरे करीब आईं और उन्होंने कहा- चलो पहले यह साबित करो कि तुम वही हो, जो मेरी कल्पनाओं को पूरा कर सकते हो?
यह कहती हुई मामी जी ने मुझे चूमना शुरू कर दिया.

दोस्तो, मेरी सेक्सी मामी मेरे आगोश में आ गई थीं और अब उनकी ताबड़तोड़ चुदाई करके मुझे उन्हें यह बताना था कि आपकी जरूरत का मजबूत लंड मेरी टांगों के बीच में ही है.

सेक्सी मामी की वासना की कहानी के अगले भाग में मैं आपको अपनी प्यासी मामी की चुदाई की कहानी को लिखूँगा.
आप मुझे अपने मेल के जरिए बता सकते हैं कि आपको सेक्स कहानी कैसी लग रही है.
[email protected]

सेक्सी मामी की वासना की कहानी का अगला भाग: मेरी नवविवाहिता मामी की प्यासी चूत की चुदाई- 2

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